दैनिक राशिफल 2 मार्च 2025 (daily rashifal 2 March 2025)
2March,2025 Horoscope,Rashifal, by Divam Astro World मेष राशि 2 मार्च 2025 राशिफल मेष राशि वालों के लिए आज का दिन मध्यम फलदायी रहने वाला है। अपनी आमदनी को मजबूत करने के लिए आपको अपने प्रयासों में तेजी लानी होगी। छोटे-मोटे मुनाफे की योजना पर भी आपको पूरा ध्यान देना होगा। एक साथ बहुत सारे काम हो सकते हैं। जिससे आपकी एकाग्रता बढ़ेगी, लेकिन फिर भी आप अपने काम पर पूरा ध्यान देंगे। परिवार के किसी सदस्य से लड़ाई की स्थिति बन सकती है। वृष राशि 2 मार्च 2025 राशिफल वृष राशि वालों के लिए आज का दिन खुशनुमा रहने वाला है। आप कुछ नया करने की सोच सकते हैं। आपके मान-सम्मान में बढ़ोतरी होगी। अगर आप किसी धार्मिक यात्रा पर जाने की तैयारी कर रहे थे, तो अपने माता-पिता से पूछकर जाना बेहतर रहेगा। अगर आप पारिवारिक समस्याओं को नजरअंदाज करेंगे, तो आगे चलकर पारिवारिक रिश्तों में दरार आने की संभावना है। मिथुन राशि 2 मार्च 2025 राशिफल मिथुन राशि वालों के लिए आज का दिन थोड़ा संभलकर रहने वाला है। आप कोई पुराना लेन-देन निपटा लेंगे, लेकिन अगर ससुराल पक्ष के किसी व्यक्ति से आपके संबंधों में कड़वाहट थी तो वह भी दूर हो जाएगी। आप अच्छे भोजन का आनंद लेंगे, लेकिन धन संबंधी समस्याओं को नजरअंदाज न करें। अगर आपको अपने बच्चे के करियर को लेकर कोई तनाव था तो उससे भी आपको राहत मिलेगी, क्योंकि उसमें आपको नई नौकरी मिल सकती है। कर्क राशि 2 मार्च 2025 राशिफल कर्क राशि के जातकों को विवेक से दूर रहना होगा। कानूनी मामले में आपकी जीत होगी। काम के लिए आपको काफी भागदौड़ करनी पड़ेगी। वाहन का प्रयोग सावधानी से करें। कार्यस्थल पर आपका कोई सहकर्मी आपको नुकसान पहुंचाने की कोशिश करेगा। अपने काम को लेकर अपनी आंखें और कान खुले रखें। अगर आप अपने काम को लेकर कोई जोखिम उठाते हैं तो उससे भी आपको नुकसान हो सकता है। सिंह राशि 2 मार्च 2025 राशिफल सिंह राशि के जातकों के लिए आज का दिन सामान्य रहने वाला है। आप अपने काम को लेकर थोड़े भ्रमित रहेंगे। आप व्यापार में कुछ सौदे भी फाइनल करेंगे। किसी काम के लिए आपकी पार्टनरशिप हो सकती है। अगर आपके आस-पास कोई विवाद चल रहा है तो आपको उस पर चुप रहना चाहिए। परिवार में कोई शुभ कार्य आयोजित हो सकता है। वरिष्ठ सदस्य आपको अच्छा मार्गदर्शन देंगे। कन्या राशि 2 मार्च 2025 राशिफल कन्या राशि वालों के लिए आज का दिन महत्वपूर्ण रहने वाला है। आपको अपनी ऊर्जा सही काम में लगानी होगी। कुछ खास लोगों से आपकी मुलाकात होगी। आपको व्यावसायिक क्षेत्रों में सम्मान बनाए रखना होगा। आपको अपनी वाणी की सौम्यता बनाए रखनी होगी। आपकी दीर्घकालिक योजनाएं गति पकड़ेंगी। तुला राशि 2 मार्च 2025 राशिफलकल तुला राशि वालों के