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आज का पंचांग Aaj ka panchang

वैदिक हिंदू पंचांग दिनांक – 21 अप्रैल 2025 दिन – सोमवार विक्रम संवत – 2082 शक संवत -1947 अयन – उत्तरायण ऋतु – ग्रीष्म ॠतु मास – वैशाख पक्ष – कृष्ण तिथि – अष्टमी शाम 06:58 तक तत्पश्चात नवमी नक्षत्र – उत्तराषाढा दोपहर 12:37 तक तत्पश्चात श्रवण योग – साध्य रात्रि 11:00 तक तत्पश्चात शुभ राहुकाल – सुबह 07:51 से सुबह 09:26 तक सूर्योदय – 06:16 सूर्यास्त – 06:58 दिशाशूल – पूर्व दिशा मे व्रत पर्व विवरण- विशेष- अष्टमी को नारियल का फल खाने से बुद्धि का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34) शिवलिंग के दर्शन हेतु शिवलिंग पर दूध, जल चढाने जाना हो तो हमेशा सुबह खाली पेट जाना चाहिए | जो जाते हो वो इस बात का ध्यान रखे | चाय – नाश्ता न करके जाए | वैदिक पंचांग Daily panchang कलह, धन-हानि व रोग-बाधा से परेशान हों तो घर में कलहपूर्ण वातावरण, धन-हानि एवं रोग-बाधा से परेशानी होती हो तो आप अपने घर में मोरपंख कि झाड़ू या मोरपंख पूजा-स्थल में रखें | नित्य नियम के बाद मन-ही-मन भगवन्नाम या गुरुमंत्र का जप करते हुए इस पंख या झाड़ू को प्रत्येक कमरे में एवं रोग-पीड़ित के चारों तरफ गोल-गोल घुमाये | कुछ देर ‘ॐकार ‘ का कीर्तन करें-करायें | ऐसा करने से समस्त प्रकार की नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है तथा ऊपरी एवं बुरी शक्तियों का प्रभाव भी दूर हो जाता है | आम के आम, गुठलियों के दाम आम की गुठली को तोड़कर उसमें निकली गिरी को टुकड़े करके नमक में सेक ले 100 ग्राम लेने से साल भर B12 की कमी नही होगी। Daily panchang,Vaidik panchang,PANCHANG,Today Aries Horoscope,Today Tauras Horoscope,Today Gemini Horoscope,Today Cancer Horoscope,Today Leo Horoscope,Today Vergo Horoscope,Today Libra Horoscope,Today Scorpio Horoscope,Today Sagitarious Horoscope,Today Capricorn Horoscope,Today Aquarius Horoscope,Today Pisces Horoscope,Get your horoscope reading, Understand your birth chart, Astrology solutions for life problems , Astrological guidance for relationships, Learn about Vedic astrologyFree astrology predictions , Vedic astrology services , Astrology consultation online, Best astrologer in India, Astrology advice for career growthCareer astrology , Love astrology , Marriage astrology , Financial astrology , Health astrology , Vastu Shastra , NumerologyAstrology , Vedic astrology , Jyotish , Horoscope , Astrology predictions, राशिफल,

आज का राशिफल Aaj ka Rashifal

Rashifal (राशिफल) मेष राशि 20 अप्रैल 2025 राशिफल आज आपके चारों ओर का वातावरण खुशनुमा रहेगा। आपको एक के बाद खुशखबरी सुनने को मिलती रहेगी। आपके घर किसी नए मेहमान का आगमन हो सकता है। सिंगल लोगों को थोड़ा सावधान चलना होगा, क्योंकि वह किसी के प्यार में पड़ सकते हैं। आपको कार्यक्षेत्र में किसी बात को लेकर बहसबाजी होने की संभावना है। यदि ऐसा हो, तो आपको संभालने की कोशिश करें। वृषभ राशि 20 अप्रैल 2025 राशिफल आज का दिन आपके लिए धन-धान्य में वृद्धि लेकर आने वाला है। आपको अपने कार्यक्षेत्र में कुछ नई योजनाओं को शामिल करना बेहतर रहेगा। पिताजी की सलाह आपके बिजनेस के लिए बेहतर रहेगा। आप माता-पिता की सेवा के लिए भी समय निकालेंगे। विद्यार्थियों को पढ़ाई-लिखाई में ढील देने से बचना होगा और आपकी किसी नए कोर्स के प्रति भी रुचि जागृत हो सकती हैं। आपके दिल से लोगों का भला सोचेंगे, लेकिन लोग इसे आपका स्वार्थ समझ सकते हैं। मिथुन राशि 20 अप्रैल 2025 राशिफल आज का दिन आपके लिए वाणी और व्यवहार पर संयम बनाए रखने के लिए रहेगा। आपकी मौज मस्ती करने की आदत के कारण कुछ गड़बड़ी हो सकती है। संतान पक्ष की ओर से आपको कोई खुशखबरी सुनने को मिल सकती है। वैवाहिक जीवन में चल रही समस्याओं के कारण आपका मन परेशान रहेगा। आपको अपने बिजनेस में कोई बड़ा टेंडर मिलने से आपके मन में खुशियां रहेंगी, लेकिन आप राजनीति में थोड़ा सोच समझकर बढ़ेंगे, तो आपके लिए बेहतर रहेगा। कर्क राशि 20 अप्रैल 2025 राशिफल आज का दिन आपके लिए कुछ उलझनों से भरा रहने वाला है। आप जीवनसाथी से कंधे से कंधा मिलाकर चलेंगे। कार्यक्षेत्र में कोई बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती हैं, लेकिन आपके बॉस उसमें आपका पूरा सपोर्ट करेंगे। आपकी खेलकूद के प्रति रुचि जागृत हो सकती है। कोई काम यदि लंबे समय से रुका हुआ था, तब वह भी पूरा हो सकता है। आपको अपनी किसी पुरानी गलती से सबक लेना होगा। कार्यक्षेत्र में आप अपने किसी काम को दूसरे के भरोसे ना छोड़ें। सिंह राशि 20 अप्रैल 2025 राशिफल आज का दिन आपके लिए सामान्य रहने वाला है। आपको अपने किसी विरोधी की बातों में आने से बचना होगा। आपको कार्यक्षेत्र में प्रमोशन आदि मिलने से आपका मन खुश रहेगा। परिवार में किसी पूजा-पाठ का आयोजन हो सकता है। आप किसी सामाजिक आयोजन में सम्मिलित है, तो वहां कोई बात बहुत ही सोच समझकर बोले। आपके मित्रों की संख्या में भी इजाफा हो सकता है। आपका कोई काम यदि रूपए पैसे को लेकर रुका हुआ था, तो वह भी पूरा हो सकता है। कन्या राशि 20 अप्रैल 2025 राशिफल आज का दिन आपके लिए किसी वाद-विवाद से दूर रहने के लिए रहेगा। आपको अपने कामों को लेकर सोच समझकर ही कोई फैसला लेना बेहतर रहेगा। आपके जीवनसाथी की भावनाओं का सम्मान करना होगा। आप उनके लिए कोई सरप्राइज पार्टी प्लान कर सकते हैं। संतान नौकरी से किसी काम को लेकर कहीं बाहर जा सकती है। आपके परिवार में किसी सदस्य की सेहत में गिरावट आने से आपको मेहनत अधिक करनी होगी। तुला राशि 20 अप्रैल 2025 राशिफल आज का दिन आपके लिए सामान्य रहने वाला है। बिजनेस के लिहाज से कमजोर रहने वाला है। आप अपने मित्रों के साथ कुछ समय मौज मस्ती करने में भी व्यतीत करेंगे। आपको किसी पुरानी टेंशन से छुटकारा मिलेगा, जिसे आप काफी हद तक महसूस करेंगे, लेकिन आपको कामों को लेकर आलस्य बिल्कुल नहीं दिखाना है, नहीं तो इससे आपके काफी काम पूरे होने में समस्या आएगी। परिवारिक समस्याओं को भी आप वरिष्ठ सदस्यों की मदद से मिल बैठकर आसानी से दूर करेंगे। वृश्चिक राशि 20 अप्रैल 2025 राशिफल आज का दिन आपके लिए कुछ नया करने के लिए रहेगा। आज आपके मन में उलझनें लगी रहेगी। आप कामों को लेकर जल्दबाजी दिखाएंगे लेकिन आपको थोड़ा धैर्य रखकर निपटने की आवश्यकता है। प्रतिस्पर्धा का भाव आपके मन में बना रहेगा। आज आपको अपनी जिम्मेदारियों को लेकर थोड़ा सतर्क रहना होगा। आपका कोई काम यदि पूरा होने में समस्या रही थी तो वह भी पूरा हो सकता है। आपको संपत्ति की प्राप्ति हो सकती है। धनु राशि 20 अप्रैल 2025 राशिफल आज आप बेवजह किसी बात को लेकर क्रोध न करें। परिवार में आपकी कोई बात वरिष्ठ सदस्यों को बुरी लग सकती है। आप कोई निर्णय जल्दबाजी में ना लें। किसी सदस्य की नौकरी को लेकर आप परेशान हैं, तो उन्हें किसी नई नौकरी की प्राप्ति हो सकती है। आपको रूपए पैसे से संबंधित मामलों में कोई समस्या आ सकती है। संतान आपसे किसी नए वाहन की फरमाइश कर सकती है, जिसे आप पूरा करने की पूरी कोशिश करेंगे। मकर राशि 20 अप्रैल 2025 राशिफल आज का दिन आपके लिए किसी कानूनी मामले में अच्छा रहने वाला है। आपको अपने व्यवसाय के कामों में कोई बदलाव करना अच्छा रहेगा। पार्टनरशिप थोड़ा सोच समझकर करें, क्योंकि पार्टनर आपके साथ धोखा कर सकता है। नौकरी में आप किसी से कोई जरूरी जानकारी शेयर ना करें, नहीं तो इससे आपकी कुछ मुश्किले बढे़ंगी। आपके परिवार के किसी सदस्य के करियर में यदि कोई समस्या थी, तो आप उससे भी निपटने की कोशिश में लगे रहेंगे। कुंभ राशि 20 अप्रैल 2025 राशिफल आज का दिन आपके लिए स्वास्थ्य के लिहाज से कमजोर रहने वाला है। मौसम का विपरीत प्रभाव आपके स्वास्थ्य पर पड़ सकता है। आपके परिवार में किसी मांगलिक कार्यक्रम का आयोजन होने से माहौल खुशनुमा रहेगा। आपका कोई नए काम की शुरुआत करने का सपना पूरा हो सकता है। आप किसी यात्रा पर जाएं, तो उसमें अपने खानपान पर लापरवाही बिल्कुल ना करें। आपके भाई आपकी बातों को पूरा महत्व देंगे, जिससे पारिवारिक एकता बनी रहेगी। मीन राशि 20 अप्रैल 2025 राशिफल आज का दिन आपके लिए सकारात्मक परिणाम लेकर आएगा। आपका किसी परिवार के सदस्य से कोई बात सुनकर मन परेशान रहेगा। आप दान धर्म के कार्यों में भी बढ़ चढ़कर हिस्सा लेंगे, लेकिन राजनीति में आपको थोड़ा सोच समझकर कदम बढ़ाने की आवश्यकता है। विद्यार्थियों ने यदि किसी परीक्षा में भाग लिया था, तो उसके परिणाम बेहतर रहेंगे। आप किसी लंबी दूरी की यात्रा पर जाने के प्लानिंग कर सकते हैं। Today Aries Horoscope,Today Tauras Horoscope,Today

