आज का दैनिक पंचांग Aaj ka dainik panchang
आज का पंचांग Aaj ka PANCHANG
आज का हिन्दू पंचांग Daily hindu panchang दिनांक -06 मई 2025 दिन – मंगलवार विक्रम संवत् – 2082 अयन – उत्तरायण ऋतु – ग्रीष्म मास – वैशाख पक्ष – शुक्ल तिथि – नवमी सुबह 08:38 तक तत्पश्चात् दशमी नक्षत्र – मघा दोपहर 03:52 तक तत्पश्चात् पूर्वाफाल्गुनी योग – ध्रुव रात्रि 12:30 मई 07 तक तत्पश्चात् व्याघात राहुकाल – दोपहर 03:53 से शाम 05:31 तक सूर्योदय – 06:03 सूर्यास्त – 07:09 दिशा शूल – उत्तर दिशा में ब्रह्ममुहूर्त – प्रातः 04:36 से प्रातः 05:20 तक अभिजीत मुहूर्त – दोपहर 12:10 से दोपहर 01:03 तक निशिता मुहूर्त – रात्रि 12:14 मई 07 से रात्रि 12:58 मई 07 तक विशेष – दशमी को कलंबी का शाक त्याज्य है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंड: 27.29-34)
आज का पंचांग Aaj ka PANCHANG
वैदिक पंचांग Daily PANCHANG दिनांक – 05 मई 2025 दिन – सोमवार विक्रम संवत – 2082 (गुजरात-महाराष्ट्र अनुसार 2081) शक संवत -1947 अयन – उत्तरायण ऋतु – ग्रीष्म ॠतु मास – वैशाख पक्ष – शुक्ल तिथि – अष्टमी सुबह 07:35 तक तत्पश्चात नवमी नक्षत्र – अश्लेशा दोपहर 02:01 तक तत्पश्चात मघा योग – वृद्धि रात्रि 12:20 तक तत्पश्चात ध्रुव राहुकाल – सुबह 07:43 से सुबह 09:21 तक सूर्योदय – 06:06 सूर्यास्त – 07:04 दिशाशूल – पूर्व दिशा मे व्रत पर्व विवरण- विशेष- अष्टमी को नारियल का फल खाने से बुद्धि का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34) तुलसी के बीज का चमत्कार तुलसी के बीज पीसकर रखो । एक चुटकी बीज रात को भिगा दो । सुबह खा लो । इससे …. पेट की तकलीफ़ भागेगी| यादशक्ति बढेगी | बुढ़ापे की कमजोरी से बचोगे । heart attack नहीं होगा । High Blood Pressure भी नहीं होगा । वास्तु शास्त्र Vastu Shastra यदि घर में लक्ष्मीजी की फोटो लगानी हो तो ऐसी फोटो लगाए, जिसमें वे बैठी हुई हों। जिस फोटो में लक्ष्मीजी खड़ी हुई दिखाई देती हैं, वह फोटो घर में लगाने से बचना चाहिए।
आज का पंचांग Aaj ka PANCHANG
वैदिक पंचांग panchang दिनांक – 03 मई 2025 दिन – शनिवार विक्रम संवत – 2082 (गुजरात-महाराष्ट्र अनुसार 2081) शक संवत -1947 अयन – उत्तरायण ऋतु – ग्रीष्म ॠतु मास – वैशाख पक्ष – शुक्ल तिथि – षष्ठी सुबह 07:51 तक तत्पश्चात सप्तमी नक्षत्र – पुनर्वसु दोपहर 12:34 तक तत्पश्चात पुष्य योग – शूल 04 मई रात्रि 01:41 तक तत्पश्चात गण्ड राहुकाल – सुबह 09:21 से सुबह 10:58 तक सूर्योदय – 06:08 सूर्यास्त – 07:03 दिशाशूल – पूर्व दिशा मे व्रत पर्व विवरण- श्री गंगा सप्तमी (श्री गंगा जयंती) विशेष- षष्ठी को नीम की पत्ती, फल या दातुन मुँह में डालने से नीच योनियों की प्राप्ति होती है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34) पुष्य नक्षत्र योग 04 मई 2025 रविवार को