आज का हिन्दू पंचांग Hindu panchang

दिनांक – 12 अप्रैल 2025

दिन – शनिवार

विक्रम संवत् – 2082

अयन – उत्तरायण

ऋतु – बसन्त

मास – चैत्र

पक्ष – शुक्ल

तिथि – पूर्णिमा सुबह 05:51 अप्रैल 13 तक तत्पश्चात् प्रतिपदा

नक्षत्र – हस्त शाम 06:08 तक तत्पश्चात् चित्रा

योग – व्याघात 08:41 तक तत्पश्चात् हर्षण

राहुकाल – सुबह 09:31 से सुबह 11:06 तक (अहमदाबाद मानक समयानुसार)

सूर्योदय – 06:22

सूर्यास्त – 06:59 (सूर्योदय एवं सूर्यास्त अहमदाबाद मानक समयानुसार)

दिशा शूल – पूर्व में

ब्रह्ममुहूर्त – प्रातः 04:51 से प्रातः 05:36 तक (अहमदाबाद मानक समयानुसार)

अभिजीत मुहूर्त – दोपहर 12:15 से दोपहर 01:06 तक

निशिता मुहूर्त – रात्रि 12:17 अप्रैल 13 से रात्रि 01:03 अप्रैल 13 तक (अहमदाबाद मानक समयानुसार)

व्रत पर्व विवरण – चैत्री पूर्णिमा, श्री हनुमानजी का प्राकट्य दिवस

विशेष – पूर्णिमा के दिन स्त्री – सहवास तथा तिल का तेल खाना और लगाना निषिद्ध है। ( ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंड: 27.29-34)

अमृततुल्य गोदुग्ध के अनुपम लाभ (भाग-२)

(१०) इसमें कैल्शियम प्रचुर मात्रा में होता है जो दाँत एवं हड्डियों को मजबूत बनाने में सहायक है । बाल्य और किशोर अवस्था में कैल्शियम की बहुत अधिक आवश्यकता रहती है क्योंकि इस समय हड्डियों का सबसे अधिक विकास होता है । प्रतिदिन दूध का सेवन करना बच्चों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है । ३०० मि.ली. दूध में लगभग ३५० मि.ग्रा. कैल्शियम होता है जो तीन साल तक के बच्चों की दैनिक आवश्यकता का आधा है ।

(११) दूध में कैंसररोधी तत्त्व पाये जाते हैं जो बड़ी आँत, स्तन व त्वचा का कैंसर होने की सम्भावना को कम करते हैं । सिगरेट और शराब के सेवन से अन्न-नलिका का कैंसर (oesoph- ageal cancer) होने की सम्भावना बढ़ जाती है जबकि दूध के सेवन से यह सम्भावना कम हो जाती है । यह हृदय एवं रक्तवाहिनियों से संबंधित रोगों (cardiovascular disease) से रक्षा करने में सहायक है । रक्तचाप (B.P.) को सामान्य रखने में भी उपयोगी है तथा मधुमेह (diabe- tes) होने की सम्भावना को कम करता है ।

(१२) इसमें पाये जानेवाले ‘केरोटिन’ नामक पीले पदार्थ से आँखों की रोशनी बढ़ती है । रात में दूध का सेवन आँखों के लिए विशेष हितकारी है । ३ से ५ वर्ष के बच्चे की विटामिन ‘ए’ की दैनिक आवश्यकता की ७५ प्रतिशत आपूर्ति मात्र २५० मि.ली. गोदुग्ध से हो जाती है ।

(१३) भिगोये हुए २-३ बादाम २०० मि.ली. दूध के साथ सेवन करने से बच्चों के सूखा रोग (rickets) में लाभ होता है ।

(१४) रात में सोने से कुछ घंटे पहले (भोजन एवं दूध में २ घंटे का अंतर रख के) दूध लेने से रक्त के नवनिर्माण में मदद मिलती है । यह विषैले पदार्थों को निष्क्रिय करता है तथा रोगप्रतिकारक शक्ति (immunity) को बढ़ाने भी सहायक है ।

(१५) कच्चे दूध की चेहरे पर मालिश करने से वर्ण में निखार आता है ।

(१६) आयुर्वेद शास्त्रों के अनुसार रात में दूध पीने से बच्चों की जठराग्नि एवं शरीर की वृद्धि होती है, क्षयरोगियों का बल बढ़ता है तथा वृद्धों में शुक्र धातु की वृद्धि होती है । रात में दूध पीने से अनेक प्रकार के दोषों (रोगों) का शमन होता है ।

जिन्हें कफ की समस्या है उन्हें कफ-शमन हेतु दूध में २-३ काली मिर्च तथा आधा से एक ग्राम सोंठ का चूर्ण मिला के सेवन करना विशेष लाभकारी है ।

गाय का दूध सात्त्विक होने से बुद्धि अच्छे विचार तथा अच्छे कर्मों की ओर प्रवृत्त होती है । इससे परिशुद्ध भावना उत्पन्न होती रहती है । इन सभी गुणों के कारण इसे ‘धरा का अमृत’ कहा जाता है । इसलिए मनुष्यों को नित्य गाय के शुद्ध दूध का सेवन करना चाहिए ।

सावधानी : नया बुखार, त्वचा रोग, दस्त, कृमि, गठिया तथा दमा (asthma), खाँसी आदि कफ-संबंधी एवं आमजनित समस्याओं में दूध का सेवन नहीं करना चाहिए ।

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