आज का दैनिक पंचांग Panchang 23 July 2025,Wednesday
— 🌄 सूर्योदय एवं चन्द्रोदय 🌄 — सूर्योदय – 05:37 चन्द्रोदय – 04:43, जुलाई 24 सूर्यास्त – 19:17 चन्द्रास्त – 18:26 — पञ्चाङ्ग — तिथि – चतुर्दशी – 02:28, जुलाई 24 तक योग – व्याघात – 12:34 तक वार – बुधवार पक्ष – कृष्ण पक्ष नक्षत्र – आर्द्रा – 17:54 तक करण – विष्टि – 15:31 तक — 🌙 चन्द्र मास एवं सम्वत 🌙 — शक सम्वत – 1947 विश्वावसु विक्रम सम्वत – 2082 कालयुक्त गुजराती सम्वत – 2081 नल चन्द्रमास – श्रावण – पूर्णिमान्त — राशि तथा नक्षत्र — चन्द्र राशि – मिथुन सूर्य राशि – कर्क सूर्य नक्षत्र – पुष्य सूर्य नक्षत्र पद – पुष्य – 17:16 तक नक्षत्र पद – आर्द्रा – 06:37 तक — ऋतु और अयन — द्रिक ऋतु – वर्षा वैदिक ऋतु – ग्रीष्मद्रिक अयन – दक्षिणायण वैदिक अयन – दक्षिणायण दिनमान – 13 घण्टे 39 मिनट्स 58 सेकण्ड्स रात्रिमान – 10 घण्टे 20 मिनट्स 34 सेकण्ड्स मध्याह्न – 12:27 — अन्य कैलेंडर — कलियुग – 5126 वर्ष कलि अहर्गण – 1872414 दिन जूलियन दिनाङ्क – जुलाई 10, 2025 सीई राष्ट्रीय नागरिक दिनाङ्क – श्रावण 01, 1947 शक राष्ट्रीय निरयण दिनाङ्क – श्रावण 08, 1947 शक लाहिरी अयनांश – 24.220836 राटा डाई – 739455 जूलियन दिन – जुलाई 10, 2025 सीई संशोधित जूलियन दिन – 60879 दिन — शुभ समय — ब्रह्म मुहूर्त – 04:15 से 04:56प्रातः सन्ध्या – 04:36 से 05:37 अभिजित मुहूर्त – कोई नहीं विजय मुहूर्त – 14:44 से 15:39 गोधूलि मुहूर्त – 19:17 से 19:38 सायाह्न सन्ध्या – 19:17 से 20:20 अमृत काल – 08:32 से 10:02 निशिता मुहूर्त – 00:07, जुलाई 24 से 00:48, जुलाई 24 — अशुभ समय — राहुकाल – 12:27 से 14:10 यमगण्ड – 07:20 से 09:02 आडल योग – 17:54 से 05:38, जुलाई 24 विडाल योग – 05:37 से 17:54 गुलिक काल – 10:45 से 12:27 दुर्मुहूर्त – 12:00 से 12:55 वर्ज्य – 05:19, जुलाई 24 से 06:50, जुलाई 24 भद्रा – 05:37 से 15:31 बाण – चोर – 01:38, जुलाई 24 तक — पंचक रहित — शुभ मुहूर्त – 05:37 से 07:32 रोग पञ्चक – 07:32 से 09:49 शुभ मुहूर्त – 09:49 से 12:06 मृत्यु पञ्चक – 12:06 से 14:25 अग्नि पञ्चक – 14:25 से 16:44 शुभ मुहूर्त – 16:44 से 17:54 रज पञ्चक – 17:54 से 18:48 शुभ मुहूर्त – 18:48 से 20:30 चोर पञ्चक – 20:30 से 21:57 शुभ मुहूर्त – 21:57 से 23:22 शुभ मुहूर्त – 23:22 से 00:58, जुलाई 24 चोर पञ्चक – 00:58, जुलाई 24 से 02:28, जुलाई 24 शुभ मुहूर्त – 02:28, जुलाई 24 से 02:53, जुलाई 24 रोग पञ्चक – 02:53, जुलाई 24 से 05:08, जुलाई 24 शुभ मुहूर्त – 05:08, जुलाई 24 से 05:38, जुलाई 24 — उदय लग्न — कर्क – 05:12 से 07:32 सिंह – 07:32 से 09:49 कन्या – 09:49 से 12:06 तुला – 12:06 से 14:25 वृश्चिक – 14:25 से 16:44 धनु – 16:44 से 18:48 मकर – 18:48 से 20:30 कुम्भ – 20:30 से 21:57 मीन – 21:57 से 23:22 मेष – 23:22 से 00:58, जुलाई 24 वृषभ – 00:58, जुलाई 24 से 02:53, जुलाई 24 मिथुन – 02:53, जुलाई 24 से 05:08, जुलाई 24
आज का दैनिक पंचांग Daily Panchang 21 July 2025
— 🌄 सूर्योदय एवं चन्द्रोदय 🌄 — सूर्योदय – 05:36 चन्द्रोदय – 02:32, जुलाई 22 सूर्यास्त – 19:18 चन्द्रास्त – 16:21 — पञ्चाङ्ग — तिथि – एकादशी – 09:38 तक योग – वृद्धि – 18:39 तक वार – सोमवार पक्ष – कृष्ण पक्ष नक्षत्र – रोहिणी – 21:07 तक करण – बालव – 09:38 तक — 🌙 चन्द्र मास एवं सम्वत 🌙 — शक सम्वत – 1947 विश्वावसु विक्रम सम्वत – 2082 कालयुक्त गुजराती सम्वत – 2081 नल चन्द्रमास – श्रावण – पूर्णिमान्त — राशि तथा नक्षत्र — चन्द्र राशि – वृषभ सूर्य राशि – कर्क सूर्य नक्षत्र – पुष्य सूर्य नक्षत्र पद – पुष्य नक्षत्र पद – रोहिणी – 10:00 तक — ऋतु और अयन — द्रिक ऋतु – वर्षा वैदिक ऋतु – ग्रीष्मद्रिक अयन – दक्षिणायण वैदिक अयन – दक्षिणायण दिनमान – 13 घण्टे 42 मिनट्स 02 सेकण्ड्स रात्रिमान – 10 घण्टे 18 मिनट्स 29 सेकण्ड्स मध्याह्न – 12:27 — अन्य कैलेंडर — कलियुग – 5126 वर्ष कलि अहर्गण – 1872412 दिन जूलियन दिनाङ्क – जुलाई 8, 2025 सीई राष्ट्रीय