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आज का पंचांग Daily panchang

9 March 2025, Sunday, by Divam astro world दिनांक – 09 मार्च 2025 दिन – रविवार विक्रम संवत् – 2081 अयन – उत्तरायण ऋतु – बसन्त मास – फाल्गुन पक्ष – शुक्ल तिथि – दशमी प्रातः 07:45 तक तत्पश्चात एकादशी नक्षत्र – पुनर्वसु रात्रि 11:55 तक तत्पश्चात पुष्य योग – सौभाग्य दोपहर 02:59  तक तत्पश्चात शोभन राहु काल – शाम 05:17 से शाम 06:46 तक सूर्योदय – 06:58 सूर्यास्त – 06:42 दिशा शूल – पश्चिम दिशा में ब्राह्ममुहूर्त – प्रातः 05:17 से 06:06 तक अभिजीत मुहूर्त – दोपहर 12:27 से दोपहर 01:14 तक निशिता मुहूर्त – रात्रि 12:26 मार्च 10 से रात्रि 01:14 मार्च 10 तक व्रत पर्व विवरण – रविपुष्य योग, सर्वार्थसिद्धि योग (दोपहर 11:55 से सूर्योदय मार्च 10 तक) विशेष – एकादशी को शिम्बी (सेम) खाने से पुत्र का नाश होता है एवं रविवार के दिन मसूर की दाल, अदरक और लाल रंग का साग नहीं खाना चाहिए। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34) एकादशी के दिन चावल खाना निषिद्ध क्यों ? वात-पित्त-कफजनित दोष अथवा समय-असमय खाये हुए अन्न आदि के जो दोष १४ दिन में इकट्ठे होते हैं, १५वें दिन एकादशी का व्रत रखा तो वे दोष निवृत्त होते हैं । जो विपरीत रस या कच्चा रस नाड़ियों में पड़ा है, जो बुढ़ापे में मुसीबत देगा, व्रत उसको नष्ट कर देता है । इससे शरीर जल्दी रोगी नहीं होगा । एकादशी को चावल खाने से स्वास्थ्य – हानि, पापराशि की वृद्धि कही गयी है । एक एक चावल एक एक कीड़े खाने का पाप लगता है । एकादशी व्रत के लाभ एकादशी व्रत के पुण्य के समान और कोई पुण्य नहीं है । जो पुण्य सूर्यग्रहण में दान से होता है, उससे कई गुना अधिक पुण्य एकादशी के व्रत से होता है । जो पुण्य गौ-दान, सुवर्ण-दान, अश्वमेघ यज्ञ से होता है, उससे अधिक पुण्य एकादशी के व्रत से होता है । एकादशी करनेवालों के पितर नीच योनि से मुक्त होते हैं और अपने परिवारवालों पर प्रसन्नता बरसाते हैं । इसलिए यह व्रत करने वालों के घर में सुख-शांति बनी रहती है । धन-धान्य, पुत्रादि की वृद्धि होती है । कीर्ति बढ़ती है, श्रद्धा-भक्ति बढ़ती है, जिससे जीवन रसमय बनता है ।

आज का पंचांग Daily panchang

7 March 2025, by Divam astro world दिनांक – 7 मार्च 2025 दिन – शुक्रवार विक्रम संवत् – 2081 अयन – उत्तरायण ऋतु – बसन्त मास – फाल्गुन पक्ष – शुक्ल तिथि – अष्टमी सुबह 09:18 तक तत्पश्चात नवमी नक्षत्र – मृगशिरा रात्रि 11:32 तक  तक तत्पश्चात आर्द्रा योग – प्रीति शाम 06:15 तक तत्पश्चात आयुष्मान् राहु काल – सुबह 11:22 से दोपहर 12:51 तक सूर्योदय – 06:59 सूर्यास्त – 06:41 दिशा शूल – पश्चिम दिशा में ब्राह्ममुहूर्त – प्रातः 05:18 से 06:07 तक अभिजीत मुहूर्त – दोपहर 12:27 से दोपहर 01:14 तक निशिता मुहूर्त – रात्रि 12:26 मार्च 08 से रात्रि 01:15 मार्च 08 तक व्रत पर्व विवरण – मासिक दुर्गाष्टमी विशेष – अष्टमी को नारियल का फल खाने से बुद्धि का नाश होता है व नवमी को लौकी खाना गौमाँस के समान त्याज्य है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)

आज का पंचांग

दिनांक:-26फरवरी:-2025 वार:-बुधवार तिथी :-13त्रयोदशी:-11:08 पक्ष:-कृष्णपक्ष माह:-फाल्गुन नक्षत्र:-श्रवण:-17:23 योग:-परिध:-26:57 करण:-वणिज:-11:08 चन्द्रमा:-मकर 28:36/कुम्भ सुर्योदय:-06:56 सुर्यास्त:-18:20 दिशा शुल….. उत्तर निवारण उपाय:-तिल का सेवन ऋतु :-शिशिर बसंत ऋतु गुलीक काल:-11:13से 12:40 राहू काल:-12:40से14:07 अभीजित…. नहीं है विक्रम सम्वंत ………2081 शक सम्वंत …………1946 युगाब्द ………………5126 सम्वंत सर नाम:-कालयुक्त चोघङिया दिन लाभ:-06:52से08:19तक अमृत:-08:19से09:46तक शुभ:-11:13से12:40तक चंचल:-15:34से 17:01तक लाभ:-17:01से 18:28तक चोघङिया रात शुभ:-20:01से21:34तक अमृत :-21:34से23:07तक चंचल :-23:07से00:39तक लाभ :-03:45से05:18तक महाशिवरात्रि के दिन रामायण का पाठ करें।

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