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आज का दैनिक पंचांग Daily Panchang 21 July 2025

— 🌄 सूर्योदय एवं चन्द्रोदय 🌄 — सूर्योदय – 05:36 चन्द्रोदय – 02:32, जुलाई 22 सूर्यास्त – 19:18 चन्द्रास्त – 16:21 — पञ्चाङ्ग — तिथि – एकादशी – 09:38 तक योग – वृद्धि – 18:39 तक वार – सोमवार पक्ष – कृष्ण पक्ष नक्षत्र – रोहिणी – 21:07 तक करण – बालव – 09:38 तक — 🌙 चन्द्र मास एवं सम्वत 🌙 — शक सम्वत – 1947 विश्वावसु विक्रम सम्वत – 2082 कालयुक्त गुजराती सम्वत – 2081 नल चन्द्रमास – श्रावण – पूर्णिमान्त — राशि तथा नक्षत्र — चन्द्र राशि – वृषभ सूर्य राशि – कर्क सूर्य नक्षत्र – पुष्य सूर्य नक्षत्र पद – पुष्य नक्षत्र पद – रोहिणी – 10:00 तक — ऋतु और अयन — द्रिक ऋतु – वर्षा वैदिक ऋतु – ग्रीष्मद्रिक अयन – दक्षिणायण वैदिक अयन – दक्षिणायण दिनमान – 13 घण्टे 42 मिनट्स 02 सेकण्ड्स रात्रिमान – 10 घण्टे 18 मिनट्स 29 सेकण्ड्स मध्याह्न – 12:27 — अन्य कैलेंडर — कलियुग – 5126 वर्ष कलि अहर्गण – 1872412 दिन जूलियन दिनाङ्क – जुलाई 8, 2025 सीई राष्ट्रीय नागरिक दिनाङ्क – आषाढ़ 30, 1947 शक राष्ट्रीय निरयण दिनाङ्क – श्रावण 06, 1947 शक लाहिरी अयनांश – 24.220759 राटा डाई – 739453 जूलियन दिन – जुलाई 8, 2025 सीई संशोधित जूलियन दिन – 60877 दिन — शुभ समय — ब्रह्म मुहूर्त – 04:14 से 04:55प्रातः सन्ध्या – 04:35 से 05:36 अभिजित मुहूर्त – 12:00 से 12:55 विजय मुहूर्त – 14:44 से 15:39 गोधूलि मुहूर्त – 19:17 से 19:38 सायाह्न सन्ध्या – 19:18 से 20:20 अमृत काल – 18:09 से 19:38 निशिता मुहूर्त – 00:07, जुलाई 22 से 00:48, जुलाई 22 सर्वार्थ सिद्धि योग – पूरे दिन अमृत सिद्धि योग – 21:07 से 05:37, जुलाई 22 — अशुभ समय — राहुकाल – 07:19 से 09:02 यमगण्ड – 10:45 से 12:27 गुलिक काल – 14:10 से 15:53 दुर्मुहूर्त – 12:55 से 13:50 वर्ज्य – 13:42 से 15:11 बाण – रज – 23:23 तक — पंचक रहित — शुभ मुहूर्त – 05:36 से 07:40 मृत्यु पञ्चक – 07:40 से 09:38 अग्नि पञ्चक – 09:38 से 09:57 शुभ मुहूर्त – 09:57 से 12:14 रज पञ्चक – 12:14 से 14:33 शुभ मुहूर्त – 14:33 से 16:52 चोर पञ्चक – 16:52 से 18:56 शुभ मुहूर्त – 18:56 से 20:38 रोग पञ्चक – 20:38 से 21:07 शुभ मुहूर्त – 21:07 से 22:05 मृत्यु पञ्चक – 22:05 से 23:30 रोग पञ्चक – 23:30 से 01:05, जुलाई 22 शुभ मुहूर्त – 01:05, जुलाई 22 से 03:01, जुलाई 22 मृत्यु पञ्चक – 03:01, जुलाई 22 से 05:16, जुलाई 22 अग्नि पञ्चक – 05:16, जुलाई 22 से 05:37, जुलाई 22 — उदय लग्न — कर्क – 05:20 से 07:40 सिंह – 07:40 से 09:57 कन्या – 09:57 से 12:14 तुला – 12:14 से 14:33 वृश्चिक – 14:33 से 16:52 धनु – 16:52 से 18:56 मकर – 18:56 से 20:38 कुम्भ – 20:38 से 22:05 मीन – 22:05 से 23:30 मेष – 23:30 से 01:05, जुलाई 22 वृषभ – 01:05, जुलाई 22 से 03:01, जुलाई 22 मिथुन – 03:01, जुलाई 22 से 05:16, जुलाई 22

आज का दैनिक पंचांग Panchang (20 July 2025,Sunday)