नागरिक दिनाङ्क – आषाढ़ 30, 1947 शक राष्ट्रीय निरयण दिनाङ्क – श्रावण 06, 1947 शक लाहिरी अयनांश – 24.220759 राटा डाई – 739453 जूलियन दिन – जुलाई 8, 2025 सीई संशोधित जूलियन दिन – 60877 दिन — शुभ समय — ब्रह्म मुहूर्त – 04:14 से 04:55प्रातः सन्ध्या – 04:35 से 05:36 अभिजित मुहूर्त – 12:00 से 12:55 विजय मुहूर्त – 14:44 से 15:39 गोधूलि मुहूर्त – 19:17 से 19:38 सायाह्न सन्ध्या – 19:18 से 20:20 अमृत काल – 18:09 से 19:38 निशिता मुहूर्त – 00:07, जुलाई 22 से 00:48, जुलाई 22 सर्वार्थ सिद्धि योग – पूरे दिन अमृत सिद्धि योग – 21:07 से 05:37, जुलाई 22 — अशुभ समय — राहुकाल – 07:19 से 09:02 यमगण्ड – 10:45 से 12:27 गुलिक काल – 14:10 से 15:53 दुर्मुहूर्त – 12:55 से 13:50 वर्ज्य – 13:42 से 15:11 बाण – रज – 23:23 तक — पंचक रहित — शुभ मुहूर्त – 05:36 से 07:40 मृत्यु पञ्चक – 07:40 से 09:38 अग्नि पञ्चक – 09:38 से 09:57 शुभ मुहूर्त – 09:57 से 12:14 रज पञ्चक – 12:14 से 14:33 शुभ मुहूर्त – 14:33 से 16:52 चोर पञ्चक – 16:52 से 18:56 शुभ मुहूर्त – 18:56 से 20:38 रोग पञ्चक – 20:38 से 21:07 शुभ मुहूर्त – 21:07 से 22:05 मृत्यु पञ्चक – 22:05 से 23:30 रोग पञ्चक – 23:30 से 01:05, जुलाई 22 शुभ मुहूर्त – 01:05, जुलाई 22 से 03:01, जुलाई 22 मृत्यु पञ्चक – 03:01, जुलाई 22 से 05:16, जुलाई 22 अग्नि पञ्चक – 05:16, जुलाई 22 से 05:37, जुलाई 22 — उदय लग्न — कर्क – 05:20 से 07:40 सिंह – 07:40 से 09:57 कन्या – 09:57 से 12:14 तुला – 12:14 से 14:33 वृश्चिक – 14:33 से 16:52 धनु – 16:52 से 18:56 मकर – 18:56 से 20:38 कुम्भ – 20:38 से 22:05 मीन – 22:05 से 23:30 मेष – 23:30 से 01:05, जुलाई 22 वृषभ – 01:05, जुलाई 22 से 03:01, जुलाई 22 मिथुन – 03:01, जुलाई 22 से 05:16, जुलाई 22
आज का दैनिक पंचांग Panchang (20 July 2025,Sunday)
— 🌄 सूर्योदय एवं चन्द्रोदय 🌄 — सूर्योदय – 05:36 चन्द्रोदय – 01:35, जुलाई 21 सूर्यास्त – 19:19 चन्द्रास्त – 15:11 — पञ्चाङ्ग — तिथि – दशमी – 12:12 तक योग – गण्ड – 21:48 तक वार – रविवार पक्ष – कृष्ण पक्ष नक्षत्र – कृत्तिका – 22:53 तक करण – विष्टि – 12:12 तक — 🌙 चन्द्र मास एवं सम्वत 🌙 — शक सम्वत – 1947 विश्वावसु विक्रम सम्वत – 2082 कालयुक्त गुजराती सम्वत – 2081 नल चन्द्रमास – श्रावण – पूर्णिमान्त — राशि तथा नक्षत्र — चन्द्र राशि – मेष – 06:12 तक सूर्य राशि – कर्क सूर्य नक्षत्र – पुष्य सूर्य नक्षत्र पद – पुष्य नक्षत्र पद – कृत्तिका – 06:12 तक — ऋतु और अयन — द्रिक ऋतु – वर्षा वैदिक ऋतु – ग्रीष्मद्रिक अयन – दक्षिणायण वैदिक अयन – दक्षिणायण दिनमान – 13 घण्टे 43 मिनट्स 02 सेकण्ड्स रात्रिमान – 10 घण्टे 17 मिनट्स 29 सेकण्ड्स मध्याह्न – 12:27 — अन्य कैलेंडर — कलियुग – 5126 वर्ष कलि अहर्गण – 1872411 दिन जूलियन दिनाङ्क – जुलाई 7, 2025 सीई राष्ट्रीय नागरिक दिनाङ्क – आषाढ़ 29, 1947 शक राष्ट्रीय निरयण दिनाङ्क – श्रावण 05, 1947 शक लाहिरी अयनांश – 24.220721 राटा डाई – 739452 जूलियन दिन – जुलाई 7, 2025 सीई संशोधित जूलियन दिन – 60876 दिन — शुभ समय — ब्रह्म मुहूर्त – 04:14 से 04:55प्रातः सन्ध्या – 04:34 से 05:36 अभिजित मुहूर्त – 12:00 से 12:55 विजय मुहूर्त – 14:45 से 15:39 गोधूलि मुहूर्त – 19:18 से 19:38 सायाह्न सन्ध्या – 19:19 से 20:21 अमृत काल – 20:39 से 22:08 निशिता मुहूर्त – 00:07, जुलाई 21 से 00:48, जुलाई 21 — अशुभ समय — राहुकाल – 17:36 से 19:1 9यमगण्ड – 12:27 से 14:10 गुलिक काल – 15:53 से 17:36 विडाल योग – 05:36 से 22:53 वर्ज्य – 11:45 से 13:14 दुर्मुहूर्त – 17:29 से 18:24 बाण – रज – 22:15 से पूर्ण रात्रि तक भद्रा – 05:36 से 12:12 — पंचक रहित — चोर पञ्चक – 05:36 से 07:44 शुभ मुहूर्त – 07:44 से 10:01 रोग पञ्चक – 10:01 से 12:12 शुभ मुहूर्त – 12:12 से 12:17 मृत्यु पञ्चक – 12:17 से 14:37 अग्नि पञ्चक – 14:37 से 16:56 शुभ मुहूर्त – 16:56 से 18:59 रज पञ्चक – 18:59 से 20:42 शुभ मुहूर्त – 20:42 से 