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देवशयनी आषाढी एकादशी के पावन पर्व पर मात्र एक मंत्र जाप से होंगे पंढरीनाथ भगवान पांडुरंग प्रसन्न देंगे मनचाहा वरदान !

एकादशी को श्री विष्णु सहस्रनाम का पाठ करने से घर में सुख शांति बनी रहती है l

राम रामेति रामेति । रमे रामे मनोरमे ।। सहस्त्र नाम त तुल्यं । राम नाम वरानने ।।

आज एकादशी के दिन इस मंत्र के पाठ से विष्णु सहस्रनाम के जप के समान पुण्य प्राप्त होता है l

एकादशी के दिन बाल नहीं कटवाने चाहिए।

एकादशी को चावल व साबूदाना खाना वर्जित है |

एकादशी को शिम्बी (सेम) ना खाएं अन्यथा पुत्र का नाश होता है।

जो दोनों पक्षों की एकादशियों को आँवले के रस का प्रयोग कर स्नान करते हैं, उनके पाप नष्ट हो जाते हैं।

देवशयनी आषाढी एकादशी 06 जुलाई 2025 रविवार को देवशयनी एकादशी है।

देवशयनी एकादशी का व्रत महान पुण्यमय, स्वर्ग एवं मोक्ष प्रदान करनेवाले, सब पापों को हरनेवाला है ।

इस परम पावन पर्व पर पंढरीनाथ भगवान पांडुरंग का गायत्री मंत्र जाप तुलसी की माला पर किया जाए तो भगवान पांडुरंग प्रसन्न होकर मनचाहा वरदान देते हैं |

पंढरीनाथ भगवान पांडुरंग गायत्री मंत्र

“ॐ भक्तवरदाय विद्महे पांडुरंगाय धीमहि, तन्नो कृष्ण: प्रचोदयात्”.

इसका अर्थ है, “हे भक्तवत्सल, मैं आपको जानता हूं, हे पांडुरंग, मैं आपका ध्यान करता हूं, वह कृष्ण हमें प्रेरित करें”.

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