— 🌄 सूर्योदय एवं चन्द्रोदय 🌄 — सूर्योदय – 05:36 चन्द्रोदय – 01:35, जुलाई 21 सूर्यास्त – 19:19 चन्द्रास्त – 15:11 — पञ्चाङ्ग — तिथि – दशमी – 12:12 तक योग – गण्ड – 21:48 तक वार – रविवार पक्ष – कृष्ण पक्ष नक्षत्र – कृत्तिका – 22:53 तक करण – विष्टि – 12:12 तक — 🌙 चन्द्र मास एवं सम्वत 🌙 — शक सम्वत – 1947 विश्वावसु विक्रम सम्वत – 2082 कालयुक्त गुजराती सम्वत – 2081 नल चन्द्रमास – श्रावण – पूर्णिमान्त — राशि तथा नक्षत्र — चन्द्र राशि – मेष – 06:12 तक सूर्य राशि – कर्क सूर्य नक्षत्र – पुष्य सूर्य नक्षत्र पद – पुष्य नक्षत्र पद – कृत्तिका – 06:12 तक — ऋतु और अयन — द्रिक ऋतु – वर्षा वैदिक ऋतु – ग्रीष्मद्रिक अयन – दक्षिणायण वैदिक अयन – दक्षिणायण दिनमान – 13 घण्टे 43 मिनट्स 02 सेकण्ड्स रात्रिमान – 10 घण्टे 17 मिनट्स 29 सेकण्ड्स मध्याह्न – 12:27 — अन्य कैलेंडर — कलियुग – 5126 वर्ष कलि अहर्गण – 1872411 दिन जूलियन दिनाङ्क – जुलाई 7, 2025 सीई राष्ट्रीय नागरिक दिनाङ्क – आषाढ़ 29, 1947 शक राष्ट्रीय निरयण दिनाङ्क – श्रावण 05, 1947 शक लाहिरी अयनांश – 24.220721 राटा डाई – 739452 जूलियन दिन – जुलाई 7, 2025 सीई संशोधित जूलियन दिन – 60876 दिन — शुभ समय — ब्रह्म मुहूर्त – 04:14 से 04:55प्रातः सन्ध्या – 04:34 से 05:36 अभिजित मुहूर्त – 12:00 से 12:55 विजय मुहूर्त – 14:45 से 15:39 गोधूलि मुहूर्त – 19:18 से 19:38 सायाह्न सन्ध्या – 19:19 से 20:21 अमृत काल – 20:39 से 22:08 निशिता मुहूर्त – 00:07, जुलाई 21 से 00:48, जुलाई 21 — अशुभ समय — राहुकाल – 17:36 से 19:1 9यमगण्ड – 12:27 से 14:10 गुलिक काल – 15:53 से 17:36 विडाल योग – 05:36 से 22:53 वर्ज्य – 11:45 से 13:14 दुर्मुहूर्त – 17:29 से 18:24 बाण – रज – 22:15 से पूर्ण रात्रि तक भद्रा – 05:36 से 12:12 — पंचक रहित — चोर पञ्चक – 05:36 से 07:44 शुभ मुहूर्त – 07:44 से 10:01 रोग पञ्चक – 10:01 से 12:12 शुभ मुहूर्त – 12:12 से 12:17 मृत्यु पञ्चक – 12:17 से 14:37 अग्नि पञ्चक – 14:37 से 16:56 शुभ मुहूर्त – 16:56 से 18:59 रज पञ्चक – 18:59 से 20:42 शुभ मुहूर्त – 20:42 से 22:09 चोर पञ्चक – 22:09 से 22:53 शुभ मुहूर्त – 22:53 से 23:34 शुभ मुहूर्त – 23:34 से 01:09, जुलाई 21 चोर पञ्चक – 01:09, जुलाई 21 से 03:05, जुलाई 21 शुभ मुहूर्त – 03:05, जुलाई 21 से 05:20, जुलाई 21 रोग पञ्चक – 05:20, जुलाई 21 से 05:36, जुलाई 21 — उदय लग्न — कर्क – 05:24 से 07:44 सिंह – 07:44 से 10:01 कन्या – 10:01 से 12:17 तुला – 12:17 से 14:37 वृश्चिक – 14:37 से 16:56 धनु – 16:56 से 18:59 मकर – 18:59 से 20:42 कुम्भ – 20:42 से 22:09 मीन – 22:09 से 23:34 मेष – 23:34 से 01:09, जुलाई 21 वृषभ – 01:09, जुलाई 21 से 03:05, जुलाई 21 मिथुन – 03:05, जुलाई 21 से 05:20, जुलाई 21

आज का दैनिक पंचांग Panchang

— 🌄 सूर्योदय एवं चन्द्रोदय 🌄 — सूर्योदय – 05:35 चन्द्रोदय – 00:47, जुलाई 20 सूर्यास्त – 19:19 चन्द्रास्त – 14:01 — पञ्चाङ्ग — तिथि – नवमी – 14:41 तक योग – शूल – 00:55, जुलाई 20 तक वार – शनिवार पक्ष – कृष्ण पक्ष नक्षत्र – भरणी – 00:37, जुलाई 20 तक करण – गर – 14:41 तक — 🌙 चन्द्र मास एवं सम्वत 🌙 — शक सम्वत – 1947 विश्वावसु विक्रम सम्वत – 2082 कालयुक्त गुजराती सम्वत – 2081 नल चन्द्रमास – श्रावण – पूर्णिमान्त — राशि तथा नक्षत्र — चन्द्र राशि – मेष सूर्य राशि – कर्क सूर्य नक्षत्र – पुनर्वसु – 05:30, जुलाई 20 तक सूर्य नक्षत्र पद – पुनर्वसु – 05:30, जुलाई 20 तक नक्षत्र पद – भरणी – 07:50 तक — ऋतु और अयन — द्रिक ऋतु – वर्षा वैदिक ऋतु – ग्रीष्मद्रिक अयन – दक्षिणायण वैदिक अयन – दक्षिणायण दिनमान – 13 घण्टे 44 मिनट्स 00 सेकण्ड्स रात्रिमान – 10 घण्टे 16 मिनट्स 31 सेकण्ड्स मध्याह्न – 12:27 — अन्य कैलेंडर — कलियुग – 5126 वर्ष कलि अहर्गण – 1872410 दिन जूलियन दिनाङ्क – जुलाई 6, 2025 सीई राष्ट्रीय नागरिक दिनाङ्क – आषाढ़ 28, 1947 शक राष्ट्रीय निरयण दिनाङ्क – श्रावण 04, 1947 शक लाहिरी अयनांश – 24.220683 राटा डाई – 739451 जूलियन दिन – जुलाई 6, 2025 सीई संशोधित जूलियन दिन – 60875 दिन — शुभ समय — ब्रह्म मुहूर्त – 04:13 से 04:54प्रातः सन्ध्या – 04:34 से 05:35 अभिजित मुहूर्त – 12:00 से 12:55 विजय मुहूर्त – 14:45 से 15:40 गोधूलि मुहूर्त – 19:18 से 19:39 सायाह्न सन्ध्या – 19:19 से 20:21 अमृत काल – 20:08 से 21:38 निशिता मुहूर्त – 00:07, जुलाई 20 से 00:48, जुलाई 20 — अशुभ समय — राहुकाल – 09:01 से 10:44 यमगण्ड – 14:10 से 15:53 गुलिक काल – 05:35 से 07:18 विडाल योग – 05:35 से 00:37, जुलाई 20 वर्ज्य – 11:11 से 12:40 बाण – अग्नि – 21:07 तक दुर्मुहूर्त – 05:35 से 06:30 भद्रा – 01:28, जुलाई 20 से 05:36, जुलाई 20 — पंचक रहित — मृत्यु पञ्चक – 05:35 से 07:48 अग्नि पञ्चक – 07:48 से 10:05 शुभ मुहूर्त – 10:05 से 12:21 रज पञ्चक – 12:21 से 14:41 शुभ मुहूर्त – 14:41 से 14:41 चोर पञ्चक – 14:41 से 16:59 शुभ मुहूर्त – 16:59 से 19:03 रोग पञ्चक – 19:03 से 20:46 शुभ मुहूर्त – 20:46 से 22:13 मृत्यु पञ्चक – 22:13 से 23:38 रोग पञ्चक – 23:38 से 00:37, जुलाई 20 शुभ मुहूर्त – 00:37, जुलाई 20 से 01:13, जुलाई 20 मृत्यु पञ्चक – 01:13, जुलाई 20 से 03:09, जुलाई 20 अग्नि पञ्चक – 03:09, जुलाई 20 से 05:24, जुलाई 20 शुभ मुहूर्त – 05:24, जुलाई 20 से 05:36, जुलाई 20 — उदय लग्न — कर्क – 05:27 से 07:48 सिंह – 07:48 से 10:05 कन्या – 10:05 से 12:21 तुला – 12:21 से 14:41 वृश्चिक – 14:41 से 16:59 धनु – 16:59 से 19:03 मकर – 19:03 से 20:46 कुम्भ – 20:46 से 22:13 मीन – 22:13 से 23:38 मेष – 23:38 से 01:13, जुलाई 20 वृषभ – 01:13, जुलाई 20 से 03:09, जुलाई 20 मिथुन – 03:09, जुलाई 20 से 05:24, जुलाई 20

