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आज का पंचांग Aaj ka panchang

आज का हिन्दू पंचांग दिनांक – 17 अप्रैल 2025 दिन – गुरुवार विक्रम संवत् – 2082 अयन – उत्तरायण ऋतु – बसन्त मास – वैशाख पक्ष – कृष्ण तिथि – चतुर्थी दोपहर 03:23 तक तत्पश्चात् पञ्चमी नक्षत्र – ज्येष्ठा पूर्ण रात्रि तक योग – वरीयन् रात्रि 12:50 अप्रैल 18 तक तत्पश्चात् परिघ राहुकाल – दोपहर 02:15 से दोपहर 03:50 तक सूर्योदय – 06:17 सूर्यास्त – 07:01 दिशा शूल – दक्षिण दिशा में ब्रह्ममुहूर्त – प्रातः 04:47 से प्रातः 05:32 तक अभिजीत मुहूर्त – दोपहर 12:14 से दोपहर 01:05 तक निशिता मुहूर्त – रात्रि 12:16 अप्रैल 18 से रात्रि 01:01 अप्रैल 18 तक विशेष – चतुर्थी को मूली खाने से धन का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंड: 27.29-34) वैशाख मास माहात्म्य वैशाख मास सुख से साध्य, पापरूपी इंधन को अग्नि की भाँति जलानेवाला, अतिशय पुण्य प्रदान करनेवाला तथा धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष – चारों पुरुषार्थों को देनेवाला है । देवर्षि नारदजी राजा अम्बरीष से कहते हैं : ‘‘राजन् ! जो वैशाख में सूर्योदय से पहले भगवत्-चिंतन करते हुए पुण्यस्नान करता है, उससे भगवान विष्णु निरंतर प्रीति करते हैं । पाप तभी तक गरजते हैं जब तक जीव यह पुण्यस्नान नहीं करता । वैशाख मास में सब तीर्थ आदि देवता बाहर के जल (तीर्थ के अतिरिक्त) में भी सदैव स्थित रहते हैं । सब दानों से जो पुण्य होता है और सब तीर्थों में जो फल होता है, उसीको मनुष्य वैशाख में केवल जलदान करके पा लेता है । यह सब दानों से बढ़कर हितकारी है ।’’ (ऋषि प्रसाद, अप्रैल : 2009) वैशाख (माधव) मास में जो भक्तिपूर्वक दान, जप, हवन और स्नान आदि शुभ कर्म किये जाते हैं, उनका पुण्य अक्षय तथा सौ करोड़ गुना अधिक होता है । (पद्म पुराण) Get your horoscope reading, Understand your birth chart, Astrology solutions for life problems , Astrological guidance for relationships, Learn about Vedic astrologyFree astrology predictions , Vedic astrology services , Astrology consultation online, Best astrologer in India, Astrology advice for career growthCareer astrology , Love astrology , Marriage astrology , Financial astrology , Health astrology , Vastu Shastra , NumerologyAstrology , Vedic astrology , Jyotish , Horoscope , Astrology predictions

