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आज का दैनिक पंचांग Panchang

दिनांक:- 11 सितंबर 2025, गुरुवार, Thursday ( Panchang,Astrology) — 🌄 सूर्योदय एवं चन्द्रोदय 🌄 — सूर्योदय – 06:04 चन्द्रोदय – 20:45 सूर्यास्त – 18:31 चन्द्रास्त – 09:43 — पञ्चाङ्ग — तिथि – चतुर्थी – 12:45 तक योग – ध्रुव – 17:05 तक वार – गुरुवार पक्ष – कृष्ण पक्ष नक्षत्र – अश्विनी – 13:58 तक करण – बालव – 12:45 तक — 🌙 चन्द्र मास एवं सम्वत 🌙 — शक सम्वत – 1947 विश्वावसु विक्रम सम्वत – 2082 कालयुक्त गुजराती सम्वत – 2081 नल चन्द्रमास – आश्विन – पूर्णिमान्त — राशि तथा नक्षत्र — चन्द्र राशि – मेष सूर्य राशि – सिंह सूर्य नक्षत्र – पूर्वाफाल्गुनी सूर्य नक्षत्र पद – पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र पद – अश्विनी – 08:29 तक — ऋतु और अयन — द्रिक ऋतु – शरद वैदिक ऋतु – वर्षा द्रिक अयन – दक्षिणायण वैदिक अयन – दक्षिणायण दिनमान – 12 घण्टे 26 मिनट्स 50 सेकण्ड्स रात्रिमान – 11 घण्टे 33 मिनट्स 38 सेकण्ड्स मध्याह्न – 12:17 — अन्य कैलेंडर — कलियुग – 5126 वर्ष कलि अहर्गण – 1872464 दिन जूलियन दिनाङ्क – अगस्त 29, 2025 सीई राष्ट्रीय नागरिक दिनाङ्क – भाद्रपद 20, 1947 शक राष्ट्रीय निरयण दिनाङ्क – भाद्रपद 27, 1947 शक लाहिरी अयनांश – 24.222749 राटा डाई – 739505 जूलियन दिन – अगस्त 29, 2025 सीई संशोधित जूलियन दिन – 60929 दिन — शुभ समय — ब्रह्म मुहूर्त – 04:32 से 05:18प्रातः सन्ध्या – 04:55 से 06:04 अभिजित मुहूर्त – 11:53 से 12:42 विजय मुहूर्त – 14:22 से 15:12 गोधूलि मुहूर्त – 18:31 से 18:54 सायाह्न सन्ध्या – 18:31 से 19:40 अमृत काल – 07:23 से 08:51 निशिता मुहूर्त – 23:55 से 00:41, सितम्बर 12 सर्वार्थ सिद्धि योग – 06:04 से 13:58 — अशुभ समय — राहुकाल – 13:51 से 15:24 यमगण्ड – 06:04 से 07:37 गुलिक काल – 09:11 से 10:44 विडाल योग – 13:58 से 06:05, सितम्बर 12 वर्ज्य – 10:18 से 11:46 ज्वालामुखी योग – 13:58 से 06:05, सितम्बर 12 दुर्मुहूर्त – 10:13 से 11:03 गण्ड मूल – 06:04 से 13:58 बाण – चोर – 22:42 तक — पंचक रहित — शुभ मुहूर्त – 06:04 से 06:33 रज पञ्चक – 06:33 से 08:49 शुभ मुहूर्त – 08:49 से 11:09 चोर पञ्चक – 11:09 से 12:45 शुभ मुहूर्त – 12:45 से 13:27 रोग पञ्चक – 13:27 से 13:58 शुभ मुहूर्त – 13:58 से 15:31 मृत्यु पञ्चक – 15:31 से 17:13 अग्नि पञ्चक – 17:13 से 18:41 शुभ मुहूर्त – 18:41 से 20:06 मृत्यु पञ्चक – 20:06 से 21:41 अग्नि पञ्चक – 21:41 से 23:37 शुभ मुहूर्त – 23:37 से 01:51, सितम्बर 12 रज पञ्चक – 01:51, सितम्बर 12 से 04:12, सितम्बर 12 शुभ मुहूर्त – 04:12, सितम्बर 12 से 06:05, सितम्बर 12 — उदय लग्न — सिंह – 04:15 से 06:33 कन्या – 06:33 से 08:49 तुला – 08:49 से 11:09 वृश्चिक – 11:09 से 13:27 धनु – 13:27 से 15:31 मकर – 15:31 से 17:13 कुम्भ – 17:13 से 18:41 मीन – 18:41 से 20:06 मेष – 20:06 से 21:41 वृषभ – 21:41 से 23:37 मिथुन – 23:37 से 01:51, सितम्बर 12 कर्क – 01:51, सितम्बर 12 से 04:12, सितम्बर 12