आज का पंचांग Panchang

— 🌄 सूर्योदय एवं चन्द्रोदय 🌄 — सूर्योदय – 05:35 चन्द्रोदय – 00:06, जुलाई 19 सूर्यास्त – 19:20 चन्द्रास्त – 12:54 — पञ्चाङ्ग — तिथि – अष्टमी – 17:01 तक योग – सुकर्मा – 06:48 तक वार – शुक्रवार पक्ष – कृष्ण पक्ष नक्षत्र – अश्विनी – 02:14, जुलाई 19 तक करण – बालव – 06:07 तक — 🌙 चन्द्र मास एवं सम्वत 🌙 — शक सम्वत – 1947 विश्वावसु विक्रम सम्वत – 2082 कालयुक्त गुजराती सम्वत – 2081 नल चन्द्रमास – श्रावण – पूर्णिमान्त — राशि तथा नक्षत्र — चन्द्र राशि – मेष सूर्य राशि – कर्क सूर्य नक्षत्र – पुनर्वसु सूर्य नक्षत्र पद – पुनर्वसु नक्षत्र पद – अश्विनी – 09:19 तक — ऋतु और अयन — द्रिक ऋतु – वर्षा वैदिक ऋतु – ग्रीष्म द्रिक अयन – दक्षिणायण वैदिक अयन – दक्षिणायण दिनमान – 13 घण्टे 44 मिनट्स 57 सेकण्ड्स रात्रिमान – 10 घण्टे 15 मिनट्स 34 सेकण्ड्स मध्याह्न – 12:27 — अन्य कैलेंडर — कलियुग – 5126 वर्ष कलि अहर्गण – 1872409 दिन जूलियन दिनाङ्क – जुलाई 5, 2025 सीई राष्ट्रीय नागरिक दिनाङ्क – आषाढ़ 27, 1947 शक राष्ट्रीय निरयण दिनाङ्क – श्रावण 03, 1947 शक लाहिरी अयनांश – 24.220645 राटा डाई – 739450 जूलियन दिन – जुलाई 5, 2025 सीई संशोधित जूलियन दिन – 60874 दिन — शुभ समय — ब्रह्म मुहूर्त – 04:13 से 04:54प्रातः सन्ध्या – 04:33 से 05:35 अभिजित मुहूर्त – 12:00 से 12:55 विजय मुहूर्त – 14:45 से 15:40 गोधूलि मुहूर्त – 19:18 से 19:39 सायाह्न सन्ध्या – 19:20 से 20:21 अमृत काल – 19:27 से 20:57 निशिता मुहूर्त – 00:07, जुलाई 19 से 00:48, जुलाई 19 सर्वार्थ सिद्धि योग – 05:35 से 02:14, जुलाई 19 — अशुभ समय — राहुकाल – 10:44 से 12:27 यमगण्ड – 15:53 से 17:37 आडल योग – 05:35 से 02:14, जुलाई 19 विडाल योग – 02:14, जुलाई 19 से 05:35, जुलाई 19 गुलिक काल – 07:18 से 09:01 दुर्मुहूर्त – 08:20 से 09:15 वर्ज्य – 22:28 से 23:58 गण्ड मूल – 05:35 से 02:14, जुलाई 19 बाण – मृत्यु – 19:58 तक — पंचक रहित — शुभ मुहूर्त – 05:35 से 07:52 रोग पञ्चक – 07:52 से 10:09 शुभ मुहूर्त – 10:09 से 12:25 मृत्यु पञ्चक – 12:25 से 14:45 अग्नि पञ्चक – 14:45 से 17:01 शुभ मुहूर्त – 17:01 से 17:03 रज पञ्चक – 17:03 से 19:07 शुभ मुहूर्त – 19:07 से 20:50 चोर पञ्चक – 20:50 से 22:17 शुभ मुहूर्त – 22:17 से 23:42 शुभ मुहूर्त – 23:42 से 01:17, जुलाई 19 चोर पञ्चक – 01:17, जुलाई 19 से 02:14, जुलाई 19 शुभ मुहूर्त – 02:14, जुलाई 19 से 03:13, जुलाई 19 रोग पञ्चक – 03:13, जुलाई 19 से 05:27, जुलाई 19 शुभ मुहूर्त – 05:27, जुलाई 19 से 05:35, जुलाई 19 — उदय लग्न — कर्क – 05:31 से 07:52 सिंह – 07:52 से 10:09 कन्या – 10:09 से 12:25 तुला – 12:25 से 14:45 वृश्चिक – 14:45 से 17:03 धनु – 17:03 से 19:07 मकर – 19:07 से 20:50 कुम्भ – 20:50 से 22:17 मीन – 22:17 से 23:42 मेष – 23:42 से 01:17, जुलाई 19 वृषभ – 01:17, जुलाई 19 से 03:13, जुलाई 19 मिथुन – 03:13, जुलाई 19 से 05:27, जुलाई 19

आज का पंचांग Panchang (17 July 2025,Thursday)

