चलता हुआ कामकाज बंद होना या परिवार में कलह होना Chalta hua kamkaj band hona ya parivar me kalaha hona
चलता हुआ कामकाज बंद या परिवार में कलह होना काफी सारे लोगों की यह समस्या है कि रोज़गार के साधन बार बार बदलने पड़ते हैं, नौकरी करते हुए आस पास के लोगों की वजह से तनाव और घुटन का अनुभव करते है, कई बार बाॕस या अन्य अधिकारी वर्ग के लोगों से परेशानी होती है और कई बार नौकरी में लम्बे समय तक उनकी तरक्की रुकी रहती है और कुछ ऐसी ही समस्या दूकान, कारोबार करने वालो के साथ होती है कि शुरू शुरू के 6, 8 महीने बहुत अच्छा कामकाज चलता है लेकिन बाद में कारोबार में मुनाफे की कमी होने लगती है या फिर दुकान, कारोबार या फैक्ट्री में आये दिन कुछ ना कुछ मशीनरी पर खर्च होता है जिसकी वजह से उनका खुद का आर्थिक लाभ कम होता है नौकरी कारोबार में ऐसी लम्बे समय तक समस्या सूर्य ग्रह की अशुभता से आती है और यदि सूर्य की शुभता के उपाय ना किये जाए तो अशुभता की यह स्थिति व्यक्ति को बेरोज़गारी की तरफ भी धकेल सकती है | सूर्य के अशुभ पहलु की बात करें तो जब किसी व्यक्ति की जन्म कुंडली में सूर्य पर राहू का प्रभाव हो तो अशुभता के लक्ष्ण इस प्रकार हैं १) परिवार के पालन पोषण की तरफ पिता का ध्यान नहीं होता | २) व्यक्ति के माता पिता के बीच झगड़े की स्थिति हमेशा बनी रहती है | ३) भौतिक सुख साधन या तरक्की करने का शौक पिता को नहीं होता | ४) सगे संबंधी और रिश्तेदारी में पिता का कोई सम्मान नहीं होता | ५) पिता की संगत नीच लोगों के साथ होती है | यह पांच लक्ष्ण बताते हैं कि व्यक्ति की जन्म कुंडली में सूर्य को राहू प्रभावित कर रहा है और जिसकी वजह से उस व्यक्ति को रोज़गार और आमदनी संबंधी समस्या आती है उपाय: १) राहू की शांति के लिए शनिवार के दिन नारियल मंदिर में दान करना चाहिए, ऐसा 4 शनिवार तक करें | २) राहू की शांति के लिए सफाई कर्मचारी, जमादार को शनिवार के दिन नशे की कोई वस्तु दान करनी चाहिए, ऐसा 4 शनिवार तक करें | ३) राहू की शांति के लिए चांदी का नाग का जोड़ा, एक चांदी का सिक्का और कुजे में शहद घर के इशान कोन में दबा देना चाहिए | ४) राहू की शांति के लिए सिरहाने लाल कपड़े में सोंफ रख कर सोना चाहिए और इसको 40 दिन बाद बदल देना चाहिए | ५) सूर्य की मजबूती के लिए 700 ग्राम आटा मंदिर या गुरुद्वारे में देना चाहिए, ऐसा 7 रविवार तक करें | ६) सूर्य की मजबूती के लिए ताम्बे का सूर्य बनवा कर लाल धागे में गले में धारण करना चाहिए | और जब किसी व्यक्ति की जन्म कुंडली में सूर्य पर शनि का प्रभाव हो तो अशुभता के लक्ष्ण इस प्रकार हैं १) घर के पुरुष सदस्यों का क्रोध उनके काबू में नहीं रहता जिस से झगड़े बढ़ते हैं | २) क्रोध वश गलत फैसले होने से परिवार में आर्थिक हानि होती है | ३) घर पुराना होता है और घर बनने में बाधा आती है | ४) विवाह योग्य संतान होने के बाद भी उसके लिए रिश्ते नहीं मिलते | ५) पिता को कोई ऐसी बीमारी होती है जिसके लिए लम्बे समय तक दवाई खानी पड़ती है | यह पांच लक्ष्ण बताते हैं कि व्यक्ति की जन्म कुंडली में सूर्य को शनि प्रभावित कर रहा है और जिसकी वजह से उस व्यक्ति को रोज़गार और आमदनी संबंधी समस्या आती है उपाय: १) शनि की शांति के लिए सरसों के तेल में 2 लॉन्ग डाल कर घर की पश्चिम दिशा में दीपक जलाना चाहिए, ऐसा 7 शनिवार तक करें | २) शनि की शांति के लिए शनिवार के दिन 1 किलो काली साबुत उडद की दाल का दान मंदिर या गुरुद्वारे में करना चाहिए, ऐसा 7 शनिवार तक करें | ३) शनि की शांति के लिए सरसों के तेल में चेहरा देख कर उसका दान करना चाहिए, ऐसा 7 शनिवार तक करें | ४) सूर्य की मजबूती के लिए 700 ग्राम आटा मंदिर या गुरुद्वारे में देना चाहिए, ऐसा 7 रविवार तक करें | ५) सूर्य की मजबूती के लिए ताम्बे का सूर्य बनवा कर लाल धागे में गले में धारण करना चाहिए | और जब किसी व्यक्ति की जन्म कुंडली में सूर्य पर चंद्रमा का प्रभाव होता हो तो अशुभता के लक्ष्ण इस प्रकार हैं १) जातक के पिता को अकेले ही यात्रा करने का शौक होगा | २) जातक के पिता में झूठ बोलने, बातें छिपाने की आदत होगी | ३) जातक की माता को निंदा, रोक टोक करने की आदत होगी | ४) परिवार में भोजन या पुरानी बातों को लेकर झगड़े होते हैं | ५) जरूरत के समय परिवार के सदस्य एक दुसरे का साथ नहीं देते | यह पांच लक्ष्ण बताते हैं कि व्यक्ति की जन्म कुंडली में सूर्य को चंद्रमा प्रभावित कर रहा है और जिसकी वजह से उस व्यक्ति को रोज़गार और आमदनी संबंधी समस्या आती है उपाय: १) चंद्रमा की शांति के लिए अमावस्या के दिन किसी पवित्र नदी में स्नान करना चाहिए | २) चंद्रमा की शांति के लिए 800 ग्राम दूध किसी मंदिर या गुरुद्वारे में दान करना चाहिए, ऐसा 8 सोमवार तक करें | ३) चंद्रमा की शांति के लिए घर में कुछ गमले में पौधे लगाने चाहिए या फिर शाम के समय पार्क में टहलना चाहिए | ४) सूर्य की मजबूती के लिए 700 ग्राम आटा मंदिर या गुरुद्वारे में देना चाहिए, ऐसा 7 रविवार तक करें | ५) सूर्य की मजबूती के लिए ताम्बे का सूर्य बनवा कर लाल धागे में गले में धारण करना चाहिए |