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चलता हुआ कामकाज बंद होना या परिवार में कलह होना Chalta hua kamkaj band hona ya parivar me kalaha hona

चलता हुआ कामकाज बंद या परिवार में कलह होना काफी सारे लोगों की यह समस्या है कि रोज़गार के साधन बार बार बदलने पड़ते हैं, नौकरी करते हुए आस पास के लोगों की वजह से तनाव और घुटन का अनुभव करते है, कई बार बाॕस या अन्य अधिकारी वर्ग के लोगों से परेशानी होती है और कई बार नौकरी में लम्बे समय तक उनकी तरक्की रुकी रहती है और कुछ ऐसी ही समस्या दूकान, कारोबार करने वालो के साथ होती है कि शुरू शुरू के 6, 8 महीने बहुत अच्छा कामकाज चलता है लेकिन बाद में कारोबार में मुनाफे की कमी होने लगती है या फिर दुकान, कारोबार या फैक्ट्री में आये दिन कुछ ना कुछ मशीनरी पर खर्च होता है जिसकी वजह से उनका खुद का आर्थिक लाभ कम होता है नौकरी कारोबार में ऐसी लम्बे समय तक समस्या सूर्य ग्रह की अशुभता से आती है और यदि सूर्य की शुभता के उपाय ना किये जाए तो अशुभता की यह स्थिति व्यक्ति को बेरोज़गारी की तरफ भी धकेल सकती है | सूर्य के अशुभ पहलु की बात करें तो जब किसी व्यक्ति की जन्म कुंडली में सूर्य पर राहू का प्रभाव हो तो अशुभता के लक्ष्ण इस प्रकार हैं १) परिवार के पालन पोषण की तरफ पिता का ध्यान नहीं होता | २) व्यक्ति के माता पिता के बीच झगड़े की स्थिति हमेशा बनी रहती है | ३) भौतिक सुख साधन या तरक्की करने का शौक पिता को नहीं होता | ४) सगे संबंधी और रिश्तेदारी में पिता का कोई सम्मान नहीं होता | ५) पिता की संगत नीच लोगों के साथ होती है | यह पांच लक्ष्ण बताते हैं कि व्यक्ति की जन्म कुंडली में सूर्य को राहू प्रभावित कर रहा है और जिसकी वजह से उस व्यक्ति को रोज़गार और आमदनी संबंधी समस्या आती है उपाय: १) राहू की शांति के लिए शनिवार के दिन नारियल मंदिर में दान करना चाहिए, ऐसा 4 शनिवार तक करें | २) राहू की शांति के लिए सफाई कर्मचारी, जमादार को शनिवार के दिन नशे की कोई वस्तु दान करनी चाहिए, ऐसा 4 शनिवार तक करें | ३) राहू की शांति के लिए चांदी का नाग का जोड़ा, एक चांदी का सिक्का और कुजे में शहद घर के इशान कोन में दबा देना चाहिए | ४) राहू की शांति के लिए सिरहाने लाल कपड़े में सोंफ रख कर सोना चाहिए और इसको 40 दिन बाद बदल देना चाहिए | ५) सूर्य की मजबूती के लिए 700 ग्राम आटा मंदिर या गुरुद्वारे में देना चाहिए, ऐसा 7 रविवार तक करें | ६) सूर्य की मजबूती के लिए ताम्बे का सूर्य बनवा कर लाल धागे में गले में धारण करना चाहिए | और जब किसी व्यक्ति की जन्म कुंडली में सूर्य पर शनि का प्रभाव हो तो अशुभता के लक्ष्ण इस प्रकार हैं १) घर के पुरुष सदस्यों का क्रोध उनके काबू में नहीं रहता जिस से झगड़े बढ़ते हैं | २) क्रोध वश गलत फैसले होने से परिवार में आर्थिक हानि होती है | ३) घर पुराना होता है और घर बनने में बाधा आती है | ४) विवाह योग्य संतान होने के बाद भी उसके लिए रिश्ते नहीं मिलते | ५) पिता को कोई ऐसी बीमारी होती है जिसके