— 🌄 सूर्योदय एवं चन्द्रोदय 🌄 — सूर्योदय – 05:34 चन्द्रोदय – 23:30 सूर्यास्त – 19:20 चन्द्रास्त – 11:49 — पञ्चाङ्ग — तिथि – सप्तमी – 19:08 तक योग – अतिगण्ड – 09:29 तक वार – गुरुवार पक्ष – कृष्ण पक्ष नक्षत्र – रेवती – 03:39, जुलाई 18 तक करण – विष्टि – 08:07 तक — 🌙 चन्द्र मास एवं सम्वत 🌙 — शक सम्वत – 1947 विश्वावसु विक्रम सम्वत – 2082 कालयुक्त गुजराती सम्वत – 2081 नल चन्द्रमास – श्रावण – पूर्णिमान्त — राशि तथा नक्षत्र — चन्द्र राशि – मीन – 03:39, जुलाई 18 तक सूर्य राशि – कर्क सूर्य नक्षत्र – पुनर्वसु सूर्य नक्षत्र पद – पुनर्वसु नक्षत्र पद – रेवती – 10:34 तक — ऋतु और अयन — द्रिक ऋतु – वर्षा वैदिक ऋतु – ग्रीष्मद्रिक अयन – दक्षिणायण वैदिक अयन – दक्षिणायण दिनमान – 13 घण्टे 45 मिनट्स 52 सेकण्ड्स रात्रिमान – 10 घण्टे 14 मिनट्स 39 सेकण्ड्स मध्याह्न – 12:27 — अन्य कैलेंडर — कलियुग – 5126 वर्ष कलि अहर्गण – 1872408 दिन जूलियन दिनाङ्क – जुलाई 4, 2025 सीई राष्ट्रीय नागरिक दिनाङ्क – आषाढ़ 26, 1947 शक राष्ट्रीय निरयण दिनाङ्क – श्रावण 02, 1947 शक लाहिरी अयनांश – 24.220606राटा डाई – 739449 जूलियन दिन – जुलाई 4, 2025 सीई संशोधित जूलियन दिन – 60873 दिन — शुभ समय — ब्रह्म मुहूर्त – 04:12 से 04:53प्रातः सन्ध्या – 04:33 से 05:34 अभिजित मुहूर्त – 12:00 से 12:55 विजय मुहूर्त – 14:45 से 15:40 गोधूलि मुहूर्त – 19:19 से 19:39 सायाह्न सन्ध्या – 19:20 से 20:22 अमृत काल – 01:22, जुलाई 18 से 02:53, जुलाई 18 निशिता मुहूर्त – 00:07, जुलाई 18 से 00:48, जुलाई 18 सर्वार्थ सिद्धि योग – पूरे दिन — अशुभ समय — राहुकाल – 14:10 से 15:54 यमगण्ड – 05:34 से 07:17 आडल योग – 03:39, जुलाई 18 से 05:35, जुलाई 18 दुर्मुहूर्त – 10:10 से 11:05 गुलिक काल – 09:01 से 10:44 वर्ज्य – 16:14 से 17:46 भद्रा – 05:34 से 08:07 गण्ड मूल – पूरे दिन पञ्चक – 05:34 से 03:39, जुलाई 18 बाण – मृत्यु – 18:49 से पूर्ण रात्रि तक — पंचक रहित — शुभ मुहूर्त – 05:34 से 05:35 रज पञ्चक – 05:35 से 07:56 शुभ मुहूर्त – 07:56 से 10:13 चोर पञ्चक – 10:13 से 12:29 शुभ मुहूर्त – 12:29 से 14:49 रोग पञ्चक – 14:49 से 17:07 शुभ मुहूर्त – 17:07 से 19:08 मृत्यु पञ्चक – 19:08 से 19:11 अग्नि पञ्चक – 19:11 से 20:54 शुभ मुहूर्त – 20:54 से 22:21 रज पञ्चक – 22:21 से 23:46 अग्नि पञ्चक – 23:46 से 01:21, जुलाई 18 शुभ मुहूर्त – 01:21, जुलाई 18 से 03:17, जुलाई 18 रज पञ्चक – 03:17, जुलाई 18 से 03:39, जुलाई 18 शुभ मुहूर्त – 03:39, जुलाई 18 से 05:35, जुलाई 18 — उदय लग्न — मिथुन – 03:21 से 05:35 कर्क – 05:35 से 07:56 सिंह – 07:56 से 10:13 कन्या – 10:13 से 12:29 तुला – 12:29 से 14:49 वृश्चिक – 14:49 से 17:07 धनु – 17:07 से 19:11 मकर – 19:11 से 20:54 कुम्भ – 20:54 से 22:21 मीन – 22:21 से 23:46 मेष – 23:46 से 01:21, जुलाई 18 वृषभ – 01:21, जुलाई 18 से 03:17, जुलाई 18