आज का राशिफल, Aaj ka Rashifal, Horoscope Today

मेष राशि 16 अप्रैल 2025 राशिफल, Today Aries Horoscope आज का दिन आपके लिए ठीक-ठाक रहने वाला है। संतान की नौकरी में आ रही समस्याओं को लेकर आप उन्हें कहीं बाहर भेज सकते हैं। आपके खर्च अधिक रहने से मन परेशान रहेगा। आपको अपनी शारीरिक समस्याओं को भी नजरअंदाज करने से बचना होगा। भाई-बहनों को आपका पूरा साथ मिलेगा। आपको किसी से कोई जरूरी जानकारी शेयर करने से बचना होगा। आपको किसी की कोई बात बुरी लग सकती है। वृषभ राशि 16 अप्रैल 2025 राशिफल,Today Tauras Horoscope आज आपके चारों ओर का वातावरण खुशनुमा रहेगा। आपको एक साथ कई काम हाथ लग सकते हैं। किसी बात को लेकर आपका मन परेशान रहेगा। आपकी किसी पुरानी गलती को लेकर आपको कार्यक्षेत्र में डांट खानी पड़ सकती है। आप कहीं घूमने फिरने जाएं, तो वहां अपनी सेहत पर पूरा ध्यान दें। परिवार में किसी नए मेहमान का आगमन हो सकता है। सामाजिक कार्यक्रमों में आपको कोई बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है। आपको बिजनेस में भी अच्छी सफलता हासिल होगी। मिथुन राशि 16 अप्रैल 2025 राशिफल,Today Gemini Horoscope आज का दिन आपके लिए समस्याओं से भरा रहने वाला है। आपको किसी काम को लेकर योजना बनाकर चलना होगा। आपके कुछ गुप्त शत्रु आपके सामने आएंगे। कार्यक्षेत्र में आपको कोई बड़ी जिम्मेदारी मिलने से आप अपने जूनियरों से काम को लेकर मदद ले सकते हैं। आप अपने बॉस की बातों को नजरअंदाज ना करें। वैवाहिक जीवन में खुशियां भरपूर रहेंगी। संतान आपकी उम्मीदों पर खरी उतरेगी। कर्क राशि 16 अप्रैल 2025 राशिफल, Today Cancer Horoscope आज का दिन आपके लिए मिश्रित रूप से फलदायक रहने वाला है। आप अपने मनमौजी स्वभाव के कारण परेशान रहेंगे। सिंगल लोगों की उनके साथी से मुलाकात हो सकती है। घूमने-फिरने जाने की आप योजना बना सकते हैं। परिवार में किसी धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन होने से परिवार के सभी सदस्य व्यस्त रहेंगे। आपकी कोई प्रिय वस्तु यदि खो गई थी, तो उसके भी आपको मिलने की संभावना है। आपको किसी पुराने मित्र की याद सता सकती है। सिंह राशि 16 अप्रैल 2025 राशिफल Today Leo Horoscope आज का दिन आपके लिए मौज मस्ती से भरा वाला रहने वाला है। परिवार में किसी सदस्य को नौकरी में भी समस्या आ रही थी, तो वह भी दूर होगी। जीवनसाथी के लिए आपको कोई सरप्राइज गिफ्ट लेकर आ सकते हैं। आपकी दीर्घकालीन योजनाओं को गति मिलेगी। आपकी संतान से किसी बात को लेकर खटपट होने की संभावना है। आपको अकस्मात धन लाभ मिल सकता है, जिसमें आप भविष्य को लेकर कोई इंवेस्टमेंट करने के बारे में सोच सकते हैं। कन्या राशि 16 अप्रैल 2025 राशिफल, Today Vergo Horoscope आज का दिन आपके लिए सेहत के लिहाज से कमजोर रहने वाला है। आपकी कोई पुरानी समस्या उभर सकती हैं। भाई-बहनों से आप प्रॉपर्टी को लेकर किसी वाद-विवाद में पड़ सकते हैं। आपके घर किसी नए इलेक्ट्रॉनिक आइटम के आने से परिवार के सदस्य भी खुश रहेंगे। छोटे बच्चों के साथ आप कुछ समय मौज मस्ती करने में व्यतीत करेंगे। आपको किसी दूर रह रहे परिजन की याद सता सकती हैं। आप अपने कार्यक्षेत्र के काम में कोई बदलाव कर सकते हैं। तुला राशि 16 अप्रैल 2025 राशिफल,Today Libra Horoscope आज का दिन आपके लिए उलझनों से भरा रहने वाला है। आपको किसी सहयोगी से काम को लेकर कोई सलाह लेनी पड़ सकती है। माता-पिता के आशीर्वाद से आपका कोई रुका हुआ काम पूरा होगा। विद्यार्थी पढ़ाई-लिखाई में एकाग्र होकर जुटेंगे, तो उन्हें अच्छी सफलता हासिल होगी। आप किसी धार्मिक यात्रा पर जाने की योजना बना सकते हैं। प्रतिस्पर्धा का भाव आपके मन में बना रहेगा। माताजी की सेहत में कुछ गिरावट आने से आप परेशान रहेंगे। वृश्चिक राशि 16 अप्रैल 2025 राशिफल, Today Scorpio Horoscope आज का दिन राजनीति में कार्यरत लोगों के लिए अच्छा रहेगा, उन्हे किसी अच्छे पद की प्राप्ति होगी। संतान को किसी नए कोर्स की तैयारी करा सकते हैं। आप अपने घर के रेनोवेशन के बारे में भी सोच विचार करेंगे। आपको घर-बाहर के कामों में संतुलन बनाकर चलना होगा, नहीं तो दूसरी जगह के काम लटक सकते हैं। आपके परिवार में किसी सदस्य के विवाह की बात पक्की हो सकती है। आप लोगों के प्रति अपने मन में ईर्ष्या की भावना ना रखें। धनु राशि 16 अप्रैल 2025 राशिफल, Today Sagitarious Horoscope आज का दिन आपके लिए उत्तम संपत्ति के संकेत दे रहा है। आपका कोई नया मकान आदि खरीदने का सपना पूरा होगा। आपकी कार्यक्षेत्र में अपने बॉस से किसी बात को लेकर कहासुनी होने की संभावना है। आपको यदि कोई जिम्मेदारी मिले, तो आप उसे पूरा करने की कोशिश करें। आपको अपने किसी परिजन से लेनदेन करने से बचना होगा। आप किसी से काम को लेकर कोई सलाह कर सकते हैं, जो आपके लिए अच्छा रहेगा। मकर राशि 16 अप्रैल 2025 राशिफल, Today Capricorn Horoscope आज का दिन आपके लिए धन धान्य में वृद्धि लेकर आने वाला है। आपका कोई काम यदि लंबे समय से रुका हुआ था, तो वह पूरा हो सकता है। आपको अपने पिताजी की कोई बात बुरी लगने से आपका मन परेशान रहेगा। आप अपनी बुद्धि से निर्णय लेकर लोगों को हैरान करेंगे। आपका कोई काम पूरा होते-होते रह सकता है। आज आपके बिजनेस में चार चांद लगेंगे, क्योंकि आप कुछ नई योजनाओं को शामिल कर सकते हैं। कुंभ राशि 16 अप्रैल 2025 राशिफल, Today Aquarius Horoscope आज का दिन आपके लिए सकारात्मक परिणाम लेकर आएगा। आपकी अच्छी सोच का कार्यक्षेत्र में आपको अच्छा लाभ मिलेगा। आप अपने सहयोगियों से आसानी से काम निकलवाने में कामयाब रहेंगे। माता-पिता के आशीर्वाद से आपका कोई रुका हुआ काम पूरा होगा। आपने परिवार के सदस्यों से यदि कोई राज छिपा रखा था, तो वह सभी के सामने उजागर हो सकता है। संतान किसी प्रतियोगिता में जीत हासिल करेगी। मीन राशि 16 अप्रैल 2025 राशिफल Today Pisces Horoscope आज आपके कामों में विघ्न आने से आप परेशान रहेंगे। आपके विरोधी भी आपके खिलाफ कोई षड्यंत्र रच सकते हैं। आपको किसी अजनबी की बातों पर भरोसा करने से बचाना होगा। आपको एक साथ कई काम हाथ लगने से आपकी व्याग्रता बढ़ सकती है। संतान पक्ष की ओर से आपको कोई खुशखबरी सुनने को मिल सकती