22:09 चोर पञ्चक – 22:09 से 22:53 शुभ मुहूर्त – 22:53 से 23:34 शुभ मुहूर्त – 23:34 से 01:09, जुलाई 21 चोर पञ्चक – 01:09, जुलाई 21 से 03:05, जुलाई 21 शुभ मुहूर्त – 03:05, जुलाई 21 से 05:20, जुलाई 21 रोग पञ्चक – 05:20, जुलाई 21 से 05:36, जुलाई 21 — उदय लग्न — कर्क – 05:24 से 07:44 सिंह – 07:44 से 10:01 कन्या – 10:01 से 12:17 तुला – 12:17 से 14:37 वृश्चिक – 14:37 से 16:56 धनु – 16:56 से 18:59 मकर – 18:59 से 20:42 कुम्भ – 20:42 से 22:09 मीन – 22:09 से 23:34 मेष – 23:34 से 01:09, जुलाई 21 वृषभ – 01:09, जुलाई 21 से 03:05, जुलाई 21 मिथुन – 03:05, जुलाई 21 से 05:20, जुलाई 21
आज का दैनिक पंचांग Panchang
— 🌄 सूर्योदय एवं चन्द्रोदय 🌄 — सूर्योदय – 05:35 चन्द्रोदय – 00:47, जुलाई 20 सूर्यास्त – 19:19 चन्द्रास्त – 14:01 — पञ्चाङ्ग — तिथि – नवमी – 14:41 तक योग – शूल – 00:55, जुलाई 20 तक वार – शनिवार पक्ष – कृष्ण पक्ष नक्षत्र – भरणी – 00:37, जुलाई 20 तक करण – गर – 14:41 तक — 🌙 चन्द्र मास एवं सम्वत 🌙 — शक सम्वत – 1947 विश्वावसु विक्रम सम्वत – 2082 कालयुक्त गुजराती सम्वत – 2081 नल चन्द्रमास – श्रावण – पूर्णिमान्त — राशि तथा नक्षत्र — चन्द्र राशि – मेष सूर्य राशि – कर्क सूर्य नक्षत्र – पुनर्वसु – 05:30, जुलाई 20 तक सूर्य नक्षत्र पद – पुनर्वसु – 05:30, जुलाई 20 तक नक्षत्र पद – भरणी – 07:50 तक — ऋतु और अयन — द्रिक ऋतु – वर्षा वैदिक ऋतु – ग्रीष्मद्रिक अयन – दक्षिणायण वैदिक अयन – दक्षिणायण दिनमान – 13 घण्टे 44 मिनट्स 00 सेकण्ड्स रात्रिमान – 10 घण्टे 16 मिनट्स 31 सेकण्ड्स मध्याह्न – 12:27 — अन्य कैलेंडर — कलियुग – 5126 वर्ष कलि अहर्गण – 1872410 दिन जूलियन दिनाङ्क – जुलाई 6, 2025 सीई राष्ट्रीय नागरिक दिनाङ्क – आषाढ़ 28, 1947 शक राष्ट्रीय निरयण दिनाङ्क – श्रावण 04, 1947 शक लाहिरी अयनांश – 24.220683 राटा डाई – 739451 जूलियन दिन – जुलाई 6, 2025 सीई संशोधित जूलियन दिन – 60875 दिन — शुभ समय — ब्रह्म मुहूर्त – 04:13 से 04:54प्रातः सन्ध्या – 04:34 से 05:35 अभिजित मुहूर्त – 12:00 से 12:55 विजय मुहूर्त – 14:45 से 15:40 गोधूलि मुहूर्त – 19:18 से 19:39 सायाह्न सन्ध्या – 19:19 से 20:21 अमृत काल – 20:08 से 21:38 निशिता मुहूर्त – 00:07, जुलाई 20 से 00:48, जुलाई 20 — अशुभ समय — राहुकाल – 09:01 से 10:44 यमगण्ड – 14:10 से 15:53 गुलिक काल – 05:35 से 07:18 विडाल योग – 05:35 से 00:37, जुलाई 20 वर्ज्य – 11:11 से 12:40 बाण – अग्नि – 21:07 तक दुर्मुहूर्त – 05:35 से 06:30 भद्रा – 01:28, जुलाई 20 से 05:36, जुलाई 20 — पंचक रहित — मृत्यु पञ्चक – 05:35 से 07:48 अग्नि पञ्चक – 07:48 से 10:05 शुभ मुहूर्त – 10:05 से 12:21 रज पञ्चक – 12:21 से 14:41 शुभ मुहूर्त – 14:41 से 14:41 चोर पञ्चक – 14:41 से 16:59 शुभ मुहूर्त – 16:59 से 19:03 रोग पञ्चक – 19:03 से 20:46 शुभ मुहूर्त – 20:46 से 22:13 मृत्यु पञ्चक – 22:13 से 23:38 रोग पञ्चक – 23:38 से 00:37, जुलाई 20 शुभ मुहूर्त – 00:37, जुलाई 20 से 01:13, जुलाई 20 मृत्यु पञ्चक – 01:13, जुलाई 20 से 03:09, जुलाई 20 अग्नि पञ्चक – 03:09, जुलाई 20 से 05:24, जुलाई 20 शुभ मुहूर्त – 05:24, जुलाई 20 से 05:36, जुलाई 20 — उदय लग्न — कर्क – 05:27 से 07:48 सिंह – 07:48 से 10:05 कन्या – 10:05 से 12:21 तुला – 12:21 से 14:41 वृश्चिक – 14:41 से 16:59 धनु – 16:59 से 19:03 मकर – 19:03 से 20:46 कुम्भ – 20:46 से 22:13 मीन – 22:13 से 23:38 मेष – 23:38 से 01:13, जुलाई 20 वृषभ – 01:13, जुलाई 20 से 03:09, जुलाई 20 मिथुन – 03:09, जुलाई 20 से 05:24, जुलाई 20
आज का पंचांग Panchang