लिए लम्बे समय तक दवाई खानी पड़ती है | यह पांच लक्ष्ण बताते हैं कि व्यक्ति की जन्म कुंडली में सूर्य को शनि प्रभावित कर रहा है और जिसकी वजह से उस व्यक्ति को रोज़गार और आमदनी संबंधी समस्या आती है उपाय: १) शनि की शांति के लिए सरसों के तेल में 2 लॉन्ग डाल कर घर की पश्चिम दिशा में दीपक जलाना चाहिए, ऐसा 7 शनिवार तक करें | २) शनि की शांति के लिए शनिवार के दिन 1 किलो काली साबुत उडद की दाल का दान मंदिर या गुरुद्वारे में करना चाहिए, ऐसा 7 शनिवार तक करें | ३) शनि की शांति के लिए सरसों के तेल में चेहरा देख कर उसका दान करना चाहिए, ऐसा 7 शनिवार तक करें | ४) सूर्य की मजबूती के लिए 700 ग्राम आटा मंदिर या गुरुद्वारे में देना चाहिए, ऐसा 7 रविवार तक करें | ५) सूर्य की मजबूती के लिए ताम्बे का सूर्य बनवा कर लाल धागे में गले में धारण करना चाहिए | और जब किसी व्यक्ति की जन्म कुंडली में सूर्य पर चंद्रमा का प्रभाव होता हो तो अशुभता के लक्ष्ण इस प्रकार हैं १) जातक के पिता को अकेले ही यात्रा करने का शौक होगा | २) जातक के पिता में झूठ बोलने, बातें छिपाने की आदत होगी | ३) जातक की माता को निंदा, रोक टोक करने की आदत होगी | ४) परिवार में भोजन या पुरानी बातों को लेकर झगड़े होते हैं | ५) जरूरत के समय परिवार के सदस्य एक दुसरे का साथ नहीं देते | यह पांच लक्ष्ण बताते हैं कि व्यक्ति की जन्म कुंडली में सूर्य को चंद्रमा प्रभावित कर रहा है और जिसकी वजह से उस व्यक्ति को रोज़गार और आमदनी संबंधी समस्या आती है उपाय: १) चंद्रमा की शांति के लिए अमावस्या के दिन किसी पवित्र नदी में स्नान करना चाहिए | २) चंद्रमा की शांति के लिए 800 ग्राम दूध किसी मंदिर या गुरुद्वारे में दान करना चाहिए, ऐसा 8 सोमवार तक करें | ३) चंद्रमा की शांति के लिए घर में कुछ गमले में पौधे लगाने चाहिए या फिर शाम के समय पार्क में टहलना चाहिए | ४) सूर्य की मजबूती के लिए 700 ग्राम आटा मंदिर या गुरुद्वारे में देना चाहिए, ऐसा 7 रविवार तक करें | ५) सूर्य की मजबूती के लिए ताम्बे का सूर्य बनवा कर लाल धागे में गले में धारण करना चाहिए |

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समय खराब चल रहा कब होगा सही

समय खराब चल रहा कब होगा सही? जीवन मे कभी कभी ग्रहो की दशाएँ खराब या प्रतिकूल आ जाने पर समय खराब चलने लगता है जिससे जीवन दुख, असफलताओं, परेशानियों से भर जाता है आदि ऐसा खराब ग्रह दशाओं के आ जाने पर होता है और तब तक ऐसा समय चलता रहता है जब तक खराब ग्रह दशाय आपके ऊपर चलती रहती है ऐसी स्थिति में अब या तो खराब ग्रहो की दशाएँ समाप्त होने पर समय अच्छा हो पाता है और वह भी तब जब खराब ग्रह दशा समाप्त होने के बाद अगर अनुकूल शक्तिशाली ग्रह दशाएँ आ रही हो तब सब तरह से समय सुखद हो पाता है बाकी अगर समय लंबे समय तक खराब चल रहा है या लंबे समय तक समय खराब चलने के योग बने हुए है तब केवल और केवल उपाय करने से समय जल्दी अच्छा हो पायेगा, परेशानियां, दुःख, समस्याएं आदि दूर हो पाएंगे।