लिए कोई भी निर्णय लेने से पहले सोचने का दिन होगा। जल्दबाजी के कारण आपको अपने काम में कुछ परेशानी हो सकती है। आप अपना काम दूसरों पर छोड़ सकते हैं। अगर आपको किसी बात को लेकर कोई तनाव था, तो वह भी काफी हद तक दूर हो जाएगा। बच्चे किसी प्रतियोगिता में भाग लेंगे, जिसमें वे निश्चित रूप से जीतेंगे। आपको उनके साथ आलसी जैसा व्यवहार करना होगा। वृश्चिक राशि 2 मार्च 2025 राशिफल वृश्चिक राशि वालों के लिए आज का दिन भागदौड़ से भरा रहेगा। आपको बेवजह के झगड़ों और झंझटों में पड़ने से बचना होगा। आपकी कोई इच्छा पूरी हो सकती है। परिवार में किसी पूजा-पाठ के आयोजन से माहौल खुशनुमा रहेगा। किसी नए मेहमान के आने से आपका खर्च भी अधिक होगा। आप जो भी काम करेंगे, उसमें आपको सफलता जरूर मिलेगी, लेकिन आपको अपने किसी मित्र से धोखा मिल सकता है। धनु राशि 2 मार्च 2025 राशिफल धनु राशि वालों के लंबे समय से रुके हुए काम पूरे होंगे। आप परिवार के लोगों के लिए समय निकालेंगे। परिवार का कोई सदस्य काम के सिलसिले में आपसे कोई सलाह ले सकता है। आपको अपनी मां से किया वादा समय रहते पूरा करना होगा। जीवनसाथी का सहयोग और सानिध्य भरपूर मिलेगा। राजनीति में काम करने वाले लोगों को जनसमर्थन में बढ़ोतरी ही मिलेगी, उन्हें कहीं बाहर जाना पड़ सकता है। मकर राशि 2 मार्च 2025 राशिफल मकर राशि वालों के लिए आज का दिन आर्थिक दृष्टिकोण से अच्छा रहने वाला है। आप कोई नया काम करने के बारे में सोच सकते हैं। आपको अपने काम के लिए कोई योजना बनाने की जरूरत है। आप अपने पिता से मकान, दुकान आदि की खरीदारी के लिए बात करेंगे, जिसके लिए आप लोन के लिए आवेदन कर सकते हैं। आपको कोई सरकारी टेंडर मिल सकता है। आपको किसी से सोच-समझकर वादा करना होगा। कुंभ राशि 2 मार्च 2025 राशिफल कुंभ राशि वालों के लिए आज का दिन मिला-जुला रहने वाला है। पारिवारिक जीवन में मधुरता बनी रहेगी। आपकी वाणी की सौम्यता आपको सम्मान दिलाएगी और सामाजिक कार्यक्रमों में आपकी छवि निखरेगी। आपको कोई बड़ा पद भी मिल सकता है। जीवनसाथी के साथ बेहतर संबंध बनाए रखने का प्रयास करना होगा। यदि आप काम के सिलसिले में किसी मित्र से कोई मदद लेते हैं तो वह आपको आसानी से मिल जाएगी। मीन राशि 2 मार्च 2025 राशिफल मीन राशि वालों के लिए आज का दिन नुकसानदायक रहने वाला है। कल आपके परिवार में फिर से विवाद की स्थिति बनेगी, जिससे आपकी टेंशन बढ़ेगी। जीवनसाथी के साथ संबंधों में कुछ मुश्किलें आ सकती हैं। आपको कोई बड़ा काम मिलेगा, लेकिन विरोधी भी आपका काम बिगाड़ने की कोशिश में तैयार रहेंगे। आप अपने घर के नवीनीकरण पर भी काफी पैसा खर्च करेंगे। आपको किसी से सोच-समझकर बात करनी होगी।
Panchang Today आज का पंचांग