— 🌄 सूर्योदय एवं चन्द्रोदय 🌄 — सूर्योदय – 05:35 चन्द्रोदय – 00:06, जुलाई 19 सूर्यास्त – 19:20 चन्द्रास्त – 12:54 — पञ्चाङ्ग — तिथि – अष्टमी – 17:01 तक योग – सुकर्मा – 06:48 तक वार – शुक्रवार पक्ष – कृष्ण पक्ष नक्षत्र – अश्विनी – 02:14, जुलाई 19 तक करण – बालव – 06:07 तक — 🌙 चन्द्र मास एवं सम्वत 🌙 — शक सम्वत – 1947 विश्वावसु विक्रम सम्वत – 2082 कालयुक्त गुजराती सम्वत – 2081 नल चन्द्रमास – श्रावण – पूर्णिमान्त — राशि तथा नक्षत्र — चन्द्र राशि – मेष सूर्य राशि – कर्क सूर्य नक्षत्र – पुनर्वसु सूर्य नक्षत्र पद – पुनर्वसु नक्षत्र पद – अश्विनी – 09:19 तक — ऋतु और अयन — द्रिक ऋतु – वर्षा वैदिक ऋतु – ग्रीष्म द्रिक अयन – दक्षिणायण वैदिक अयन – दक्षिणायण दिनमान – 13 घण्टे 44 मिनट्स 57 सेकण्ड्स रात्रिमान – 10 घण्टे 15 मिनट्स 34 सेकण्ड्स मध्याह्न – 12:27 — अन्य कैलेंडर — कलियुग – 5126 वर्ष कलि अहर्गण – 1872409 दिन जूलियन दिनाङ्क – जुलाई 5, 2025 सीई राष्ट्रीय नागरिक दिनाङ्क – आषाढ़ 27, 1947 शक राष्ट्रीय निरयण दिनाङ्क – श्रावण 03, 1947 शक लाहिरी अयनांश – 24.220645 राटा डाई – 739450 जूलियन दिन – जुलाई 5, 2025 सीई संशोधित जूलियन दिन – 60874 दिन — शुभ समय — ब्रह्म मुहूर्त – 04:13 से 04:54प्रातः सन्ध्या – 04:33 से 05:35 अभिजित मुहूर्त – 12:00 से 12:55 विजय मुहूर्त – 14:45 से 15:40 गोधूलि मुहूर्त – 19:18 से 19:39 सायाह्न सन्ध्या – 19:20 से 20:21 अमृत काल – 19:27 से 20:57 निशिता मुहूर्त – 00:07, जुलाई 19 से 00:48, जुलाई 19 सर्वार्थ सिद्धि योग – 05:35 से 02:14, जुलाई 19 — अशुभ समय — राहुकाल – 10:44 से 12:27 यमगण्ड – 15:53 से 17:37 आडल योग – 05:35 से 02:14, जुलाई 19 विडाल योग – 02:14, जुलाई 19 से 05:35, जुलाई 19 गुलिक काल – 07:18 से 09:01 दुर्मुहूर्त – 08:20 से 09:15 वर्ज्य – 22:28 से 23:58 गण्ड मूल – 05:35 से 02:14, जुलाई 19 बाण – मृत्यु – 19:58 तक — पंचक रहित — शुभ मुहूर्त – 05:35 से 07:52 रोग पञ्चक – 07:52 से 10:09 शुभ मुहूर्त – 10:09 से 12:25 मृत्यु पञ्चक – 12:25 से 14:45 अग्नि पञ्चक – 14:45 से 17:01 शुभ मुहूर्त – 17:01 से 17:03 रज पञ्चक – 17:03 से 19:07 शुभ मुहूर्त – 19:07 से 20:50 चोर पञ्चक – 20:50 से 22:17 शुभ मुहूर्त – 22:17 से 23:42 शुभ मुहूर्त – 23:42 से 01:17, जुलाई 19 चोर पञ्चक – 01:17, जुलाई 19 से 02:14, जुलाई 19 शुभ मुहूर्त – 02:14, जुलाई 19 से 03:13, जुलाई 19 रोग पञ्चक – 03:13, जुलाई 19 से 05:27, जुलाई 19 शुभ मुहूर्त – 05:27, जुलाई 19 से 05:35, जुलाई 19 — उदय लग्न — कर्क – 05:31 से 07:52 सिंह – 07:52 से 10:09 कन्या – 10:09 से 12:25 तुला – 12:25 से 14:45 वृश्चिक – 14:45 से 17:03 धनु – 17:03 से 19:07 मकर – 19:07 से 20:50 कुम्भ – 20:50 से 22:17 मीन – 22:17 से 23:42 मेष – 23:42 से 01:17, जुलाई 19 वृषभ – 01:17, जुलाई 19 से 03:13, जुलाई 19 मिथुन – 03:13, जुलाई 19 से 05:27, जुलाई 19
आज का पंचांग Panchang (17 July 2025,Thursday)
— 🌄 सूर्योदय एवं चन्द्रोदय 🌄 — सूर्योदय – 05:34 चन्द्रोदय – 23:30 सूर्यास्त – 19:20 चन्द्रास्त – 11:49 — पञ्चाङ्ग — तिथि – सप्तमी – 19:08 तक योग – अतिगण्ड – 09:29 तक वार – गुरुवार पक्ष – कृष्ण पक्ष नक्षत्र – रेवती – 03:39, जुलाई 18 तक करण – विष्टि – 08:07 तक — 🌙 चन्द्र मास एवं सम्वत 🌙 — शक सम्वत – 1947 विश्वावसु विक्रम सम्वत – 2082 कालयुक्त गुजराती सम्वत – 2081 नल चन्द्रमास – श्रावण – पूर्णिमान्त — राशि तथा नक्षत्र — चन्द्र राशि – मीन – 03:39, जुलाई 18 तक सूर्य राशि – कर्क सूर्य नक्षत्र – पुनर्वसु सूर्य नक्षत्र पद – पुनर्वसु नक्षत्र पद – रेवती – 10:34 तक — ऋतु और अयन — द्रिक ऋतु – वर्षा वैदिक ऋतु – ग्रीष्मद्रिक अयन – दक्षिणायण वैदिक अयन – दक्षिणायण दिनमान – 13 घण्टे 45 मिनट्स 52 सेकण्ड्स रात्रिमान – 10 घण्टे 14 मिनट्स 39 सेकण्ड्स मध्याह्न – 12:27 — अन्य कैलेंडर — कलियुग – 5126 वर्ष कलि अहर्गण – 1872408 दिन जूलियन दिनाङ्क – जुलाई 4, 2025 सीई राष्ट्रीय नागरिक दिनाङ्क – आषाढ़ 26, 1947 शक राष्ट्रीय निरयण दिनाङ्क – श्रावण 02, 1947 शक लाहिरी अयनांश – 24.220606राटा डाई – 739449 जूलियन दिन – जुलाई 4, 2025 सीई संशोधित जूलियन दिन – 60873 दिन — शुभ समय — ब्रह्म मुहूर्त – 04:12 से 04:53प्रातः सन्ध्या – 04:33 से 05:34 अभिजित मुहूर्त – 12:00 से 12:55 