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आज का पंचांग Aaj ka panchang

वैदिक हिंदू पंचांग दिनांक – 23 मार्च 2025 दिन – रविवार विक्रम संवत – 2081 शक संवत -1946 अयन – उत्तरायण ऋतु – वसंत ॠतु मास – चैत्र (गुजरात-महाराष्ट्र फाल्गुन) पक्ष – कृष्ण तिथि – नवमी 24 मार्च प्रातः 05:38 तक तत्पश्चात दशमी नक्षत्र – पूर्वाषाढा 24 मार्च प्रातः 04:18 तक तत्पश्चात उत्तराषाढा योग – वरीयान शाम 05:59 तक तत्पश्चात परिघ राहुकाल – शाम 05:19 से शाम 06:51तक सूर्योदय – 06:41 सूर्यास्त – 06:49 दिशाशूल – पश्चिम दिशा व्रत पर्व विवरण- विशेष- नवमी को लौकी खाना त्याज्य है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34) रविवार के दिन स्त्री-सहवास तथा तिल का तेल खाना और लगाना निषिद्ध है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-38) रविवार के दिन मसूर की दाल, अदरक और लाल रंग का साग नहीं खाना चाहिए।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, श्रीकृष्ण खंडः 75.90) रविवार के दिन काँसे के पात्र में भोजन नहीं करना चाहिए।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, श्रीकृष्ण खंडः 75) स्कंद पुराण के अनुसार रविवार के दिन बिल्ववृक्ष का पूजन करना चाहिए। इससे ब्रह्महत्या आदि महापाप भी नष्ट हो जाते हैं। अशांति मिटाने का उपाय गाय के गोबर के कंडे लें, उसके ऊपर घी में भीगे हुए चावल डालकर जलाएं l घर में शांति आएगी व वास्तु दोष दूर होंगे l दरिद्रता दूर करने का उपाय सूर्य नारायण को प्रार्थना करें, जल चढ़ायें। चावल और गाय के दूध की खीर बनायें और सूर्य देव को भोग लगायें । इतवार को बिना नमक के भोजन करने को कहा गया है । ऐसा कुछ समय तक करने से दरिद्रता दूर होती है, इसमें शंका नही ।

आज का वैदिक हिंदू पंचांग Aaj ka Vaidik Hindu PANCHANG

वैदिक पंचांग हिंदू पंचांग Hindu panchang दिनांक – 20 मार्च 2025 दिन – गुरूवार विक्रम संवत – 2081 शक संवत -1946 अयन – उत्तरायण ऋतु – वसंत ॠतु मास – चैत्र (गुजरात-महाराष्ट्र फाल्गुन) पक्ष – कृष्ण तिथि – षष्ठी 21 मार्च रात्रि 02:45 तक तत्पश्चात सप्तमी नक्षत्र – अनुराधा रात्रि 11:31 तक तत्पश्चात ज्येष्ठा योग – वज्र शाम 06:20 तक तत्पश्चात सिद्धि राहुकाल – दोपहर 02:17 से शाम 05:48 तक सूर्योदय 06:43 सूर्यास्त – 06:48 दिशाशूल – दक्षिण दिशा मे व्रत पर्व विवरण विशेष- षष्ठी को नीम की पत्ती, फल या दातुन मुँह में डालने से नीच योनियों की प्राप्ति होती है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34) व्यतिपात योग 21 मार्च 2025 शुक्रवार को शाम 06:42 से 22 मार्च, शनिवार को शाम 06:37 तक व्यतिपात योग है। व्यतिपात योग की ऐसी महिमा है कि उस समय जप पाठ प्राणायम, माला से जप या मानसिक जप करने से भगवान की और विशेष कर भगवान सूर्यनारायण की प्रसन्नता प्राप्त होती है जप करने वालों को, व्यतिपात योग में जो कुछ भी किया जाता है उसका १ लाख गुना फल मिलता है। वाराह पुराण में ये बात आती है व्यतिपात योग की। भविष्य पुराण में माना गया है कि हर इंसान को उसके शरीर, मन व बातों से किए गए पापों को भोगना पड़ता है। उसमें भी कुछ काम ऐसे हैं जिन्हें महापाप माना गया है। आइए जानते हैं पांच ऐसे ही महापापों के बारे में जिन्हें करने वालों को नरक में सबसे ज्यादा यातनाएं झेलनी पड़ती है। ये हैं 5 सबसे बड़े पाप, इन्हें करने वालें को नर्क में मिलती है सबसे ज्यादा सजा 1) अनीति का धन:– किसी को ठग कर गलत काम कर या किसी के हिस्से की वस्तु को चुराकर धन एकत्रित करना और धन का दान न करने वाले को भी भविष्यपुराण में महापापी माना गया है। 2) गुरु से धोखाधड़ी:– गुरु मनुष्य को अच्छे-बुरे का ज्ञान देते है। गुरु को पिता के समान मानना चाहिए। गुरु के साथ कभी भी कंपट एवं धोखाधड़ी नहीं करनी चाहिए। ऐसा करना सबसे बड़ा पाप माना गया है। ऐसे इंसान को उसके पापों की सजा मिलती है। 3) पशुओं पर अत्याचार:– पशुओं पर अत्याचार करना, ब्राह्मण की हत्या या उसका अपमान करना, नौकरों से बुरा व्यवहार करने वाले मनुष्य को भी कुंभीपाक नाम के नर्क की यातना सहनी पड़ती है। इसलिए भुलकर भी ये महापाप नहीं करना चाहिए। 4) शराब पीना:– शराब में तीन प्रकार के पाप बताएँ गए है।स्त्री हो या पुरुष सभी को शराब व अन्य मादक पदार्थों से दुर रहना चाहिए।किसी भी तरह की शराब पीने से मनुष्य महापाप का भागी बन जाता है। 5) चोरी करना :– जो मनुष्य दुसरों की वस्तु हड़पने या चुराने की कोशिश करता है, वह पापी माना गया है। चोरी करने वाले इंसान या ऐसे काम में साथ देने वाले को नर्क में दुःख भोगने पड़ते है।इसलिए मनुष्य को कभी भी ये महापाप नहीं करना चाहिए।

