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समय खराब चल रहा कब होगा सही

समय खराब चल रहा कब होगा सही?

जीवन मे कभी कभी ग्रहो की दशाएँ खराब या प्रतिकूल आ जाने पर समय खराब चलने लगता है जिससे जीवन दुख, असफलताओं, परेशानियों से भर जाता है आदि ऐसा खराब ग्रह दशाओं के आ जाने पर होता है और तब तक ऐसा समय चलता रहता है जब तक खराब ग्रह दशाय आपके ऊपर चलती रहती है ऐसी स्थिति में अब या तो खराब ग्रहो की दशाएँ समाप्त होने पर समय अच्छा हो पाता है और वह भी तब जब खराब ग्रह दशा समाप्त होने के बाद अगर अनुकूल शक्तिशाली ग्रह दशाएँ आ रही हो तब सब तरह से समय सुखद हो पाता है बाकी अगर समय लंबे समय तक खराब चल रहा है या लंबे समय तक समय खराब चलने के योग बने हुए है तब केवल और केवल उपाय करने से समय जल्दी अच्छा हो पायेगा, परेशानियां, दुःख, समस्याएं आदि दूर हो पाएंगे।अब कुछ उदाहरणो से समझते हैं अगर समय खराब चल रहा है तो सही कब तक होगा आदि??

उदाहरण_कर्क लग्न में माना किसी भी ग्रह की महादशा अन्तरदशाये शुरू हुई है माना कैरियर रोजगार स्वामी मंगल की महादशा में कर्क लग्न में धन/परिवार स्वामी सूर्य की अन्तर्दशा शुरू हो गई है अब मंगल और सूर्य एक दूसरे से कुंडली मे छठे और आठवें भाव की दूरी पर बैठे है ऐसी स्थिति में यह समय खराब रहेगा, धन परिवार रोजगार और मानसिक अशांति को लेकर, अब यहाँ जब यह मंगल में सूर्य दशा खत्म होगी और सूर्य के बाद जो चन्द्र की अंतर्दशा समय शुरू होगा और चंद्र अच्छी स्थिति में है मंगल के अनुसार भी अच्छी स्थिति में अन्तर्दशा स्वामी चन्द्र बैठा है तब चन्द्र अन्तर्दशा लगते समय अनुकूल होगा, बाकी इससे पहले समय ठीक हो जाये इसके लिए उपाय करने से राहत मिल पाएगी।

उदाहरण_वृश्चिक लग्न में माना किसी ग्रह की महादशा चल रही हो और वह ग्रह दूषित या पीड़ित है जैसे कि वृश्चिक लग्न में माना सूर्य और चन्द्र की दशाएँ चल रही है सूर्य चन्द्र जो कि यहाँ कैरियर रोजगार और भाग्य के स्वामी है और सूर्य चन्द्र और सूर्य चन्द्रमा के भाव मतलब घर भी राहु केतु से पीड़ित है तब यहाँ सूर्य चन्द्रमा जब तक दशाओं में चलते रहेंगे कैरियर, रोजगार में परेशानियां, भाग्य का साथ शून्य होकर परेशानिया इस तरह की बनी रहेगी, यहाँ ज्यादा से ज्यादा उपाय करने और सूर्य चन्द्रमा को बलवान करने से परेशानिया खत्म होगी, बिना उपाय समस्या तब खत्म होगी जब इन ग्रहो की दशाय खत्म होकर अच्छे शुभ फल देने वाले ग्रह की महादशाये अन्तर्दशाये शुरू होंगी।

उदाहरण_धनु लग्न है और समय खराब चल रहा है तब इसका कारण है कुंडली मे चल रही खराब दशाय जैसे माना यहाँ 7वे भाव स्वामी बुध की महादशा या अन्तर्दशा चल रही है या चल रही हो और बुध के साथ राहु बैठा हो और 7वे भाव पर भी किसी पाप ग्रह की दृष्टि कुंडली में यहाँ हो और शुभ ग्रह की दृष्टि भी हो जिस वजह से जब यहाँ अब बुध जो कि 7वे भाव(विवाह भाव) का स्वामी है और पीड़ित है ऐसी स्थिति में बुध दशा जब तक चलेगी वैवाहिक जीवन किसी न किसी कारण से परेशानियों वाला, दुखद बना रहेगा क्योंकि 7वे भाव पर शुभ ग्रह की दृष्टि भी ऊपर लिखी है इस कारण जब बुध की दशा खत्म हो जाएगी तब यहाँ वैवाहिक जीवन मे बनी जिस भी कारण से समस्याए है वह खत्म हो पाएगी, बाकी उपाय करना यहाँ समस्याए जल्दी खत्म करके वैवाहिक जीवन ठीक कर देंगा |

दिवम् एस्ट्रो वर्ल्ड आचार्या सौ भावनाजी बिसावा

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