विजय मुहूर्त – 14:45 से 15:40 गोधूलि मुहूर्त – 19:19 से 19:39 सायाह्न सन्ध्या – 19:20 से 20:22 अमृत काल – 01:22, जुलाई 18 से 02:53, जुलाई 18 निशिता मुहूर्त – 00:07, जुलाई 18 से 00:48, जुलाई 18 सर्वार्थ सिद्धि योग – पूरे दिन — अशुभ समय — राहुकाल – 14:10 से 15:54 यमगण्ड – 05:34 से 07:17 आडल योग – 03:39, जुलाई 18 से 05:35, जुलाई 18 दुर्मुहूर्त – 10:10 से 11:05 गुलिक काल – 09:01 से 10:44 वर्ज्य – 16:14 से 17:46 भद्रा – 05:34 से 08:07 गण्ड मूल – पूरे दिन पञ्चक – 05:34 से 03:39, जुलाई 18 बाण – मृत्यु – 18:49 से पूर्ण रात्रि तक — पंचक रहित — शुभ मुहूर्त – 05:34 से 05:35 रज पञ्चक – 05:35 से 07:56 शुभ मुहूर्त – 07:56 से 10:13 चोर पञ्चक – 10:13 से 12:29 शुभ मुहूर्त – 12:29 से 14:49 रोग पञ्चक – 14:49 से 17:07 शुभ मुहूर्त – 17:07 से 19:08 मृत्यु पञ्चक – 19:08 से 19:11 अग्नि पञ्चक – 19:11 से 20:54 शुभ मुहूर्त – 20:54 से 22:21 रज पञ्चक – 22:21 से 23:46 अग्नि पञ्चक – 23:46 से 01:21, जुलाई 18 शुभ मुहूर्त – 01:21, जुलाई 18 से 03:17, जुलाई 18 रज पञ्चक – 03:17, जुलाई 18 से 03:39, जुलाई 18 शुभ मुहूर्त – 03:39, जुलाई 18 से 05:35, जुलाई 18 — उदय लग्न — मिथुन – 03:21 से 05:35 कर्क – 05:35 से 07:56 सिंह – 07:56 से 10:13 कन्या – 10:13 से 12:29 तुला – 12:29 से 14:49 वृश्चिक – 14:49 से 17:07 धनु – 17:07 से 19:11 मकर – 19:11 से 20:54 कुम्भ – 20:54 से 22:21 मीन – 22:21 से 23:46 मेष – 23:46 से 01:21, जुलाई 18 वृषभ – 01:21, जुलाई 18 से 03:17, जुलाई 18
आज का पंचांग Panchang (16 July 2025)
बुधवार,Wednesday (Daily Panchang) — 🌄 सूर्योदय एवं चन्द्रोदय 🌄 — सूर्योदय – 05:34 चन्द्रोदय – 22:57 सूर्यास्त – 19:20 चन्द्रास्त – 10:46 — पञ्चाङ्ग — तिथि – षष्ठी – 21:01 तक योग – शोभन – 11:57 तक वार – बुधवार पक्ष – कृष्ण पक्ष नक्षत्र – पूर्व भाद्रपद – 05:46 तक करण – गर – 09:52 तक — 🌙 चन्द्र मास एवं सम्वत 🌙 — शक सम्वत – 1947 विश्वावसु विक्रम सम्वत – 2082 कालयुक्त गुजराती सम्वत – 2081 नल चन्द्रमास – श्रावण – पूर्णिमान्त — राशि तथा नक्षत्र — चन्द्र राशि – मीन सूर्य राशि – मिथुन – 17:40 तक सूर्य नक्षत्र – पुनर्वसु सूर्य नक्षत्र पद – पुनर्वसु – 17:40 तक नक्षत्र पद – पूर्व भाद्रपद – 05:46 तक — ऋतु और अयन — द्रिक ऋतु – वर्षा वैदिक ऋतु – ग्रीष्मद्रिक अयन – दक्षिणायण वैदिक अयन – उत्तरायण दिनमान – 13 घण्टे 46 मिनट्स 45 सेकण्ड्स रात्रिमान – 10 घण्टे 13 मिनट्स 45 सेकण्ड्स मध्याह्न – 12:27 — अन्य कैलेंडर — कलियुग – 5126 वर्ष कलि अहर्गण – 1872407 दिन जूलियन दिनाङ्क – जुलाई 3, 2025 सीई राष्ट्रीय नागरिक दिनाङ्क – आषाढ़ 25, 1947 शक राष्ट्रीय निरयण दिनाङ्क – श्रावण 01, 1947 शक लाहिरी अयनांश – 24.220568राटा डाई – 739448 जूलियन दिन – जुलाई 3, 2025 सीई संशोधित जूलियन दिन – 60872 दिन — शुभ समय — ब्रह्म मुहूर्त – 04:12 से 04:53प्रातः सन्ध्या – 04:32 से 05:34 अभिजित मुहूर्त – कोई नहीं विजय मुहूर्त – 14:45 से 15:40 गोधूलि मुहूर्त – 19:19 से 19:40 सायाह्न सन्ध्या – 19:20 से 20:22 अमृत काल – 00:13, जुलाई 17 से 01:46, जुलाई 17 निशिता मुहूर्त – 00:07, जुलाई 17 से 00:48, जुलाई 17 रवि योग – 05:46 से 04:50, जुलाई 17 — अशुभ समय — राहुकाल – 12:27 से 14:10 यमगण्ड – 07:17 से 09:00 आडल योग – 05:46 से 04:50, जुलाई 17 विडाल योग – 05:34 से 05:46 गुलिक काल – 10:44 से 12:27 दुर्मुहूर्त – 12:00 से 12:55 वर्ज्य – 15:00 से 16:32 भद्रा – 21:01 से 05:34, जुलाई 17 गण्ड मूल – 04:50, जुलाई 17 से 05:34, जुलाई 17 पञ्चक – पूरे दिन बाण – अग्नि – 17:40 तक — पंचक रहित — रोग पञ्चक – 05:34 से 05:39 शुभ मुहूर्त – 05:39 से 05:46 मृत्यु पञ्चक – 05:46 से 08:00 अग्नि पञ्चक – 08:00 से 10:17 शुभ मुहूर्त – 10:17 से 12:33 रज पञ्चक – 12:33 से 14:53 शुभ मुहूर्त – 14:53 से 17:11 चोर पञ्चक – 17:11 से 19:15 शुभ मुहूर्त – 19:15 से 20:57 रोग पञ्चक – 20:57 