आज का पंचांग Aaj ka panchang

आज का वैदिक हिंदू पंचांग दिनांक – 16 अप्रैल 2025 दिन – बुधवार विक्रम संवत – 2082 (गुजरात-महाराष्ट्र अनुसार 2081) शक संवत -1947 अयन – उत्तरायण ऋतु – वसंत ॠतु मास – वैशाख (गुजरात-महाराष्ट्र अनुसार चैत्र) पक्ष – कृष्ण तिथि – तृतीया दोपहर 01:16 तक तत्पश्चात चतुर्थी नक्षत्र – अनुराधा 17 अप्रैल प्रातः 05:55 तक तत्पश्चात ज्येष्ठा योग – व्यतीपात रात्रि 12:19 तक तत्पश्चात वरीयान राहुकाल – दोपहर 12:39 से दोपहर 02:13 तक सूर्योदय – 06:20 सूर्यास्त – 06:57 दिशाशूल – उत्तर दिशा मे व्रत पर्व विवरण- संकष्ट चतुर्थी (चंद्रोदय – रात्रि 09:52) विशेष तृतीया को पर्वल खाना शत्रुओं की वृद्धि करने वाला है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34) गर्मियों में स्वास्थ्य-सुरक्षा हेतु क्या करें ? १] गर्मी के कारण जिनको सिरदर्द व कमजोरी होती है वे लोग सूखा धनियां पानी में भिगा दें और घिसके माथे पर लगायें | इससे सिरदर्द और कमजोरी दूर होगी | २] नाक से खून गिरता हो तो हरे धनिये अथवा ताजी कोमल दूब (दूर्वा) का २ – २ बूँद रस नाक में डालें | इससे नकसीर फूटना बंद हो जायेगा | ३] सत्तू में शीतल जल, मिश्री और थोडा घी मिलाकर घोल बनाके पियें | यह बड़ा पुष्टिा दायी प्रयोग है | भोजन थोडा कम करें | ४] भोजन के बीच में २५ – ३५ मि. ली. आँवले का रस पियें | ऐसा २१ दिन करें तो ह्रदय व मस्तिष्क की दुर्बलता दूर होगी | ( शुक्रवार व रविवार को आँवले का सेवन वर्जित है | ) ५] २० मि. ली. आँवला रस, १० ग्राम शहद, ५ ग्राम घी – सबका मिश्रण करके पियें तो बल, बुद्धि, ओज व आयु बढ़ाने में मदद मिलती है | ६] मुँह में छाले पड गये हों तो त्रिफला चूर्ण को पानी में डाल के कुल्ले करें तथा मिश्री चूसें | इससे छाले शांत हो जायेंगे | क्या न करें ? १] अति परिश्रम, अति कसरत, अति रात्रि-जागरण, अति भोजन व भारी भोजन नहीं करें | भोजन में लाल मिर्च व गर्म मसालों का प्रयोग न करें | २] गर्मियों में दही भूल के भी नहीं खाना चाहिए | इससे आगे चल के नस-नाड़ियों में अवरोध उत्पन्न होता है और कई बीमारियाँ होती हैं | दही खाना हो तो सीधा नहीं खायें, पहले उसे मथ के मक्खन निकाल लें और बचे हुए भाग को लस्सी या छाछ बना के मिश्री मिला के या छौंक लगा के सेवन करें | ध्यान रहे, दही खट्टा न हो | ३] शीतल पेयों से बचें | फ्रिज का पानी न पियें | धूप में से आकर तुरंत पानी न पियें | मोटापा हो तो मोटापा हो तो गर्म पानी में १ पके बड़े नींबू का रस और शहद मिलाकर भोजन के तुरंत बाद पियें l छाछ में तुलसी के पत्ते लेने से भी मोटापे में आराम होता है l फोड़े-फुंसियाँ फोड़ा-फुंसी है तो पालक+गाजर+ककड़ी तीनों को मिला कर उसका रस ले लें अथवा नारियल का पानी पियें तो फोड़ा फुंसी में आराम होता है । Get your horoscope reading, Understand your birth chart, Astrology solutions for life problems , Astrological guidance for relationships, Learn about Vedic astrology, Free astrology predictions , Vedic astrology services , Astrology consultation online, Best astrologer in India, Astrology advice for career growth, Career astrology , Love astrology , Marriage astrology , Financial astrology , Health astrology , Vastu Shastra , Numerology, Astrology , Vedic astrology , Jyotish , Horoscope , Astrology predictions,Free horoscope,Free birth chart making,Free kundali, Rashifal,राशिफल