आज का दैनिक पंचांग Panchang

दिनांक;-9 सितंबर 2025, मंगलवार,Tuesday — 🌄 सूर्योदय एवं चन्द्रोदय 🌄 — सूर्योदय – 06:03 चन्द्रोदय – 19:31 सूर्यास्त – 18:33 चन्द्रास्त – 07:28 — पञ्चाङ्ग — तिथि – द्वितीया – 18:28 तक योग – गण्ड – 23:59 तक वार – मंगलवार पक्ष – कृष्ण पक्ष नक्षत्र – उत्तर भाद्रपद – 18:07 तक करण – तैतिल – 07:51 तक — 🌙 चन्द्र मास एवं सम्वत 🌙 — शक सम्वत – 1947 विश्वावसु विक्रम सम्वत – 2082 कालयुक्त गुजराती सम्वत – 2081 नल चन्द्रमास – आश्विन – पूर्णिमान्त — राशि तथा नक्षत्र — चन्द्र राशि – मीन सूर्य राशि – सिंह सूर्य नक्षत्र – पूर्वाफाल्गुनी सूर्य नक्षत्र पद – पूर्वाफाल्गुनी – 05:32, सितम्बर 10 तक नक्षत्र पद – उत्तर भाद्रपद – 07:06 तक — ऋतु और अयन — द्रिक ऋतु – शरद वैदिक ऋतु – वर्षा द्रिक अयन – दक्षिणायण वैदिक अयन – दक्षिणायण दिनमान – 12 घण्टे 30 मिनट्स 11 सेकण्ड्स रात्रिमान – 11 घण्टे 30 मिनट्स 17 सेकण्ड्स मध्याह्न – 12:18 — अन्य कैलेंडर — कलियुग – 5126 वर्ष कलि अहर्गण – 1872462 दिन जूलियन दिनाङ्क – अगस्त 27, 2025 सीई राष्ट्रीय नागरिक दिनाङ्क – भाद्रपद 18, 1947 शक राष्ट्रीय निरयण दिनाङ्क – भाद्रपद 25, 1947 शक लाहिरी अयनांश – 24.222673 राटा डाई – 739503 जूलियन दिन – अगस्त 27, 2025 सीई संशोधित जूलियन दिन – 60927 दिन — शुभ समय — ब्रह्म मुहूर्त – 04:31 से 05:17प्रातः सन्ध्या – 04:54 से 06:03 अभिजित मुहूर्त – 11:53 से 12:43 विजय मुहूर्त – 14:23 से 15:13 गोधूलि मुहूर्त – 18:33 से 18:56 सायाह्न सन्ध्या – 18:33 से 19:42 अमृत काल – 13:42 से 15:10 निशिता मुहूर्त – 23:55 से 00:41, सितम्बर 10 सर्वार्थ सिद्धि योग – 06:03 से 18:07 — अशुभ समय — राहुकाल – 15:26 से 16:59 यमगण्ड – 09:11 से 10:44 गुलिक काल – 12:18 से 13:52 विडाल योग – 06:03 से 18:07 वर्ज्य – 05:05, सितम्बर 10 से 06:33, सितम्बर 10 दुर्मुहूर्त – 08:33 से 09:23 गण्ड मूल – 18:07 से 06:04, सितम्बर 10 बाण – रज – 21:18 तक भद्रा – 05:03, सितम्बर 10 से 06:04, सितम्बर 10 पञ्चक – पूरे दिन — पंचक रहित — चोर पञ्चक – 06:03 से 06:41 शुभ मुहूर्त – 06:41 से 08:57 रोग पञ्चक – 08:57 से 11:16 शुभ मुहूर्त – 11:16 से 13:35 मृत्यु पञ्चक – 13:35 से 15:39 अग्नि पञ्चक – 15:39 से 17:21 शुभ मुहूर्त – 17:21 से 18:07 रज पञ्चक – 18:07 से 18:28 शुभ मुहूर्त – 18:28 से 18:49 चोर पञ्चक – 18:49 से 20:14 रज पञ्चक – 20:14 से 21:49 शुभ मुहूर्त – 21:49 से 23:44 चोर पञ्चक – 23:44 से 01:59, सितम्बर 10 शुभ मुहूर्त – 01:59, सितम्बर 10 से 04:19, सितम्बर 10 रोग पञ्चक – 04:19, सितम्बर 10 से 06:04, सितम्बर 10 — उदय लग्न — सिंह – 04:23 से 06:41 कन्या – 06:41 से 08:57 तुला – 08:57 से 11:16 वृश्चिक – 11:16 से 13:35 धनु – 13:35 से 15:39 मकर – 15:39 से 17:21 कुम्भ – 17:21 से 18:49 मीन – 18:49 से 20:14 मेष – 20:14 से 21:49 वृषभ – 21:49 से 23:44 मिथुन – 23:44 से 01:59, सितम्बर 10 कर्क – 01:59, सितम्बर 10 से 04:19, सितम्बर 10