आज का राशिफल Aaj ka rashifal

19 मार्च 2024 बुधवार : आज क्या कहते हैं आपके सितारे जाने अपना राशिफल मेष मन की चंचलता पर नियंत्रण रखें। कानूनी अड़चन दूर होकर स्थिति अनुकूल रहेगी। जीवनसाथी पर आपसी मेहरबानी रहेगी। जल्दबाजी में धनहानि हो सकती है। व्यवसाय में वृद्धि होगी। नौकरी में सुकून रहेगा। निवेश लाभप्रद रहेगा। कार्य बनेंगे। घर-बाहर सुख-शांति बने रहेंगे। वृषभ स्थायी संपत्ति की खरीद-फरोख्त से बड़ा लाभ हो सकता है। प्रतिद्वंद्विता रहेगी। पार्टनरों का सहयोग समय पर मिलने से प्रसन्नता रहेगी। नौकरी में मातहतों का सहयोग मिलेगा। व्यवसाय ठीक-ठीक चलेगा। आय में वृद्धि होगी। चोट व रोग से बाधा संभव है। दूसरों के काम में दखलंदाजी न करें। मिथुन पार्टी व पिकनिक की योजना बनेगी। मित्रों के साथ समय अच्‍छा व्यतीत होगा। स्वादिष्ट भोजन का आनंद मिलेगा। बौद्धिक कार्य सफल रहेंगे। किसी प्रबुद्ध व्यक्ति का मार्गदर्शन प्राप्त होगा। नौकरी में अनुकूलता रहेगी। वाणी पर नियंत्रण रखें। शत्रु सक्रिय रहेंगे। जीवनसाथी के स्वास्थ्य की चिंता रहेगी। कर्क घर-बाहर अशांति रहेगी। कार्य में रुकावट होगी। आय में कमी तथा नौकरी में कार्यभार रहेगा। बेवजह लोगों से कहासुनी हो सकती है। दु:खद समाचार मिलने से नकारात्मकता बढ़ेगी। व्यवसाय से संतुष्टि नहीं रहेगी। पार्टनरों से मतभेद हो सकते हैं। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। जल्दबाज न करें। सिंह प्रयास सफल रहेंगे। किसी बड़े कार्य की समस्याएं दूर होंगी। मित्रों का सहयोग कर पाएंगे। कर्ज में कमी होगी। संतुष्टि रहेगी। सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ेगी। व्यापार मनोनुकूल चलेगा। अपना प्रभाव बढ़ा पाएंगे। नौकरी में अनुकूलता रहेगी। निवेश शुभ रहेगा। जोखिम व जमानत के कार्य न करें। कन्या दूर से शुभ समाचार प्राप्त होंगे। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। नौकरी में सहकर्मी साथ देंगे। व्यवसाय में जल्दबाजी से काम न करें। चोट व दुर्घटना से बचें। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। घर-बाहर स्थिति मनोनुकूल रहेगी। प्रसन्नता का वातावरण रहेगा। वस्तुएं संभालकर रखें। तुला उत्तेजना पर नियंत्रण रखें। जीवनसाथी से सहयोग मिलेगा। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। अप्रत्याशित लाभ के योग हैं। भाग्य का साथ मिलेगा। व्यवसाय ठीक चलेगा। नौकरी में अधिकार बढ़ सकते हैं। जुए, सट्टे व लॉटरी के चक्कर में न पड़ें। निवेश शुभ रहेगा। प्रमाद न करें। वृश्चिक अप्रत्याशित खर्च सामने आएंगे। व्यवस्था नहीं होने से परेशानी रहेगी। व्यवसाय में कमी होगी। नौकरी में नोकझोंक हो सकती है। पार्टनरों से मतभेद हो सकते हैं। थकान महसूस होगी। अपेक्षित कार्यों में विघ्न आएंगे। चिंता तथा तनाव रहेंगे। आय में निश्चितता रहेगी। धनु अज्ञात भय व चिंता रहेंगे। यात्रा सफल रहेगी। नेत्र पीड़ा हो सकती है। लेन-देन में सावधानी रखें। बगैर मांगे किसी को सलाह न दें। बकाया वसूली के प्रयास सफल रहेंगे। व्यावसायिक यात्रा मनोनुकूल रहेगी। धनार्जन होगा। जोखिम उठाने का साहस कर पाएंगे। मकर नई योजना बनेगी। कार्यप्रणाली में सुधार होगा। सामजिक कार्य करने की इच्छा जागृत होगी। प्रतिष्ठा वृद्धि होगी। सुख के साधन जुटेंगे। नौकरी में वर्चस्व स्थापित होगा। आय के स्रोत बढ़ सकते हैं। व्यवसाय लाभप्रद रहेगा। निवेश शुभ रहेगा। घर-बाहर सहयोग व प्रसन्नता में वृद्धि होगी। कुंभ पूजा-पाठ व सत्संग में मन लगेगा। आत्मशांति रहेगी। कोर्ट व कचहरी के कार्य अनुकूल रहेंगे। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। प्रसन्नता का वातावरण रहेगा। मातहतों का सहयोग मिलेगा। किसी सामाजिक कार्यक्रम में भाग लेने का अवसर प्राप्त हो सकता है। दूसरे के काम में दखल न दें। मीन क्रोध व उत्तेजना पर नियंत्रण रखें। विवाद को बढ़ावा न दें। पुराना रोग बाधा का कारण रहेगा। स्वास्थ्य पर खर्च होगा। वाहन व मशीनरी के प्रयोग में लापरवाही न करें। छोटी सी गलती से समस्या बढ़ सकती है। व्यवसाय ठीक चलेगा। मित्र व संबंधी सहायता करेंगे। आय बनी रहेगी। जोखिम न लें।