आज का पंचांग Aaj ka panchang

आज का हिन्दू पंचांग दिनांक – 20 अप्रैल 2025 दिन – रविवार विक्रम संवत् – 2082 अयन – उत्तरायण ऋतु – ग्रीष्म मास – वैशाख पक्ष – कृष्ण तिथि – सप्तमी शाम 07:00 तक तत्पश्चात् अष्टमी नक्षत्र – पूर्वाषाढ़ा सुबह 11:48 तक तत्पश्चात् उत्तराषाढा योग – सिद्ध रात्रि 12:13 अप्रैल 21 तक तत्पश्चात् साध्य राहुकाल – शाम 05:26 से शाम 07:02 तक सूर्योदय – 06:15 सूर्यास्त – 07:02 दिशा शूल – पश्चिम दिशा में ब्रह्ममुहूर्त – प्रातः 04:45 से प्रातः 05:30 तक अभिजीत मुहूर्त – दोपहर 12:13 से दोपहर 01:04 तक निशिता मुहूर्त – रात्रि 12:16 अप्रैल 21 से रात्रि 01:01 अप्रैल 21 तक व्रत पर्व विवरण – रविवारी सप्तमी (सूर्योदय से रात्रि 07:00 तक), कालाष्टमी, त्रिपुष्कर योग, सर्वार्थसिद्धि योग (दोपहर 11:48 से सुबह 06:14 अप्रैल 21 तक) विशेष – सप्तमी को ताड़ का फल खाने से रोग बढ़ता है व शरीर का नाश होता है। ( ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंड: 27.29-34) Today Aries Horoscope,Today Tauras Horoscope,Today Gemini Horoscope,Today Cancer Horoscope,Today Leo Horoscope,Today Vergo Horoscope,Today Libra Horoscope,Today Scorpio Horoscope,Today Sagitarious Horoscope,Today Capricorn Horoscope,Today Aquarius Horoscope,Today Pisces Horoscope,Get your horoscope reading, Understand your birth chart, Astrology solutions for life problems , Astrological guidance for relationships, Learn about Vedic astrologyFree astrology predictions , Vedic astrology services , Astrology consultation online, Best astrologer in India, Astrology advice for career growthCareer astrology , Love astrology , Marriage astrology , Financial astrology , Health astrology , Vastu Shastra , NumerologyAstrology , Vedic astrology , Jyotish , Horoscope , Astrology predictions, राशिफल, आज का राशिफल, धर्म,