गुरुवार विशेष पंचांग

दिनांक – 20 फरवरी 2025 दिन – गुरुवार विक्रम संवत् – 2081 अयन – उत्तरायण ऋतु – बसन्त मास – फाल्गुन पक्ष – कृष्ण तिथि – सप्तमी प्रातः 09:58 तक तत्पश्चात अष्टमी नक्षत्र – विशाखा दोपहर 01:30 तक तत्पश्चात अनुराधा योग – ध्रुव प्रातः 11:34 तक, तत्पश्चात व्याघात राहु काल – दोपहर 02:20 से दोपहर 03:46 तक सूर्योदय – 07:12 सूर्यास्त – 06:34 दिशा शूल – दक्षिण दिशा में ब्राह्ममुहूर्त – प्रातः 05:28 से 06:18 तक अभिजीत मुहूर्त – दोपहर 12:30 से दोपहर 01:16 तक निशिता मुहूर्त – रात्रि 12:28 फरवरी 21 से रात्रि 01:18 फरवरी 21 तक व्रत पर्व विवरण – शबरी जयंती, कालाष्टमी, मासिक कृष्ण जन्माष्टमी, सर्वार्थसिद्धि योग (दोपहर 01:30 से प्रातः 07:08 फरवरी 21 तक) विशेष – अष्टमी को नारियल खाने से बुद्धि का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34) 🔹गुरुवार विशेष 🔹 🔸हर गुरुवार को तुलसी के पौधे में शुद्ध कच्चा दूध गाय का थोड़ा-सा ही डाले तो, उस घर में लक्ष्मी स्थायी होती है और गुरूवार को व्रत उपवास करके गुरु की पूजा करने वाले के मन में गुरु की भक्ति स्थायी हो जाती है । 🔸गुरुवार के दिन देवगुरु बृहस्पति के प्रतीक आम के पेड़ की निम्न प्रकार से पूजा करें 🔸एक लोटा जल लेकर उसमें चने की दाल, गुड़, कुमकुम, हल्दी व चावल डालकर निम्नलिखित मंत्र बोलते हुए आम के पेड़ की जड़ में चढ़ाएं ।*   *ॐ ऐं क्लीं बृहस्पतये नमः । फिर उपरोक्त मंत्र बोलते हुए आम के वृक्ष की पांच परिक्रमा करें और गुरुभक्ति, गुरुप्रीति बढ़े ऐसी प्रार्थना करें । थोड़ा सा गुड़ या बेसन की मिठाई चींटियों को डाल दें । 🔸गुरुवार को बाल कटवाने से लक्ष्मी और मान की हानि होती है । 🔸गुरुवार के दिन तेल मालिश हानि करती है । यदि निषिद्ध दिनों में मालिश करनी ही है तो ऋषियों ने उसकी भी व्यवस्था दी है । तेल में दूर्वा डाल के मालिश करें तो वह दोष चला जायेगा ।अपनी जन्म कुंडली के भाग्य स्थान को करें जागृत!

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