से 21:01 शुभ मुहूर्त – 21:01 से 22:25 मृत्यु पञ्चक – 22:25 से 23:50 रोग पञ्चक – 23:50 से 01:25, जुलाई 17 शुभ मुहूर्त – 01:25, जुलाई 17 से 03:21, जुलाई 17 शुभ मुहूर्त – 03:21, जुलाई 17 से 04:50, जुलाई 17 मृत्यु पञ्चक – 04:50, जुलाई 17 से 05:34, जुलाई 17 — उदय लग्न — मिथुन – 03:25 से 05:39 कर्क – 05:39 से 08:00 सिंह – 08:00 से 10:17 कन्या – 10:17 से 12:33 तुला – 12:33 से 14:53 वृश्चिक – 14:53 से 17:11 धनु – 17:11 से 19:15 मकर – 19:15 से 20:57 कुम्भ – 20:57 से 22:25 मीन – 22:25 से 23:50 मेष – 23:50 से 01:25, जुलाई 17 वृषभ – 01:25, जुलाई 17 से 03:21, जुलाई 17
आज का पंचांग Panchang
— 🌄 सूर्योदय एवं चन्द्रोदय 🌄 — सूर्योदय – 05:33 चन्द्रोदय – 21:55 सूर्यास्त – 19:21 चन्द्रास्त – 08:43 — पञ्चाङ्ग — तिथि – चतुर्थी – 23:59 तक योग – आयुष्मान् – 16:14 तक वार – सोमवार पक्ष – कृष्ण पक्ष नक्षत्र – धनिष्ठा – 06:49 तक करण – बव – 12:33 तक — 🌙 चन्द्र मास एवं सम्वत 🌙 — शक सम्वत – 1947 विश्वावसु विक्रम सम्वत – 2082 कालयुक्त गुजराती सम्वत – 2081 नल चन्द्रमास – श्रावण – पूर्णिमान्त — राशि तथा नक्षत्र — चन्द्र राशि – कुम्भ सूर्य राशि – मिथुन सूर्य नक्षत्र – पुनर्वसु सूर्य नक्षत्र पद – पुनर्वसु नक्षत्र पद – धनिष्ठा – 06:49 तक — ऋतु और अयन — द्रिक ऋतु – वर्षा वैदिक ऋतु – ग्रीष्मद्रिक अयन – दक्षिणायण वैदिक अयन – उत्तरायण दिनमान – 13 घण्टे 48 मिनट्स 26 सेकण्ड्स रात्रिमान – 10 घण्टे 12 मिनट्स 04 सेकण्ड्स मध्याह्न – 12:27 — अन्य कैलेंडर — कलियुग – 5126 वर्ष कलि अहर्गण – 1872405 दिन जूलियन दिनाङ्क – जुलाई 1, 2025 सीई राष्ट्रीय नागरिक दिनाङ्क – आषाढ़ 23, 1947 शक राष्ट्रीय निरयण दिनाङ्क – आषाढ़ 30, 1947 शक लाहिरी अयनांश – 24.220492राटा डाई – 739446 जूलियन दिन – जुलाई 1, 2025 सीई संशोधित जूलियन दिन – 60870 दिन — शुभ समय — ब्रह्म मुहूर्त – 04:11 से 04:52प्रातः सन्ध्या – 04:32 से 05:33 अभिजित मुहूर्त – 11:59 से 12:55 विजय मुहूर्त – 14:45 से 15:40 गोधूलि मुहूर्त – 19:20 से 19:40 सायाह्न सन्ध्या – 19:21 से 20:22 अमृत काल – 23:21 से 00:55, जुलाई 15 निशिता मुहूर्त – 00:07, जुलाई 15 से 00:48, जुलाई 15 — अशुभ समय — राहुकाल – 07:16 से 09:00 यमगण्ड – 10:43 से 12:27 गुलिक काल – 14:10 से 15:54 दुर्मुहूर्त – 12:55 से 13:50 वर्ज्य – 13:54 से 15:28 बाण – मृत्यु – 15:20 से पूर्ण रात्रि तक पञ्चक – पूरे दिन — पंचक रहित — अग्नि पञ्चक – 05:33 से 05:47 शुभ मुहूर्त – 05:47 से 06:49 रज पञ्चक – 06:49 से 08:07 शुभ मुहूर्त – 08:07 से 10:25 चोर पञ्चक – 10:25 से 12:41 शुभ मुहूर्त – 12:41 से 15:01 रोग पञ्चक – 15:01 से 17:19 शुभ मुहूर्त – 17:19 से 19:23 मृत्यु पञ्चक – 19:23 से 21:05 अग्नि पञ्चक – 21:05 से 22:33 शुभ मुहूर्त – 22:33 से 23:58 मृत्यु पञ्चक – 23:58 से 23:59 अग्नि पञ्चक – 23:59 से 01:33, जुलाई 15 शुभ मुहूर्त – 01:33, जुलाई 15 से 03:29, जुलाई 15 रज पञ्चक – 03:29, जुलाई 15 से 05:33, जुलाई 15 — उदय लग्न — मिथुन – 03:33 से 05:47 कर्क – 05:47 से 08:07 सिंह – 08:07 से 10:25 कन्या – 10:25 से 12:41 तुला – 12:41 से 15:01 वृश्चिक – 15:01 से 17:19 धनु – 17:19 से 19:23 मकर – 19:23 से 21:05 कुम्भ – 21:05 से 22:33 मीन – 22:33 से 23:58 मेष – 23:58 से 01:33, जुलाई 15 वृषभ – 01:33, जुलाई 15 से 03:29, जुलाई 15
हमें हमारा गोत्र जानना क्यों है जरूरी ? Gotra