आज का पंचांग Aaj ka panchang

Hindu Panchang Daily हिन्दू पंचांग आज का हिन्दू पंचांग दिनांक – 19 अप्रैल 2025 दिन – शनिवार विक्रम संवत् – 2082 अयन – उत्तरायण ऋतु – बसन्त मास – वैशाख पक्ष – कृष्ण तिथि – षष्ठी शाम 06:21 तक तत्पश्चात् सप्तमी नक्षत्र – मूल सुबह 10:21 तक तत्पश्चात् पूर्वाषाढ़ा योग – शिव रात्रि 12:53 अप्रैल 20 तक तत्पश्चात् सिद्ध राहुकाल – सुबह 09:27 से सुबह 11:03 तक (अहमदाबाद मानक समयानुसार) सूर्योदय – 06:16 सूर्यास्त – 07:02 (सूर्योदय एवं सूर्यास्त अहमदाबाद मानक समयानुसार) दिशा शूल – पूर्व दिशा में ब्रह्ममुहूर्त – प्रातः 04:46 से प्रातः 05:31 तक (अहमदाबाद मानक समयानुसार) अभिजीत मुहूर्त – दोपहर 12:13 से दोपहर 01:04 तक निशिता मुहूर्त – रात्रि 12:16 अप्रैल 20 से रात्रि 01:01 अप्रैल 20 विशेष – षष्ठी को नीम की पत्ती, फल या दातुन मुँह में डालने से नीच योनियों की प्राप्ति होती है। ( ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंड: 27.29-34) तुलसी माला की महिमा १) गले में तुलसी की माला धारण करने से जीवनीशक्ति बढ़ती है, बहुत से रोगों से मुक्ति मिलती है । शरीर निर्मल, रोगमुक्त व सात्त्विक बनता है । २) तुलसी माला से भगवन्नाम जप करने एवं इसे गले में पहनने से आवश्यक एक्यूप्रेशर बिंदुओं पर दबाव पड़ता है, जिससे मानसिक तनाव में लाभ होता है, संक्रामक रोगों से रक्षा होती है तथा शरीर-स्वास्थ्य में सुधार होकर दीर्घायु में मदद मिलती है । ३) तुलसी को धारण करने से शरीर में विद्युतशक्ति का प्रवाह बढ़ता है तथा जीव-कोशों का विद्युतशक्ति धारण करने का सामर्थ्य बढ़ता है । ४) गले में तुलसी माला पहनने से विद्युत तरंगे निकलती हैं जो रक्त संचार में रुकावट नहीं आने देती । प्रबल विद्युतशक्ति के कारण धारक के चारों ओर आभामंडल विद्यमान रहता है । ५) गले में तुलसी माला धारण करने से आवाज सुरीली होती है । हृदय पर झूलने वाली तुलसी माला हृदय व फेफड़े को रोगों से बचाती है । इसे धारण करने वाले के स्वभाव में सात्त्विकता का संचार होता है । ६) तुलसी की माला धारक के व्यक्तित्व को आकर्षक बनाती है । कलाई में तुलसी का गजरा पहनने से नाड़ी संबंधी समस्याओं से रक्षा होती है, हाथ सुन्न नहीं होता, भुजाओं का बल बढ़ता है । ७) तुलसी की जड़ें अथवा जड़ों के मनके कमर में बाँधने से स्त्रियों को विशेषतः गर्भवती स्त्रियों को लाभ होता है । प्रसव वेदना कम होती है और प्रसूति भी सरलता से हो जाती है । कमर में तुलसी की करधनी पहनने से पक्षाघात (लकवा) नहीं होता एवं कमर, जिगर, तिल्ली, आमाशय और यौनांग के विकार नहीं होते हैं । ८) यदि तुलसी की लकड़ी से बनी हुई मालाओं से अलंकृत होकर मनुष्य देवताओं और पितरों के पूजनादि कार्य करे तो वे कोटि गुना फल देने वाले होते हैं । जो मनुष्य तुलसी लकड़ी से बनी माला भगवान विष्णु को अर्पित करके पुनः प्रसादरूप से उसे भक्तिपूर्वक धारण करता है, उसके पातक नष्ट हो जाते हैं । शास्त्रों में वर्णित तुलसी महिमा १) अनेक व्रतकथाओं, धर्मकथाओं, पुराणों में तुलसी महिमा के अनेक आख्यान हैं । भगवान विष्णु या श्रीकृष्ण की कोई भी पूजा विधि तुलसी दल के बिना परिपूर्ण नहीं मानी जाती । २) जो दर्शन करने पर सारे पाप-समुदाय का नाश कर देती है, स्पर्श करने पर शरीर को पवित्र बनाती है, प्रणाम करने पर रोगों का निवारण करती है, जल से सींचने पर यमराज को भी भय पहुँचाती है, आरोपित करने पर भगवान श्रीकृष्ण के समीप ले जाती है और भगवान के चरणों में चढ़ाने पर मोक्षरूपी फल प्रदान करती है, उस तुलसी देवी को नमस्कार है । (पद्म पुराणः उ.खं. 56.22) ३) तुलसी के निकट जो भी मंत्र-स्तोत्र आदि का जप-पाठ किया जाता है, वह सब अनंत गुना फल देने वाला होता है । ४) प्रेत, पिशाच, ब्रह्मराक्षस, भूत दैत्य आदि सब तुलसी के पौधे से दूर भागते हैं । ५) ब्रह्महत्या आदि पाप तथा पाप और खोटे विचार से उत्पन्न होने वाले रोग तुलसी के सामीप्य एवं सेवन से नष्ट हो जाते हैं । ६) श्राद्ध और यज्ञ आदि कार्यों में तुलसी का एक पत्ता भी महान पुण्य देने वाला है । ७) तुलसी के नाम-उच्चारण से मनुष्य के पाप नष्ट हो जाते हैं तथा अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है । ८) तुलसी ग्रहण करके मनुष्य पातकों से मुक्त हो जाता है । वास्तु शास्त्र तुलसी १) वास्तु शास्त्र में भी तुलसी को घर में सकारात्मकता लाने वाला पवित्र पौधा माना गया है तुलसी के पौधे को घर में पूर्व दिशा में रखें। इस दिशा में तुलसी का पौधा रखने पर घर में आध्यात्मिक विकास भी तेज होता है. घर के सदस्यों के बीच मनमुटाव कम होता है और प्रेम भाव बढ़ता है। २) अगर किसी वजह से पूर्व दिशा में नहीं रख सकते हैं तो उत्तर पूर्व दिशा, उत्तर दिशा या फिर उत्तर पश्चिम दिशा में रख सकते हैं। ३) इसे भूलकर भी पश्चिम दिशा में नहीं रखना चाहिए अन्यथा घर में आर्थिक उन्नति के रास्ते बंद हो जाते हैं Get your horoscope reading, Understand your birth chart, Astrology solutions for life problems , Astrological guidance for relationships, Learn about Vedic astrologyFree astrology predictions , Vedic astrology services , Astrology consultation online, Best astrologer in India, Astrology advice for career growthCareer astrology , Love astrology , Marriage astrology , Financial astrology , Health astrology , Vastu Shastra , NumerologyAstrology , Vedic astrology , Jyotish , Horoscope , Astrology predictions,Free kundali,kundali,Daily panchang,Daily horoscope,Daily Rashifal,Tulsi,Tulsi Mala,Lord vishnu,Tulsi vastu,Vastu shastra,Tarot cards,तुलसी,तुलसी माला,तुलसी की महिमा,आज का पंचांग,