आज का पंचांग Aaj ka dainik panchang

आज का वैदिक हिंदू पंचांग Hindu PANCHANG दिनांक – 19 मार्च 2025 दिन – बुधवार विक्रम संवत – 2081 शक संवत -1946 अयन – उत्तरायण ऋतु – वसंत ॠतु मास – चैत्र (गुजरात-महाराष्ट्र फाल्गुन) पक्ष – कृष्ण तिथि – पंचमी रात्रि 12:36 तक तत्पश्चात षष्ठी नक्षत्र – विशाखा रात्रि 08:50 तक तत्पश्चात अनुराधा योग – हर्षण शाम 05:38 तक तत्पश्चात वज्र राहुकाल – दोपहर 12:46 से दोपहर 02:17 तक सूर्योदय 06:44 सूर्यास्त – 06:48 दिशाशूल – उत्तर दिशा मे व्रत पर्व विवरण- रंग पंचमी विशेष- पंचमी को बेल खाने से कलंक लगता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34) कलह, धन-हानि व रोग-बाधा से परेशान हों तो घर में कलहपूर्ण वातावरण, धन-हानि एवं रोग-बाधा से परेशानी होती हो तो आप अपने घर में मोरपंख कि झाड़ू या मोरपंख पूजा-स्थल में रखें | नित्य नियम के बाद मन-ही-मन भगवन्नाम या गुरुमंत्र का जप करते हुए इस पंख या झाड़ू को प्रत्येक कमरे में एवं रोग-पीड़ित के चारों तरफ गोल-गोल घुमाये | कुछ देर ‘ॐकार ‘ का कीर्तन करें-करायें | ऐसा करने से समस्त प्रकार की नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है तथा ऊपरी एवं बुरी शक्तियों का प्रभाव भी दूर हो जाता है | ज्योतिष ग्रंथ मुर्हूत चिंतामणि के अनुसार हिंदू धर्म में दैनिक जीवन से जुड़ी भी अनेक मान्यताएं और परंपराएं हैं। ऐसी ही एक मान्यता है नाखून, दाढ़ी व बाल कटवाने से जुड़ी। माना जाता है कि सप्ताह के कुछ दिन ऐसे होते हैं जब नाखून, दाढ़ी व बाल कटवाना हमारे धर्म ग्रंथों में शुभ नहीं माना गया है, जबकि इसके बिपरीत कुछ दिनों को इन कामों के लिए शुभ माना गया है। आइए जानते हैं क्या कहते हैं शास्त्र …. ज्योतिष ग्रंथ मुर्हूत चिंतामणि के अनुसार जानिए किस दिन नाखून, दाढ़ी व बाल कटवाने से होता है क्या असर 1. सोमवार:- सोम का संबंध चंद्रमा से है इसलिए सोमवार को बाल या नाखून काटना मानसिक स्वास्थ्य व संतान के स्वास्थ्य के लिए अच्छा नहीं माना गया है। 2. मंगलवार:- मंगलवार को बाल कटवाना व दाढ़ी बनाना उम्र कम करने वाला माना गया है। 3. बुधवार:- बुधवार के दिन नाखून और बाल कटवाने से घर में बरकत रहती है व लक्ष्मी का आगमन होता है। 4. गुरुवार:- गुरुवार को भगवान विष्णु का वार माना गया है। इस दिन बाल कटवाने से लक्ष्मी का नुकसान और मान-सम्मान की हानि होती है। 5. शुक्रवार:- शुक्र ग्रह को ग्लैमर का प्रतीक माना गया है। इस दिन बाल और नाखून कटवाना शुभ होता है। इससे लाभ, धन और यश मिलता है। 6. शनिवार:- शनिवार का दिन बाल कटवाने के लिए अशुभ होता है यह जल्दी मृत्यु का कारण माना जाता है। 7. रविवार:- रविवार को बाल कटवाना अच्छा नहीं माना जाता है। महाभारत के अनुशासन पर्व में बताया गया है कि ये सूर्य का वार है इससे धन, बुद्धि और धर्म का नाश होता है।