2 March,2025 by Divam Astro World दिनांक :-02मार्च:-2025 वार :-रविवार तिथी :-03तृतिया:-21:02 पक्ष:-शुक्लपक्ष माह:-फाल्गुन नक्षत्र:-उतराभाद्रपद:-08:59/रेवती:-30:39 योग:-शुभ:-12:38 करण:-तैतिल:-10:35 चन्द्रमा:-मीन 30:39/मेष सुर्योदय:-06:52 सुर्यास्त:-18:22 दिशा शुल…..पश्चिम निवारण उपाय:-जौं का सेवन ऋतु :- बसंत ऋतु गुलीक काल:-15:34से 17:02 राहू काल:-17:02से18:29 अभीजित….12:16से13:03 विक्रम सम्वंत ………2081 शक सम्वंत …………1946 युगाब्द ………………5126 सम्वंत सर नाम:-कालयुक्त चोघङिया दिन चंचल:-08:16से09:44तक लाभ:-09:44से11:12तक अमृत:-11:12से12:39तक शुभ:-14:07से15:34तक चोघङिया रात शुभ:-18:29से20:02तक अमृत:-20:02से21:34तक चंचल:-21:34से23:06तक लाभ :-02:11से03:43तक शुभ :-05:16से06:48तक विशेष योग , पंचक समाप्त 30:29, राजयोग सूर्योदय से 08:59, रवियोग 08:59 से 30:39, रमजान प्रारंभ (मुस्लिम) वैधृति महापात 12:45 से 16:18, मेला खाटु श्यामजी प्रारंभ (10दिन सीकर राज.), मधुक तृतिया, पं लेखराम वीर जयंती
आज का पंचांग Panchang
1/3/2025 panchang दिनांक:-01मार्च:-2025 वार:-शनिवार तिथि :-02द्बितिया:-24:09 पक्ष:-शुक्लपक्ष माह:-फाल्गुन नक्षत्र:-पूर्वाभाद्रपद:-11:22 योग:-साध्य:-16:24 करण:-बालव:-13:43 चन्द्रमा:-मीन सुर्योदय:-06:53 सुर्यास्त:-18:22 दिशा शुल…..पूर्व निवारण उपाय:-उङद का सेवन ऋतु :-बंसत ऋतु गुलिक काल:-06:50से 08:17 राहू काल:-09:45से11:12 अभीजित….12:16से13:03 विक्रम सम्वंत ………2081 शक सम्वंत …………1946 युगाब्द ………………5126 सम्वंत सर नाम:-कालयुक्त चोघङिया दिन शुभ:-08:17से09:45तक चंचल:-12:39से14:07तक लाभ:-14:07से15:34तक अमृत:-15:34से17:02तक चोघङिया रात लाभ:-18:29से20:01तक शुभ:-21:34से23:06तक अमृत:-23:06से00:39तक चंचल:-00:39से02:11तक लाभ:-05:16से06:49तक सप्ताह में एक बार नमक के पानी से स्नान करे।
आज का पंचांग Panchang
दिनांक – 28 फरवरी 2025 दिन – शुक्रवार विक्रम संवत् – 2081 अयन – उत्तरायण ऋतु – बसन्त मास – फाल्गुन पक्ष – शुक्ल तिथि – अमावस्या प्रातः 06:14 तक तत्पश्चात प्रतिपदा रात्रि 03:16 मार्च 01 तक, तत्पश्चात द्वितीया नक्षत्र – शतभिषा दोपहर 01:40 तक तत्पश्चात पूर्व भाद्रपद योग – सिद्ध रात्रि 08:08 तक, तत्पश्चात साध्य राहु काल – सुबह 11:25 से दोपहर 12:52 तक सूर्योदय – 07:06 सूर्यास्त – 06:38 दिशा शूल – पश्चिम दिशा में ब्राह्ममुहूर्त – प्रातः 05:23 से 06:13 तक अभिजीत मुहूर्त – दोपहर 12:29 से दोपहर 01:16 तक निशिता मुहूर्त – रात्रि 12:27 मार्च 01 से रात्रि 01:17 मार्च 01 तक व्रत पर्व विवरण – राष्ट्रीय विज्ञान दिवस विशेष – प्रतिपदा को कुष्माण्ड (कुम्हड़ा, पेठा) न खाएं क्योंकि यह धन का नाश करने वाला है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)
एकादशी व्रत में क्या करे, क्या ना करे?