अब कुछ उदाहरणो से समझते हैं अगर समय खराब चल रहा है तो सही कब तक होगा आदि?? उदाहरण_कर्क लग्न में माना किसी भी ग्रह की महादशा अन्तरदशाये शुरू हुई है माना कैरियर रोजगार स्वामी मंगल की महादशा में कर्क लग्न में धन/परिवार स्वामी सूर्य की अन्तर्दशा शुरू हो गई है अब मंगल और सूर्य एक दूसरे से कुंडली मे छठे और आठवें भाव की दूरी पर बैठे है ऐसी स्थिति में यह समय खराब रहेगा, धन परिवार रोजगार और मानसिक अशांति को लेकर, अब यहाँ जब यह मंगल में सूर्य दशा खत्म होगी और सूर्य के बाद जो चन्द्र की अंतर्दशा समय शुरू होगा और चंद्र अच्छी स्थिति में है मंगल के अनुसार भी अच्छी स्थिति में अन्तर्दशा स्वामी चन्द्र बैठा है तब चन्द्र अन्तर्दशा लगते समय अनुकूल होगा, बाकी इससे पहले समय ठीक हो जाये इसके लिए उपाय करने से राहत मिल पाएगी। उदाहरण_वृश्चिक लग्न में माना किसी ग्रह की महादशा चल रही हो और वह ग्रह दूषित या पीड़ित है जैसे कि वृश्चिक लग्न में माना सूर्य और चन्द्र की दशाएँ चल रही है सूर्य चन्द्र जो कि यहाँ कैरियर रोजगार और भाग्य के स्वामी है और सूर्य चन्द्र और सूर्य चन्द्रमा के भाव मतलब घर भी राहु केतु से पीड़ित है तब यहाँ सूर्य चन्द्रमा जब तक दशाओं में चलते रहेंगे कैरियर, रोजगार में परेशानियां, भाग्य का साथ शून्य होकर परेशानिया इस तरह की बनी रहेगी, यहाँ ज्यादा से ज्यादा उपाय करने और सूर्य चन्द्रमा को बलवान करने से परेशानिया खत्म होगी, बिना उपाय समस्या तब खत्म होगी जब इन ग्रहो की दशाय खत्म होकर अच्छे शुभ फल देने वाले ग्रह की महादशाये अन्तर्दशाये शुरू होंगी। उदाहरण_धनु लग्न है और समय खराब चल रहा है तब इसका कारण है कुंडली मे चल रही खराब दशाय जैसे माना यहाँ 7वे भाव स्वामी बुध की महादशा या अन्तर्दशा चल रही है या चल रही हो और बुध के साथ राहु बैठा हो और 7वे भाव पर भी किसी पाप ग्रह की दृष्टि कुंडली में यहाँ हो और शुभ ग्रह की दृष्टि भी हो जिस वजह से जब यहाँ अब बुध जो कि 7वे भाव(विवाह भाव) का स्वामी है और पीड़ित है ऐसी स्थिति में बुध दशा जब तक चलेगी वैवाहिक जीवन किसी न किसी कारण से परेशानियों वाला, दुखद बना रहेगा क्योंकि 7वे भाव पर शुभ ग्रह की दृष्टि भी ऊपर लिखी है इस कारण जब बुध की दशा खत्म हो जाएगी तब यहाँ वैवाहिक जीवन मे बनी जिस भी कारण से समस्याए है वह खत्म हो पाएगी, बाकी उपाय करना यहाँ समस्याए जल्दी खत्म करके वैवाहिक जीवन ठीक कर देंगा |

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आज का दैनिक राशिफल Rashifal

आज का दैनिक राशिफल Aaj ka dainik rashifal (23-06-2025) Daily Rashifal,Daily Horoscope मेष (Aries)23-06-2025 ♈ मेष : वाहन चलाते वक़्त सावधानी बरतें, ख़ास तौर पर अगर आप रात के समय यात्रा कर रहें हों। अनुमान नुक़सानदेह साबित हो सकता है इसलिए हर तरह का निवेश करते वक़्त पूरी सावधानी बरतें। परिवार के सदस्यों की ज़रूरतों को तरजीह दें। उनके सुख-दुःख के भागीदार बनें, ताकि उन्हें महसूस हो कि आप वाक़ई उनका ख़याल रखते हैं। रोमांस- घूमना-फिरना और पार्टी