आज का पंचांग Aaj ka panchang

आज का हिन्दू पंचांग दिनांक – 15 अप्रैल 2025 दिन – मंगलवार विक्रम संवत् – 2082 अयन – उत्तरायण ऋतु – बसन्त मास – वैशाख पक्ष – कृष्ण तिथि – द्वितीया सुबह 10:55 तक तत्पश्चात् तृतीया नक्षत्र – विशाखा रात्रि 03:10 अप्रैल 16 तक तत्पश्चात् अनुराधा योग – सिद्धि रात्रि 11:33 तक तत्पश्चात् व्यतीपात राहुकाल – दोपहर 03:50 से शाम 05:25 (अहमदाबाद मानक समयानुसार) सूर्योदय – 06:19 सूर्यास्त – 07:00 (सूर्योदय एवं सूर्यास्त अहमदाबाद मानक समयानुसार) दिशा शूल – उत्तर में ब्रह्ममुहूर्त – प्रातः 04:49 से प्रातः 05:34 तक (अहमदाबाद मानक समयानुसार) अभिजीत मुहूर्त – दोपहर 12:14 से दोपहर 01:05 तक निशिता मुहूर्त – रात्रि 12:17 अप्रैल 16 से रात्रि 01:02 अप्रैल 16 तक (अहमदाबाद मानक समयानुसार) व्रत पर्व विवरण- त्रिपुष्कर योग (सुबह 06:19 से सुबह 10:55 तक), व्यतिपात योग (रात्रि 11:33 से रात्रि 12:19 अप्रैल 17 तक) विशेष – तृतीया को परवल खाना शत्रुओं की वृद्धि करने वाला है।( ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंड: 27.29-34) सुखमय जीवन की अनमोल कुंजियाँ आर्थिक कष्ट निवारण हेतु रविवार, सप्तमी, नवमी, अमावस्या, सूर्यग्रहण, चन्द्रग्रहण तथा संक्रांति – इन तिथियों को छोड़कर बाकी के दिन आँवले का रस शरीर पर लगाकर स्नान करने से आर्थिक कष्ट दूर होता है। (स्कंद पुराण, वैष्णव खंड) क्रोध पर नियंत्रण कैसे पायें ? क्रोध भस्मासुर है, करा-कराया सब खाक कर देता है । जिन्हें क्रोध पर नियंत्रण पाना हो वे नीचे दिये गये सरल एवं कारगर उपायों में से एक या अधिक उपायों का लाभ अवश्य लें । (१) एक कटोरी में जल लेकर उसमें देखते हुए ‘ॐ शांति… शांति… शांति… ॐ…’ इस प्रकार २१ बार जप करें और वह जल पी लें तो क्रोधी स्वभाव में बदलाहट आयेगी । (२) जब क्रोध आये तो उस समय अपना विकृत चेहरा आईने में देखने से भी लज्जावश क्रोध भाग जायेगा । (३) सुबह नींद में से उठते ही बिस्तर पर बैठ के ललाट पर तिलक करने की जगह पर अपने सद्‌गुरु या इष्ट का ध्यान करें । बाद में संकल्प करते हुए एवं यह मंत्र बोलते हुए क्रोध की मानसिक रूप से अग्नि में आहुति डालें: ॐ क्रोधं जुहोमि स्वाहा । (४) एक नग आँवले का मुरब्बा रोज सुबह खायें व शाम को एक चम्मच गुलकंद खाकर दूध पी लें, इससे विशेषकर पित्तप्रकोपजनित क्रोध पर नियंत्रण पाने में सहायता मिलेगी । (शुक्रवार व रविवार को आँवले का सेवन न करें ।) कब्जनाशक प्रयोग कब्ज अनेक रोगों का गढ है । कब्ज दूर करने के लिए निम्न उपाय करें । रात को हरड़ पानी में भिगोकर रखें । सुबह थोड़ी सी हरड़ उसी पानी में रगड़ें और थोड़ा सा नमक मिलाकर पियें । सूर्योदय से पहले खाली पेट रात का रखा हुआ पानी आवश्यकतानुसार पियें (गुनगुना हो तो उत्तम) । मेथी के पत्तों की सब्जी खायें । धनिया, पुदीना, काला नमक व काली मिर्च की चटनी भोजन के साथ लें । श्वास बाहर निकालकर गुदाद्वार का संकोचन विस्तरण (अश्विनी मुद्रा) करने को थलबस्ती कहते हैं। यह प्रयोग रोज तीन-चार बार करने से भी कब्ज दूर होता है और वीर्यहानि, स्वप्नदोष एवं प्रदर रोग से रक्षा होती है । व्यक्तित्व विकसित होता है । Get your horoscope reading, Understand your birth chart, Astrology solutions for life problems , Astrological guidance for relationships, Learn about Vedic astrology, Free astrology predictions , Vedic astrology services , Astrology consultation online, Best astrologer in India, Astrology advice for career growth, Career astrology , Love astrology , Marriage astrology , Financial astrology , Health astrology , Vastu Shastra , Numerology, Astrology , Vedic astrology , Jyotish , Horoscope , Astrology predictions,Free horoscope,Free birth chart making,Free kundali, Rashifal,राशिफल