आज का राशिफल Aaj ka rashifal

मेष राशि 18 अप्रैल 2025 राशिफल आज का दिन आपके लिए एक के बाद एक खुशखबरी लेकर आने वाला है। संतान को परीक्षा में सफलता हासिल होगी। भाई बहनों में चल रही अनबन भी दूर होगी। जीवनसाथी को शारीरिक समस्या चल रही थी, उससे भी काफी हद तक छुटकारा मिलेगा। आप अपने कार्यक्षेत्र में कामों को लेकर कुछ नए प्रयास करेंगे। राजनीति में कुछ नए लोगों से मेलजोल बढ़ाएंगे, जिससे उनके जन समर्थन में भी इजाफा होगा। आज आपका कोई सहयोगी कामों में आपको धोखा दे सकता है। वृषभ राशि 18 अप्रैल 2025 राशिफल आज का दिन आपके लिए बुद्धि और विवेक से निर्णय लेने के लिए रहेगा। आपको कोई काम जल्दबाजी में करने से बचना होगा। आपको किसी से कोई वादा करने से पहले सोच विचार करना होगा। यदि आपका धन कहीं डूबा हुआ था, तो उसके आपको मिलने की संभावना है। आपको किसी दूर रह रहे परिजन से कोई निराशाजनक सूचना सुनने को मिल सकती है। आपको अपने पिताजी से बिजनेस को लेकर डिस्कशन करना होगा। मिथुन राशि 18 अप्रैल 2025 राशिफल आज का दिन आपके लिए मौज मस्ती से भरा रहने वाला है। आप कामों को लेकर आलस्य दिखाएंगे, जिससे कल पर टालने की कोशिश कर सकते हैं। आपको किसी से कोई बात बहुत ही सोच समझकर बोलनी होगी। जीवनसाथी आपके साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलेंगी, लेकिन आपको उनकी भावनाओं का सम्मान करना होगा। आप अपनी कला कौशल से लोगों को हैरान करेंगे, लेकिन आपको अपने कामों को लेकर मार्केट में एक्टिव बने रहना पड़ सकता है। कर्क राशि 18 अप्रैल 2025 राशिफल आज का दिन आपके लिए आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए रहेगा। आप कोई नया बिजनेस की शुरुआत कर सकते हैं। आप कोई सरकारी काम में इन्वेस्टमेंट करेंगे, तो वह आपके लिए ज्यादा अच्छा रहेगा। आपकी प्रॉपर्टी को लेकर किसी से कहासुनी होने की संभावना है। आपको अपने ससुराल पक्ष के किसी व्यक्ति से बातचीत बहुत ही सोच समझकर करनी होगी, नहीं तो बेवजह के लड़ाई-झगडे होने की संभावना है। आपको किसी पुराने मित्र से लंबे समय बाद मिलकर खुशी होगी। सिंह राशि 18 अप्रैल 2025 राशिफल आज के दिन आपके लिए मन में प्रेम और सहयोग की भावना बनी रहेगी। आपको कोई बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती हैं। माताजी की सेहत में समस्या रहने से भागदौड़ अधिक रहेगी। आपको अपनी जिम्मेदारियों को लेकर मेहनत अधिक करनी है। विद्यार्थियों को बौद्धिक व मानसिक बोझ से छुटकारा मिलेगा। आपका कोई काम पूरा होते होते रह सकता है, जो आपकी दिक्कतों को बढ़ाएगा। संतान आपकी उम्मीदों पर खरी उतरेगी। कन्या राशि 18 अप्रैल 2025 राशिफल आज का दिन आपके लिए महत्वपूर्ण रहने वाला है। आपको किसी काम को कार्यक्षेत्र में अपने सीनियर से बातचीत करके करना बेहतर रहेगा। सरकारी नौकरी की तैयारी में लगे लोगों को प्रयास बेहतर रहेंगे। आपका धन को लेकर कोई काम यदि रुका हुआ था, तो उसके भी पूरे होने की संभावना है। आप जीवनसाथी की भावनाओं का पूरा सम्मान करें। किसी कानूनी मामले में लापरवाही दिखाने से नुकसान हो सकता है। तुला राशि 18 अप्रैल 2025 राशिफल आज का दिन आपके लिए प्रसन्नता दिलाने वाला रहेगा। आपकी कोई पुरानी गलती परिवार के सदस्यों के सामने आ सकती है। यदि आपका कोई चल और अचल संपत्ति संबंधित मामला लंबे समय से कानून में विवादित था, तो उसमें आपको जीत मिलेगी। संतान पक्ष की ओर से आपको कोई खुशखबरी सुनने को मिल सकती है। आपकी कुछ अनोखी कोशिशें रंग लाएगी। आपको किसी धन संबंधित मामले में सोच समझकर बोलना बेहतर रहेगा। विद्यार्थियों को बौद्धिक व मानसिक बोझ से छुटकारा मिलेगा। वृश्चिक राशि 18 अप्रैल 2025 राशिफल आज का दिन आपके लिए बढ़िया रहने वाला है। आपके जीवनसाथी का सहयोग और सानिध्य भरपूर मात्रा में मिलेगा। मन की इच्छा की पूर्ति होने से खुशियां भरपूर रहेगी। आपको बेफिजूल के खर्चों पर रोक लगानी होगी, लेकिन आपके सामने कुछ ऐसे खर्चे आएंगे, जो आपको मजबूरी में ना चाहते हुए भी करने पड़ेंगे। आपको परिवार में किसी सदस्य की कोई बात बुरी लगेगी, लेकिन फिर भी आप उनसे कुछ नहीं कहेंगे। कार्यक्षेत्र में आपको अपने कामों में ढील नहीं देनी है। धनु राशि 18 अप्रैल 2025 राशिफल आज का दिन आपके लिए सोच समझकर कामों को करने के लिए रहेगा। आप किसी बात के लिए बिना सोचे समझे हां ना करें। आपको अपने पिताजी से काम को लेकर सलाह लेनी पड़ सकती है। किसी सदस्य के विवाह की बात पक्की हो सकती है और आपके घर की किसी पूजा-पाठ का आयोजन होने से आपका मन खुश रहेगा। आपका कोई रुका हुआ काम पूरा होने में यदि समस्या आ रही थी, तो उसे आप अपने भाइयों की मदद से पूरा कर सकते हैं। मकर राशि 18 अप्रैल 2025 राशिफल आज का दिन आपके लिए सकारात्मक परिणाम लेकर आएगा। आपको अपने कामों को लेकर योजना बनाकर चलना होगा। आप किसी दूसरे पर डिपेंड रहें, तो इससे आपके काम अवश्य लटकेंगे। आप किसी नए वाहन की खरीदारी कर सकते हैं। यदि आपने कोई लोन अप्लाई किया था, तो वह भी आपको आसानी से मिल जाएगा। आपके मित्रों के साथ आप कुछ समय मौज मस्ती करने में व्यतीत करेंगे, लेकिन आपकी ससुराल पक्ष के किसी व्यक्ति से खटपट होने की संभावना है। कुंभ राशि 18 अप्रैल 2025 राशिफल आज का दिन आपके लिए किसी नए मकान आदि की खरीदारी के लिए रहेगा। आपको अपने बिजनेस में कुछ उतार-चढ़ाव के बाद अच्छी सफलता मिलेगी और आपकी पारिवारिक समस्याएं भी आज कुछ कम हो सकती हैं। आप किसी के बहकावे में ना आएं। आपकी कुछ खास लोगों से मुलाकात होगी। जो काम को लेकर अच्छी सलाह देंगे। शेयर मार्केट में यदि आपने पहले इन्वेस्टमेंट किया था, तो उससे भी आपको अच्छा लाभ मिलने की संभावना है। मीन राशि 18 अप्रैल 2025 राशिफल आज का दिन आपके लिए कुछ नई खुशियां लेकर आएगा, क्योंकि आपको किसी नई नौकरी की प्राप्ति हो सकती है। आपका कोई गुप्त धन आपको मिलने की संभावना है। परिवार में लोग आपकी बातों को पूरा महत्व देंगे और आप किसी धार्मिक यात्रा पर जाने की योजना बना सकते हैं। आपको अपनी सेहत पर भी पूरा ध्यान देना होगा। भाई व बहनों से यदि कोई अनबन हो, तो आप उस