रोमांचक तो होंगे, लेकिन साथ ही थकाऊ भी रहेंगे। आपके लिए आज बहुत सक्रिय और लोगों से मेल-जोल भरा दिन रहेगा। लोग आपसे आपकी राय मांगेंगे और जो भी आप कहेंगे, उसे बिना सोचे मान लेंगे। दिक़्क़तों का तेज़ी से मुक़ाबला करने की आपकी क्षमता आपको ख़ास पहचान दिलाएगी। भाग्यशाली दिशा: पश्चिम भाग्यशाली संख्या: 6 भाग्यशाली रंग: भूरा रंग वृष (Tauras)23-06-2025 ♉वृषभ : आज का दिन अच्छा रहने वाला है। आपको अपनी परफॉरमेंस के लिये बॉस का समर्थन प्राप्त होगा। कार्यक्षेत्र में आज आपकी ईमानदारी, और काम के प्रति समर्पण लोग देखा जायेगा, जिसके लिये आपको सम्मानित किया जायेगा। इस राशि के छात्रों को आज कहीं से करियर संबंधी शुभ सूचना मिलेगी। जिससे घर का वातावरण खुशनुमा बनेगा। अगर आज कहीं घूमने जा रहे हैं तो अपने साथ जरुरत की सभी चीजें जरुर ले जायें। परिवारवालों के साथ आनंद के पलों को महसूस करें। स्वास्थ्य आज अच्छा रहेगा। भाग्यशाली दिशा: दक्षिण भाग्यशाली संख्या: 4 भाग्यशाली रंग: लाल रंग मिथुन (Gemini)23-06-2025 ♊ मिथुन : किसी झगड़ालू इंसान से वाद-विवाद आपका मूड ख़राब कर सकता है। समझदारी से काम लें और अगर संभव हो तो इससे बचें, क्योंकि किसी भी तरह का विवाद आपके लिए मददगार नहीं रहेगा। आज आपको भूमि, रिअल-एस्टेट या सांस्कृतिक परियोजनाओं पर ध्यान केन्द्रित करने की ज़रूरत है। घर में कुछ बदलाव के चलते आत्मीय जनों के साथ अनबन हो सकती है। आज के इस ख़बसूरत दिन प्रेम-संबंध में आपकी सभी शिकायतें ग़ायब हो जाएंगी। लम्बे समय से अटके फ़ैसलों को अमली जामा पहनाने में क़ामयाबी मिलेगी और नयी योजनाएँ आगे बढेंगी। भाग्यशाली दिशा: पूर्व भाग्यशाली संख्या: 5 भाग्यशाली रंग: हरा रंग कर्क (Cancer)23-06-2025 ♋ कर्क : आज का दिन सामान्य रहने वाला है। पिछले कई दिनों से आप किसी बात को लेकर काफी परेशान चल रहे थें। अपनो की मदद से समाधान मिलना तय है ।किसी जरुरी काम से मिला हुआ फायदा आपके हांथ से निकल सकता है। बेहतर होगा विरोधियों से सावधान रहें। आज आपका तनाव बढ़ सकता है। बेहतर होगा शाम को ऑफिस से आने के बाद आराम करें। इस राशि के जो लोग स्वीट्स हाउस के मालिक हैं आज उन्हें कारोबार में वृद्धि करने के लिये अवसर मिलेंगे। शारीरिक रूप से आज आप तंदरुस्त रहेंगे। भाग्यशाली दिशा: पश्चिम भाग्यशाली संख्या: 4 भाग्यशाली रंग: नीला रंग सिंह (Leo)23-06-2025 ♌ सिंह : आपका आकर्षक बर्ताव दूसरों का ध्यान आपकी तरफ़ खींचेगा। ख़ास लोग ऐसी किसी भी योजना में रुपये लगाने के लिए तैयार होंगे, जिसमें संभावना नज़र आए और विशेष हो। संबंधी आपके उदार स्वभाव का ग़लत फ़ायदा उठाने की कोशिश करेंगे। चौकन्ने रहें, नहीं तो बाद में आप ठगा हुआ महसूस करेंगे। उदारता एक हत तक ही ठीक है, लेकिन अगर यह अपना दायरा पार कर ले तो परेशानी बन जाती है। अपने प्रिय को आज निराश न करें क्योंकि ऐसा करने की वजह से बाद में आपको पछताना पड़ सकता है। भाग्यशाली दिशा: पूर्व भाग्यशाली संख्या: 3 भाग्यशाली रंग: नीला रंग कन्या(Vergo)23-06-2025 ♍ कन्या : आज का दिन महत्वपूर्ण रहने वाला है। आज आपको कुछ नई चीजोंको सीखने की जरूरत है क्योंकि जिस काम को आप नजरअंदाज करते आ रहे थे आज उन्हीं से आपको उम्मीद से अधिक लाभ मिलेगा। कार्यक्षेत्र में आप थोड़े व्यावहारिक रहने की कोशिश करें, लोगों पर साकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। इस राशि के जो लोग वकील हैं आज उन्हें किसी बड़े केस में जीत हासिल हो सकती है। जिससे आपको काफी धनलाभ भी होगा। स्वास्थ्य आज बहुत ही बढ़िया रहेगा। भाग्यशाली दिशा: पश्चिम भाग्यशाली संख्या: 4 भाग्यशाली रंग: लाल रंग तुला (Libra)23-06-2025 ♎ तुला : आपको कोई ग़लत जानकारी मिल सकती है, जिसके चलते आप मानसिक तनाव का शिकार हो सकते हैं। आर्थिक मामलों में अतिरिक्त सावधानी बरतने की ज़रूरत है। पारिवारिक जीवन को पर्याप्त समय और ध्यान दें। दफ़्तर में ज़्यादा वक़्त बिताना घरेलू मोर्चे पर दिक़्क़त खड़ी कर सकता है। अपने परिवार को इस बात का एहसास होने दें कि आप उनका ख़याल रखते हैं। आपको अपनी रसिक कल्पनाओं पर अधिक ग़ौर करने की ज़रूरत नहीं है, क्योंकि संभव है कि वे आज सच हो जाएँ। आज के दिन कार्यक्षेत्र में आप अपना आपा खो सकते हैं। कोई आध्यात्मिक गुरू या बड़ा आपकी सहायता कर सकता है। भाग्यशाली दिशा: उत्तर भाग्यशाली संख्या: 5 भाग्यशाली रंग: पीला रंग वृश्चिक (Scorpio)23-06-2025 ♏ वृश्चिक : आज का दिन नई सौगात लेकर आया है। आज अच्छा स्वास्थ्य आपको कुछ कठिन काम को करने की क्षमता प्रदान करेगा। आज किया गया निवेश आपकी समृद्धि और आर्थिक सुरक्षा में इजाफा करेगा। इस राशि के फाइन आर्ट्स के छात्रों को आज अधिक लाभ मिलने वाला है। किसी करीबी मित्र से मदद की मांग कर सकते है। आर्थिक पक्ष पहले से बेहतर रहेगा। परिवार में आज आप ताल मेल बना कर रहें। संतान की ओर से कोई खुशखबरी मिल सकती है। आज के दिन आपकी योजनाओं में आख़िरी पल में बदलाव हो सकते हैं। भाग्यशाली दिशा: दक्षिण भाग्यशाली संख्या: 1 भाग्यशाली रंग: नीला रंग धनु (Sagitarious)23-06-2025 ♑ धनु : स्वयं को शांत बनाए रखें क्योंकि आज आपको ऐसी कई बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है, जिनके चलते आप काफ़ी मुश्किल में पड़ सकते हैं। ख़ास तौर पर अपने ग़ुस्से पर क़ाबू रखें, क्योंकि यह और कुछ नहीं बल्कि थोड़ी देर पागलपन है। अतिरिक्त आय के लिए अपने सृजनात्मक विचारों का सहारा लें। उस रिश्तेदार को देखने जाएँ, जिसकी तबियत काफ़ी समय से ख़राब है। समय, कामकाज, पैसा, यार-दोस्त, नाते-रिश्ते सब एक ओर और आपका प्यार एक तरफ़, दोनों आपस में खोए हुए – कुछ ऐसा मिज़ाज रहेगा आपका आज। काम को मनोरंजन के साथ न मिलाएँ। भाग्यशाली दिशा: पूर्व भाग्यशाली संख्या: 5 भाग्यशाली रंग: पीला रंग मकर (Capricorn)23-06-2025 ♑ मकर : आज का दिन अच्छा रहना

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यदि शराब पीने की आदत है,कोशिश करने पर भी नही छूट रही है तो आपकी जन्मकुंडली में स्थित कुछ ग्रहों के उपाय करके शराब पीने की आदत छूट सकती है