आज का पंचांग Aaj ka panchang

वैदिक हिंदू पंचांग दिनांक – 14 अप्रैल 2025 दिन – सोमवार विक्रम संवत – 2082 (गुजरात-महाराष्ट्र अनुसार 2081) शक संवत -1947 अयन – उत्तरायण ऋतु – वसंत ॠतु मास – वैशाख (गुजरात-महाराष्ट्र अनुसार चैत्र) पक्ष – कृष्ण तिथि – प्रतिपदा सुबह 08:25 तक तत्पश्चात द्वितीया नक्षत्र – स्वाती रात्रि 12:13 तक तत्पश्चात विशाखा योग – वज्र रात्रि 10:39 तक तत्पश्चात सिद्धि राहुकाल – सुबह 07:55 से सुबह 09:30 तक सूर्योदय – 06:21 सूर्यास्त – 06:56 दिशाशूल – पूर्व दिशा मे व्रत पर्व विवरण- मेष संक्रांति (पुण्यकाल- सूर्योदय से दोपहर 12:27 तक) विशेष प्रतिपदा को कूष्माण्ड (कुम्हड़ा पेठा) न खाएं क्योकि यह धन का नाश करने वाला है (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-38) व्यतिपात योग 15 अप्रैल 2025 मंगलवार को रात्रि 11:33 से 16 अप्रैल, बुधवार को रात्रि 12:19 तक व्यतिपात योग है। व्यतिपात योग की ऐसी महिमा है कि उस समय जप पाठ प्राणायम, माला से जप या मानसिक जप करने से भगवान की और विशेष कर भगवान सूर्यनारायण की प्रसन्नता प्राप्त होती है जप करने वालों को, व्यतिपात योग में जो कुछ भी किया जाता है उसका १ लाख गुना फल मिलता है। वाराह पुराण में ये बात आती है व्यतिपात योग की। वैशाख मास वैशाख हिन्दू धर्म का द्वितीय महीना है। विशाखा नक्षत्रयुक्त पूर्णिमा होने के कारण इसका नाम वैशाख पड़ा | (उत्तर भारत हिन्दू पञ्चाङ्ग के अनुसार वैशाख मास प्रारंभ हो चुका है)। (गुजरात एवं महाराष्ट्र अनुसार अभी चैत्र मास चल रहा है । वहा पर 28 अप्रैल, सोमवार से वैशाख मास प्रारंभ होगा । वैशाख मास पुण्यकारी, श्रीविष्णु को अत्यंत प्रिय मास है | वैशाख मास का एक नाम माधव मास भी है | इस मास के देवता “मधुसूदन” हैं | मधु दैत्य का वध होने के कारण उन्हें मधुसूदन कहते हैं। विष्णुसहस्त्रनाम “दुःस्वप्ने स्मर गोविन्दं संकटे मधुसूदनम्” के अनुसार किसी भी प्रकार के संकट में श्रीविष्णु के नाम मधुसूदन का स्मरण करना चाहिए | स्कन्दपुराणम्, वैष्णवखण्ड के अनुसार**न माधवसमो मासो न कृतेन युगं समम्। न च वेदसमं शास्त्रं न तीर्थं गंगया समम्।। वैशाख के समान कोई मास नहीं है, सत्ययुग के समान कोई युग नहीं है, वेद के समान कोई शास्त्र नहीं है और गंगाजी के समान कोई तीर्थ नहीं है। पद्मपुराण, पातालखण्ड के अनुसार** “यथोमा सर्वनारीणां तपतां भास्करो यथा । आरोग्यलाभो लाभानां द्विपदां ब्राह्मणो यथा।। परोपकारः पुण्यानां विद्यानां निगमो यथा। मंत्राणां प्रणवो यद्वद्ध्यानानामात्मचिंतनम् ।। सत्यं स्वधर्मवर्तित्वं तपसां च यथा वरम्। शौचानामर्थशौचं च दानानामभयं यथा ।। गुणानां च यथा लोभक्षयो मुख्यो गुणः स्मृतः। मासानां प्रवरो मासस्तथासौ माधवो मतः ।।” जैसे सम्पूर्ण स्त्रियों में पार्वती, तपने वालों में सूर्य, लाभों में आरोग्यलाभ, मनुष्यों में ब्राह्मण, पुण्यों में परोपकार, विद्याओं में वेद, मन्त्रों में प्रणव, ध्यानों में आत्मचिंतन, तपस्याओं में सत्य और स्वधर्म-पालन, शुद्धियों में आत्मशुद्धि, दानों में अभयदान तथा गुणों में लोभ का त्याग ही सबसे प्रधान माना गया है, उसी प्रकार सब मासों में वैशाख मास अत्यंत श्रेष्ठ है | महाभारत अनुशासन पर्व अध्याय 106 के अनुसार “निस्तरेदेकभक्तेन वैशाखं यो जितेन्द्रियः। नरो वा यदि वा नरी ज्ञातीनां श्रेष्ठतां व्रजेत्।।” जो स्त्री अथवा पुरूष इन्द्रिय संयम पूर्वक एक समय भोजन करके वैशाख मास को पार करता है, वह सहजातीय बन्धु-बान्धवों में श्रेष्ठता को प्राप्त होता है।। पद्मपुराण, पातालखण्ड के अनुसार**दत्तं जप्तं हुतं स्नातं यद्भक्त्या मासि माधवे।तदक्षयं भवेद्भूप पुण्यं कोटिशताधिकम् ।। माधवमास में जो भक्तिपूर्वक दान,जप, हवन और स्नान आदि शुभकर्म किये जाते हैं, उनका पुण्य अक्षय तथा सौ करोड़ गुना अधिक होता है |**प्रातःस्नानं च वैशाखे यज्ञदानमुपोषणम्।हविष्यं ब्रह्मचर्यं च महापातकनाशनम् ।। वैशाख मास में सवेरे का स्नान, यज्ञ, दान, उपवास, हविष्य-भक्षण तथा ब्रह्मचर्य का पालन – ये महान पातकों का नाश करने वाले हैं | स्कन्दपुराण में यह बताया है की वैशाख मास में क्या क्या त्याज्य है।**तैलाभ्यङ्गं दिवास्वापं तथा वै कांस्य भोजनम् ।। खट्वा निद्रां गृहे स्नानं निषिद्धस्य च भक्षणम् ।। वैशाख में तेल लगाना, दिन में सोना, कांस्यपात्र में भोजन करना, खाट पर सोना, घर में नहाना, निषिद्ध पदार्थ खाना दोबारा भोजन करना तथा रात में खाना – इन आठ बातों का त्याग करना चाहिए। शिवपुराण के अनुसार वैशाख में भूमि का दान करना चाहिए | ब्रह्मवैवर्त पुराण के अनुसार वैशाख मास में ब्राह्मण को सत्तू दान करने वाला पुरुष सत्तू कण के बराबर वर्षों तक विष्णु मन्दिर में प्रतिष्ठित होता है। वैशाख मास में गृह प्रवेश करने से धन, वैभव, संतान एवं आरोग्य की प्राप्ति होती हैं । देव प्रतिष्ठा के लिये वैशाख मास शुभ है। वृक्षारोपण के लिए वैशाख मास विशेष शुभ है | स्कन्द पुराण में वर्णित वैशाख मास के माहात्म्य के कुछ अंश वैशाख मास भगवान विष्णु को अत्यन्त प्रिय है । वैशाख मास माता की भाँति सब जीवों को सदा अभीष्ट वस्तु प्रदान करने वाला है । जो वैशाख मास में सूर्योदय से पूर्व स्नान करता है, उससे भगवान विष्णु निरन्तर प्रीति करते हैं। सभी दानों से जो पुण्य होता है और सब तीर्थों में जो फल होता है, उसी को मनुष्य वैशाख मास में केवल जलदान करके प्राप्त कर लेता है। जो मनुष्य वैशाख मास में सड़क पर यात्रियों के लिए प्याऊ लगाता है, वह विष्णुलोक में प्रतिष्ठित होता है। प्याऊ देवताओं, पितरों तथा ऋषियों को अत्यन्त प्रीति देने वाला है। जिसने वैशाख मास में प्याऊ लगाकर थके-मांदे मनुष्यों को संतुष्ट किया है, उसने ब्रह्मा, विष्णु और शिव आदि देवताओं को संतुष्ट कर लिया। वैशाख मास में जल की इच्छा रखने वाले को जल, छाया चाहने वाले को छाता और पंखे की इच्छा रखने वाले को पंखा देना चाहिए। विष्णुप्रिय वैशाख में जो पादुका दान करता है, वह यमदूतों का तिरस्कार करके विष्णुलोक को प्राप्त कर लेता है । जो मार्ग में अनाथों के ठहरने के लिए विश्रामशाला बनवाता है, उसके पुण्य फल का वर्णन नहीं किया जा सकता। अन्नदान मनुष्यों को तत्काल तृप्त करने वाला है।इसलिए इससे बढ़कर कोई दूसरा दान ही नहीं है। स्कन्दपुराण में कहा गया है “योऽर्चयेत्तुलसीपत्रैर्वैशाखे मधुसूदनम् ।। नृपो भूत्वा सार्वभौमः कोटिजन्मसु भोगवान् ।। पश्चात्कोटिकुलैर्युक्तो विष्णोः सायुज्यमाप्नुयात्” जो वैशाख मास में तुलसीदल से भगवान विष्णु की पूजा करता है, वह विष्णु की सामुज्य मुक्ति को पाता है। Get your horoscope reading, Understand your birth chart, Astrology solutions for life problems , Astrological guidance for relationships, Learn about Vedic astrology, Free astrology predictions , Vedic astrology services , Astrology consultation online, Best astrologer