सूर्योदय से दोपहर 12:53 तक रविपुष्यामृत योग है । १०८ मोती की माला लेकर जो गुरुमंत्र का जप करता है, श्रद्धापूर्वक तो २७ नक्षत्र के देवता उस पर खुश होते हैं और नक्षत्रों में मुख्य है पुष्य नक्षत्र, और पुष्य नक्षत्र के स्वामी हैं देवगुरु ब्रहस्पति | पुष्य नक्षत्र समृद्धि देनेवाला है, सम्पति बढ़ानेवाला है | उस दिन ब्रहस्पति का पूजन करना चाहिये | ब्रहस्पति को तो हमने देखा नहीं तो सद्गुरु को ही देखकर उनका पूजन करें और मन ही मन ये मंत्र बोले – ॐ ऐं क्लीं ब्रहस्पतये नम : |…… ॐ ऐं क्लीं ब्रहस्पतये नम : | मंत्र जप एवं शुभ संकल्प हेतु विशेष तिथि 04 मई 2025 रविवार को सूर्योदय से सुबह 07:18 तक रविवार सप्तमी है। सोमवती अमावस्या, रविवारी सप्तमी, मंगलवारी चतुर्थी, बुधवारी अष्टमी – ये चार तिथियाँ सूर्यग्रहण के बराबर कही गयी हैं। इनमें किया गया जप-ध्यान, स्नान , दान व श्राद्ध अक्षय होता है। (शिव पुराण, विद्येश्वर संहिताः अध्याया (10) रविवार सप्तमी रविवार सप्तमी के दिन जप/ध्यान करने का वैसा ही हजारों गुना फल होता है जैसा की सूर्य/चन्द्र ग्रहण में जप/ध्यान करने से होता | रविवार सप्तमी के दिन अगर कोई नमक मिर्च बिना का भोजन करे और सूर्य भगवान की पूजा करे , तो उसकी घातक बीमारियाँ दूर हो सकती हैं , अगर बीमार व्यक्ति न कर सकता हो तो कोई और बीमार व्यक्ति के लिए यह व्रत करे | इस दिन सूर्यदेव का पूजन करना चाहिये | सूर्य भगवान पूजन विधि १) सूर्य भगवान को तिल के तेल का दिया जला कर दिखाएँ , आरती करें | २) जल में थोड़े चावल ,शक्कर , गुड , लाल फूल या लाल कुम कुम मिला कर सूर्य भगवान को अर्घ्य दें | सूर्य भगवान अर्घ्य मंत्र 1. ॐ मित्राय नमः। 2. ॐ रवये नमः। 3. ॐ सूर्याय नमः। 4. ॐ भानवे नमः। 5. ॐ खगाय नमः। 6. ॐ पूष्णे नमः। 7. ॐ हिरण्यगर्भाय नमः। 8. ॐ मरीचये नमः। 9. ॐ आदित्याय नमः। 10. ॐ सवित्रे नमः। 11. ॐ अर्काय नमः। 12. ॐ भास्कराय नमः। 13. ॐ श्रीसवितृ-सूर्यनारायणाय नमः |
आज का पंचांग
वैदिक पंचांग दिनांक – 25 अप्रैल 2025 दिन – शुक्रवार विक्रम संवत – 2082 (गुजरात-महाराष्ट्र अनुसार 2081) शक संवत -1947 अयन – उत्तरायण ऋतु – ग्रीष्म ॠतु मास – वैशाख (गुजरात-महाराष्ट्र अनुसार चैत्र) पक्ष – कृष्ण तिथि – द्वादशी सुबह 11:44 तक तत्पश्चात त्रयोदशी नक्षत्र – पूर्वभाद्रपद सुबह 08:53 तक तत्पश्चात उत्तरभाद्रपद योग – इन्द्र दोपहर 12:31 तक तत्पश्चात वैधृति राहुकाल – सुबह 11:01 से दोपहर 12:37 तक सूर्योदय – 06:13 सूर्यास्त – 07:00 दिशाशूल – पश्चिम दिशा मे व्रत पर्व विवरण- प्रदोष व्रत,पंचक विशेष- द्वादशी को पूतिका(पोई) अथवा त्रयोदशी को बैंगन खाने से पुत्र का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34) प्रदोष व्रत हिंदू पंचांग के अनुसार, प्रत्येक महिने की दोनों पक्षों की त्रयोदशी तिथि पर प्रदोष व्रत किया