आज का पंचांग Aaj ka panchang

वैदिक हिंदू पंचांग दिनांक – 18 अप्रैल 2025 दिन – शुक्रवार विक्रम संवत – 2082 (गुजरात-महाराष्ट्र अनुसार 2081) शक संवत -1947 अयन – उत्तरायण ऋतु – वसंत ॠतु मास – वैशाख (गुजरात-महाराष्ट्र अनुसार चैत्र) पक्ष – कृष्ण तिथि – पंचमी शाम 05:07 तक तत्पश्चात षष्ठी नक्षत्र – ज्येष्ठा सुबह 08:21 तक तत्पश्चात मूल योग – परिघ 19 अप्रैल रात्रि 01:04 तक तत्पश्चात शिव राहुकाल – सुबह 11:03 से दोपहर 12:38 तक सूर्योदय – 06:18 सूर्यास्त – 06:57 दिशाशूल – पश्चिम दिशा मे व्रत पर्व विवरण- गुड फ्राईडे विशेष- पंचमी को बेल खाने से कलंक लगता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34) शीघ्र कर्जमुक्ति के उपाय जब तक आपका कर्जा पूर्ण रूप से समाप्त न हो जाय तब तक ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ इस मंत्र का मन-ही-मन जप करते हुए पीपल-वृक्ष को जल अर्पित कर उसकी गीली मिट्टी से तिलक किया करें। इससे आप शीघ्र कर्ज-मुक्त होंगे । यदि आपके व्यवसाय में कारीगर या नौकर हैं तो उन्हें महीने में एक बार अवश्य अपने घर का भोजन इस भाव से खिलायें कि ‘सभी रूपों में भगवान हैं, आज हम इन रूपों में विराजित भगवान को भोग अर्पण कर रहे हैं।’ इससे आपके व्यवसाय में हमेशा भगवान की कृपा बनी रहेगी । आपके सहयोगी पूरे जी-जान से कार्य में लगे रहेंगे, जिससे केवल कर्ज का चुकाना ही नहीं अपितु बरकत लाना भी आसान हो जायेगा। हर महीने नहीं कर सकते तो विशेष अवसरों पर ही करें। ग्रीष्म ऋतु में स्वास्थ्य – सुरक्षा 20 अप्रैल 2025 रविवार से ग्रीष्म ऋतु प्रारंभ । ग्रीष्म ऋतु में शरीर का जलीय व स्निग्ध अंश घटने लगता है | जठराग्नि व रोगप्रतिकारक क्षमता भी घटने लगती है | इससे उत्पन्न शारीरिक समस्याओं से सुरक्षा हेतु नीचे दी गयी बातों का ध्यान रखें – १] ग्रीष्म ऋतु में जलन, गर्मी, चक्कर आना, अपच, दस्त, नेत्रविकार ( आँख आना / Conjunctivitis ) आदि समस्याएँ अधिक होती हैं | अत: गर्मियों में घर में बाहर निकलते समय लू से बचने के लिए सिर पर कपड़ा बाँधे अथवा टोपी पहने तथा एक गिलास पानी पीकर निकलें | जिन्हें दोपहिया वाहन पर बहुत लम्बी मुसाफिरी करनी हो वे जेब में एक प्याज रख सकते हैं | २] उष्ण से ठंडे वातावरण में आने पर १० – १५ मिनट तक पानी न पियें | धूप में से आने पर तुंरत पूरे कपड़े न निकालें, कूलर आदि के सामने भी न बैठें | रात को पंखे, एयर – कंडिशनर अथवा कूलर की हवा में सोने की अपेक्षा हो सके तो छत पर अथवा खुले आँगन में सोयें | यह सम्भव न हो तो पंखे, कूलर आदि की सीधी हवा न लगे इसका ध्यान रखें | ३] इस मौसम में दिन में कम – से – कम ८ – १० गिलास पानी पियें | प्रात: पानी – प्रयोग ( रात का रखा हुआ आधा से डेढ़ गिलास पानी सुबह सूर्योदय से पूर्व पीये ) भी | पानी शरीर के जहरी पदार्थों(toxins) को बाहर निकालकर त्वचा को ताजगी देने में मदद करता है | ४] मौसमी फल या उनका रस व ठंड़ाई, नींबू की शिकंजी, पुदीने का शर्बत , गन्ने का रस, गुड का पानी आदि का सेवन लाभदायी है | गर्मियों में दही लेना मना है और दूध, मक्खन, खीर विशेष सेवनीय हैं | ५] आहार ताजा व सुपाच्य लें | भोजन में मिर्च, तेल, गर्म मसाले आदि का उपयोग कम करें | खमीरीकृत(fermented) पदार्थ, बासी व्यंजन बिल्कुल न लें | कपड़े सूती, सफेद या हल्के रंग के तथा ढीले – ढाले हों | सोते समय मच्छरदानी आदि का प्रयोग अवश्य करें | ६] गर्मियों में फ्रीज का ठंडा पानी पीने से गले, दाँत, आमाशय व आँतो पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है | मटके या सुराही का पानी पीना निरापद है ( किंतु बिनजरूरी या प्यास से अधिक ठंडा पानी पीने से जठराग्नि मंद होती है ) | ७] इन दिनों में छाछ का सेवन निषिद्ध है | अगर लेनी ही हो तो ताज़ी छाछ में मिश्री, जीरा, पुदीना, धनिया मिलाकर लें | ८] रात को देर तक जागना, सुबह देर तक सोना, अधिक व्यायाम, अधिक परिश्रम, अधिक उपवास तथा स्त्री – सहवास – ये सभी इस ऋतु में वर्जित हैं | Get your horoscope reading, Understand your birth chart, Astrology solutions for life problems , Astrological guidance for relationships, Learn about Vedic astrologyFree astrology predictions , Vedic astrology services , Astrology consultation online, Best astrologer in India, Astrology advice for career growthCareer astrology , Love astrology , Marriage astrology , Financial astrology , Health astrology , Vastu Shastra , NumerologyAstrology , Vedic astrology , Jyotish , Horoscope , Astrology predictions

सनातन धर्म (Sanatan Dharm)