आज का पंचांग Aaj ka panchang

आज का वैदिक हिंदू पंचांग Aaj ka vaidik hindu PANCHANG दिनांक – 18 मार्च 2025 दिन – मंगलवार विक्रम संवत – 2081 शक संवत -1946 अयन – उत्तरायण ऋतु – वसंत ॠतु मास – चैत्र (गुजरात-महाराष्ट्र फाल्गुन) पक्ष – कृष्ण तिथि – चतुर्थी रात्रि 10:09 तक तत्पश्चात पंचमी नक्षत्र – स्वाती शाम 05:52 तक तत्पश्चात विशाखा योग – व्याघात शाम 04:44 तक तत्पश्चात हर्षण राहुकाल – शाम 03:48 से शाम 05:18 तक सूर्योदय 06:45 सूर्यास्त – 06:47 दिशाशूल – उत्तर दिशा व्रत पर्व विवरण- मंगलवारी चतुर्थी (सूर्योदय से रात्रि 10:09 तक) विशेष- चतुर्थी को मूली खाने से धन का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34) स्वास्थ्यप्रद दोहे चैत्र माह में नीम की, पत्ती हर दिन खावे । ज्वर, डेंगू या मलेरिया, बारह मील भगावे ॥ पोषक तत्त्व से पूर्ण है, पका पपीता फल । जो खावे नित नियम से, कड़ा न होवे मल ।। २०-२५ दिन नीम के २५-३० कोमल पत्ते और १-२ काली मिर्च खानी चाहिए। षष्ठी तिथि को नीम के पत्ते नहीं खाने चाहिए । रंग पंचमी Rang panchmi upay हर साल चैत्र कृष्ण पक्ष (गुजरात अनुसार फाल्गुन कृष्ण पक्ष) की पंचमी पर रंग पंचमी का पावन त्योहार मनाया जाता है। इस साल 19 मार्च को रंग पंचमी पड़ रही है। रंग पंचमी के दिन आसमान में गुलाल उड़ाने की परंपरा हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ऐसा करने से घर में सुख-शांति व समृद्धि आती है। इस पावन दिन भगवान श्रीकृष्ण व राधा रानी की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाती है। रंग पंचमी का त्योहार नकारात्मकता को दूर कर सकारात्मकता पाने का अवसर प्रदान करता है। इस दिन लोग ज्योतिष शास्त्र में वर्णित कुछ उपाय करते हैं, मान्यता है कि ऐसा करने से धन-संपदा में बरकत होती है। आइए जानते हैं रंग पंचमी के खास उपाय 1. रंग पंचमी के दिन माता लक्ष्मी व भगवान विष्णु की एक साथ पूजा करनी चाहिए। माता लक्ष्मी धन संपत्ति, ऐश्वर्य आदि की देवी हैं। पूजा के समय माता लक्ष्मी व भगवान विष्णु को लाल गुलाल अर्पित करें। पूजा के समय कनकधरा स्तोत्र का पाठ करें। मान्यता है कि ऐसा करने से धन-संपदा में वृद्धि होती है। 2. रंग पंचमी के दिन भगवान श्रीकृष्ण व राधा रानी की विधिवत पूजा करें। इसके बाद उन्हें गुलाल अर्पित करें। मान्यता है कि ऐसा करने से वैवाहिक जीवन में चल रही समस्याएं दूर होती हैं। प्रेम संबंध मजबूत होते हैं। दांपत्य जीवन में खुशहाली के लिए पति-पत्नी को एक साथ पूजा करनी चाहिए। 3. रंग पंचमी के दिन एक पीले कपड़े में एक सिक्का और हल्दी की पांच गांठें बांधकर पूजा स्थल पर रख दें। फिर माता लक्ष्मी का ध्यान करके एक घी का दीपक जलाएं। दीपक के शांत होने पर हल्दी और सिक्के की पोटली को तिजोरी में रखें। मान्यता है कि ऐसा करने से धन-धान्य में वृद्धि होती है। 4. रंग पंचमी के दिन माता लक्ष्मी की पूजा करना फलदायी माना गया है। पूजा के समय माता लक्ष्मी को सफेद मिठाई जैसे बर्फी, बताशा, मिश्री या खीर का भोग लगाना चाहिए। मान्यता है कि मां लक्ष्मी के प्रसन्न होने से परिवार में धन-संपत्ति में वृद्धि होती है।

आज का राशिफल Aaj ka rashifal

17 मार्च 2025 सोमवार : आज क्या कहते हैं आपके सितारे जाने अपना राशिफल मेष Aaj ka mesh rashifal दूर से शुभ समाचार प्राप्त होंगे। घर में मेहमानों का आगमन होगा। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। जोखिम उठाने का साहस कर पाएंगे। व्यापार में लाभ होगा। निवेश शुभ रहेगा। संतान पक्ष से आरोग्य व अध्ययन संबंधी चिंता रहेगी। दुष्टजनों से दूरी बनाए रखें। हानि संभव है। भाइयों का साथ मिलेगा। वृषभ Aaj ka vrushabh rashifal किसी आनंदोत्सव में भाग लेने का अवसर प्राप्त होगा। विद्यार्थी वर्ग सफलता हासिल करेगा। मनपसंद भोजन का आनंद मिलेगा। व्यापार में वृद्धि के योग हैं। परिवार व मित्रों के साथ समय प्रसन्नतापूर्वक व्यतीत होगा। शारीरिक कष्ट संभव है, सावधान रहें। निवेश शुभ रहेगा। तीर्थयात्रा की योजना बन सकती है। मिथुन Aaj ka mithun rashifal व्ययवृद्धि से तनाव रहेगा। बजट बिगड़ेगा। दूर से शोक समाचार मिल सकता है, धैर्य रखें। किसी महत्वपूर्ण निर्णय लेने में जल्दबाजी न करें। भागदौड़ रहेगी। बोलचाल में हल्के शब्दों के प्रयोग से बचें। पुराना रोग उभर सकता है। व्यापार में अधिक ध्यान देना पड़ेगा। जोखिम न उठाएं। कर्क Aaj ka kark rashifal कष्ट, भय, चिंता व तनाव का वातावरण बन सकता है। जीवनसाथी पर अधिक मेहरबान होंगे। कोर्ट व कचहरी के कार्यों में अनुकूलता रहेगी। लाभ में वृद्धि होगी। पारिवारिक प्रसन्नता तथा संतुष्टि रहेगी। निवेश शुभ रहेगा। व्यय होगा। मित्रों से मेलजोल बढ़ेगा। नए संपर्क बन सकते हैं। धनार्जन होगा। सिंह Aaj ka singh rashifal तरक्की के अवसर प्राप्त होंगे। भूमि व भवन संबंधी बाधा दूर होगी। आय में वृद्धि होगी। मित्रों के साथ बाहर जाने की योजना बनेगी। रोजगार प्राप्ति के योग हैं। परिवार व स्नेहीजनों के साथ विवाद हो सकता है। शत्रुता में वृद्धि होगी। अज्ञात भय रहेगा। थकान महसूस होगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। कन्या Aaj ka kanya rashifal यात्रा सफल रहेगी। शारीरिक कष्ट हो सकता है। बेचैनी रहेगी। नई योजना बनेगी। लोगों की सहायता करने का अवसर प्राप्त होगा। सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। काफी समय से अटके काम पूरे होने के योग हैं। भरपूर प्रयास करें। आय में मनोनुकूल वृद्धि होगी। पार्टनरों का सहयोग मिलेगा। निवेश शुभ रहेगा। तुला Aaj ka tula rashifal अप्रत्याशित खर्च सामने आएंगे। कर्ज लेने की स्थिति बन सकती है। पुराना रोग बाधा का कारण बन सकता है। अपेक्षित कार्यों में विलंब हो सकता है। चिंता तथा तनाव रहेंगे। प्रेम-प्रसंग में जल्दबाजी न करें। प्रतिद्वंद्विता में वृद्धि होगी। व्ययसाय लाभप्रद रहेगा। कार्य पर ध्यान दें। वृश्चिक Aaj ka Vrushchik rashifal कोई राजकीय बाधा हो सकती है। जल्दबाजी में कोई भी गलत कार्य न करें। विवाद से बचें। काफी समय से अटका हुआ पैसा मिलने का योग है, प्रयास करें। या‍त्रा लाभदायक रहेगी। आय के नए स्रोत प्राप्त हो सकते हैं। नौकरी में कार्य की प्रशंसा होगी। वस्तुएं संभालकर रखें। धनु Aaj ka dhanu rashifal किसी की बातों में न आएं। रोजगार प्राप्ति के प्रयास सफल रहेंगे। नवीन वस्त्राभूषण पर व्यय होगा। अचानक लाभ के योग हैं। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। व्यापार में वृद्धि से संतुष्टि रहेगी। नौकरी में जवाबदारी बढ़ सकती है। पारिवारिक सहयोग मिलेगा। उत्साह से काम कर पाएंगे। मकर Aaj ka makar rashifal परिवार की आवश्यकताओं के लिए भागदौड़ तथा व्यय की अधिकता रहेगी। वाहन व मशीनरी के प्रयोग में विशेष सावधानी की आवश्यकता है। दूसरों के झगड़ों में न पड़ें। कार्य की गति धीमी रहेगी। चिंता तथा तनाव रहेंगे। निवेश करने का समय नहीं है। नौकरी में मातहतों से अनबन हो सकती है, धैर्य रखें। कुंभ Aaj ka kumbh rashifal जोखिम व जमानत के कार्य टालें। शारीरिक कष्ट संभव है। व्यवसाय धीमा चलेगा। नौकरी में उच्चाधिकारी की नाराजी झेलनी पड़ सकती है। परिवार में मनमुटाव हो सकता है। सुख के साधनों पर व्यय सोच-समझकर करें। निवेश करने से बचें। व्यापार ठीक चलेगा। आय बनी रहेगी। मित्रों का सहयोग मिलेगा। मीन Aaj ka meen rashifal किसी अपरिचित की बातों में न आएं। धनहानि हो सकती है। थोड़े प्रयास से ही काम सफल रहेंगे। मित्रों की सहायता करने का अवसर प्राप्त होगा। सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। लाभ के अवसर प्राप्त होंगे। किसी प्रबुद्ध व्यक्ति का मार्गदर्शन प्राप्त होगा। नौकरी में उच्चाधिकारी प्रसन्न रहेंगे।

