आज का पंचांग
वैदिक पंचांग दिनांक – 25 अप्रैल 2025 दिन – शुक्रवार विक्रम संवत – 2082 (गुजरात-महाराष्ट्र अनुसार 2081) शक संवत -1947 अयन – उत्तरायण ऋतु – ग्रीष्म ॠतु मास – वैशाख (गुजरात-महाराष्ट्र अनुसार चैत्र) पक्ष – कृष्ण तिथि – द्वादशी सुबह 11:44 तक तत्पश्चात त्रयोदशी नक्षत्र – पूर्वभाद्रपद सुबह 08:53 तक तत्पश्चात उत्तरभाद्रपद योग – इन्द्र दोपहर 12:31 तक तत्पश्चात वैधृति राहुकाल – सुबह 11:01 से दोपहर 12:37 तक सूर्योदय – 06:13 सूर्यास्त – 07:00 दिशाशूल – पश्चिम दिशा मे व्रत पर्व विवरण- प्रदोष व्रत,पंचक विशेष- द्वादशी को पूतिका(पोई) अथवा त्रयोदशी को बैंगन खाने से पुत्र का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34) प्रदोष व्रत हिंदू पंचांग के अनुसार, प्रत्येक महिने की दोनों पक्षों की त्रयोदशी तिथि पर प्रदोष व्रत किया जाता है। ये व्रत भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए किया जाता है। इस बार 25 अप्रैल, शुक्रवार को प्रदोष व्रत है। इस दिन भगवान शिव की विशेष पूजा की जाती है। प्रदोष पर व्रत व पूजा कैसे करें और इस दिन क्या उपाय करने से आपका भाग्योदय हो सकता है, जानिए… ऐसे करें व्रत व पूजा प्रदोष व्रत के दिन सुबह स्नान करने के बाद भगवान शंकर, पार्वती और नंदी को पंचामृत व गंगाजल से स्नान कराएं। इसके बाद बेल पत्र, गंध, चावल, फूल, धूप, दीप, नैवेद्य (भोग), फल, पान, सुपारी, लौंग, इलायची भगवान को चढ़ाएं। पूरे दिन निराहार (संभव न हो तो एक समय फलाहार) कर सकते हैं) रहें और शाम को दुबारा इसी तरह से शिव परिवार की पूजा करें। भगवान शिवजी को घी और शक्कर मिले जौ के सत्तू का भोग लगाएं। आठ दीपक आठ दिशाओं में जलाएं। भगवान शिवजी की आरती करें। भगवान को प्रसाद चढ़ाएं और उसीसे अपना व्रत भी तोड़ें।उस दिन ब्रह्मचर्य का पालन करें। ये उपाय करें सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि करने के बाद तांबे के लोटे से सूर्यदेव को अर्ध्य देें। पानी में आकड़े के फूल जरूर मिलाएं। आंकड़े के फूल भगवान शिवजी को विशेष प्रिय हैं । ये उपाय करने से सूर्यदेव सहित भगवान शिवजी की कृपा भी बनी रहती है और भाग्योदय भी हो सकता है। कर्ज-मुक्ति के लिए मासिक शिवरात्रि 26 अप्रैल 2025 शनिवार को मासिक शिवरात्रि है। हर मासिक शिवरात्रि को सूर्यास्त के समय घर में बैठकर अपने गुरुदेव का स्मरण करके शिवजी का स्मरण करते- करते ये 17 मंत्र बोलें, जिनके सिर पर कर्जा ज्यादा हो, वो शिवजी के मंदिर में जाकर दिया जलाकर ये 17 मंत्र बोले।इससे कर्जा से मुक्ति मिलेगी 1).ॐ शिवाय नम: 2).ॐ सर्वात्मने नम 3).ॐ त्रिनेत्राय नम: 4).ॐ हराय नम: 5).ॐ इन्द्र्मुखाय नम: 6).ॐ श्रीकंठाय नम: 7).ॐ सद्योजाताय नम: 8).ॐ वामदेवाय नम 9).ॐ अघोरह्र्द्याय नम 10).ॐ तत्पुरुषाय नम: 11).ॐ ईशानाय नम: 12).ॐ अनंतधर्माय नम: 13).ॐ ज्ञानभूताय नम: 14). ॐ अनंतवैराग्यसिंघाय नम: 15).ॐ प्रधानाय नम 16).ॐ व्योमात्मने नम 17).ॐ युक्तकेशात्मरूपाय नम आर्थिक परेशानी से बचने हेतु हर महीने में शिवरात्रि (मासिक शिवरात्रि – कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी) को आती है | तो उस दिन जिसके घर में आर्थिक कष्ट रहते हैं वो शाम के समय या संध्या के समय जप-प्रार्थना करें एवं शिवमंदिर में दीप-दान करें । और रात को जब 12 बज जायें तो थोड़ी देर जाग कर जप और एक श्री हनुमान चालीसा का पाठ करें।