आज का पंचांग Aaj ka panchang

आज का हिन्दू पंचांग Hindu panchang दिनांक – 12 अप्रैल 2025 दिन – शनिवार विक्रम संवत् – 2082 अयन – उत्तरायण ऋतु – बसन्त मास – चैत्र पक्ष – शुक्ल तिथि – पूर्णिमा सुबह 05:51 अप्रैल 13 तक तत्पश्चात् प्रतिपदा नक्षत्र – हस्त शाम 06:08 तक तत्पश्चात् चित्रा योग – व्याघात 08:41 तक तत्पश्चात् हर्षण राहुकाल – सुबह 09:31 से सुबह 11:06 तक (अहमदाबाद मानक समयानुसार) सूर्योदय – 06:22 सूर्यास्त – 06:59 (सूर्योदय एवं सूर्यास्त अहमदाबाद मानक समयानुसार) दिशा शूल – पूर्व में ब्रह्ममुहूर्त – प्रातः 04:51 से प्रातः 05:36 तक (अहमदाबाद मानक समयानुसार) अभिजीत मुहूर्त – दोपहर 12:15 से दोपहर 01:06 तक निशिता मुहूर्त – रात्रि 12:17 अप्रैल 13 से रात्रि 01:03 अप्रैल 13 तक (अहमदाबाद मानक समयानुसार) व्रत पर्व विवरण – चैत्री पूर्णिमा, श्री हनुमानजी का प्राकट्य दिवस विशेष – पूर्णिमा के दिन स्त्री – सहवास तथा तिल का तेल खाना और लगाना निषिद्ध है। ( ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंड: 27.29-34) अमृततुल्य गोदुग्ध के अनुपम लाभ (भाग-२) (१०) इसमें कैल्शियम प्रचुर मात्रा में होता है जो दाँत एवं हड्डियों को मजबूत बनाने में सहायक है । बाल्य और किशोर अवस्था में कैल्शियम की बहुत अधिक आवश्यकता रहती है क्योंकि इस समय हड्डियों का सबसे अधिक विकास होता है । प्रतिदिन दूध का सेवन करना बच्चों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है । ३०० मि.ली. दूध में लगभग ३५० मि.ग्रा. कैल्शियम होता है जो तीन साल तक के बच्चों की दैनिक आवश्यकता का आधा है । (११) दूध में कैंसररोधी तत्त्व पाये जाते हैं जो बड़ी आँत, स्तन व त्वचा का कैंसर होने की सम्भावना को कम करते हैं । सिगरेट और शराब के सेवन से अन्न-नलिका का कैंसर (oesoph- ageal cancer) होने की सम्भावना बढ़ जाती है जबकि दूध के सेवन से यह सम्भावना कम हो जाती है । यह हृदय एवं रक्तवाहिनियों से संबंधित रोगों (cardiovascular disease) से रक्षा करने में सहायक है । रक्तचाप (B.P.) को सामान्य रखने में भी उपयोगी है तथा मधुमेह (diabe- tes) होने की सम्भावना को कम करता है । (१२) इसमें पाये जानेवाले ‘केरोटिन’ नामक पीले पदार्थ से आँखों की रोशनी बढ़ती है । रात में दूध का सेवन आँखों के लिए विशेष हितकारी है । ३ से ५ वर्ष के बच्चे की विटामिन ‘ए’ की दैनिक आवश्यकता की ७५ प्रतिशत आपूर्ति मात्र २५० मि.ली. गोदुग्ध से हो जाती है । (१३) भिगोये हुए २-३ बादाम २०० मि.ली. दूध के साथ सेवन करने से बच्चों के सूखा रोग (rickets) में लाभ होता है । (१४) रात में सोने से कुछ घंटे पहले (भोजन एवं दूध में २ घंटे का अंतर रख के) दूध लेने से रक्त के नवनिर्माण में मदद मिलती है । यह विषैले पदार्थों को निष्क्रिय करता है तथा रोगप्रतिकारक शक्ति (immunity) को बढ़ाने भी सहायक है । (१५) कच्चे दूध की चेहरे पर मालिश करने से वर्ण में निखार आता है । (१६) आयुर्वेद शास्त्रों के अनुसार रात में दूध पीने से बच्चों की जठराग्नि एवं शरीर की वृद्धि होती है, क्षयरोगियों का बल बढ़ता है तथा वृद्धों में शुक्र धातु की वृद्धि होती है । रात में दूध पीने से अनेक प्रकार के दोषों (रोगों) का शमन होता है । जिन्हें कफ की समस्या है उन्हें कफ-शमन हेतु दूध में २-३ काली मिर्च तथा आधा से एक ग्राम सोंठ का चूर्ण मिला के सेवन करना विशेष लाभकारी है । गाय का दूध सात्त्विक होने से बुद्धि अच्छे विचार तथा अच्छे कर्मों की ओर प्रवृत्त होती है । इससे परिशुद्ध भावना उत्पन्न होती रहती है । इन सभी गुणों के कारण इसे ‘धरा का अमृत’ कहा जाता है । इसलिए मनुष्यों को नित्य गाय के शुद्ध दूध का सेवन करना चाहिए । सावधानी : नया बुखार, त्वचा रोग, दस्त, कृमि, गठिया तथा दमा (asthma), खाँसी आदि कफ-संबंधी एवं आमजनित समस्याओं में दूध का सेवन नहीं करना चाहिए । [ Astrology , Vedic astrology , Jyotish , Horoscope , Astrology predictions Career astrology , Love astrology , Marriage astrology , Financial astrology , Health astrology , Vastu Shastra , Numerology Free astrology predictions , Vedic astrology services , Astrology consultation online, Best astrologer in India, Astrology advice for career growth Get your horoscope reading, Understand your birth chart, Astrology solutions for life problems , Astrological guidance for relationships, Learn about Vedic astrology