आज का पंचांग Aaj ka panchang

आज का वैदिक हिंदू पंचांग Aaj ka vaidik hindu panchang दिनांक – 17 मार्च 2025 दिन – सोमवार विक्रम संवत – 2081 शक संवत -1946 अयन – उत्तरायण ऋतु – वसंत ॠतु मास – चैत्र (गुजरात-महाराष्ट्र फाल्गुन) पक्ष – कृष्ण तिथि – तृतीया शाम 07:33 तक तत्पश्चात चतुर्थी नक्षत्र – चित्रा दोपहर 02:47 तक स्वाती योग – ध्रुव शाम 03:45 तक तत्पश्चात व्याघात राहुकाल – सुबह 08:16 से सुबह 09:46 तक सूर्योदय 06:46 सूर्यास्त – 06:47 दिशाशूल – पूर्व दिशा मे व्रत पर्व विवरण- संकष्ट चतुर्थी(चन्द्रोदय-रात्रि 09:16) विशेष- तृतीया को पर्वल खाना शत्रुओं की वृद्धि करने वाला है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34) मंगलवारी चतुर्थी 18 मार्च 2025 मंगलवार को सूर्योदय से रात्रि 10:09 तक मंगलवारी चतुर्थी है । मंत्र जप व शुभ संकल्प की सिद्धि के लिए विशेष योग मंगलवारी चतुर्थी को किये गए जप-संकल्प, मौन व यज्ञ का फल अक्षय होता है । मंगलवार चतुर्थी को सब काम छोड़ कर जप-ध्यान करना … जप, ध्यान, तप सूर्य-ग्रहण जितना फलदायी है… मंगलवारी चतुर्थी अंगार चतुर्थी को सब काम छोड़ कर जप-ध्यान करना …जप, ध्यान, तप सूर्य-ग्रहण जितना फलदायी है… बिना नमक का भोजन करें मंगल देव का मानसिक आह्वान करो चन्द्रमा में गणपति की भावना करके अर्घ्य दें कितना भी कर्ज़दार हो ..काम धंधे से बेरोजगार हो ..रोज़ी रोटी तो मिलेगी और कर्जे से छुटकारा मिलेगा | मंगलवार चतुर्थी भारतीय समय के अनुसार 18 मार्च 2025 को (सूर्योदय से रात्रि 10:09 तक) मंगलवारी चतुर्थी है, इस महा योग पर अगर मंगल ग्रह देव के 21 नामों से सुमिरन करें और धरती पर अर्घ्य देकर प्रार्थना करें,शुभ संकल्प करें तो आप सकल ऋण से मुक्त हो सकते हैं.. मंगल देव के 21 नाम इस प्रकार हैं :- 1) ॐ मंगलाय नमः 2) ॐ भूमि पुत्राय नमः 3 ) ॐ ऋण हर्त्रे नमः 4) ॐ धन प्रदाय नमः 5 ) ॐ स्थिर आसनाय नमः 6) ॐ महा कायाय नमः 7) ॐ सर्व कामार्थ साधकाय नमः 8) ॐ लोहिताय नमः 9) ॐ लोहिताक्षाय नमः 10) ॐ साम गानाम कृपा करे नमः 11) ॐ धरात्मजाय नमः 12) ॐ भुजाय नमः 13) ॐ भौमाय नमः 14) ॐ भुमिजाय नमः 15) ॐ भूमि नन्दनाय नमः 16) ॐ अंगारकाय नमः 17) ॐ यमाय नमः 18) ॐ सर्व रोग प्रहाराकाय नमः 19) ॐ वृष्टि कर्ते नमः 20) ॐ वृष्टि हराते नमः 21) ॐ सर्व कामा फल प्रदाय नमः ये 21 मन्त्र से भगवान मंगल देव को नमन करें ..फिर धरती पर अर्घ्य देना चाहिए..अर्घ्य देते समय ये मन्त्र बोले :- भूमि पुत्रो महा तेजा , कुमारो रक्त वस्त्रका , ग्रहणअर्घ्यं मया दत्तम, ऋणम शांतिम प्रयाक्ष्मे | हे भूमि पुत्र!..महा क्यातेजस्वी,रक्त वस्त्र धारण करने वाले देव मेरा अर्घ्य स्वीकार करो और मुझे ऋण से शांति प्राप्त कराओ..