दिनांक – 24 फरवरी 2025 दिन – सोमवार विक्रम संवत् – 2081 अयन – उत्तरायण ऋतु – बसन्त मास – फाल्गुन पक्ष – कृष्ण तिथि – एकादशी दोपहर 01:44 तक तत्पश्चात द्वादशी नक्षत्र – पूर्वाषाढ़ा शाम 06:59 तक तत्पश्चात उत्तराषाढ़ा योग – सिद्धि सुबह 10:05 तक, तत्पश्चात व्यतीपात राहु काल – सुबह 08:32 से सुबह 09:59 तक सूर्योदय – 07:09 सूर्यास्त – 06:36 दिशा शूल – पूर्व दिशा में ब्राह्ममुहूर्त – प्रातः 05:26 से 06:16 तक अभिजीत मुहूर्त – दोपहर 12:30 से दोपहर 01:16 तक निशिता मुहूर्त – रात्रि 12:28 फरवरी 25 से रात्रि 01:17 फरवरी 25 तक व्रत पर्व विवरण – विजया एकादशी, व्यतीपात योग (प्रातः 10:06 से प्रातः 8:15 फरवरी 25 तक) विशेष – एकादशी को शिम्बी (सेम) व द्वादशी को पूतिका (पोइ) खाने से पुत्र का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34) विजया एकादशी – 24 फरवरी 25 एकादशी में क्या करें, क्या न करें ? 1. एकादशी को लकड़ी का दातुन तथा पेस्ट का उपयोग न करें । नींबू, जामुन या आम के पत्ते लेकर चबा लें और उँगली से कंठ शुद्ध कर लें । वृक्ष से पत्ता तोड़ना भी वर्जित है, अत: स्वयं गिरे हुए पत्ते का सेवन करें । 2. स्नानादि कर के गीता पाठ करें, श्री विष्णुसहस्रनाम का पाठ करें । हर एकादशी को श्री विष्णुसहस्रनाम का पाठ करने से घर में सुख-शांति बनी रहती है ।**राम रामेति रामेति रमे रामे मनोरमे ।**सहस्रनाम तत्तुल्यं रामनाम वरानने ।।**एकादशी के दिन इस मंत्र के पाठ से श्री विष्णुसहस्रनाम के जप के समान पुण्य प्राप्त होता है l 3. `ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ इस द्वादश अक्षर मंत्र अथवा गुरुमंत्र का जप करना चाहिए । 4. चोर, पाखण्डी और दुराचारी मनुष्य से बात नहीं करना चाहिए, यथा संभव मौन रहें । 5. एकादशी के दिन भूल कर भी चावल नहीं खाना चाहिए न ही किसी को खिलाना चाहिए । इस दिन फलाहार अथवा घर में निकाला हुआ फल का रस अथवा दूध या जल पर रहना लाभदायक है । 6. व्रत के (दशमी, एकादशी और द्वादशी) – इन तीन दिनों में काँसे के बर्तन, मांस, प्याज, लहसुन, मसूर, उड़द, चने, कोदो (एक प्रकार का धान), शाक, शहद, तेल और अत्यम्बुपान (अधिक जल का सेवन) – इनका सेवन न करें । 7. फलाहारी को गोभी, गाजर, शलजम, पालक, कुलफा का साग इत्यादि सेवन नहीं करना चाहिए । आम, अंगूर, केला, बादाम, पिस्ता इत्यादि अमृत फलों का सेवन करना चाहिए । 8. जुआ, निद्रा, पान, परायी निन्दा, चुगली, चोरी, हिंसा, मैथुन, क्रोध तथा झूठ, कपटादि अन्य कुकर्मों से नितान्त दूर रहना चाहिए । 9. भूलवश किसी निन्दक से बात हो जाय तो इस दोष को दूर करने के लिए भगवान सूर्य के दर्शन तथा धूप-दीप से श्रीहरि की पूजा कर क्षमा माँग लेनी चाहिए । 10. एकादशी के दिन घर में झाडू नहीं लगायें । इससे चींटी आदि सूक्ष्म जीवों की मृत्यु का भय रहता है । 11. इस दिन बाल नहीं कटायें । 12. इस दिन यथाशक्ति अन्नदान करें किन्तु स्वयं किसीका दिया हुआ अन्न कदापि ग्रहण न करें । 13. एकादशी की रात में भगवान विष्णु के आगे जागरण करना चाहिए (जागरण रात्र 1 बजे तक) । 14. जो श्रीहरि के समीप जागरण करते समय रात में दीपक जलाता है, उसका पुण्य सौ कल्पों में भी नष्ट नहीं होता है ।