तो आर्थिक परेशानी दूर हो जायेगी।प्रति वर्ष में एक महाशिवरात्रि आती है और हर महीने में एक मासिक शिवरात्रि आती है। उस दिन शाम को बराबर सूर्यास्त हो रहा हो उस समय एक दिया पर पाँच लंबी बत्तियाँ अलग-अलग उस एक में हो शिवलिंग के आगे जला के रखना |बैठ कर भगवान शिवजी के नाम का जप करना प्रार्थना करना, | इससे व्यक्ति के सिर पे कर्जा हो तो जल्दी उतरता है, आर्थिक परेशानियाँ दूर होती है ।
आज का पंचांग Aaj ka panchang
आज का वैदिक हिंदू पंचांग Aaj ka vaidik hindu panchang दिनांक – 17 मार्च 2025 दिन – सोमवार विक्रम संवत – 2081 शक संवत -1946 अयन – उत्तरायण ऋतु – वसंत ॠतु मास – चैत्र (गुजरात-महाराष्ट्र फाल्गुन) पक्ष – कृष्ण तिथि – तृतीया शाम 07:33 तक तत्पश्चात चतुर्थी नक्षत्र – चित्रा दोपहर 02:47 तक स्वाती योग – ध्रुव शाम 03:45 तक तत्पश्चात व्याघात राहुकाल – सुबह 08:16 से सुबह 09:46 तक सूर्योदय 06:46 सूर्यास्त – 06:47 दिशाशूल – पूर्व दिशा मे व्रत पर्व विवरण- संकष्ट चतुर्थी(चन्द्रोदय-रात्रि 09:16) विशेष- तृतीया को पर्वल खाना शत्रुओं की वृद्धि करने वाला है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34) मंगलवारी चतुर्थी 18 मार्च 2025 मंगलवार को सूर्योदय से रात्रि 10:09 तक मंगलवारी चतुर्थी है । मंत्र जप व शुभ संकल्प की सिद्धि के लिए विशेष योग मंगलवारी चतुर्थी को किये गए जप-संकल्प, मौन व यज्ञ का फल अक्षय होता है । मंगलवार चतुर्थी को सब काम छोड़ कर जप-ध्यान करना … जप, ध्यान, तप सूर्य-ग्रहण जितना फलदायी है… मंगलवारी चतुर्थी अंगार चतुर्थी को सब काम छोड़ कर जप-ध्यान करना …जप, ध्यान, तप सूर्य-ग्रहण जितना फलदायी है… बिना नमक का भोजन करें मंगल देव का मानसिक आह्वान करो चन्द्रमा में गणपति की भावना करके अर्घ्य दें कितना भी कर्ज़दार हो ..काम धंधे से बेरोजगार हो ..रोज़ी रोटी तो मिलेगी और कर्जे से छुटकारा मिलेगा | मंगलवार चतुर्थी भारतीय समय के अनुसार 18 मार्च 2025 को (सूर्योदय से रात्रि 10:09 तक) मंगलवारी चतुर्थी है, इस महा योग पर अगर मंगल ग्रह देव के 21 नामों से सुमिरन करें और धरती पर अर्घ्य देकर प्रार्थना करें,शुभ संकल्प करें तो आप सकल ऋण से मुक्त हो सकते हैं.. मंगल देव के 21 नाम इस प्रकार हैं :- 1) ॐ मंगलाय नमः 2) ॐ भूमि पुत्राय नमः 3 ) ॐ ऋण हर्त्रे नमः 4) ॐ धन प्रदाय नमः 5 ) ॐ स्थिर आसनाय नमः 6) ॐ महा कायाय नमः 7) ॐ सर्व कामार्थ साधकाय नमः 8) ॐ लोहिताय नमः 9) ॐ लोहिताक्षाय नमः 10) ॐ साम गानाम कृपा करे नमः 11) ॐ धरात्मजाय नमः 12) ॐ भुजाय नमः 13) ॐ भौमाय नमः 14) ॐ भुमिजाय नमः 15) ॐ भूमि नन्दनाय नमः 16) ॐ अंगारकाय नमः 17) ॐ यमाय नमः 18) ॐ सर्व रोग प्रहाराकाय नमः 19) ॐ वृष्टि कर्ते नमः 20) ॐ वृष्टि हराते नमः 21) ॐ सर्व कामा फल प्रदाय नमः ये 21 मन्त्र से भगवान मंगल देव को नमन करें ..फिर धरती पर अर्घ्य देना चाहिए..अर्घ्य देते समय ये मन्त्र बोले :- भूमि पुत्रो महा तेजा , कुमारो रक्त वस्त्रका , ग्रहणअर्घ्यं मया दत्तम, ऋणम शांतिम प्रयाक्ष्मे | हे भूमि पुत्र!..महा क्यातेजस्वी,रक्त वस्त्र धारण करने वाले देव मेरा अर्घ्य स्वीकार करो और मुझे ऋण से शांति प्राप्त कराओ..