आज का राशिफल Daily Rashifal/Horoscope

15 मार्च 2025 शनिवार : आज क्या कहते हैं आपके सितारे जाने अपना राशिफल मेष Aries किसी भी निर्णय को लेने में विवेक का प्रयोग करें। परिवार के साथ जीवन सुखपूर्वक व्यतीत होगा। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। व्यवसाय ठीक चलेगा। व्ययवृद्धि होगी। विवाद को बढ़ावा न दें। दुष्टजनों से सावधानी आवश्यक है। पुराना रोग उभर सकता है। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। वृषभ Taurus स्थायी संपत्ति की खरीद-फरोख्त हो सकती है। लंबे समय से रुके कार्य पूर्ण होने के योग हैं। बड़ा लाभ हो सकता है। बेरोजगारी दूर करने के प्रयास सफल रहेंगे। उन्नति के मार्ग प्रशस्त होंगे। शत्रुओं से सावधानी आवश्यक है। हानि पहुंचाने के प्रयास करेंगे। प्रसन्नता रहेगी। मिथुन Gemini रुका हुआ पैसा मिलने के योग हैं। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। राजकीय सहयोग मिलेगा। कारोबार में वृद्धि होगी। भाग्य का साथ मिलेगा। नौकरी में सहकर्मी साथ देंगे। धन प्राप्ति सुगम होगी। आशंका-कुशंका रहेगी। पारिवारिक सहयोग प्राप्त होगा। प्रसन्नता बनी रहेगी। आलस्य न करें। कर्क Cancer कोर्ट व कचहरी के काम से छुटकारा मिल सकता है। कारोबार मनोनुकूल लाभ देगा। जीवनसाथी से सहयोग मिलेगा। नौकरी में कार्य की प्रशंसा होगी। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। लेन-देन में जल्दबाजी न करें। निवेश में सोच-समझकर हाथ डालें। लाभ होगा। भाग्य की अनुकूलता रहेगी। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। प्रमाद न करें। सिंह Leo मित्रों तथा रिश्तेदारों का सहयोग कर पाएंगे। मान-सम्मान मिलेगा। कोई बड़ा काम करने का मन बनेगा। वरिष्ठ व्यक्तियों का मार्गदर्शन लाभ में वृद्धि करेगा। कारोबार में वृद्धि होगी। नौकरी में उच्चाधिकारी की प्रसन्नता प्राप्त होगी। निवेशादि मनोनुकूल रहेंगे। भाग्य का साथ मिलेगा। घर-बाहर सुख-शांति रहेगी। कन्या Vergo उत्साहवर्धक सूचना प्राप्त होगी। भूले-बिसरे साथियों से मुलाकात होगी। व्यय होगा। विवाद को बढ़ावा न दें। आत्मसम्मान बना रहेगा। कोई बड़ा काम तथा बाहर जाने का मन बनेगा। व्यापार-व्यवसाय मनोनुकूल लाभदायक रहेगा। निवेश में जल्दबाजी न करें। शत्रु सक्रिय रहेंगे। धनागम होगा। तुला Libra भेंट व उपहार की प्राप्ति हो सकती है। बेरोजगारी दूर करने के प्रयास सफल रहेंगे। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। कोई बड़ा काम हो सकता है। किसी वरिष्ठ व्यक्ति का मार्गदर्शन प्राप्त होगा। व्यापार-व्यवसाय मनोनुकूल लाभ देगा। शेयर मार्केट व म्युचुअल फंड आदि में सोच-समझकर निवेश करें। वृश्चिक Scorpio कोई बड़ी परेशानी आ सकती है। भागदौड़ अधिक होगी। शोक समाचार प्राप्त हो सकता है। वाणी पर नियंत्रण रखें। अपेक्षित कार्यों में विलंब होगा। आय होगी। व्यापार-व्यवसाय ठीक चलेगा। नौकरी में कार्यभार रहेगा। पुराना रोग उभर सकता है। बेवजह नकारात्मकता रहेगी। आलस्य हावी रहेगा। धनु Sagitarious विद्यार्थी वर्ग सफलता हासिल करेगा। पार्टी व पिकनिक का आनंद प्राप्त होगा। नौकरी में कोई नया काम कर पाएंगे। स्वादिष्ट व्यंजनों का आनंद प्राप्त हो सकता है। निवेश में जल्दबाजी न करें। व्यापार-व्यवसाय ठीक चलेगा। पार्टनरों का सहयोग प्राप्त होगा। दुष्टजन हानि पहुंचाने का प्रयत्न करेंगे। प्रसन्नता रहेगी। मकर Capricorn चोट व दुर्घटना से हानि हो सकती है। भ्रम की स्थिति बन सकती है। किसी व्यक्ति के व्यवहार से मन को ठेस पहुंच सकती है। जल्दबाजी न करें। विवाद की स्थिति नहीं बनने दें। किसी भी अपरिचित व्यक्ति पर अंधविश्वास न करें। व्यापार-व्यवसाय लाभदायक रहेगा। आलस्य हावी रहेगा। कुंभ Aquarius पूजा-पाठ में मन लगेगा। किसी साधु-संत की सेवा करने का अवसर प्राप्त होगा। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। व्यापार-व्यवसाय लाभदायक रहेगा। पार्टनरों से सहयोग प्राप्त होगा। निवेश लाभदायक रहेगा। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। भाग्य का साथ मिलेगा। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। मीन Pisces आर्थिक उन्नति के लिए नई नीति बनेगी। कार्यप्रणाली में सुधार होगा। लंबे समय से रुके कार्य पूर्ण होने के योग हैं, प्रयास करते रहें। आय में वृद्धि होगी। मित्रों का सहयोग कर पाएंगे। प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। व्यापार-व्यवसाय लाभदायक रहेगा। निवेश शुभ रहेगा। जल्दबाजी न करें।