आज का पंचांग Panchang

— 🌄 सूर्योदय एवं चन्द्रोदय 🌄 — सूर्योदय – 05:33 चन्द्रोदय – 21:55 सूर्यास्त – 19:21 चन्द्रास्त – 08:43 — पञ्चाङ्ग — तिथि – चतुर्थी – 23:59 तक योग – आयुष्मान् – 16:14 तक वार – सोमवार पक्ष – कृष्ण पक्ष नक्षत्र – धनिष्ठा – 06:49 तक करण – बव – 12:33 तक — 🌙 चन्द्र मास एवं सम्वत 🌙 — शक सम्वत – 1947 विश्वावसु विक्रम सम्वत – 2082 कालयुक्त गुजराती सम्वत – 2081 नल चन्द्रमास – श्रावण – पूर्णिमान्त — राशि तथा नक्षत्र — चन्द्र राशि – कुम्भ सूर्य राशि – मिथुन सूर्य नक्षत्र – पुनर्वसु सूर्य नक्षत्र पद – पुनर्वसु नक्षत्र पद – धनिष्ठा – 06:49 तक — ऋतु और अयन — द्रिक ऋतु – वर्षा वैदिक ऋतु – ग्रीष्मद्रिक अयन – दक्षिणायण वैदिक अयन – उत्तरायण दिनमान – 13 घण्टे 48 मिनट्स 26 सेकण्ड्स रात्रिमान – 10 घण्टे 12 मिनट्स 04 सेकण्ड्स मध्याह्न – 12:27 — अन्य कैलेंडर — कलियुग – 5126 वर्ष कलि अहर्गण – 1872405 दिन जूलियन दिनाङ्क – जुलाई 1, 2025 सीई राष्ट्रीय नागरिक दिनाङ्क – आषाढ़ 23, 1947 शक राष्ट्रीय निरयण दिनाङ्क – आषाढ़ 30, 1947 शक लाहिरी अयनांश – 24.220492राटा डाई – 739446 जूलियन दिन – जुलाई 1, 2025 सीई संशोधित जूलियन दिन – 60870 दिन — शुभ समय — ब्रह्म मुहूर्त – 04:11 से 04:52प्रातः सन्ध्या – 04:32 से 05:33 अभिजित मुहूर्त – 11:59 से 12:55 विजय मुहूर्त – 14:45 से 15:40 गोधूलि मुहूर्त – 19:20 से 19:40 सायाह्न सन्ध्या – 19:21 से 20:22 अमृत काल – 23:21 से 00:55, जुलाई 15 निशिता मुहूर्त – 00:07, जुलाई 15 से 00:48, जुलाई 15 — अशुभ समय — राहुकाल – 07:16 से 09:00 यमगण्ड – 10:43 से 12:27 गुलिक काल – 14:10 से 15:54 दुर्मुहूर्त – 12:55 से 13:50 वर्ज्य – 13:54 से 15:28 बाण – मृत्यु – 15:20 से पूर्ण रात्रि तक पञ्चक – पूरे दिन — पंचक रहित — अग्नि पञ्चक – 05:33 से 05:47 शुभ मुहूर्त – 05:47 से 06:49 रज पञ्चक – 06:49 से 08:07 शुभ मुहूर्त – 08:07 से 10:25 चोर पञ्चक – 10:25 से 12:41 शुभ मुहूर्त – 12:41 से 15:01 रोग पञ्चक – 15:01 से 17:19 शुभ मुहूर्त – 17:19 से 19:23 मृत्यु पञ्चक – 19:23 से 21:05 अग्नि पञ्चक – 21:05 से 22:33 शुभ मुहूर्त – 22:33 से 23:58 मृत्यु पञ्चक – 23:58 से 23:59 अग्नि पञ्चक – 23:59 से 01:33, जुलाई 15 शुभ मुहूर्त – 01:33, जुलाई 15 से 03:29, जुलाई 15 रज पञ्चक – 03:29, जुलाई 15 से 05:33, जुलाई 15 — उदय लग्न — मिथुन – 03:33 से 05:47 कर्क – 05:47 से 08:07 सिंह – 08:07 से 10:25 कन्या – 10:25 से 12:41 तुला – 12:41 से 15:01 वृश्चिक – 15:01 से 17:19 धनु – 17:19 से 19:23 मकर – 19:23 से 21:05 कुम्भ – 21:05 से 22:33 मीन – 22:33 से 23:58 मेष – 23:58 से 01:33, जुलाई 15 वृषभ – 01:33, जुलाई 15 से 03:29, जुलाई 15

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— 🌄 सूर्योदय एवं चन्द्रोदय 🌄 — सूर्योदय – 05:31 चन्द्रोदय – 20:05 सूर्यास्त – 19:22 चन्द्रास्त – 05:35 — पञ्चाङ्ग — तिथि – प्रतिपदा – 02:08, जुलाई 12 तक योग – वैधृति – 20:45 तक वार – शुक्रवार पक्ष – कृष्ण पक्ष नक्षत्र – पूर्वाषाढा – 05:56 तक करण – बालव – 14:10 तक — 🌙 चन्द्र मास एवं सम्वत 🌙 — शक सम्वत – 1947 विश्वावसु विक्रम सम्वत – 2082 कालयुक्त गुजराती सम्वत – 2081 नल चन्द्रमास – श्रावण – पूर्णिमान्त — राशि तथा नक्षत्र — चन्द्र राशि – धनु – 12:08 तक सूर्य राशि – मिथुन सूर्य नक्षत्र – पुनर्वसु सूर्य नक्षत्र पद – पुनर्वसु नक्षत्र पद – पूर्वाषाढा – 05:56 तक — ऋतु और अयन — द्रिक ऋतु – वर्षा वैदिक ऋतु – ग्रीष्मद्रिक अयन – दक्षिणायण वैदिक अयन – उत्तरायण दिनमान – 13 घण्टे 50 मिनट्स 44 सेकण्ड्स रात्रिमान – 10 घण्टे 09 मिनट्स 44 सेकण्ड्स मध्याह्न – 12:27 — अन्य कैलेंडर — कलियुग – 5126 वर्ष कलि अहर्गण – 1872402 दिन जूलियन दिनाङ्क – जून 28, 2025 सीई राष्ट्रीय नागरिक दिनाङ्क – आषाढ़ 20, 1947 शक राष्ट्रीय निरयण दिनाङ्क – आषाढ़ 27, 1947 शक लाहिरी अयनांश – 24.220377राटा डाई – 739443 जूलियन दिन – जून 28, 2025 सीई संशोधित जूलियन दिन – 60867 दिन — शुभ समय — ब्रह्म मुहूर्त – 04:10 से 04:51प्रातः सन्ध्या – 04:30 से 05:31 अभिजित मुहूर्त – 11:59 से 12:54 विजय मुहूर्त – 14:45 से 15:40 गोधूलि मुहूर्त – 19:21 से 19:41 सायाह्न सन्ध्या – 19:22 से 20:23 अमृत काल – 00:01, जुलाई 12 से 01:40, जुलाई 12 निशिता मुहूर्त – 00:06, जुलाई 12 से 00:47, जुलाई 12 — अशुभ समय — राहुकाल – 10:43 से 12:27 यमगण्ड – 15:54 से 17:38 आडल योग – 05:31 से 05:56 दुर्मुहूर्त – 08:17 से 09:13 गुलिक काल – 07:15 से 08:59 वर्ज्य – 14:09 से 15:48 बाण – चोर – 11:49 तक — पंचक रहित — शुभ मुहूर्त – 05:31 से 05:56 मृत्यु पञ्चक – 05:56 से 05:59 अग्नि पञ्चक – 05:59 से 08:19 शुभ मुहूर्त – 08:19 से 10:37 रज पञ्चक – 10:37 से 12:53 शुभ मुहूर्त – 12:53 से 15:12 चोर पञ्चक – 15:12 से 17:31 शुभ मुहूर्त – 17:31 से 19:35 रोग पञ्चक – 19:35 से 21:17 शुभ मुहूर्त – 21:17 से 22:45 मृत्यु पञ्चक – 22:45 से 00:10, जुलाई 12 रोग पञ्चक – 00:10, जुलाई 12 से 01:45, जुलाई 12 शुभ मुहूर्त – 01:45, जुलाई 12 से 02:08, जुलाई 12 मृत्यु पञ्चक – 02:08, जुलाई 12 से 03:40, जुलाई 12 अग्नि पञ्चक – 03:40, जुलाई 12 से 05:32, जुलाई 12 — उदय लग्न — मिथुन – 03:44 से 05:59 कर्क – 05:59 से 08:19 सिंह – 08:19 से 10:37 कन्या – 10:37 से 12:53 तुला – 12:53 से 15:12 वृश्चिक – 15:12 से 17:31 धनु – 17:31 से 19:35 मकर – 19:35 से 21:17 कुम्भ – 21:17 से 22:45 मीन – 22:45 से 00:10, जुलाई 12 मेष – 00:10, जुलाई 12 से 01:45, जुलाई 12 वृषभ – 01:45, जुलाई 12 से 03:40, जुलाई 12