जाता है। ये व्रत भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए किया जाता है। इस बार 25 अप्रैल, शुक्रवार को प्रदोष व्रत है। इस दिन भगवान शिव की विशेष पूजा की जाती है। प्रदोष पर व्रत व पूजा कैसे करें और इस दिन क्या उपाय करने से आपका भाग्योदय हो सकता है, जानिए… ऐसे करें व्रत व पूजा प्रदोष व्रत के दिन सुबह स्नान करने के बाद भगवान शंकर, पार्वती और नंदी को पंचामृत व गंगाजल से स्नान कराएं। इसके बाद बेल पत्र, गंध, चावल, फूल, धूप, दीप, नैवेद्य (भोग), फल, पान, सुपारी, लौंग, इलायची भगवान को चढ़ाएं। पूरे दिन निराहार (संभव न हो तो एक समय फलाहार) कर सकते हैं) रहें और शाम को दुबारा इसी तरह से शिव परिवार की पूजा करें। भगवान शिवजी को घी और शक्कर मिले जौ के सत्तू का भोग लगाएं। आठ दीपक आठ दिशाओं में जलाएं। भगवान शिवजी की आरती करें। भगवान को प्रसाद चढ़ाएं और उसीसे अपना व्रत भी तोड़ें।उस दिन ब्रह्मचर्य का पालन करें। ये उपाय करें सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि करने के बाद तांबे के लोटे से सूर्यदेव को अर्ध्य देें। पानी में आकड़े के फूल जरूर मिलाएं। आंकड़े के फूल भगवान शिवजी को विशेष प्रिय हैं । ये उपाय करने से सूर्यदेव सहित भगवान शिवजी की कृपा भी बनी रहती है और भाग्योदय भी हो सकता है। कर्ज-मुक्ति के लिए मासिक शिवरात्रि 26 अप्रैल 2025 शनिवार को मासिक शिवरात्रि है। हर मासिक शिवरात्रि को सूर्यास्त के समय घर में बैठकर अपने गुरुदेव का स्मरण करके शिवजी का स्मरण करते- करते ये 17 मंत्र बोलें, जिनके सिर पर कर्जा ज्यादा हो, वो शिवजी के मंदिर में जाकर दिया जलाकर ये 17 मंत्र बोले।इससे कर्जा से मुक्ति मिलेगी 1).ॐ शिवाय नम: 2).ॐ सर्वात्मने नम 3).ॐ त्रिनेत्राय नम: 4).ॐ हराय नम: 5).ॐ इन्द्र्मुखाय नम: 6).ॐ श्रीकंठाय नम: 7).ॐ सद्योजाताय नम: 8).ॐ वामदेवाय नम 9).ॐ अघोरह्र्द्याय नम 10).ॐ तत्पुरुषाय नम: 11).ॐ ईशानाय नम: 12).ॐ अनंतधर्माय नम: 13).ॐ ज्ञानभूताय नम: 14). ॐ अनंतवैराग्यसिंघाय नम: 15).ॐ प्रधानाय नम 16).ॐ व्योमात्मने नम 17).ॐ युक्तकेशात्मरूपाय नम आर्थिक परेशानी से बचने हेतु हर महीने में शिवरात्रि (मासिक शिवरात्रि – कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी) को आती है | तो उस दिन जिसके घर में आर्थिक कष्ट रहते हैं वो शाम के समय या संध्या के समय जप-प्रार्थना करें एवं शिवमंदिर में दीप-दान करें । और रात को जब 12 बज जायें तो थोड़ी देर जाग कर जप और एक श्री हनुमान चालीसा का पाठ करें।तो आर्थिक परेशानी दूर हो जायेगी।प्रति वर्ष में एक महाशिवरात्रि आती है और हर महीने में एक मासिक शिवरात्रि आती है। उस दिन शाम को बराबर सूर्यास्त हो रहा हो उस समय एक दिया पर पाँच लंबी बत्तियाँ अलग-अलग उस एक में हो शिवलिंग के आगे जला के रखना |बैठ कर भगवान शिवजी के नाम का जप करना प्रार्थना करना, | इससे व्यक्ति के सिर पे कर्जा हो तो जल्दी उतरता है, आर्थिक परेशानियाँ दूर होती है ।