आज का पंचांग
दिनांक – 22 फरवरी 2025 दिन – शनिवार विक्रम संवत् – 2081 अयन – उत्तरायण ऋतु – बसन्त मास – फाल्गुन पक्ष – कृष्ण तिथि – नवमी दोपहर 01:19 तक तत्पश्चात दशमी नक्षत्र – ज्येष्ठा शाम 05:40 तक तत्पश्चात मूल योग – हर्षण दोपहर 11:56 तक, तत्पश्चात वज्र राहु काल – सुबह 10:00 से सुबह 11:27 तक सूर्योदय – 07:10 सूर्यास्त – 06:35 दिशा शूल – पूर्व दिशा में ब्राह्ममुहूर्त – प्रातः 05:27 से 06:17 तक अभिजीत मुहूर्त – दोपहर 12:30 से दोपहर 01:16 तक निशिता मुहूर्त – रात्रि 12:28 फरवरी 23 से रात्रि 01:18 फरवरी 23 तक व्रत पर्व विवरण – समर्थ रामदासजी नवमी विशेष – नवमी को लौकी खाना गौमाँस के समान त्याज्य है व दशमी कलंबी शाक त्याज्य है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण) 🔹शनिवार के दिन विशेष प्रयोग 🔹 🔸शनिवार के दिन पीपल के वृक्ष का दोनों हाथों से स्पर्श करते हुए ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का 108 बार जप करने से दुःख, कठिनाई एवं ग्रहदोषों का प्रभाव शांत हो जाता है । (ब्रह्म पुराण) 🔸हर शनिवार को पीपल की जड़ में जल चढ़ाने और दीपक जलाने से अनेक प्रकार के कष्टों का निवारण होता है । (पद्म पुराण) 🔸आर्थिक कष्ट निवारण हेतु🔸 एक लोटे में जल, दूध, गुड़ और काले तिल मिलाकर हर शनिवार को पीपल के मूल में चढ़ाने तथा ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र जपते हुए पीपल की ७ बार परिक्रमा करने से आर्थिक कष्ट दूर होता है ।
आज का पंचांग
दिनांक – 21 फरवरी 2025 दिन – शुक्रवार विक्रम संवत् – 2081 अयन – उत्तरायण ऋतु – बसन्त मास – फाल्गुन पक्ष – कृष्ण तिथि – अष्टमी दोपहर 11:57 तक तत्पश्चात नवमी नक्षत्र – अनुराधा दोपहर 03:54 तक तत्पश्चात ज्येष्ठा योग – व्याघात दोपहर 11:59 तक, तत्पश्चात हर्षण राहु काल – सुबह 11:27 से दोपहर 12:53 तक सूर्योदय – 07:11 सूर्यास्त – 06:35 दिशा शूल – पश्चिम दिशा में ब्राह्ममुहूर्त – प्रातः 05:28 से 06:18 तक अभिजीत मुहूर्त – दोपहर 12:30 से दोपहर 01:16 तक निशिता मुहूर्त – रात्रि 12:28 फरवरी 22 से रात्रि 01:18 फरवरी 22 तक व्रत पर्व विवरण – जानकी जयंती, सर्वार्थसिद्धि योग (प्रातः 07:08 से दोपहर 03:54 तक) विशेष – नवमी को लौकी खाना गौमाँस के समान त्याज्य है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34) 🔹अंतःकरण के दोष व उनकी निवृत्ति🔹 🔸(१) चंचलता : सत्य अथवा स्थिर तत्त्व से योग न होने के कारण मन में चंचलतारूपी दोष है, इसीसे अंदर दुर्बलता रहा करती है । 🔸जगत के देहादिक असत् पदार्थों एवं विषय-सुखों से वैराग्य दृढ होने पर जब अभ्यास के द्वारा एक सत्य आधार में मन स्थिर होता है, तभी इस दोष की निवृत्ति होती है । 