जिसका न आदि है न अंत, वही है सनातन । श्रीमद्भगवद्गीता के अनुसार, सनातन धर्म का मतलब है शाश्वत धर्म यानी जो सदा बना रहता है. यह धर्म, परमात्मा और आत्मा दोनों से जुड़ा है. सनातन धर्म, जीवन जीने का तरीका बताता है. यह एक आचार संहिता है जो नैतिकता पर आधारित है. गीता के अनुसार, सनातन धर्म से जुड़ी बातें: सनातन धर्म में परमात्मा और आत्मा दोनों को सनातन माना गया है. सनातन धर्म में सभी चीज़ें सनातन हैं और यह अनादिकाल से हैं. सनातन धर्म में धर्म की किसी भी सांप्रदायिक प्रक्रिया का समावेश नहीं होता. सनातन धर्म, परमेश्वर के साथ शाश्वत जीवों के शाश्वत संबंध को दर्शाता है. सनातन धर्म, जीवन की प्रेरणा है. सनातन धर्म, सही और गलत का विचार कर अपने कर्मों और कर्तव्यों का पालन करने का मार्गदर्शन करता है. सनातन धर्म, मानवता के लिए एक जाति, एक धर्म और एक ईश्वर का सिद्धांत है. सनातन धर्म, आध्यात्मिक समानता को अस्तित्वगत दायित्व के रूप में पुष्ट करता है. यहा इन पवित्र ग्रंथों को किसने लिखा बताया गया है 1-अष्टाध्यायी– पाणिनी 2-रामायण —वाल्मीकि 3-महाभारत —वेदव्यास 4-अर्थशास्त्र —चाणक्य 5-महाभाष्य —पतंजलि 6-सत्सहसारिका सूत्र —नागार्जुन 7-बुद्धचरित —अश्वघोष 8-सौंदरानन्द —अश्वघोष 9-महाविभाषाशास्त्र— वसुमित्र 10- स्वप्नवासवदत्ता —भास 11-कामसूत्र —वात्स्यायन 12-कुमारसंभवम् —-कालिदास 13-अभिज्ञानशकुंतलम् — कालिदास 14-विक्रमोउर्वशियां—- कालिदास 15-मेघदूत —- कालिदास 16-रघुवंशम्—- कालिदास 17-मालविकाग्निमित्रम्—- कालिदास 18-नाट्यशास्त्र —-भरतमुनि 19-देवीचंद्रगुप्तम—- विशाखदत्त 20-मृच्छकटिकम् —-शूद्रक 21-सूर्य सिद्धान्त —आर्यभट्ट 22-वृहतसिंता—- बरामिहिर 23-पंचतंत्र —-विष्णु शर्मा 24-कथासरित्सागर —-सोमदेव 25-अभिधम्मकोश— वसुबन्धु 26-मुद्राराक्षस— विशाखदत्त 27-रावणवध—- भटिट 28-किरातार्जुनीयम्—- भारवि 29-दशकुमारचरितम्—- दंडी 30-हर्षचरित —-वाणभट्ट 31-कादंबरी —–वाणभट्ट 32-वासवदत्ता —-सुबंधु 33-नागानंद —-हर्षवधन 34-रत्नावली —–हर्षवर्धन 35-प्रियदर्शिका —-हर्षवर्धन 36-मालतीमाधव —-भवभूति 37-पृथ्वीराज —-विजय जयानक 38-कर्पूरमंजरी—- राजशेखर 39-काव्यमीमांसा—- राजशेखर 40-नवसहसांक चरित —-पदम् गुप्त 41-शब्दानुशासन— राजभोज 42-वृहतकथामंजरी—- क्षेमेन्द्र 43-नैषधचरितम —-श्रीहर्ष 44-विक्रमांकदेवचरित—- बिल्हण 45-कुमारपालचरित—– हेमचन्द्र 46-गीतगोविन्द —–जयदेव 47-पृथ्वीराजरासो —–चंदरवरदाई 48-राजतरंगिणी—– कल्हण 49-रासमाला—– सोमेश्वर 50-शिशुपाल वध—- माघ 51-गौडवाहो—- वाकपति 52-रामचरित—- सन्धयाकरनंदी 53-द्वयाश्रय काव्य —- हेमचन्द्र वेद-ज्ञान:- प्र.1- वेद किसे कहते है ? उत्तर- ईश्वरीय ज्ञान की पुस्तक को वेद कहते है। प्र.2- वेद-ज्ञान किसने दिया ? उत्तर- ईश्वर ने दिया। प्र.3- ईश्वर ने वेद-ज्ञान कब दिया ? उत्तर- ईश्वर ने सृष्टि के आरंभ में वेद-ज्ञान दिया। प्र.4- ईश्वर ने वेद ज्ञान क्यों दिया ? उत्तर- मनुष्य-मात्र के कल्याण के लिए। प्र.5- वेद कितने है ? उत्तर- चार । 1-ऋग्वेद 2-यजुर्वेद 3-सामवेद4-अथर्ववेद प्र.6- वेदों के ब्राह्मण ? वेद ब्राह्मण 1 – ऋग्वेद – ऐतरेय 2 – यजुर्वेद – शतपथ. 3 – सामवेद – तांड्य. 4 – अथर्ववेद – गोपथ प्र.7- वेदों के उपवेद कितने है? उत्तर – चार। वेद उपवेद 1- ऋग्वेद – आयुर्वेद 2- यजुर्वेद – धनुर्वेद 3 -सामवेद – गंधर्ववेद 4- अथर्ववेद – अर्थवेद प्र 8- वेदों के अंग कितने हैं ? उत्तर – छः । 1 – शिक्षा 2 – कल्प 3 – निरूक्त 4 – व्याकरण 5 – छंद 6 – ज्योतिष | प्र.9- वेदों का ज्ञान ईश्वर ने किन -किन ऋषियो को दिया ?उत्तर- चार ऋषियों को। वेद ऋषि 1- ऋग्वेद – अग्नि 2 – यजुर्वेद – वायु 3 – सामवेद – आदित्य 4 – अथर्ववेद – अंगिरा प्र.10- वेदों का ज्ञान ईश्वर ने ऋषियों को कैसे दिया ? उत्तर- समाधि की अवस्था में। प्र.11- वेदों में कैसे ज्ञान है ? उत्तर- सब सत्य विद्याओं का ज्ञान-विज्ञान। प्र.12- वेदो के विषय कौन-कौन से हैं ? उत्तर- चार । ऋषि विषय. 1- ऋग्वेद – ज्ञान. 2- यजुर्वेद – कर्म. 3- सामवेद – उपासना 4- अथर्ववेद – विज्ञान | प्र.13- वेदों में। १) ऋग्वेद में मंडल – 102 अष्टक – 083 सूक्त – 10284 अनुवाक – 85 ऋचाएं – 10589 २) यजुर्वेद में अध्याय – 402 मंत्र – 1975 ३) सामवेद में आरचिक – 062 अध्याय – 063 ऋचाएं – 1875 ४) अथर्ववेद में कांड – 202 सूक्त – 7313 मंत्र – 5977 प्र.14- वेद पढ़ने का अधिकार किसको है ? उत्तर- मनुष्य-मात्र को वेद पढ़ने का अधिकार है। प्र.15- क्या वेदों में मूर्तिपूजा का विधान है ? उत्तर- बिलकुल भी नहीं। प्र.16- क्या वेदों में अवतारवाद का प्रमाण है ? उत्तर- नहीं। प्र.17- सबसे बड़ा वेद कौन-सा है ? उत्तर- ऋग्वेद। प्र.18- वेदों की उत्पत्ति कब हुई ? उत्तर- वेदो की उत्पत्ति सृष्टि के आदि से परमात्मा द्वारा हुई । अर्थात 1 अरब 96 करोड़ 8 लाख 43 हजार वर्ष पूर्व । प्र.19- वेद-ज्ञान के सहायक दर्शन-शास्त्र ( उपअंग ) कितने हैं और उनके लेखकों का क्या नाम है ? उत्तर- 1- न्याय दर्शन – गौतम मुनि। 2- वैशेषिक दर्शन – कणाद मुनि। 3- योगदर्शन – पतंजलि मुनि। 4- मीमांसा दर्शन – जैमिनी मुनि। 5- सांख्य दर्शन – कपिल मुनि। 6- वेदांत दर्शन – व्यास मुनि। प्र.20- शास्त्रों के विषय क्या है ? उत्तर- आत्मा, परमात्मा, प्रकृति, जगत की उत्पत्ति, मुक्ति अर्थात सब प्रकार का भौतिक व आध्यात्मिक ज्ञान-विज्ञान आदि। प्र.21- प्रामाणिक उपनिषदे कितनी है ? उत्तर- केवल ग्यारह। प्र.22- उपनिषदों के नाम बतावे ? उत्तर- 01-ईश ( ईशावास्य ) 02-केन 03-कठ 04-प्रश्न 05-मुंडक 06-मांडू 07-ऐतरेय 08-तैत्तिरीय 09-छांदोग्य 10-वृहदारण्यक 11-श्वेताश्वतर । प्र.23- उपनिषदों के विषय कहाँ से लिए गए है ? उत्तर- वेदों से। प्र.24- चार वर्ण। उत्तर- 1- ब्राह्मण. 2- क्षत्रिय. 3- वैश्य. 4- शूद्र प्र.25- चार युग। 1- सतयुग – 17,28000 वर्षों का नाम ( सतयुग ) रखा है।2- त्रेतायुग- 12,96000 वर्षों का नाम ( त्रेतायुग ) रखा है।3- द्वापरयुग- 8,64000 वर्षों का नाम है। 4- कलयुग- 4,32000 वर्षों का नाम है।कलयुग के 5122 वर्षों का भोग हो चुका है अभी तक।4,27024 वर्षों का भोग होना है। पंच महायज्ञ 1- ब्रह्मयज्ञ 2- देवयज्ञ 3- पितृयज्ञ 4- बलिवैश्वदेवयज्ञ 5- अतिथियज्ञ स्वर्ग – जहाँ सुख है। नरक – जहाँ दुःख है। भगवान शिव के”35″ रहस्य!! भगवान शिव अर्थात पार्वती के पति शंकर जिन्हें महादेव, भोलेनाथ, आदिनाथ आदि कहा जाता है | 1. आदिनाथ शिव : – सर्वप्रथम शिव ने ही धरती पर जीवन के प्रचार-प्रसार का प्रयास किया इसलिए उन्हें ‘आदिदेव’ भी कहा जाता है। ‘आदि’ का अर्थ प्रारंभ। आदिनाथ होने के कारण उनका एक नाम ‘आदिश’ भी है। 2. शिव के अस्त्र-शस्त्र : – शिव का धनुष पिनाक, चक्र भवरेंदु और सुदर्शन, अस्त्र पाशुपतास्त्र और शस्त्र त्रिशूल है। उक्त सभी का उन्होंने ही निर्माण किया था। 3. भगवान शिव का नाग : – शिव के गले में जो नाग लिपटा रहता है उसका नाम वासुकि है। वासुकि के बड़े भाई का नाम शेषनाग है। 4. शिव की अर्द्धांगिनी