आज का पंचांग Aaj ka panchang
आज का वैदिक हिन्दू पंचांग Hindu panchang दिनांक – 10 अप्रैल 2025 दिन – गुरुवार विक्रम संवत् – 2082 अयन – उत्तरायण ऋतु – बसन्त मास – चैत्र पक्ष – शुक्ल तिथि – त्रयोदशी रात्रि 01:00 अप्रैल 11 तक, तत्पश्चात् चतुर्दशी नक्षत्र – पूर्वाफाल्गुनी दोपहर 12:24 तक तत्पश्चात् उत्तराफाल्गुनी योग – वृद्धि शाम 06:59 तक तत्पश्चात् ध्रुव राहुकाल – दोपहार 02:15 से दोपहर 03:50 तक (अहमदाबाद मानक समयानुसार) सूर्योदय – 06:24 सूर्यास्त – 06:58 (सूर्योदय एवं सूर्यास्त अहमदाबाद मानक समयानुसार) दिशा शूल – दक्षिण दिशा में ब्रह्ममुहूर्त – प्रातः 04:52 से प्रातः 05:38 तक (अहमदाबाद मानक समयानुसार) अभिजीत मुहूर्त – दोपहर 12:16 से दोपहर 01:06 तक निशिता मुहूर्त – रात्रि 12:18 अप्रैल 11 से रात्रि 01:03 अप्रैल 11 तक (अहमदाबाद मानक समयानुसार) व्रत पर्व विवरण – अनंग त्रयोदशी, प्रदोष व्रत, महावीर स्वामी जयंती विशेष – त्रयोदशी को बैंगन खाने से पुत्र का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंड: 27.29-34) उत्तम स्वास्थ्य हेतु निद्रा – संबंधी ध्यान देने योग्य जरूरी बातें क्या करें १] आयु –आरोग्य संवर्धन हेतु उचित समय पर, उचित मात्रा में नींद लेना जरूरी है । २] रात को ढीले वस्त्र पहन के बायीं करवट सोयें । ३] अनिद्रा हो तो सिर पर आँवला-भृंगराज केश तेल व शरीर पर तिल की एवं पैरों के तलवों पर घी की मालिश करें । ४] सोने से पहले शास्त्राध्ययन या सत्संग श्रवण कर कुछ देर ॐकार का दीर्घ उच्चारण करें, फिर श्वासोच्छ्वास के साथ भगवन्नाम की गिनती करते हुए सोयें तो नींद भी उपासना हो जायेगी । क्या न करें १] हाथ-पैर सिकोड़कर, पैरों के पंजो की आँटी (क्रॉस) करके, सिर के पीछे या ऊपर हाथ रखकर तथा पेट के बल नहीं सोना चाहिए । २] रात को पैर गीले रख के नही सोना चाहिए । ३] देर रात तक जागरण से शरीर में धातुओं का शोषण होता हैं व शरीर दुर्बल होता है । ४] दिन में शयन करने से शरीर में बल का क्षय हो जाता है । स्थूल, कफ प्रकृतिवाले व कफजन्य व्याधियों से पीड़ित व्यक्तियों को सभी ऋतुओं में दिन की निद्रा अत्यंत हानिकारक है ।
आज का राशिफल Aaj ka rashifal
26 मार्च 2025 बुधवार : आज क्या कहते हैं आपके सितारे जाने अपना राशिफल मेष किसी प्रभावशाली व्यक्ति से सहयोग प्राप्त होगा। पूजा-पाठ में मन लगेगा। तीर्थदर्शन हो सकते हैं। विवेक का प्रयोग करें, लाभ होगा। मित्रों के साथ अच्छा समय बीतेगा। विरोध होगा। पारिवारिक सुख-शांति बनी रहेगी। चिंता तथा तनाव रहेंगे। झंझटों में न पड़ें। जल्दबाजी से हानि होगी। आलस्य हावी रहेगा। वृषभ स्वास्थ्य का पाया कमजोर रहेगा। चोट व दुर्घटना से हानि संभव है। कार्य करते समय लापरवाही न