🔸(२) मलिनता : चित्त में असत् संबंध के कारण असत् चिंतन होते रहने से मलिनतारूपी दोष है, इसीसे खिन्नता रहा करती है । 🔸मन के स्थिर होने पर एक ‘सत् पदार्थ के चिंतन में जब चित्त तल्लीन होता है तभी यह दोष दूर होता है । 🔸(३) अज्ञान : बुद्धि में आत्मज्ञानी संतपुरुष का संग (सत्संग) न मिलने के कारण अज्ञानरूपी दोष है, इसीसे मनुष्य में मूढता रहा करती है । 🔸मन तथा चित्त के स्थिर और शुद्ध होने पर ही मानव-बुद्धि स्वस्थ एवं शांत होकर संत, सद्गुरुदेव से, सुसंग से सद्ज्ञान-प्रकाशपूर्ण होती है । इसीसे अज्ञानरूपी दोष का नाश होता है । 🔸(४) ममता : अहं में देहादिक पदार्थों के प्रति ममतारूपी दोष है । इसीके कारण आसक्ति एवं जड़ता रहा करती है । 🔸सद्ज्ञान-प्रकाश में ही अहं का मिथ्या पदार्थों के प्रति अहमन्यता (अहंता-इदंता) रूपी दोष सत्स्वरूपाभिमान में परिणत हो जाता है, इसीसे जड़तारूपी दोष की निवृत्ति होती है ।
गुरुवार विशेष पंचांग
दिनांक – 20 फरवरी 2025 दिन – गुरुवार विक्रम संवत् – 2081 अयन – उत्तरायण ऋतु – बसन्त मास – फाल्गुन पक्ष – कृष्ण तिथि – सप्तमी प्रातः 09:58 तक तत्पश्चात अष्टमी नक्षत्र – विशाखा दोपहर 01:30 तक तत्पश्चात अनुराधा योग – ध्रुव प्रातः 11:34 तक, तत्पश्चात व्याघात राहु काल – दोपहर 02:20 से दोपहर 03:46 तक सूर्योदय – 07:12 सूर्यास्त – 06:34 दिशा शूल – दक्षिण दिशा में ब्राह्ममुहूर्त – प्रातः 05:28 से 06:18 तक अभिजीत मुहूर्त – दोपहर 12:30 से दोपहर 01:16 तक निशिता मुहूर्त – रात्रि 12:28 फरवरी 21 से रात्रि 01:18 फरवरी 21 तक व्रत पर्व विवरण – शबरी जयंती, कालाष्टमी, मासिक कृष्ण जन्माष्टमी, सर्वार्थसिद्धि योग (दोपहर 01:30 से प्रातः 07:08 फरवरी 21 तक) विशेष – अष्टमी को नारियल खाने से बुद्धि का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34) 🔹गुरुवार विशेष 🔹 🔸हर गुरुवार को तुलसी के पौधे में शुद्ध कच्चा दूध गाय का थोड़ा-सा ही डाले तो, उस घर में लक्ष्मी स्थायी होती है और गुरूवार को व्रत उपवास करके गुरु की पूजा करने वाले के मन में गुरु की भक्ति स्थायी हो जाती है । 🔸गुरुवार के दिन देवगुरु बृहस्पति के प्रतीक आम के पेड़ की निम्न प्रकार से पूजा करें 🔸एक लोटा जल लेकर उसमें चने की दाल, गुड़, कुमकुम, हल्दी व चावल डालकर निम्नलिखित मंत्र बोलते हुए आम के पेड़ की जड़ में चढ़ाएं ।* *ॐ ऐं क्लीं बृहस्पतये नमः । फिर उपरोक्त मंत्र बोलते हुए आम के वृक्ष की पांच परिक्रमा करें और गुरुभक्ति, गुरुप्रीति बढ़े ऐसी प्रार्थना करें । थोड़ा सा गुड़ या बेसन की मिठाई चींटियों को डाल दें । 🔸गुरुवार को बाल कटवाने से लक्ष्मी और मान की हानि होती है । 🔸गुरुवार के दिन तेल मालिश हानि करती है । यदि निषिद्ध दिनों में मालिश करनी ही है तो ऋषियों ने उसकी भी व्यवस्था दी है । तेल में दूर्वा डाल के मालिश करें तो वह दोष चला जायेगा ।अपनी जन्म कुंडली के भाग्य स्थान को करें जागृत!