पति या आपका बच्चा या घर का कोई सदस्य बहुत शराब पीता हैं तो क्या शराब छोड़ने के योग हैं तो कब तक और क्या उपाय से शराब छूट जाएगी? शराब पीना स्वास्थ्य के लिए भी अच्छा नही होता तो ज्यादा शराब पीने से घर भी बर्बादी की स्थिति में रहकर दुख, परेशानियां, दुर्भाग्य ऐसे घर मे आने लगते है या फिर घर मे कही न कही गृहक्लेश आदि दिक्कत होती है तो आज इसी बारे में बात करते है अगर आप या आपके परिवार में कोई बहुत शराब पीता है जिस कारण उसका खुद का जीवन और आपकी आपके घर परिवार की सुख शांति भंग होती जा रही है तो क्या शराब ऐसे व्यक्ति की छूट पाएगी हमेशा के लिए या नही या कभी ऐसा व्यक्ति खराब पीना छोड़ सकता है तो कब और क्या कोई करने से शराब छूट जाएगी और ऐसा व्यक्ति शराब छोड़कर अपने जीवन मे आगे बढेगा तो कैसे और क्या करे कि शराब छोड़ दे व्यक्ति आदि समझते है?? कुंडली का दूसरा भाव खाने पीने का है तो लग्न लग्नेश खुद है हम, शनि राहु तो दुषित चन्द्र शुक्र यह खराब के कारक ग्रह है चन्द्र शुक्र जलीय ग्रह है इसीलिए।अब जब दूसरे भाव स्वामी और दूसरे भाव पर कही न कही शराब के कारक ग्रहो शनि राहु का प्रभाव पड़ रहा हो या यह ग्रह बैठे हो दूसरे भाव मे या दूसरे भाव स्वामी से शनि राहु का सम्बंध हो साथ ही लग्न लग्नेश भी शनि राहु के दृष्टि आदि के प्रभाव या सम्बन्ध में है चन्द्रमा या शुक्र भी शनि राहु से पीड़ित या कुंडली मे दूषित है तब ऐसा व्यक्ति शराब बहुत पीता है, शराब के लिये दीवाना रहेगा, दिन रात शराब ऐसे व्यक्ति के मुंह मे रहती है। अब ऐसे समय मे दूसरे भाव स्वामी या दूसरे भाव मे बैठे ग्रहो की या दूसरे भाव/दूसरे भाव स्वामी से सम्बन्ध किये ग्रहो की महादशा अन्तर्दशाये शराब बहुत ज्यादा मुह लगी रहेगी।अब शराब यहाँ छूट पाएगी या नही समझते है जिससे व्यक्ति अपने ऊपर और अपने परिवार के ऊपर ध्यान दे और घर संभाले आदि?? अब उपरोक्त शराब योगो में दूसरे भाव पर ,दूसरे भाव स्वामी पर शुभ स्थिति में कुंडली मे बैठे गुरु की शुभ दृष्टि पड़ रही है और लग्न या लग्नेश भी शुभ ग्रह गुरु के नियंत्रण में है तब और कही न कही कुंडली मे शनि और राहु शुभ स्थिति में है तब यहाँ जातक शराब छोड़ देगा, उपाय करने या उपाय करने से ऐसे व्यक्ति के लिए. बाकी जन्मकुंडली दूसरे भाव स्वामी और जन्मकुंडली लग्न स्वामी नवमांश कुंडली मे गुरु बुध शुभ शुक्र से सम्बन्ध बनाकर या प्रभाव में है तब भी शराब ऐसा जातक छोड़ देगा उपाय करने से ऐसे जातक के लिए . बाकी ज्यादा से ज्यादा दूसरे भाव व लग्न पर शुभ ग्रहों की दृष्टि होगी तब भी शराब छूटेगी लेकिन उपाय से। अब कुछ उदाहरणो सेसमझते है अगर कोई व्यक्ति बहुत शराब पीता है तो क्या शराब छूट पाएगी या नही और छूटेगी तो कैसे?? उदाहरण_अनुसार_ मेष_लग्न1:-मेष लग्न में दूसरे भाव स्वामी शुक्र से शनि राहु या राहु का सम्बन्ध है और शनि दूसरे भाव मे बैठा या दूसरे भाव को देख रहा है साथ ही लग्नेश मंगल भी राहु केतु की दृष्टि या प्रभाव में कुंडली मे है चन्द्र भी कमजोर है तब शराब बहुत पीएंगे ऐसे जातक, ज्यादातर दिन रात का समय शराब में निकलता है।