करें। बनते कामों में बाधा हो सकती है। विवाद से बचें। काम में मन नहीं लगेगा। किसी व्यक्ति के उकसाने में न आएं। विवेक का प्रयोग करें। आय बनी रहेगी। पारिवारिक सहयोग मिलेगा। व्यापार ठीक चलेगा। मिथुन घर-परिवार की चिंता रहेगी। किसी वरिष्ठ व्यक्ति का मार्गदर्शन व सहयोग प्राप्त होगा। जीवनसाथी से सहयोग मिलेगा। घर-परिवार में प्रसन्नता रहेगी। बाहर जाने का मन बनेगा। भाइयों से मतभेद दूर होंगे। व्यवसाय लाभप्रद रहेगा। वाणी में हल्के शब्दों के प्रयोग से बचें। संतान पक्ष से खुशियां प्राप्त होंगी। कर्क लेन-देन में जल्दबाजी न करें। आवश्यक वस्तु समय पर नहीं मिलने से क्रोध रहेगा। भूमि व भवन संबंधी बड़े सौदे बड़ा लाभ दे सकते हैं। उन्नति के मार्ग प्रशस्त होंगे। व्यापार-व्यवसाय मनोनुकूल रहेगा। बड़ा काम करने का मन बनेगा। रोजगार प्राप्ति के प्रयास सफल रहेंगे। आय में वृद्धि होगी। सिंह रचनात्मक कार्य सफल रहेंगे। किसी प्रबुद्ध व्यक्ति का मार्गदर्शन प्राप्त होगा। यात्रा मनोरंजक रहेगी। पार्टी व पिकनिक का आनंद मिलेगा। मनपसंद भोजन की प्राप्ति संभव है। पारिवारिक सदस्यों तथा मित्रों के साथ आनंदायक समय व्यतीत होगा। व्यापार-व्यवसाय ठीक चलेगा। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। कन्या बुरी सूचना मिल सकती है। मेहनत अधिक होगी। स्वास्थ्य का पाया कमजोर रहेगा। आय में कमी रहेगी। नकारात्मकता बढ़ेगी। विवाद से क्लेश होगा। जल्दबाजी में कोई महत्वपूर्ण निर्णय न लें। अनावश्यक परेशानी खड़ी हो सकती है। दूसरों की बातों में न आएं। धैर्य रखें, समय सुधरेगा। तुला सामाजिक कार्यों में मन लगेगा। दूसरों की सहायता कर पाएंगे। मान-सम्मान मिलेगा। रुके कार्यों में गति आएगी। पारिवारिक सहयोग मिलेगा। व्यापार ठीक चलेगा। मनोरंजक यात्रा हो सकती है। मित्रों के साथ अच्छा समय व्यतीत होगा। घर-बाहर सुख-शांति रहेगी। झंझटों में न पड़ें। ईर्ष्यालु सक्रिय रहेंगे। वृश्चिक उत्साहवर्धक सूचना प्राप्त होगी। भूले-बिसरे साथियों से मुलाकात होगी। कोई नया बड़ा काम करने की योजना बनेगी। भाइयों का सहयोग प्राप्त होगा। व्यापार-व्यवसाय मनोनुकूल चलेगा। भ्रम की स्थिति बन सकती है। बुद्धि का प्रयोग करें। लाभ में वृद्धि होगी। समय प्रसन्नतापूर्वक व्यतीत होगा। धनु यात्रा मनोरंजक रहेगी। भेंट व उपहार की प्राप्ति संभव है। किसी बड़ी समस्या का हल मिलेगा। व्यावसायिक साझेदार पूर्ण सहयोग करेंगे। कोई नया उपक्रम प्रारंभ करने का मन बनेगा। सेहत का ध्यान रखें। वरिष्ठजनों की सलाह काम आएगी। नए मित्र बनेंगे। आय बनी रहेगी। हर कार्य बेहतर होगा। मकर अनावश्यक जोखिम न लें। किसी भी व्यक्ति के उकसावे में न आएं। फालतू खर्च होगा। पुराना रोग उभर सकता है। सेहत को प्राथमिकता दें। लेन-देन में जल्दबाजी से हानि होगी। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। महत्वपूर्ण निर्णय लेने का समय नहीं है। चिंता तथा तनाव रहेंगे। व्यापार मनोनुकूल चलेगा। कुंभ मनोरंजक यात्रा की योजना बनेगी। डूबी हुई रकम प्राप्त हो सकती है। आय में वृद्धि होगी। बिगड़े काम बनेंगे। प्रसन्नता रहेगी। मित्रों के साथ अच्छा समय व्यतीत होगा। व्यस्तता के चलते स्वास्थ्य बिगड़ सकता है, ध्यान रखें। व्यापार-व्यवसाय लाभदायक रहेगा। भाग्य का साथ मिलेगा। प्रमाद न करें। मीन घर-परिवार के साथ आराम तथा मनोरंजन के साथ समय व्यतीत होगा। मान-सम्मान मिलेगा। व्यापार मनोनुकूल चलेगा। योजना फलीभूत होगी। कार्यस्थल पर परिवर्तन संभव है। विरोध होगा। काम करते समय लापरवाही न करें। चोट लग सकती है। थकान तथा कमजोरी महसूस होगी। मित्रों का सहयोग प्राप्त होगा।
आज का पंचांग Aaj ka panchang
आज का हिन्दू पंचांग hindu panchang दिनांक – 25 मार्च 2025 दिन – मंगलवार विक्रम संवत् – 2081 अयन – उत्तरायण ऋतु – बसन्त मास – चैत्र पक्ष – कृष्ण तिथि – एकादशी प्रातः 03:45 मार्च 26 तक तत्पश्चात् द्वादशी नक्षत्र – श्रवण प्रातः 03:49 मार्च 26 तक तत्पश्चात् घनिष्ठा योग – शिव दोपहर 02:53 तक तत्पश्चात् सिद्ध राहुकाल- दोपहर 03:49 से शाम 05:21 तक सूर्योदय – 06:39 सूर्यास्त – 06:53 (सूर्योदय एवं सूर्यास्त अहमदाबाद मानक समयानुसार) दिशा शूल – उत्तर दिशा में ब्राह्ममुहूर्त – प्रातः 05:05 से प्रातः 05:52 तक (अहमदाबाद मानक समयानुसार) अभिजीत मुहूर्त – दोपहर 12:21 से दोपहर 01:10 तक निशिता मुहूर्त – रात्रि 12:22 मार्च 26 से रात्रि 01:09 मार्च 26 तक (अहमदाबाद मानक समयानुसार) व्रत पर्व विवरण – पापमोचनी एकादशी , 25 मार्च को चावल न खायें एवं व्रत उपवास 26 मार्च । विशेष – एकादशी को शिम्बी (सेम) खाने से पुत्र का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34) गृह के समीपस्थ वृक्ष ईशान में आँवला शुभदायक है । ईशान – पूर्व में कटहल एवं आम शुभदायक हैं । घरके पास काँटेवाले, दूधवाले तथा फलवाले वृक्ष स्त्री और सन्तान की हानि करनेवाले हैं । यदि इन्हें काटा न जा सके तो इनके पास शुभ वृक्ष लगा दें । काँटेवाले वृक्ष शत्रु से भय देनेवाले, दूधवाले वृक्ष धनका नाश करनेवाले और फलवाले वृक्ष सन्तानका नाश करनेवाले हैं । इनकी लकड़ी भी घरमें नहीं लगानी चाहिये | आसन्नाः कण्टकिनो रिपुभयदाः क्षीरिणोऽर्थनाशाय । फलिनः प्रजाक्षयकरा दारूण्यपि वर्जयेदेषाम् ॥(बृहत्संहिता ५३। ८६) बदरी कदली चैव दाडिमी बीजपूरिका। प्ररोहन्ति गृहे यत्र तद्गृहं न प्ररोहति ॥ (समरांगणसूत्रधार ३८ । १३१) ‘ बेर, केला, अनार तथा नींबू जिस घरमें उगते हैं, उस घर की वृद्धि नहीं होती । ‘ अश्वत्थं च कदम्बं च कदलीबीजपूरकम् । गृहे यस्य प्ररोहन्ति स गृही न प्ररोहति ॥ (बृहद्दैवज्ञ० ८७ ९) ‘पीपल, कदम्ब, केला, बीजू नींबू ये जिस घरमें होते हैं, उसमें रहनेवाले की वंशवृद्धि नहीं होती ।’ घर के भीतर लगायी हुई तुलसी मनुष्यों के लिये कल्याणकारिणी, धन-पुत्र प्रदान करनेवाली, पुण्यदायिनी तथा हरिभक्ति देनेवाली होती है । प्रातःकाल तुलसीका दर्शन करनेसे सुवर्ण दानका फल प्राप्त होता है ।(ब्रह्मवैवर्तपुराण, कृष्ण० १०३ । ६२-६३ ) Panchang, PANCHANG