आज का पंचांग (Panchang)
दिनांक – 17 फरवरी 2025 दिन – सोमवार विक्रम संवत् – 2081 अयन – उत्तरायण ऋतु – शिशिर मास – फाल्गुन पक्ष – कृष्ण तिथि – पञ्चमी प्रातः 04:53 फ़रवरी 18 तक तत्पश्चात षष्ठी नक्षत्र – चित्रा पूर्ण रात्रि तक योग – शूल प्रातः 08:55 तक, तत्पश्चात गण्ड राहु काल – सुबह 08:36 से सुबह 10:02 तक सूर्योदय – 07:14 सूर्यास्त – 06:32 दिशा शूल – पूर्व दिशा में ब्राह्ममुहूर्त – प्रातः 05:30 से 06:20 तक अभिजीत मुहूर्त – दोपहर 12:31 से दोपहर 01:17 तक निशिता मुहूर्त – रात्रि 12:28 फरवरी 18 से रात्रि 01:19 फरवरी 18 तक विशेष – पञ्चमी को बेल खाने से कलंक लगता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34) 🔹बीमारी क्या खबर देती हैं ?🔹 🔹जो भी बिमारी आती है वह खबर देती है कि तुम खान-पान में संयम करो । पेट बाहर है तो हफ्ते में एकाध उपवास करो अथवा १५ दिन में एकादशी का व्रत रखो । कुछ नही खाओ, केवल नीबूं पानी अथवा गुनगुना पानी पियो । लड़्घनं परमौषधम ।…..अर्धरोगहरि निद्रा सर्वरोगहरि क्षुधा । उपवास और आराम बीमारियों को खा जायेगा । व्यक्ति दवाई से इतना जल्दी ठीक नहीं होता जितना उपवास से ठीक होता है । 🔹उपवास में कमजोरी लगे तो १५ से २५ ग्राम किशमिश धो के खा लो, बस हो गया । सारी बीमारी निकल जाती है | द्राक्ष, किशमिश लोग ऐसे ही खा लेते है । इन पर जंतुनाशक दवा डालते हैं, जो कि जहरी, हानिकारक होती है । इन्हें ३-४ बार अच्छी तरह धोकर ही खाना चाहिए । कभी गोमूत्र (या गोमूत्र अर्क) की कुछ बूँदे पानी में डाल के उससे भी धो सकते हैं । 🔹प्राणायाम करो, सूर्यनारायण को अर्ध्य दो और नाभि पर सूर्यनारायण का ध्यान करो । इससे आरोग्य प्राप्त होता है ।
आज का पंचांग (Panchang today)
दिनांक – 14 फरवरी 2025 दिन – शुक्रवार विक्रम संवत् – 2081 अयन – उत्तरायण ऋतु – शिशिर मास – फाल्गुन पक्ष – कृष्ण तिथि – द्वितीया रात्रि 09:52 तक तत्पश्चात तृतीया नक्षत्र – पूर्वाफाल्गुनी रात्रि 11:09 तक, तत्पश्चात उत्तराफाल्गुनी योग – अतिगण्ड प्रातः 07:20 तक, तत्पश्चात सुकर्मा राहु काल – सुबह 11:29 से दोपहर 12:54 तक सूर्योदय – 07:16 सूर्यास्त – 06:31 दिशा शूल – पश्चिम दिशा में अग्निवास: पृथ्वी -शुभ (रा.08:50)तक, आकाश-अशुभ चन्द्र वास: पूर्व शिववास: सभायां- कष्टकारक, क्रीडायां-संततिकष्ट ब्राह्ममुहूर्त – प्रातः 05:32 से 06:22 तक अभिजीत मुहूर्त – दोपहर 12:31 से दोपहर 01:17 तक निशिता मुहूर्त – रात्रि 12:28 फरवरी 15 से रात्रि 01:19 फरवरी 15 तक व्रत पर्व विवरण – मातृ-पितृ पूजन दिवस 🔻पद, चरण🔻 2 टा पूर्व फाल्गुनी 10:03:30 3 टी पूर्व फाल्गुनी 16:35:00 4 टू पूर्व फाल्गुनी 23:08:19 1 टे उत्तर फाल्गुनी 29:43:24 🔶चोघडिया, दिन🔶 चर 06:48 – 08:12 शुभ लाभ 08:12 – 09:37 शुभ अमृत 09:37 – 11:01 शुभ काल 11:01 – 12:26 अशुभ शुभ 12:26 – 13:50 शुभ रोग 13:50 – 15:15 अशुभ उद्वेग 15:15 – 16:40 अशुभ चर. 16:40 – 18:04 शुभ 🔶चोघडिया, रात🔶 रोग 18:04 – 19:39 अशुभ काल 19:39 – 21:15 अशुभ लाभ 21:15 – 22:50 शुभ उद्वेग 22:50 – 24:26 अशुभ शुभ 24:26 – 26:01 शुभ अमृत 26:01 – 27:36 शुभ चर 27:36 – 29:12 शुभ रोग 29:12 – 30:47 अशुभ विशेष – द्वितीया को बृहती (छोटा बैंगन) खाना निषिद्ध है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)