आज का राशिफल Aaj ka rashifal

मेष राशि 17 अप्रैल 2025 राशिफल आज का दिन आपके लिए समस्याओं से निजात दिलाने वाला रहेगा। आपका कोई काम यदि लंबे समय से रुका हुआ था, तो वह भी पूरा हो सकता है। आप अपने घर के रेनोवेशन आदि के बारे में भी सोच सकते हैं। आपको अपनी संतान की संगति पर भी विशेष ध्यान देना होगा। परिवार में बुजुर्गों की सेवा भाव के लिए भी आप काफी समय निकालेंगे। यदि कुछ पारिवारिक समस्याओं के बावजूद रिश्ते में दूरियां आ गई थी, तो वह भी दूर होगी। वृषभ राशि 17अप्रैल 2025 राशिफल आज का दिन आपके लिए सामाजिक कामों से जुड़कर नाम कमाने के लिए रहेगा। आपकी छवि अच्छी रहेगी और आपको एक नई पहचान मिलेगी, लेकिन आप अपने मन में प्रेम और सहयोग की भावना बनाए रखें। माताजी को आप ननिहाल पक्ष के लोगों से मेल-मिलाप कराने लेकर जा सकते हैं। आपका कोई मित्र आपसे धन को लेकर कोई मदद मांग सकता है। आपकी कोई मन की इच्छा पूरी होने से खुशी का ठिकाना नहीं रहेगा। मिथुन राशि 17अप्रैल 2025 राशिफल आज का दिन विद्यार्थियों के लिए पढ़ाई-लिखाई में एकाग्र होकर जुटने के लिए रहेगा। आप इधर-उधर के कामों पर ध्यान ना लगाएं। आपको धन संबंधित मामलों को मिल बैठकर निपटना होगा। कोई कानूनी मामला आपके लिए सिरदर्द बन सकता है। आपके आसपास में कोई वाद-विवाद की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। आपने कोई बात यदि जीवनसाथी से गुप्त रखी थी, तो वह आज उनके सामने उजागर हो सकती है। आपको किसी से कोई वादा सोच समझकर करना होगा। कर्क राशि 17अप्रैल 2025 राशिफल आज का दिन आपके लिए भागदौड़ से भरा रहने वाला है। आपको एक साथ कई काम हाथ लग सकते हैं, लेकिन आपको एक-एक करके निपटाना बेहतर रहेगा। आप किसी धार्मिक संस्था से जुड़कर अच्छा नाम कमाएंगे। आपके मित्र के रूप में कुछ शत्रु हो सकते हैं। नौकरी में कार्यरत लोगों को मनपसंद काम मिल सकता है, जिससे उनके मन में खुशियां रहेंगी। जीवनसाथी के लिए आप कोई सरप्राइज गिफ्ट लेकर आ सकते हैं। आपको किसी पुरानी गलती से सबक लेना होगा। सिंह राशि 17 अप्रैल 2025 राशिफल आज का दिन आपके लिए बिजनेस के लिहाज से कुछ कमजोर रहने वाला है, क्योंकि आपको बिजनेस में मन मुताबिक लाभ न मिलने से आप परेशान रहेंगे। आपकी किसी नई संपत्ति को खरीदने की इच्छा पूरी हो सकती है। आपको किसी नए काम को करना बेहतर रहेगा। आपको किसी से कोई जरूरी जानकारी मिले, तो आप उसे तुरंत आगे ना बढ़ाएं। आपके परिवार में किसी सदस्य के विवाह की बात पक्की हो सकती है। कन्या राशि 17 अप्रैल 2025 राशिफल आज आप किसी नए वाहन की खरीदारी कर सकते हैं। आप अपने भाई के लिए कुछ धन का इंतजाम करेंगे। संतान आपकी उम्मीदों पर खरी उतरेगी। आपने यदि किसी को धन उधार दिया था, तो वह आपको वापस मिल सकता है। आपकी किसी नहीं संपत्ति को खरीदने की इच्छा पूरी हो सकती है। आपको किसी गलती के कारण अपने बॉस से डांट खानी पड़ सकती है। नौकरी में कार्यरत लोग किसी दूसरी नौकरी के लिए भी अप्लाई कर सकते हैं। तुला राशि 17 अप्रैल 2025 राशिफल आज का दिन आपके लिए सामान्य रहने वाला है। आपको किसी विपरीत परिस्थिति में धैर्य बनाए रखना होगा। आप बेवजह किसी बात को लेकर क्रोध न करें। संतान यदि आपको जिम्मेदारी देंगे, तो वह उसमें ढील दे सकते है। आपका शेयर मार्केट में भी कोई नुकसान हो सकता है। आपको जीवनसाथी की भावनाओं का भी सम्मान करना होगा। आपके मन में किसी बात को लेकर संशय बना हो, तो आप उस काम में बिल्कुल आगे ना बढ़ें। वृश्चिक राशि 17 अप्रैल 2025 राशिफल आज का दिन आपके लिए उलझनों से भरा वाला रहने वाला है। आपको एक साथ कई काम लगने से आप परेशान रहेंगे, लेकिन आपके स्वभाव में भी चिड़चिड़ापन रहेगा, जिससे परिवार के सदस्य भी परेशान रहेंगे। आपको राजनीति में सोच समझकर कदम बढ़ाना होगा, क्योंकि वहां विरोधी आपके खिलाफ कोई ना कोई चाल चलते रहेंगे। आपको अपने बिजनेस को लेकर कोई लोन आदि लेना पड़ सकता है, तभी आप अच्छा इन्वेस्टमेंट कर पाएंगे। धनु राशि 17 अप्रैल 2025 राशिफल आज का दिन आपके लिए किसी कानूनी मामले में सफलता दिलाने वाला रहेगा, क्योंकि आपकी किसी पैतृक संपत्ति की प्राप्ति हो सकती हैं। आप किसी को बिना मांगे सलाह देने से बचें। बिजनेस में आपकी कोई डील यदि अटकी हुई थी, तो वह आपके किसी मित्र की मदद से फाइनल हो सकती है। ससुराल पक्ष के किसी व्यक्ति से आपको धन लाभ मिलने आ सकता हैं। आपको सेहत में उतार-चढ़ाव रहने से मन परेशान रहेगा। विद्यार्थियों के उच्च शिक्षा के मार्ग प्रशस्थ होंगे। मकर राशि 17 अप्रैल 2025 राशिफल आज का दिन बिजनेस कर रहे लोगों के लिए अच्छा रहने वाला है। आपके लिए दीर्घकालीन योजनाओं को गति मिलेगी। आप कहीं घूमने-फिरने जाएं, तो वाहनों का प्रयोग आप सावधान रहकर करें, क्योंकि वाहन की अकस्मात खराबी के कारण आपका धन खर्च बढ़ सकता है। यदि आपने किसी से धन उधार लिया था, तो वह भी आपसे वापस मांग सकते हैं। आप किसी की कहीसुनी बातों का भरोसा ना करें। आप अपने मनपसंद भोजन का आनंद लेंगे। कुंभ राशि 17 अप्रैल 2025 राशिफल आज का दिन आपके लिए ईषालु और झगड़ालु लोगों से दूरी बनाकर रखने के लिए रहेगा। परिवार में ही आपके खिलाफ कोई सदस्य षडयंत्र रच सकता है। आपको अपनी बुद्धि का प्रयोग करके लोगों से अपने काम निकालने होंगे। रक्त संबंधी रिश्तों में दूरियां आ सकती है। आप अपनी वाणी की सौम्यता बनाए रखें, क्योंकि किसी की कोई बात बुरी लगने से आपका मन परेशान रहेगा। धार्मिक कामों में आप बढ़ चढ़कर हिस्सा लेंगे, जिससे आपको मानसिक शांति मिलेगी। मीन राशि 17 अप्रैल 2025 राशिफल आज आपकी कार्यक्षेत्र में किसी बात को लेकर वाद-विवाद होने की संभावना है, इसलिए आप किसी छोटे-से छोटी बात को नजरअंदाज करें, तो आपके लिए बेहतर रहेगा। परिवार के किसी सदस्य से धन को लेकर कोई वादा बहुत ही सोच समझ कर करें। आपकी कोई इच्छा यदि अधूरी थी, तो वह पूरी हो सकती है, जिससे आपको खुशी होगी। नवविवाहित जातकों के जीवन में किसी नए मेहमान का आगमन हो सकता