आज का पंचांग Aaj ka panchang
आज का वैदिक हिंदू पंचांग Aaj ka vaidik hindu PANCHANG दिनांक – 18 मार्च 2025 दिन – मंगलवार विक्रम संवत – 2081 शक संवत -1946 अयन – उत्तरायण ऋतु – वसंत ॠतु मास – चैत्र (गुजरात-महाराष्ट्र फाल्गुन) पक्ष – कृष्ण तिथि – चतुर्थी रात्रि 10:09 तक तत्पश्चात पंचमी नक्षत्र – स्वाती शाम 05:52 तक तत्पश्चात विशाखा योग – व्याघात शाम 04:44 तक तत्पश्चात हर्षण राहुकाल – शाम 03:48 से शाम 05:18 तक सूर्योदय 06:45 सूर्यास्त – 06:47 दिशाशूल – उत्तर दिशा व्रत पर्व विवरण- मंगलवारी चतुर्थी (सूर्योदय से रात्रि 10:09 तक) विशेष- चतुर्थी को मूली खाने से धन का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34) स्वास्थ्यप्रद दोहे चैत्र माह में नीम की, पत्ती हर दिन खावे । ज्वर, डेंगू या मलेरिया, बारह मील भगावे ॥ पोषक तत्त्व से पूर्ण है, पका पपीता फल । जो खावे नित नियम से, कड़ा न होवे मल ।। २०-२५ दिन नीम के २५-३० कोमल पत्ते और १-२ काली मिर्च खानी चाहिए। षष्ठी तिथि को नीम के पत्ते नहीं खाने चाहिए । रंग पंचमी Rang panchmi upay हर साल चैत्र कृष्ण पक्ष (गुजरात अनुसार फाल्गुन कृष्ण पक्ष) की पंचमी पर रंग पंचमी का पावन त्योहार मनाया जाता है। इस साल 19 मार्च को रंग पंचमी पड़ रही है। रंग पंचमी के दिन आसमान में गुलाल उड़ाने की परंपरा हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ऐसा करने से घर में सुख-शांति व समृद्धि आती है। इस पावन दिन भगवान श्रीकृष्ण व राधा रानी की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाती है। रंग पंचमी का त्योहार नकारात्मकता को दूर कर सकारात्मकता पाने का अवसर प्रदान करता है। इस दिन लोग ज्योतिष शास्त्र में वर्णित कुछ उपाय करते हैं, मान्यता है कि ऐसा करने से धन-संपदा में बरकत होती है। आइए जानते हैं रंग पंचमी के खास उपाय 1. रंग पंचमी के दिन माता लक्ष्मी व भगवान विष्णु की एक साथ पूजा करनी चाहिए। माता लक्ष्मी धन संपत्ति, ऐश्वर्य आदि की देवी हैं। पूजा के समय माता लक्ष्मी व भगवान विष्णु को लाल गुलाल अर्पित करें। पूजा के समय कनकधरा स्तोत्र का पाठ करें। मान्यता है कि ऐसा करने से धन-संपदा में वृद्धि होती है। 2. रंग पंचमी के दिन भगवान श्रीकृष्ण व राधा रानी की विधिवत पूजा करें। इसके बाद उन्हें गुलाल अर्पित करें। मान्यता है कि ऐसा करने से वैवाहिक जीवन में चल रही समस्याएं दूर होती हैं। प्रेम संबंध मजबूत होते हैं। दांपत्य जीवन में खुशहाली के लिए पति-पत्नी को एक साथ पूजा करनी चाहिए। 