क्या आप अपने गोत्र की असली शक्ति को जानते हैं? यह कोई परंपरा नहीं है। कोई अंधविश्वास नहीं है। यह आपका प्राचीन कोड है। मानो आपका अतीत इसी पर टिका हो। 1. गोत्र आपका उपनाम नहीं है। यह आपकी आध्यात्मिक डीएनए है।पता है सबसे अजीब क्या है?अधिकतर लोग जानते ही नहीं कि वे किस गोत्र से हैं।हमें लगता है कि यह बस एक लाइन है जो पंडितजी पूजा में कहते हैं। लेकिन यह सिर्फ इतना नहीं है।आपका गोत्र दर्शाता है — आप किस ऋषि की मानसिक ऊर्जा से जुड़े हुए हैं।खून से नहीं, बल्कि विचार, ऊर्जा, तरंग और ज्ञान से।हर हिंदू आध्यात्मिक रूप से एक ऋषि से जुड़ा होता है।वो ऋषि आपके बौद्धिक पूर्वज हैं।उनकी सोच, ऊर्जा, और चेतना आज भी आपमें बह रही है। 2. गोत्र का अर्थ जाति नहीं होता।आज लोग इसे गड़बड़ा देते हैं।गोत्र ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य या शूद्र नहीं दर्शाता।यह जातियों से पहले, उपनामों से पहले, राजाओं से भी पहले अस्तित्व में था।यह सबसे प्राचीन पहचान का तरीका था — ज्ञान पर आधारित, शक्ति पर नहीं।हर किसी का गोत्र होता था।ऋषि अपने शिष्यों को गोत्र देते थे जब वे उनकी शिक्षाओं को ईमानदारी से अपनाते थे।इसलिए, गोत्र कोई लेबल नहीं — यह आध्यात्मिक विरासत की मुहर है। 3. हर गोत्र एक ऋषि से जुड़ा होता है — एक “सुपरमाइंड” (Supermind) से मान लीजिए आप वशिष्ठ गोत्र से हैं — तो आप वशिष्ठ ऋषि से जुड़े हैं, वही जिन्होंने श्रीराम और दशरथ को मार्गदर्शन दिया था।भृगु गोत्र?आप उस ऋषि से जुड़े हैं जिन्होंने वेदों का हिस्सा लिखा और योद्धाओं को प्रशिक्षण दिया।कुल 49 मुख्य गोत्र हैं — हर एक ऋषियों से जुड़ा जो ज्योतिषी, वैद्य, योद्धा, मंत्रद्रष्टा या प्रकृति वैज्ञानिक थे। 4. क्यों बुज़ुर्ग एक ही गोत्र में विवाह मना करते थे? यह बात स्कूल में नहीं सिखाई जाती।प्राचीन भारत में गोत्र एक जेनेटिक ट्रैकर था।यह पितृवंश से चलता है — यानी पुत्र ऋषि की लाइन आगे बढ़ाते हैं।इसलिए अगर एक ही गोत्र के दो लोग विवाह करें, तो वे आनुवंशिक रूप से भाई-बहन जैसे होंगे।इससे संतान में मानसिक और शारीरिक विकार आ सकते हैं। गोत्र व्यवस्था = प्राचीन भारतीय डीएनए विज्ञानऔर यह हम हजारों साल पहले जानते थे — जब पश्चिमी विज्ञान को जेनेटिक्स का भी अंदाजा नहीं था। 5. गोत्र = आपका मानसिक प्रोग्रामिंगचलो इसे व्यक्तिगत बनाते हैं।कुछ लोग गहरे विचारक होते हैं।कुछ में गहरी आध्यात्मिक भूख होती है।कुछ को प्रकृति में शांति मिलती है।कुछ नेता या सत्य के खोजी होते हैं।क्यों?क्योंकि आपके गोत्र के ऋषि का मन आज भी आपके अंदर गूंजता है।अगर आपका गोत्र किसी योद्धा ऋषि का है — आपको साहस महसूस होगा।अगर वह किसी वैद्य ऋषि से है — तो आयुर्वेद या चिकित्सा में रुचि हो सकती है।यह संयोग नहीं — यह गहराई से जुड़ा प्रोग्राम है। 6. पहले गोत्र के आधार पर शिक्षा दी जाती थीप्राचीन गुरुकुलों में सबको एक जैसा नहीं सिखाया जाता था।गुरु का पहला प्रश्न होता था:“बेटा, तुम्हारा गोत्र क्या है?”क्यों?क्योंकि इससे गुरु समझ जाते थे कि छात्र कैसे सीखता है, कौन सी विद्या उसके लिए उपयुक्त है।अत्रि गोत्र वाला छात्र — ध्यान और मंत्रों में प्रशिक्षित होता।कश्यप गोत्र वाला — आयुर्वेद में गहराई से जाता।गोत्र सिर्फ पहचान नहीं, जीवनपथ था। 7. ब्रिटिशों ने इसका मज़ाक उड़ाया, बॉलीवुड ने हंसी बनाई, और हमने इसे भुला दियाजब ब्रिटिश भारत आए, उन्होंने इसे अंधविश्वास कहा।फिर फिल्मों में मज़ाक बना —“पंडितजी फिर से गोत्र पूछ रहे हैं!” — जैसे यह कोई बेमतलब रस्म हो।धीरे-धीरे हमने अपने बुज़ुर्गों से पूछना छोड़ दिया।अपने बच्चों को बताना छोड़ दिया।100 साल में 10,000 साल पुरानी व्यवस्था लुप्त हो रही है।उसे किसी ने खत्म नहीं किया। हमने ही उसे मरने दिया। 8. अगर आप अपना गोत्र नहीं जानते — तो आपने एक नक्शा खो दिया हैकल्पना कीजिए कि आप किसी प्राचीन राजघराने से हों — पर अपना उपनाम तक नहीं जानते।आपका गोत्र = आपकी आत्मा का GPS है।सही मंत्रसही साधनासही विवाहसही मार्गदर्शनइसके बिना हम अपने ही धर्म में अंधे होकर चल रहे हैं। 9. गोत्र की पुकार सिर्फ रस्म नहीं होतीजब पंडित पूजा में आपका गोत्र बोलते हैं, तो वे सिर्फ औपचारिकता नहीं निभा रहे।वे आपको आपकी ऋषि ऊर्जा से दोबारा जोड़ रहे होते हैं।यह एक पवित्र संवाद होता है:“मैं, भारद्वाज ऋषि की संतान, अपने आत्मिक वंशजों की उपस्थिति में यह संकल्प करता हूँ।”यह सुंदर है। पवित्र है। सच्चा है। 10. इसे फिर से जीवित करो — इसके लुप्त होने से पहलेअपने माता-पिता से पूछो।दादी-दादा से पूछो।शोध करो, पर इसे जाने मत दो।