आज का पंचांग Aaj ka panchang

वैदिक पंचांग दिनांक – 11 अप्रैल 2025 दिन – शुक्रवार विक्रम संवत – 2082 शक संवत -1947 अयन – उत्तरायण ऋतु – वसंत ॠतु मास – चैत्र पक्ष – शुक्ल तिथि – चतुर्दशी 12 अप्रैल रात्रि 03:21 तक तत्पश्चात पूर्णिमा नक्षत्र – उत्तराफाल्गुनी शाम 03:10 तक तत्पश्चात हस्त योग – ध्रुव शाम 07:46 तक तत्पश्चात व्याघात राहुकाल – सुबह 11:06 से दोपहर 12:40 तक सूर्योदय – 06:24 सूर्यास्त – 06:55 दिशाशूल – पश्चिम दिशा मे व्रत पर्व विवरण- विशेष- चतुर्दशी व पूर्णिमा एवं व्रत के दिन स्त्री-सहवास तथा तिल का तेल खाना और लगाना निषिद्ध है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-38)

आज का पंचांग Aaj ka panchang

आज का वैदिक हिन्दू पंचांग Hindu panchang दिनांक – 10 अप्रैल 2025 दिन – गुरुवार विक्रम संवत् – 2082 अयन – उत्तरायण ऋतु – बसन्त मास – चैत्र पक्ष – शुक्ल तिथि – त्रयोदशी रात्रि 01:00 अप्रैल 11 तक, तत्पश्चात् चतुर्दशी नक्षत्र – पूर्वाफाल्गुनी दोपहर 12:24 तक तत्पश्चात् उत्तराफाल्गुनी योग – वृद्धि शाम 06:59 तक तत्पश्चात् ध्रुव राहुकाल – दोपहार 02:15 से दोपहर 03:50 तक (अहमदाबाद मानक समयानुसार) सूर्योदय – 06:24 सूर्यास्त – 06:58 (सूर्योदय एवं सूर्यास्त अहमदाबाद मानक समयानुसार) दिशा शूल – दक्षिण दिशा में ब्रह्ममुहूर्त – प्रातः 04:52 से प्रातः 05:38 तक (अहमदाबाद मानक समयानुसार) अभिजीत मुहूर्त – दोपहर 12:16 से दोपहर 01:06 तक निशिता मुहूर्त – रात्रि 12:18 अप्रैल 11 से रात्रि 01:03 अप्रैल 11 तक (अहमदाबाद मानक समयानुसार) व्रत पर्व विवरण – अनंग त्रयोदशी, प्रदोष व्रत, महावीर स्वामी जयंती विशेष – त्रयोदशी को बैंगन खाने से पुत्र का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंड: 27.29-34) उत्तम स्वास्थ्य हेतु निद्रा – संबंधी ध्यान देने योग्य जरूरी बातें क्या करें १] आयु –आरोग्य संवर्धन हेतु उचित समय पर, उचित मात्रा में नींद लेना जरूरी है । २] रात को ढीले वस्त्र पहन के बायीं करवट सोयें । ३] अनिद्रा हो तो सिर पर आँवला-भृंगराज केश तेल व शरीर पर तिल की एवं पैरों के तलवों पर घी की मालिश करें । ४] सोने से पहले शास्त्राध्ययन या सत्संग श्रवण कर कुछ देर ॐकार का दीर्घ उच्चारण करें, फिर श्वासोच्छ्वास के साथ भगवन्नाम की गिनती करते हुए सोयें तो नींद भी उपासना हो जायेगी । क्या न करें १] हाथ-पैर सिकोड़कर, पैरों के पंजो की आँटी (क्रॉस) करके, सिर के पीछे या ऊपर हाथ रखकर तथा पेट के बल नहीं सोना चाहिए । २] रात को पैर गीले रख के नही सोना चाहिए । ३] देर रात तक जागरण से शरीर में धातुओं का शोषण होता हैं व शरीर दुर्बल होता है । ४] दिन में शयन करने से शरीर में बल का क्षय हो जाता है । स्थूल, कफ प्रकृतिवाले व कफजन्य व्याधियों से पीड़ित व्यक्तियों को सभी ऋतुओं में दिन की निद्रा अत्यंत हानिकारक है ।