3. रंग पंचमी के दिन एक पीले कपड़े में एक सिक्का और हल्दी की पांच गांठें बांधकर पूजा स्थल पर रख दें। फिर माता लक्ष्मी का ध्यान करके एक घी का दीपक जलाएं। दीपक के शांत होने पर हल्दी और सिक्के की पोटली को तिजोरी में रखें। मान्यता है कि ऐसा करने से धन-धान्य में वृद्धि होती है। 4. रंग पंचमी के दिन माता लक्ष्मी की पूजा करना फलदायी माना गया है। पूजा के समय माता लक्ष्मी को सफेद मिठाई जैसे बर्फी, बताशा, मिश्री या खीर का भोग लगाना चाहिए। मान्यता है कि मां लक्ष्मी के प्रसन्न होने से परिवार में धन-संपत्ति में वृद्धि होती है।
आज का पंचांग Aaj ka panchang
आज का हिन्दू पंचांग Aaj ka hindu panchang दिनांक – 13 मार्च 2025 दिन – गुरुवार विक्रम संवत् – 2081 अयन – उत्तरायण ऋतु – बसन्त मास – फाल्गुन पक्ष – शुक्ल तिथि – चतुर्दशी सुबह 10:35 तक तत्पश्चात पूर्णिमा नक्षत्र – पूर्वाफाल्गुनी प्रातः 06:19 मार्च 14 तक तत्पश्चात उत्तराफाल्गुनी योग- धृति दोपहर 01:03 तक तत्पश्चात शूल राहुकाल- दोपहर 02:19 से दोपहर 03:49 तक सूर्योदय – 06:54 सूर्यास्त – 06:44 दिशा शूल – दक्षिण दिशा में ब्राह्ममुहूर्त – प्रातः 05:14 से प्रातः 06:02 तक, अभिजीत मुहूर्त – दोपहर 12:25 से दोपहर 01:13 तक निशिता मुहूर्त – रात्रि 12:25 मार्च 14 से रात्रि 01:13 मार्च 14 तक व्रत पर्व विवरण – होलिका दहन, हुताशनी पूर्णिमा, अट्टूकल पोंगल विशेष – चतुर्दशी और पूर्णिमा के दिन स्त्री सहवास तथा तिल का तेल खाना व लगाना निषिद्ध है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34) होलाष्टक होलाष्टक फाल्गुन मास के अष्टमी से शुरू होता है पूनम दिन होलिका दहन के साथ समाप्त होती है । होलाष्टक से ले कर पूनम तक हिरण्यकश्यप ने भक्त प्रह्लाद को मारने के लिए कई यातनाएं दिया था । आठवां दिन हिरण्यकश्यप ने अपनी बहन होलिका की मदद ली थी । होलिका को यह वरदान था कि वह अग्नि में नहीं जलेगी, ऐसे में होलिका भक्त प्रह्लाद को अपनी गोद में लेकर अग्नि में बैठ गई । लेकिन भगवान विष्णु के आशीर्वाद से प्रह्लाद को अग्नि जला नहीं सकी, बल्कि होलिका इस अग्नि में जलकर भस्म हुई । यह सारी घटना उन्हीं आठ दिनों में हुई थी । जिन्हें होलाष्टक के नाम से जाना जाता है । इस आठ दिनों की अवधि को अशुभ माना जाता है । इस अवधि में किसी भी शुभ कार्य के लिए वर्जित माना जाता है । होलाष्टक में वर्जित कार्य : 1. विवाह करना ।2. वाहन खरीदना ।3. घर खरीदना ।4. भूमि पूजन ।5. गृहप्रवेश ।6. 16 संस्कार ।7. यज्ञ, हवन या होम ।8. नया व्यापार शुरु करना ।9. नए वस्त्र या कोई वस्तु खरीदना ।10. यात्रा करना । होलाष्टक के वक्त लोगों को सदाचार और संयम का पालन करना चाहिए । इसके अलावा इन दिनों में भगवान को याद करके मंत्र जप, साधना और आध्यात्मिक कार्य करना चाहिए । इस समय के अवधि साधना और सिद्धि के लिए काफी अनुकूल माना गया है ।