आज का पंचांग Aaj ka panchang

आज का हिन्दू पंचांग दिनांक – 17 अप्रैल 2025 दिन – गुरुवार विक्रम संवत् – 2082 अयन – उत्तरायण ऋतु – बसन्त मास – वैशाख पक्ष – कृष्ण तिथि – चतुर्थी दोपहर 03:23 तक तत्पश्चात् पञ्चमी नक्षत्र – ज्येष्ठा पूर्ण रात्रि तक योग – वरीयन् रात्रि 12:50 अप्रैल 18 तक तत्पश्चात् परिघ राहुकाल – दोपहर 02:15 से दोपहर 03:50 तक सूर्योदय – 06:17 सूर्यास्त – 07:01 दिशा शूल – दक्षिण दिशा में ब्रह्ममुहूर्त – प्रातः 04:47 से प्रातः 05:32 तक अभिजीत मुहूर्त – दोपहर 12:14 से दोपहर 01:05 तक निशिता मुहूर्त – रात्रि 12:16 अप्रैल 18 से रात्रि 01:01 अप्रैल 18 तक विशेष – चतुर्थी को मूली खाने से धन का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंड: 27.29-34) वैशाख मास माहात्म्य वैशाख मास सुख से साध्य, पापरूपी इंधन को अग्नि की भाँति जलानेवाला, अतिशय पुण्य प्रदान करनेवाला तथा धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष – चारों पुरुषार्थों को देनेवाला है । देवर्षि नारदजी राजा अम्बरीष से कहते हैं : ‘‘राजन् ! जो वैशाख में सूर्योदय से पहले भगवत्-चिंतन करते हुए पुण्यस्नान करता है, उससे भगवान विष्णु निरंतर प्रीति करते हैं । पाप तभी तक गरजते हैं जब तक जीव यह पुण्यस्नान नहीं करता । वैशाख मास में सब तीर्थ आदि देवता बाहर के जल (तीर्थ के अतिरिक्त) में भी सदैव स्थित रहते हैं । सब दानों से जो पुण्य होता है और सब तीर्थों में जो फल होता है, उसीको मनुष्य वैशाख में केवल जलदान करके पा लेता है । यह सब दानों से बढ़कर हितकारी है ।’’ (ऋषि प्रसाद, अप्रैल : 2009) वैशाख (माधव) मास में जो भक्तिपूर्वक दान, जप, हवन और स्नान आदि शुभ कर्म किये जाते हैं, उनका पुण्य अक्षय तथा सौ करोड़ गुना अधिक होता है । (पद्म पुराण) Get your horoscope reading, Understand your birth chart, Astrology solutions for life problems , Astrological guidance for relationships, Learn about Vedic astrologyFree astrology predictions , Vedic astrology services , Astrology consultation online, Best astrologer in India, Astrology advice for career growthCareer astrology , Love astrology , Marriage astrology , Financial astrology , Health astrology , Vastu Shastra , NumerologyAstrology , Vedic astrology , Jyotish , Horoscope , Astrology predictions

जन्म कुंडली में चतुर्थ भाव (4th house in birth chart)

ज्योतिष में चतुर्थ भाव मानसिक शांति, घर, वैभव, परिवार, वाहन, प्रारंभिक शिक्षा और माता का प्रतिनिधित्व करता है। यह भाव भावनाओं, आंतरिक सुरक्षा, भूमि और पैतृक विरासत का भी संकेत देता है। काल पुरुष कुंडली के अनुसार, कर्क राशि स्वाभाविक रूप से चतुर्थ भाव की स्वामी होती है, और चंद्रमा इसका अधिपति ग्रह है।चतुर्थ भाव में चंद्रमा की स्थिति अत्यंत शुभ मानी जाती है। यदि यह पीड़ित न हो, तो व्यक्ति को सकारात्मक सोच, मानसिक शक्ति, गहरी समझ और परिपक्वता का आशीर्वाद मिलता है।यहाँ चंद्रमा व्यक्ति को उसकी माँ के प्रति गहरा लगाव देता है। माँ दयालु हो सकती हैं, दूसरों की मदद करने वाली हो सकती हैं, या सामाजिक सेवा से जुड़ी हो सकती हैं। चतुर्थ भाव में शुभ स्थिति में स्थित चंद्रमा भावनात्मक संतुलन और आंतरिक सुरक्षा प्रदान करता है। हालाँकि, यदि चंद्रमा कमजोर हो या शनि, राहु या मंगल से पीड़ित हो, तो व्यक्ति चिंता, मूड स्विंग( Mood swing) या अवसाद का अनुभव कर सकता है। यदि केतु भी प्रभाव में हो, तो ऐसे ही समस्याएँ उत्पन्न हो सकती हैं, लेकिन ध्यान के माध्यम से इन्हें नियंत्रित किया जा सकता है। यदि चतुर्थ भाव में चंद्रमा का संबंध बृहस्पति या शुक्र से हो, तो यह व्यक्ति की अंतर्ज्ञान, रचनात्मकता और संवेदनशीलता को बढ़ाता है। ऐसा व्यक्ति गहरी भावनात्मक बुद्धि रखता है और भौतिक संसार से परे चीजों को समझने की क्षमता रखता है।. चतुर्थ भाव में चंद्रमा मनोविज्ञान, सामाजिक सेवा, रियल एस्टेट और इंटीरियर डिजाइन से जुड़े करियर में सफलता दिला सकता है। व्यक्ति घर से काम कर सकता है या अपने मातृभूमि से जुड़ा कोई पेशा अपना सकता है। नाड़ी ज्योतिष में चतुर्थ भाव पिछले जन्म के कर्म और भावनात्मक ऋणों का प्रतिनिधित्व करता है। मजबूत चंद्रमा पारिवारिक रूप से सकारात्मक कर्म दर्शाता है, जबकि कमजोर या पीड़ित चंद्रमा अव्यवस्थित भावनात्मक बोझ का संकेत दे सकता है।यदि चंद्रमा द्विस्वभाव राशि (मिथुन, कन्या, धनु या मीन) में हो, तो व्यक्ति अक्सर स्थान परिवर्तन या यात्रा कर सकता है। नाड़ी ज्योतिष में, यह स्थिति ऐसे करियर का संकेत भी दे सकती है, जिसमें बार-बार यात्रा करनी पड़ती हो। Get your horoscope reading, Understand your birth chart, Astrology solutions for life problems , Astrological guidance for relationships, Learn about Vedic astrologyFree astrology predictions , Vedic astrology services , Astrology consultation online, Best astrologer in India, Astrology advice for career growthCareer astrology , Love astrology , Marriage astrology , Financial astrology , Health astrology , Vastu Shastra , NumerologyAstrology , Vedic astrology , Jyotish , Horoscope , Astrology predictions

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