इसे लिखो, अपनी संतानों को बताओ। गर्व से कहो:आप सिर्फ 1990 या 2000 में जन्मे इंसान नहीं हैं —आप एक ऐसी ज्योति के वाहक हैं जो हजारों साल पहले किसी ऋषि ने जलाई थी। 11. आपका गोत्र = आत्मा का पासवर्ड आज हम वाई-फाई पासवर्ड, नेटफ्लिक्स लॉगिन याद रखते हैं…पर अपने गोत्र को भूल जाते हैं।वो एक शब्द — आपके भीतर की चेतना आदतें पूर्व कर्मआध्यात्मिक शक्तियां…सब खोल सकता है।यह लेबल नहीं — यह चाबी है। 12. महिलाएं विवाह के बाद गोत्र “खोती” नहीं हैं लोग सोचते हैं कि विवाह के बाद स्त्री का गोत्र बदल जाता है। पर सनातन धर्म सूक्ष्म है।श्राद्ध आदि में स्त्री का गोत्र पिता से लिया जाता है।क्योंकि गोत्र पुरुष रेखा से चलता है (Y-क्रोमोज़ोम से)।स्त्री ऊर्जा को वहन करती है, लेकिन आनुवंशिक रूप से उसे आगे नहीं बढ़ाती।इसलिए स्त्री का गोत्र समाप्त नहीं होता — वह उसमें मौन रूप से जीवित रहता है। 13. स्वयं ईश्वर ने धरती पर अवतार लेकर गोत्र का पालन किया रामायण में श्रीराम और सीता जी के विवाह में भी गोत्र जांचा गया श्रीराम: इक्ष्वाकु वंश, वशिष्ठ गोत्र सीता माता: जनक की पुत्री, कश्यप गोत्र जय सिया राम
आज का पंचांग Panchang
— 🌄 सूर्योदय एवं चन्द्रोदय 🌄 — सूर्योदय – 05:31 चन्द्रोदय – 20:05 सूर्यास्त – 19:22 चन्द्रास्त – 05:35 — पञ्चाङ्ग — तिथि – प्रतिपदा – 02:08, जुलाई 12 तक योग – वैधृति – 20:45 तक वार – शुक्रवार पक्ष – कृष्ण पक्ष नक्षत्र – पूर्वाषाढा – 05:56 तक करण – बालव – 14:10 तक — 🌙 चन्द्र मास एवं सम्वत 🌙 — शक सम्वत – 1947 विश्वावसु विक्रम सम्वत – 2082 कालयुक्त गुजराती सम्वत – 2081 नल चन्द्रमास – श्रावण – पूर्णिमान्त — राशि तथा नक्षत्र — चन्द्र राशि – धनु – 12:08 तक सूर्य राशि – मिथुन सूर्य नक्षत्र – पुनर्वसु सूर्य नक्षत्र पद – पुनर्वसु नक्षत्र पद – पूर्वाषाढा – 05:56 तक — ऋतु और अयन — द्रिक ऋतु – वर्षा वैदिक ऋतु – ग्रीष्मद्रिक अयन – दक्षिणायण वैदिक अयन – उत्तरायण दिनमान – 13 घण्टे 50 मिनट्स 44 सेकण्ड्स रात्रिमान – 10 घण्टे 09 मिनट्स 44 सेकण्ड्स मध्याह्न – 12:27 — अन्य कैलेंडर — कलियुग – 5126 वर्ष कलि अहर्गण – 1872402 दिन जूलियन दिनाङ्क – जून 28, 2025 सीई राष्ट्रीय नागरिक दिनाङ्क – आषाढ़ 20, 1947 शक राष्ट्रीय निरयण दिनाङ्क – आषाढ़ 27, 1947 शक लाहिरी अयनांश – 24.220377राटा डाई – 739443 जूलियन दिन – जून 28, 2025 सीई संशोधित जूलियन दिन – 60867 दिन — शुभ समय — ब्रह्म मुहूर्त – 04:10 से 04:51प्रातः सन्ध्या – 04:30 से 05:31 अभिजित मुहूर्त – 11:59 से 12:54 विजय मुहूर्त – 14:45 से 15:40 गोधूलि मुहूर्त – 19:21 से 19:41 सायाह्न सन्ध्या – 19:22 से 20:23 अमृत काल – 00:01, जुलाई 12 से 01:40, जुलाई 12 निशिता मुहूर्त – 00:06, जुलाई 12 से 00:47, जुलाई 12 — अशुभ समय — राहुकाल – 10:43 से 12:27 यमगण्ड – 15:54 से 17:38 आडल योग – 05:31 से 05:56 दुर्मुहूर्त – 08:17 से 09:13 गुलिक काल – 07:15 से 08:59 वर्ज्य – 14:09 से 15:48 बाण – चोर – 11:49 तक — पंचक रहित — शुभ मुहूर्त – 05:31 से 05:56 मृत्यु पञ्चक – 05:56 से 05:59 अग्नि पञ्चक – 05:59 से 08:19 शुभ मुहूर्त – 08:19 से 10:37 रज पञ्चक – 10:37 से 12:53 शुभ मुहूर्त – 12:53 से 15:12 चोर पञ्चक – 15:12 से 17:31 शुभ मुहूर्त – 17:31 से 19:35 रोग पञ्चक – 19:35 से 21:17 शुभ मुहूर्त – 21:17 से 22:45 मृत्यु पञ्चक – 22:45 से 00:10, जुलाई 12 रोग पञ्चक – 00:10, जुलाई 12 से 01:45, जुलाई 12 शुभ मुहूर्त – 01:45, जुलाई 12 से 02:08, जुलाई 12 मृत्यु पञ्चक – 02:08, जुलाई 12 से 03:40, जुलाई 12 अग्नि पञ्चक – 03:40, जुलाई 12 से 05:32, जुलाई 12 — उदय लग्न — मिथुन – 03:44 से 05:59 कर्क – 05:59 से 08:19 सिंह – 08:19 से 10:37 कन्या – 10:37 से 12:53 तुला – 12:53 से 15:12 वृश्चिक – 15:12 से 17:31 धनु – 17:31 से 19:35 मकर – 19:35 से 21:17 कुम्भ – 21:17 से 22:45 मीन – 22:45 से 00:10, जुलाई 12 मेष – 00:10, जुलाई 12 से 01:45, जुलाई 12 वृषभ – 01:45, जुलाई 12 से 03:40, जुलाई 12