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कुंभ राशिफल 2026 Kumbh Rashifal 2026

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कुम्भ राशि भविष्यफल 2026 kumbh rashi 2026 कुम्भ राशि भविष्यफल 2026 ka rashifal कुंभ राशि वालों के लिए 2026 नवाचार और नए विचारों का साल है। करियर में नई दिशा मिलेगी। आपके आइडिया आपको आगे बढ़ाएंगे। आर्थिक स्थिति वर्ष के मध्य से मजबूत होगी। रिश्तों में समझ और प्रेम बढ़ेगा। दोस्तों का बड़ा सहयोग मिलेगा। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। यह साल रचनात्मकता और विकास का प्रतीक रहेगा। कुम्भ राशि शिक्षा education कुम्भ राशि शिक्षा भविष्यफल 2026 aquarius 2026 राशिफल 2026 के अनुसार छात्रों के लिए यह साल उन्नतिदायक रहेगा. छात्रों के आत्मविश्वास के स्तर में में इस साल वृद्धि होगी। छात्रों को इस साल उनकी मेहनत के अनुरूप परिणाम मिलेंगे। इसके लिए छात्रों को साल की शुरुआत में ही कड़ी मेहनत करनी होगी और मेहनत के परिणाम आपके फेवर में होंगे। प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्र सफलता हासिल करने में सक्षम रहेंगे । उच्च शिक्षा पाने के इच्छुक छात्रों को कई नए अवसरों की प्राप्ति होगी। आपकी मेहनत और सफलता के जरिये आप सबकी तारीफों के पात्र होंगे। कुल मिलाकर छात्रों के लिए यह साल तरक्की पाने वाला रहेगा. अतः इस साल आने वाले हर मौके का फायदा उठाने की कोशिश करें। कुम्भ राशि नौकरी व्यवसाय business/job कुम्भ राशि नौकरी – व्यवसाय भविष्यफल 2026 prediction 2026 कुम्भ राशिफल 2026 के अनुसार ये साल कुम्भ राशि के जातकों के लिए नौकरी – व्यवसाय के क्षेत्र में आपको अच्छे परिणाम दे सकता है। कार्यरत जातको को कार्यक्षेत्र में आपके मान – सम्मान में वृद्धि होगी साथ ही तरक्की मिलने के आसार बन रहे है। व्यवसाय कर रहे जातको को कुछ अच्छे अवसरों की प्राप्ति होगी। साथ ही आप व्यवसाय विस्तार की सोच सकते है। नौकरी पाने की कोशिश करने वाले जातको को भी इस वर्ष सफलता प्राप्त होने की अपार संभावना है। काम के सिलसिले में यात्राएं कर सकते है। कुल मिलाकर करियर के मामले में यह साल उत्तम रहेगा। कुम्भ राशि आर्थिक स्थिति finance कुम्भ राशि आर्थिक स्थिति भविष्यफल horoscope 2026 राशिफल 2026 के अनुसार आर्थिक मामलों में यह साल आपके लिए सामान्य से बेहतर रहेगा। इस साल आपके कारोबार में वृद्धि के साथ आय के स्रोत भी बढ़ेंगे। आर्थिक मामलों में आपको अपने भाग्य का पूरा साथ मिलेगा साथ ही यश की प्राप्ति के भी योग है। इस वर्ष किसी भी कार्य या प्रोजेक्ट में निवेश से पहले पूरी तरह से सोच विचार करले। इसके आलावा किसी भी काम को करने से पहले अपने से बड़ो की भी रे जरूर लें। कुल मिलाकर इस साल आपकी फाइनेंसियल