आज का पंचांग Aaj ka panchang

आज का वैदिक हिंदू पंचांग Hindu Panchang दिनांक – 07 अप्रैल 2025, 7/4/2025 दिन – सोमवार विक्रम संवत – 2082 गुजरात अनुसार 2081 शक संवत -1947 अयन – उत्तरायण ऋतु – वसंत ॠतु मास – चैत्र पक्ष – शुक्ल तिथि – दशमी रात्रि 08:00 तक तत्पश्चात एकादशी नक्षत्र – अश्लेशा पूर्ण रात्रि तक योग – धृति शाम 06:19 तक तत्पश्चात शूल राहुकाल – सुबह 08:00 से सुबह 09:34 तक सूर्योदय – 06:27 सूर्यास्त – 06:54 दिशाशूल – पूर्व दिशा मे व्रत पर्व विवरण- धर्मराज दशमी विशेष- एकादशी व्रत के लाभ 07 अप्रैल 2025 सोमवार को रात्रि 08:00 सै 08 अप्रैल, मंगलवार को रात्रि 09:12 तक एकादशी है। विशेष – 08 अप्रैल, मंगलवार को एकादशी का व्रत (उपवास) रखे।जो पुण्य सूर्यग्रहण में दान से होता है, उससे कई गुना अधिक पुण्य एकादशी के व्रत से होता है ।जो पुण्य गौ-दान सुवर्ण-दान, अश्वमेघ यज्ञ से होता है, उससे अधिक पुण्य एकादशी के व्रत से होता है ।एकादशी करनेवालों के पितर नीच योनि से मुक्त होते हैं और अपने परिवारवालों पर प्रसन्नता बरसाते हैं ।इसलिए यह व्रत करने वालों के घर में सुख-शांति बनी रहती है ।धन-धान्य, पुत्रादि की वृद्धि होती है ।कीर्ति बढ़ती है, श्रद्धा-भक्ति बढ़ती है, जिससे जीवन रसमय बनता है ।परमात्मा की प्रसन्नता प्राप्त होती है ।पूर्वकाल में राजा नहुष, अंबरीष, राजा गाधी आदि जिन्होंने भी एकादशी का व्रत किया, उन्हें इस पृथ्वी का समस्त ऐश्वर्य प्राप्त हुआ । भगवान शिवजी ने नारद से कहा है : एकादशी का व्रत करने से मनुष्य के सात जन्मों के पाप नष्ट हो जाते हैं, इसमे कोई संदेह नहीं है । एकादशी के दिन किये हुए व्रत, गौ-दान आदि का अनंत गुना पुण्य होता है । एकादशी के दिन करने योग्य एकादशी को दिया जलाके विष्णु सहस्त्र नाम पढ़ें ……विष्णु सहस्त्र नाम नहीं हो तो १० माला गुरुमंत्र का जप कर लें l अगर घर में झगडे होते हों, तो झगड़े शांत हों जायें ऐसा संकल्प करके विष्णु सहस्त्र नाम पढ़ें तो घर के झगड़े भी शांत होंगे l एकादशी के दिन ये सावधानी रहे महीने में १५-१५ दिन में एकादशी आती है एकादशी का व्रत पाप और रोगों को स्वाहा कर देता है लेकिन वृद्ध, बालक और बीमार व्यक्ति एकादशी न रख सके तभी भी उनको चावल का तो त्याग करना चाहिए एकादशी के दिन जो चावल खाता है… तो धार्मिक ग्रन्थ से एक- एक चावल खाने का पाप लगता है…

आज का पंचांग Aaj ka panchang

आज का वैदिक हिंदू पंचांग Hindu PANCHANG दिनांक – 28 मार्च 2025 दिन – शुक्रवार विक्रम संवत – 2081 शक संवत -1946 अयन – उत्तरायण ऋतु – वसंत ॠतु मास – चैत्र (गुजरात-महाराष्ट्र फाल्गुन) पक्ष – कृष्ण तिथि – चतुर्दशी शाम 07:55 तक तत्पश्चात अमावस्या नक्षत्र – पूर्वभाद्रपद रात्रि 10:09 तक तत्पश्चात उत्तरभाद्रपद योग – शुक्ल 29 मार्च रात्रि 02:07 तक तत्पश्चात ब्रह्म राहुकाल – सुबह 11:12 से दोपहर 12:44 तक सूर्योदय – 06:36 सूर्यास्त – 06:51 दिशाशूल – पश्चिम दिशा मे व्रत पर्व विवरण- पंचक विशेष- चतुर्दशी व अमावस्या एवं व्रत के दिन स्त्री-सहवास तथा तिल का तेल खाना और लगाना निषिद्ध है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-38)

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