आज का वैदिक पंचांग Aaj ka vaidik hindu panchang

वैदिक पंचांग Vaidik Hindu panchang दिनांक – 15 मार्च 2025 दिन – शनिवार विक्रम संवत – 2081 शक संवत -1946 अयन – उत्तरायण ऋतु – वसंत ॠतु मास – चैत्र (गुजरात-महाराष्ट्र फाल्गुन) पक्ष – कृष्ण तिथि – प्रतिपदा दोपहर 02:33 तक तत्पश्चात द्वितीया नक्षत्र – उत्तराफाल्गुनी सुबह 08:54 तक हस्त योग – गण्ड दोपहर 02:00 तक तत्पश्चात वृद्धि राहुकाल – सुबह 09:47 से सुबह 11:18 तक सूर्योदय 06:48 सूर्यास्त – 06:46 दिशाशूल – पूर्व दिशा व्रत पर्व विवरण- विशेष- प्रतिपदा को कूष्माण्ड (कुम्हड़ा पेठा) न खाएं क्योकि यह धन का नाश करने वाला है (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-38) चैत्र मास Chaitra Mahina होली के तुरंत बाद चैत्र मास का प्रारंभ हो जाता है। चैत्र हिन्दू धर्म का प्रथम महीना है। चित्रा नक्षत्रयुक्त पूर्णिमा होने के कारण इसका नाम चैत्र पड़ा (चित्रानक्षत्रयुक्ता पौर्णमासी यत्र सः)। इस वर्ष 15 मार्च 2025 (उत्तर भारत हिन्दू पञ्चाङ्ग के अनुसार) चैत्र का आरम्भ होगा और गुजरात एवं महाराष्ट्र के अनुसार 30 मार्च से चैत्र मास प्रारंभ होगा । चैत्र मास को मधु मास के नाम से जाना जाता है। इस मास में बसंत ऋतु का यौवन पृथ्वी पर देखने को मिलता है। चैत्र में रोहिणी और अश्विनी शून्य नक्षत्र हैं इनमें कार्य करने से धन का नाश होता है। महाभारत अनुशासन पर्व अध्याय 106 के अनुसार “चैत्रं तु नियतो मासमेकभक्तेन यः क्षिपेत्। सुवर्णमणिमुक्ताढ्ये कुले महति जायते।।” जो नियम पूर्वक रहकर चैत्रमास को एक समय भोजन करते बिताता है, वह सुवर्ण, मणि और मोतियों से सम्पन्न महान कुल में जन्म लेता है ।चैत्र में गुड़ खाना मना बताया गया है। चैत्र माह में नीम के पत्ते खाने से रक्त शुद्ध हो जाता है मलेरिया नहीं होता है। शिवपुराण के अनुसार चैत्र में गौ का दान करने से कायिक, वाचिक तथा मानसिक पापों का निवारण होता है .देव प्रतिष्ठा के लिये चैत्र मास शुभ है। चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से नववर्ष का शुभारम्भ होता है। हिन्दू नववर्ष के चैत्र मास से ही शुरू होने के पीछे पौराणिक मान्यता है कि भगवान ब्रह्मदेव ने चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से ही सृष्टि की रचना शुरू की थी। ताकि सृष्टि निरंतर प्रकाश की ओर बढ़े। चैत्रमासि जगद् ब्रह्मा स सर्वा प्रथमेऽवानि । शुक्ल पक्षे समग्रं तत – तदा सूर्योदय सति ।। (ब्रह्मपुराण) नारद पुराण में भी कहा गया है की चैत्रमास के शुक्लपक्ष में प्रथमदिं सूर्योदय काल में ब्रह्माजी ने सम्पूर्ण जगत की सृष्टि की थी। चैत्रे मासि जगद्ब्रह्मा ससज प्रथमेऽहनि ।। शुक्लपक्षे समग्रं वै तदा सूर्योदये सति ।। इसलिए खास है चैत्र ,चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को रेवती नक्षत्र में विष्कुम्भ योग में दिन के समय भगवान विष्णु ने मत्स्य अवतार लिया था। “कृते च प्रभवे चैत्रे प्रतिपच्छुक्लपक्षगा । रेवत्यां योग-विष्कुम्भे दिवा द्वादश-नाड़िका: ।। मत्स्यरूपकुमार्यांच अवतीर्णो हरि: स्वयम् ।।”चैत्र शुक्ल तृतीया तथा चैत्र पूर्णिमा मन्वरादि तिथियाँ हैं। इस दिन दान-पुण्य का विशेष महत्व है। भविष्यपुराण में चैत्र शुक्ल से विशेष सरस्वती व्रत का विधान वर्णित है । चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से नवमी तक नवरात्र मनाये जाते हैं जिसमें व्रत रखने के साथ माँ जगतजननी की पूजा का विशेष विधान है। चैत्र पूर्णिमा को हनुमान जयंती मनाई जाती है। युगों में प्रथम सत्ययुग का प्रारम्भ चैत्र शुक्ल प्रतिपदा तिथि से माना जाता है। मर्यादा पुरूषोत्तम भगवान श्रीराम का राज्याभिषेक भी चैत्र शुक्ल प्रतिपदा तिथि को हुआ था। युगाब्द (युधिष्ठिर संवत) का आरम्भ चैत्र शुक्ल प्रतिपदा तिथि को माना जाता है। उज्जैन के सम्राट विक्रमादित्य द्वारा विक्रमी संवत् का प्रारम्भ भी चैत्र शुक्ल प्रतिपदा तिथि को किया गया था। चैत्र मास में ऋतु परिवर्तन होता है और हमारे आयुर्वेदाचार्यों ने इस मास को स्वास्थ्य की दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण माना है। पारिभद्रस्य पत्राणि कोमलानि विशेषत:। सुपुष्पाणि समानीय चूर्णंकृत्वा विधानत: । मरीचिं लवणं हिंगु जीरणेण संयुतम्। अजमोदयुतं कुत्वा भक्षयेद्रोगशान्तये ।