आज का पंचांग Daily Panchang

— 🌄 सूर्योदय एवं चन्द्रोदय 🌄 — सूर्योदय – 05:31 चन्द्रोदय – 19:20 सूर्यास्त – 19:22 चन्द्रास्त – चन्द्रास्त नहीं — पञ्चाङ्ग — तिथि – पूर्णिमा – 02:06, जुलाई 11 तक योग – इन्द्र – 21:38 तक वार – गुरुवार पक्ष – शुक्ल पक्ष नक्षत्र – पूर्वाषाढा – पूर्ण रात्रि तक करण – विष्टि – 13:55 तक — 🌙 चन्द्र मास एवं सम्वत 🌙 — शक सम्वत – 1947 विश्वावसु विक्रम सम्वत – 2082 कालयुक्त गुजराती सम्वत – 2081 नल चन्द्रमास – आषाढ़ – पूर्णिमान्त — राशि तथा नक्षत्र — चन्द्र राशि – धनु सूर्य राशि – मिथुन सूर्य नक्षत्र – पुनर्वसु सूर्य नक्षत्र पद – पुनर्वसु नक्षत्र पद – पूर्वाषाढा – 11:09 तक — ऋतु और अयन — द्रिक ऋतु – वर्षा वैदिक ऋतु – ग्रीष्मद्रिक अयन – दक्षिणायण वैदिक अयन – उत्तरायण दिनमान – 13 घण्टे 51 मिनट्स 26 सेकण्ड्स रात्रिमान – 10 घण्टे 09 मिनट्स 02 सेकण्ड्स मध्याह्न – 12:26 — अन्य कैलेंडर — कलियुग – 5126 वर्ष कलि अहर्गण – 1872401 दिन जूलियन दिनाङ्क – जून 27, 2025 सीई राष्ट्रीय नागरिक दिनाङ्क – आषाढ़ 19, 1947 शक राष्ट्रीय निरयण दिनाङ्क – आषाढ़ 26, 1947 शक लाहिरी अयनांश – 24.220338 राटा डाई – 739442 जूलियन दिन – जून 27, 2025 सीई संशोधित जूलियन दिन – 60866 दिन — शुभ समय — ब्रह्म मुहूर्त – 04:10 से 04:50प्रातः सन्ध्या – 04:30 से 05:31 अभिजित मुहूर्त – 11:59 से 12:54 विजय मुहूर्त – 14:45 से 15:40 गोधूलि मुहूर्त – 19:21 से 19:41 सायाह्न सन्ध्या – 19:22 से 20:23 अमृत काल – 00:55, जुलाई 11 से 02:35, जुलाई 11 निशिता मुहूर्त – 00:06, जुलाई 11 से 00:47, जुलाई 11 — अशुभ समय — राहुकाल – 14:10 से 15:54 यमगण्ड – 05:31 से 07:15 आडल योग – पूरे दिन दुर्मुहूर्त – 10:08 से 11:03 गुलिक काल – 08:59 से 10:43 वर्ज्य – 14:52 से 16:33 भद्रा – 05:31 से 13:55 बाण – चोर – 10:38 से पूर्ण रात्रि तक — पंचक रहित — शुभ मुहूर्त – 05:31 से 06:03रोग पञ्चक – 06:03 से 08:23 शुभ मुहूर्त – 08:23 से 10:40 मृत्यु पञ्चक – 10:40 से 12:57 अग्नि पञ्चक – 12:57 से 15:16 शुभ मुहूर्त – 15:16 से 17:35 रज पञ्चक – 17:35 से 19:39 शुभ मुहूर्त – 19:39 से 21:21 चोर पञ्चक – 21:21 से 22:49 शुभ मुहूर्त – 22:49 से 00:13, जुलाई 11 शुभ मुहूर्त – 00:13, जुलाई 11 से 01:49, जुलाई 11 चोर पञ्चक – 01:49, जुलाई 11 से 02:06, जुलाई 11 शुभ मुहूर्त – 02:06, जुलाई 11 से 03:44, जुलाई 11रोग पञ्चक – 03:44, जुलाई 11 से 05:31, जुलाई 11 — उदय लग्न — मिथुन – 03:48 से 06:03 कर्क – 06:03 से 08:23 सिंह – 08:23 से 10:40 कन्या – 10:40 से 12:57 तुला – 12:57 से 15:16 वृश्चिक – 15:16 से 17:35 धनु – 17:35 से 19:39 मकर – 19:39 से 21:21 कुम्भ – 21:21 से 22:49 मीन – 22:49 से 00:13, जुलाई 11 मेष – 00:13, जुलाई 11 से 01:49, जुलाई 11 वृषभ – 01:49, जुलाई 11 से 03:44, जुलाई 11