कंडीशन बहुत ही अच्छी रहने वाली है। कुम्भ राशि महाउपाय remedies कुम्भ राशि महाउपाय :- aquarius remedies 2026 अपने भाग्य को मजबूत बनाने के लिए शुक्र ग्रह का रत्न हीरा अथवा ओपल धारण करना आपके लिए उत्तम रहेगा, जो आपको शुक्रवार के दिन चाँदी की अंगूठी में अनामिका उंगली में धारण करना चाहिए। आप चार मुखी तथा सात मुखी रुद्राक्ष भी पहन सकते हैं। शनिवार के दिन चींटियों को आटा डालना और दिव्यांग जनों को भोजन कराना उत्तम रहेगा। नियमित रूप से गौ माता की सेवा करें तथा स्त्रियों का सम्मान करें और माता महालक्ष्मी की उपासना करें। कुम्भ राशि लव मैच love match कुम्भ राशि बेस्ट लव मैच – aquarius marriage prediction 2026 ज्योतिष अनुसार कुम्भ राशि के लोगो का सबसे बेस्ट लव मैच धनु, मेष, मिथुन, और मकर राशि के साथ माना गया है. अगर कुम्भ राशि की इनके साथ जोड़ी बनती है तो इन जोड़ियों को बेस्ट लव मैच माना जाता है. सामान्य लव मैच – ज्योतिष अनुसार कुम्भ राशि के लोगो का सामान्य लव मैच कुम्भ, सिंह, कुम्भ, कुम्भ और मीन राशि के साथ माना गया है. अगर कुम्भ राशि की इन राशियों के साथ जोड़ी बनती है तो इनका रिश्ता बहुत ही शानदार रहता है और ये एक दूसरे को बहुत अच्छे से समझते है.    50 – 50 लव मैच – कुम्भ राशि के लिए वृश्चिक राशि के लोगो के साथ प्रेम प्रसंग सफल होने की सम्भावनाये 50 – 50 रहती है. इन्हे अपने रिश्ते को मजबूत बनाने के लिए अपनी आपसी समझ और बढ़िया तालमेल की जरूरत होती है. कुम्भ राशि पसंद नापसंद कुम्भ राशि पसंद / नापसंद पसंद Likes –दोस्तों के साथ मौज मस्ती करना, दुसरो की मदद करना, अच्छे श्रोता. ना पसंद Unlikes-बंधन, प्रॉमिस तोडना, एकाकीपन, नीरसता. कुम्भ राशि शक्तिया कमजोरी कुम्भ राशि शक्तिया /कमजोरी शक्तिया Strength -–तरक्की, सचाई, स्वतंत्रता, धैर्य. कमजोरी Weakness -भावनात्मक अभिव्यक्ति, मनमौजीपन

माँ शैलपुत्री Maa shailputri

नवरात्र पहला दिन माँ शैलपुत्री Navratri maa shailputri नवरात्र पहला दिन माँ शैलपुत्री  ब्रह्म पुराण में माँ शैलपुत्री के बारे में विस्तृत वर्णन मिलता है. माँ शैलपुत्री पर्वतराज हिमालय की बेटी है उन्हें माता पार्वती और हेमवती के नाम से भी जाना जाता है. इनका वाहन वृषभ है. नवरात्र के प्रथम दिन देवी शैलुपुत्री की पूजा करने का विधान है. मान्यता है की देवी पार्वती शिव के साथ विवाह के पश्चात प्रत्येक साल नौ दिनों के लिए अपने मायके आती थीं और पर्वतराज हिमालय नवरात्र के पहले दिन अपनी पुत्री का स्वागत उनकी पूजा कर किया करते थे तभी से नवरात्रो में पहले दिन माँ के शैलपुत्री रुप की पूजा की जाती है. माँ के दाहिने हाथ में त्रिशूल एवं बाएं हाथ में कमल का पुष्प शुशोभित है. करूणा और ममता का स्वरूप मानकर माँ के इस रूप की