आज का पंचांग Daily panchang

आज का हिन्दू पंचांग Aaj ka Hindu panchang दिनांक – 14 मार्च 2025 दिन- शुक्रवार विक्रम संवत् – 2081 अयन – उत्तरायण ऋतु – बसन्त मास – फाल्गुन पक्ष – शुक्ल तिथि – पूर्णिमा दोपहर 12:23 तक तत्पश्चात् प्रतिपदा नक्षत्र – उत्तराफाल्गुनी पूर्ण रात्रि तक योग- शूल दोपहर 01:24 तक तत्पश्चात् गण्ड राहुकाल – सुबह 11:19 से दोपहर 12:49 सूर्योदय – 06:53 सूर्यास्त – 06:44 दिशा शूल – पश्चिम दिशा में ब्राह्ममुहूर्त – प्रातः 05:13 से प्रातः 06:01 तक अभिजीत मुहूर्त – दोपहर 12:25 से दोपहर 01:13 तक निशिता मुहूर्त – रात्रि 12:24 मार्च 15 से रात्रि 01:12 मार्च 15 तक व्रत पर्व विवरण – फाल्गुनी पूर्णिमा, होली, श्री चैतन्य महाप्रभु जयंती, लक्ष्मी जयंती, षडशीति संक्रांति (पुण्यकाल दोपहर 12:36 से सूर्यास्त तक) विशेष- प्रतिपदा को कुष्माण्ड (कुम्हड़ा, पेठा) न खाएं क्योंकि यह धन का नाश करने वाला है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34) रंगों में प्रयुक्त रसायनों का स्वास्थ्य पर दुष्प्रभाव रासायनिक रंग मुख्यतः इंजन आयल के साथ आक्सीडाइज्ड धातु या औद्योगिक वर्णकों (डाई) के साथ मिला कर तैयार किये जाते हैं ।जैसेः- काला रंग– लेड आक्साइड  —   गुर्दे की बीमारी हरा रंग – कॉपर सल्फेट – आँखों में जलन, सूजन,  अस्थायी अंधत्व सिल्वर रंग – एल्युमिनियम ब्रोमाइड – कैंसर. नीला रंग – प्रूशियन ब्लू – ‘कान्टेक्ट डर्मेटाइटिस’ नामक भयंकर त्वचारोग. लाल रंग – मरक्यूरी सल्फाइट – त्वचा का कैंसर. अतः होली खेलें परंतु रासायनिक रंगों से नहीं प्राकृतिक रंगों से, जिन्हें आप घर पर आसानी से बना सकते हैं । प्राकृतिक रंग बनाने की सरल विधियाँ केसरिया रंगः पलाश के फूलों से यह रंग सरलता से तैयार किया जा सकता है । पलाश के फूलों को रात को पानी में भिगो दें । सुबह इस केसरिया रंग को ऐसे ही प्रयोग में लायें या उबालकर होली का आनंद उठायें । यह रंग होली खेलने के लिए सबसे बढ़िया है । शास्त्रों में भी पलाश के फूलों से होली खेलने का वर्णन आता है । इसमें औषधिय गुण होते हैं । आयुर्वेद के अनुसार यह कफ, पित्त, कुष्ठ, दाह, मूत्रकृच्छ, वायु तथा रक्तदोष का नाश करता है । रक्तसंचार को नियमित व मांसपेशियों को स्वस्थ रखने के साथ ही यह मानसिक शक्ति तथा इच्छाशक्ति में भी वृद्धि करता है । सूखा हरा रंगः मेंहदी या हिना का पाउडर तथा गेहूँ या अन्य अनाज के आटे को समान मात्रा में मिलाकर सूखा हरा रंग बनायें । आँवला चूर्ण व मेंहदी को मिलाने से भूरा रंग बनता है, जो त्वचा व बालों के लिए लाभदायी है । सूखा पीला रंगः हल्दी व बेसन मिला के अथवा अमलतास व गेंदे के फूलों को छाया में सुखाकर पीस के पीला रंग प्राप्त कर सकते हैं । गीला पीला रंगः एक चम्मच हल्दी दो लीटर पानी में उबालें या मिठाइयों में पड़ने वाले रंग जो खाने के काम आते हैं, उनका भी उपयोग कर सकते हैं । अमलतास या गेंदे के फूलों को रात को पानी भिगोकर रखें, सुबह उबालें । लाल रंगः लाल चंदन (रक्त चंदन) पाउडर को सूखे लाल रंग के रूप में प्रयोग कर सकते हैं । यह त्वचा के लिए लाभदायक व सौंदर्यवर्धक है। दो चम्मच लाल चंदन एक लीटर पानी में डालकर उबालने से लाल रंग प्राप्त होता है, जिसमें आवश्यकतानुसार पानी मिलायें ।

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