आज का पंचांग Panchang

— 🌄 सूर्योदय एवं चन्द्रोदय 🌄 — सूर्योदय – 05:30 चन्द्रोदय – 18:28 सूर्यास्त – 19:22 चन्द्रास्त – 04:34, जुलाई 10 — पञ्चाङ्ग — तिथि – चतुर्दशी – 01:36, जुलाई 10 तक योग – ब्रह्म – 22:09 तक वार – बुधवार पक्ष – शुक्ल पक्ष नक्षत्र – मूल – 04:50, जुलाई 10 तक करण – गर – 13:11 तक — 🌙 चन्द्र मास एवं सम्वत 🌙 — शक सम्वत – 1947 विश्वावसु विक्रम सम्वत – 2082 कालयुक्त गुजराती सम्वत – 2081 नल चन्द्रमास – आषाढ़ – पूर्णिमान्त — राशि तथा नक्षत्र — चन्द्र राशि – धनु सूर्य राशि – मिथुन सूर्य नक्षत्र – पुनर्वसु सूर्य नक्षत्र पद – पुनर्वसु – 17:51 तक नक्षत्र पद – मूल – 09:41 तक — ऋतु और अयन — द्रिक ऋतु – वर्षा वैदिक ऋतु – ग्रीष्म द्रिक अयन – दक्षिणायण वैदिक अयन – उत्तरायण दिनमान – 13 घण्टे 52 मिनट्स 06 सेकण्ड्स रात्रिमान – 10 घण्टे 08 मिनट्स 21 सेकण्ड्स मध्याह्न – 12:26 — अन्य कैलेंडर — कलियुग – 5126 वर्ष कलि अहर्गण – 1872400 दिन जूलियन दिनाङ्क – जून 26, 2025 सीई राष्ट्रीय नागरिक दिनाङ्क – आषाढ़ 18, 1947 शक राष्ट्रीय निरयण दिनाङ्क – आषाढ़ 25, 1947 शक लाहिरी अयनांश – 24.220300 राटा डाई – 739441 जूलियन दिन – जून 26, 2025 सीई संशोधित जूलियन दिन – 60865 दिन — शुभ समय — ब्रह्म मुहूर्त – 04:09 से 04:50प्रातः सन्ध्या – 04:29 से 05:30 अभिजित मुहूर्त – कोई नहीं विजय मुहूर्त – 14:45 से 15:40 गोधूलि मुहूर्त – 19:21 से 19:41 सायाह्न सन्ध्या – 19:22 से 20:23 अमृत काल – 22:00 से 23:43 निशिता मुहूर्त – 00:06, जुलाई 10 से 00:47, जुलाई 10 रवि योग – 05:30 से 04:50, जुलाई 10 — अशुभ समय — राहुकाल – 12:26 से 14:10 यमगण्ड – 07:14 से 08:58 आडल योग – 04:50, जुलाई 10 से 05:31, जुलाई 10 विडाल योग – 05:30 से 04:50, जुलाई 10 गुलिक काल – 10:42 से 12:26 दुर्मुहूर्त – 11:59 से 12:54 वर्ज्य – 11:46 से 13:29 भद्रा – 01:36, जुलाई 10 से 05:31, जुलाई 10 गण्ड मूल – 05:30 से 04:50, जुलाई 10 बाण – रज – 09:28 तक — पंचक रहित — रज पञ्चक – 05:30 से 06:07 शुभ मुहूर्त – 06:07 से 08:27 चोर पञ्चक – 08:27 से 10:44 शुभ मुहूर्त – 10:44 से 13:01 रोग पञ्चक – 13:01 से 15:20 शुभ मुहूर्त – 15:20 से 17:39 मृत्यु पञ्चक – 17:39 से 19:43 अग्नि पञ्चक – 19:43 से 21:25 शुभ मुहूर्त – 21:25 से 22:52 रज पञ्चक – 22:52 से 00:17, जुलाई 10 अग्नि पञ्चक – 00:17, जुलाई 10 से 01:36, जुलाई 10 शुभ मुहूर्त – 01:36, जुलाई 10 से 01:53, जुलाई 10 रज पञ्चक – 01:53, जुलाई 10 से 03:48, जुलाई 10 शुभ मुहूर्त – 03:48, जुलाई 10 से 04:50, जुलाई 10 चोर पञ्चक – 04:50, जुलाई 10 से 05:31, जुलाई 10 — उदय लग्न — मिथुन – 03:52 से 06:07 कर्क – 06:07 से 08:27 सिंह – 08:27 से 10:44 कन्या – 10:44 से 13:01 तुला – 13:01 से 15:20 वृश्चिक – 15:20 से 17:39 धनु – 17:39 से 19:43 मकर – 19:43 से 21:25 कुम्भ – 21:25 से 22:52 मीन – 22:52 से 00:17, जुलाई 10 मेष – 00:17, जुलाई 10 से 01:53, जुलाई 10 वृषभ – 01:53, जुलाई 10 से 03:48, जुलाई 10