पूजा की  जाती है. माना जाता है कि माँ शैलपुत्री की आराधना करने मात्र से मूलाधार चक्र जागृत होता है नवरात्रो के पहले दिन माँ शैलपुत्री की पूजा करने से व्यक्ति को सुख, सुविधा, घर, संपत्ति,यश, वैभव प्राप्त होता है. नवरात्र पहला दिन माँ शैलपुत्री पूजा विधि Navratri puja vidhi नवरात्र पहला दिनपूजा विधिमाँ शैलपुत्रनवरात्रि के प्रथम दिन माँ शैलपुत्री की पूजा आराधना करने के लिए सबसे पहले पूजा स्थान को अच्छी तरह से साफ करके गंगाजल छिड़ककर शुद्ध कर ले. इसके बाद माँ दुर्गा की प्रतिमा को पूजा स्थल पर स्थापित करें। इसके बाद शुभ मुहूर्त में घटस्थापना यानि की कलश की स्थापना करे. कलश पर स्वस्तिक का चिन्ह बनाकर उसमें मौली बांध ले. अब कलश में गंगाजल मिलाकर शुद्ध जल से कलश को भर दे. कलश में सुपारी, या सिक्का डालकर कलश में आम के पत्ते रख दे. कलश के ऊपर नारियल रखकर मंदिर में स्थापित कर दे. इसके बाद माता को लाल चुनरी ओढ़ाकर तिलक कर पूजा करनी चाहिए. नवरात्र पहला दिन मंत्र/स्तुति Navratri Mantra Stuti नवरात्र पहला दिन माँ शैलपुत्री मंत्र ‘ॐ ऐं ह्रीं क्लीं शैलपुत्र्यै नम:।’ स्तुति :– शिखर वासिनी, त्रिशूल धारिणी वृषभ वाहिनी, शिव अर्धांगिनी सर्व प्रथम पूजा प्रतिस्ठायीनी शैलपुत्री यशस्विनम नमो नम:!! ध्यान वन्दे वाञ्छितलाभाय चन्द्रार्धकृतशेखराम्। वृषारुढां शूलधरां शैलपुत्रीं यशस्विनीम्॥ पूणेन्दु निभां गौरी मूलाधार स्थितां प्रथम दुर्गा त्रिनेत्राम्   पटाम्बर परिधानां रत्नाकिरीटा नामालंकार भूषिता॥ प्रफुल्ल वंदना पल्लवाधरां कातंकपोलां तुग कुचाम्। कमनीयां लावण्यां स्नेमुखी क्षीणमध्यां नितम्बनीम्॥ नवरात्र पहला दिन पहला भोग नवरात्र पहला दिन भोग विधि Navratri maa shailputri bhog मां शैलपुत्री को सफ़ेद चीजें अत्यधिक प्रिय है. इसीलिए नवरात्री के प्रथम दिन माँ शैलपुत्री को सफेद चीजों का भोग जैसे- गाय के घी में बना प्रसाद, घी का भोग बताया जाता है ऐसा करने से माँ अत्यधिक प्रसन्न होती है और व्यक्ति को आरोग्य का आशीर्वाद देती है. माँ शैलपुत्री आरती माँ शैलपुत्री आरती Aarti शैलपुत्री मां बैल असवार करें देवता जय जयकार ।।   शिव शंकर की प्रिय भवानी तेरी महिमा किसी ने ना जानी ।।   पार्वती तू उमा कहलावे जो तुझे सिमरे सो सुख पावे ।।   ऋद्धि-सिद्धि परवान करे तू दया करे धनवान करे तू ।।   सोमवार को शिव संग प्यारी आरती तेरी जिसने उतारी ।।   उसकी सगरी आस पुजा दो सगरे दुख तकलीफ मिला दो ।।   घी का सुंदर दीप जला के गोला गरी का भोग लगा के ।।   श्रद्धा भाव से मंत्र गाएं प्रेम सहित फिर शीश झुकाएं ।।   जय गिरिराज किशोरी अंबे शिव मुख चंद्र चकोरी अंबे ।।   मनोकामना पूर्ण कर दो भक्त सदा सुख संपत्ति भर दो ।। 

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