चातुर्मास Chaturmas

चातुर्मास – साधना, संयम और शुद्धि का काल देवशयनी एकादशी से प्रारंभ होकर कार्तिक मास तक चलने वाला चातुर्मास सनातन संस्कृति में तप, व्रत, उपवास और आत्मशुद्धि का विशेष काल माना गया है.यह काल वर्षा ऋतु का होता है, जब संत-महात्मा एक स्थान पर रुककर साधना करते हैं और जनसामान्य को धर्मोपदेश देते हैं. चातुर्मास में आहार, आचरण और विचारों में संयम की परंपरा है, जो शरीर एवं मन दोनों की शुद्धि में सहायक होती है.वैज्ञानिक दृष्टि से यह काल पाचन तंत्र की शिथिलता का होता है, अतः व्रत-उपवास और सात्विकता स्वास्थ्य की रक्षा करते हैं. सनातन संस्कृति की यह परंपरा ऋतु, प्रकृति और अध्यात्म के संतुलन की गूढ़ समझ को दर्शाती है. चातुर्मास्य व्रत की महिमा 06 जुलाई 2025 रविवार से चातुर्मास प्रारंभ। 6/7/2025 Chaturmas आषाढ़ के शुक्ल पक्ष में एकादशी के दिन उपवास करके मनुष्य भक्तिपूर्वक चातुर्मास्य व्रत प्रारंभ करे। एक हजार अश्वमेघ यज्ञ करके मनुष्य जिस फल को पाता है, वही चातुर्मास्य व्रत के अनुष्ठान से प्राप्त कर लेता है।इन चार महीनों में ब्रह्मचर्य का पालन, त्याग, पत्तल पर भोजन, उपवास, मौन, जप, ध्यान, स्नान, दान, पुण्य आदि विशेष लाभप्रद होते हैं। व्रतों में सबसे उत्तम व्रत है – ब्रह्मचर्य का पालन। ब्रह्मचर्य तपस्या का सार है और महान फल देने वाला है। ब्रह्मचर्य से बढ़कर धर्म का उत्तम साधन दूसरा नहीं है। विशेषतः चतुर्मास में यह व्रत संसार में अधिक गुणकारक है।मनुष्य सदा प्रिय वस्तु की इच्छा करता है। जो चतुर्मास में अपने प्रिय भोगों का श्रद्धा एवं प्रयत्नपूर्वक त्याग करता है, उसकी त्यागी हुई वे वस्तुएँ उसे अक्षय रूप में प्राप्त होती हैं। चतुर्मास में गुड़ का त्याग करने से मनुष्य को मधुरता की प्राप्ति होती है। ताम्बूल का त्याग करने से मनुष्य भोग-सामग्री से सम्पन्न होता है और उसका कंठ सुरीला होता है। दही छोड़ने वाले मनुष्य को गोलोक मिलता है। नमक छोड़ने वाले के सभी पूर्तकर्म (परोपकार एवं धर्म सम्बन्धी कार्य) सफल होते हैं। जो मौनव्रत धारण करता है उसकी आज्ञा का कोई उल्लंघन नहीं करता। चतुर्मास में काले एवं नीले रंग के वस्त्र त्याग देने चाहिए। नीले वस्त्र को देखने से जो दोष लगता है उसकी शुद्धि भगवान सूर्यनारायण के दर्शन से होती है। कुसुम्भ (लाल) रंग व केसर का भी त्याग कर देना चाहिए। आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को श्रीहरि के योगनिद्रा में प्रवृत्त हो जाने पर मनुष्य चार मास अर्थात् कार्तिक की पूर्णिमा तक भूमि पर शयन करें । ऐसा करने वाला मनुष्य बहुत से धन से युक्त होता और विमान प्राप्त करता है, बिना माँगे स्वतः प्राप्त हुए अन्न का भोजन करने से बावड़ी और कुआँ बनवाने का फल प्राप्त होता है। जो भगवान जनार्दन के शयन करने पर शहद का सेवन करता है, उसे महान पाप लगता है। चतुर्मास में अनार, नींबू, नारियल तथा मिर्च, उड़द और चने का भी त्याग करें । जो प्राणियों की हिंसा त्याग कर द्रोह छोड़ देता है, वह भी पूर्वोक्त पुण्य का भागी होता है। चातुर्मास्य में परनिंदा का विशेष रूप से त्याग करें । परनिंदा को सुनने वाला भी पापी होता है। परनिंदा महापापं परनिंदा महाभयं। परनिंदा महद् दुःखं न तस्याः पातकं परम्।। ‘परनिंदा महान पाप है, परनिंदा महान भय है, परनिंदा महान दुःख है और पर निंदा से बढ़कर दूसरा कोई पातक नहीं है।’ चातुर्मास्य व्रत की महिमा चातुर्मास में ताँबे के पात्र में भोजन विशेष रूप से त्याज्य है। काँसे के बर्तनों का त्याग करके मनुष्य अन्य धातुओं के पात्रों का उपयोग करे। अगर कोई धातुपात्रों का भी त्याग करके पलाशपत्र, मदारपत्र या वटपत्र की पत्तल में भोजन करे तो इसका अनुपम फल बताया गया है। अन्य किसी प्रकार का पात्र न मिलने पर मिट्टी का पात्र ही उत्तम है अथवा स्वयं ही पलाश के पत्ते लाकर उनकी पत्तल बनाये और उससे भोजन-पात्र का कार्य ले। पलाश के पत्तों से बनी पत्तल में किया गया भोजन चन्द्रायण व्रत एवं एकादशी व्रत के समान पुण्य प्रदान करने वाला माना गया है।प्रतिदिन एक समय भोजन करने वाला पुरुष अग्निष्टोम यज्ञ के फल का भागी होता है। पंचगव्य सेवन करने वाले मनुष्य को चन्द्रायण व्रत का फल मिलता है। यदि धीर पुरुष चतुर्मास में नित्य परिमित अन्न का भोजन करता है तो उसके सब पातकों का नाश हो जाता है और वह वैकुण्ठ धाम को पाता है। चतुर्मास में केवल एक ही अन्न का भोजन करने वाला मनुष्य रोगी नहीं होता।जो मनुष्य चतुर्मास में केवल दूध पीकर अथवा फल खाकर रहता है, उसके सहस्रों पाप तत्काल विलीन हो जाते हैं।पंद्रह दिन में एक दिन संपूर्ण उपवास करने से शरीर के दोष जल जाते हैं और चौदह दिनों में तैयार हुए भोजन का रस ओज में बदल जाता है। इसलिए एकादशी के उपवास की महिमा है। वैसे तो गृहस्थ को महीने में केवल शुक्लपक्ष की एकादशी रखनी चाहिए, किंतु चतुर्मास की तो दोनों पक्षों की एकादशियाँ रखनी चाहिए।जो बात करते हुए भोजन करता है, उसके वार्तालाप से अन्न अशुद्ध हो जाता है। वह केवल पाप का भोजन करता है। जो मौन होकर भोजन करता है, वह कभी दुःख में नहीं पड़ता। मौन होकर भोजन करने वाले राक्षस भी स्वर्गलोक में चले गये हैं। यदि पके हुए अन्न में कीड़े-मकोड़े पड़ जायें तो वह अशुद्ध हो जाता है। यदि मानव उस अपवित्र अन्न को खा ले तो वह दोष का भागी होता है। जो नरश्रेष्ठ प्रतिदिन ‘ॐ प्राणाय स्वाहा, ॐ अपानाय स्वाहा, ॐ व्यानाय स्वाहा, ॐ उदानाय स्वाहा, ॐ समानाय स्वाहा’ – इस प्रकार प्राणवायु को पाँच आहुतियाँ देकर मौन हो भोजन करता है, उसके पाँच पातक निश्चय ही नष्ट हो जाते हैं।चतुर्मास में जैसे भगवान विष्णु आराधनीय हैं, वैसे ही ब्राह्मण भी। भाद्रपद मास आने पर उनकी महापूजा होती है। जो चतुर्मास में भगवान विष्णु के आगे खड़ा होकर ‘पुरुष सूक्त’ का पाठ करता है, उसकी बुद्धि बढ़ती है।चतुर्मास सब गुणों से युक्त समय है। इसमें धर्मयुक्त श्रद्धा से शुभ कर्मों का अनुष्ठान करना चाहिए। सत्संगे द्विजभक्तिश्च गुरुदेवाग्नितर्पणम्। गोप्रदानं वेदपाठः सत्क्रिया सत्यभाषणम्।। गोभक्तिर्दानभक्तिश्च सदा धर्मस्य साधनम्। सत्संग, भक्ति, गुरु, देवता और अग्नि का तर्पण, गोदान, वेदपाठ, सत्कर्म, सत्यभाषण, गोभक्ति और दान में प्रीति – ये सब सदा धर्म के साधन हैं। ’देवशयनी एकादशी से देवउठी एकादशी तक उक्त धर्मों का साधन एवं नियम महान फल देने वाला है। चतुर्मास

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