ऐसी स्थिति में अब लग्नेश मंगल का सम्बन्ध गुरु से है और दूसरे भाव पर गुरु की दृष्टि है या दूसरे भाव स्वामी शुक्र का सम्बन्ध गुरु से हैं तब शराब,शराब छुड़ाने के उपाय करने से शराब छूट जाएगी धीरे धीरे अगर गुरु इस तरह सहयोग नही कर रहा है तब शराब नही छूटेगी, पर उपाय किये जा सकते है उपाय से शराब पीने में कमी आएगी।। उदाहरण अनुसार_ मिथुन_लग्न2:-मिथुन लग्न में दूसरे भाव स्वामी चन्द्रमा व दूसरा भाव दोनो ही राहु केतु से और लगन लग्नेश बुध भी कही न कही मंगल या राहु केतु से सम्बन्ध में है तब शराब पीने की आदत ऐसे व्यक्ति खत्म न होकर शराब पीने की लत बढ़ती जाएगी, पर अगर दूसरे भाव और दूसरे भाव स्वामी चन्द्रमा पर गुरु की दृष्टि होगी तब शराब छूट जाएगी बाकी लग्न स्वामी बुध बहुत बलवान होगा तब शराब छूटने में ज्यादा सहयोग मिलेगा।। उदाहरण_अनुसार_ सिंह_लग्न3:-सिंह लग्न में दूसरे भाव स्वामी बुध और दूसरा भाव चन्द्रमा सहित शनि राहु केतु के साथ सम्बन्ध में है और लग्न या लग्नेश सूर्य भी कही न कही राहु केतु या शनि से सम्बंध या शनि राहु केतु की दृष्टि में है तब शराब पीने की बहुत ज्यादा लत जातक को लगी रहेगी, शराब पीने की वजह से जीवन दुखद बनता जाएगा।ऐसी स्थिति में अब दूसरे भाव, दूसरे भाव स्वामी बुध का सम्बंध गुरु से भी है या गुरु की दृष्टि दूसरे भाव और दूसरे भाव स्वामी बुध से है ,साथ ही लग्न पर भी शुभ ग्रह गुरु या शुक्र की दृष्टि है तब शराब ऐसा जातक छोड़ देगा छोटे मोटे उपाय कर लेने से। अगर शराब पीने के या बहुत ज्यादा शराब पीने के योग कुंडली मे योग बने हुए है जिस कारण आपके घर परिवार में कोई व्यक्ति बहुत पीता है लेकिन दूसरे भाव/दूसरे भाव स्वामी और लग्न पर गुरु या अन्य शुभ ग्रहों की दृष्टि नही है तब कभी शराब नही छूट पाएगी बाकी शराब छूटने या छुड़ाने के योग है तब निश्चित ही शराब छूटेगी और सही रास्ते पर जीवन आगे बढ़ेगा।

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जन्म कुंडली में बनने वाले कुछ महाधनी योग

जन्मकुंडली में बनने वाले कुछ महाधनी योग Janm kundali ke anusar mahadhani yog 1.) मंगल चौथे, सूर्य पांचवें और गुरु ग्यारहवें या पांचवें भाव में होने पर व्यक्ति को पैतृक संपत्ति से, कृषि या भवन से आय प्राप्त होती है, जो निरंतर बढ़ती जाती है। 2) गुरु जब दसवें या ग्यारहवें भाव में और सूर्य और मंगल चौथे और पांचवें भाव में हो या ग्रह इसकी विपरीत स्थिति में हो तो व्यक्ति प्रशासनिक क्षमताओं के द्वारा धन अर्जित करता है। 3 ) गुरु जब कर्क, धनु या मीन राशि का और पांचवें भाव का स्वामी दसवें भाव में हो तो व्यक्ति पुत्र और पुत्रियों के द्वारा अपार धन लाभ पाता है। 4 ) बुध, शुक्र और शनि जिस भाव में एक साथ हो वह व्यक्ति को व्यापार में बहुत उन्नति कर धनवान बना देता है। 5 ) दसवें भाव का स्वामी वृषभ राशि या तुला राशि में और शुक्र या सातवें भाव का स्वामी दसवें भाव में हो तो व्यक्ति विवाह के द्वारा और पत्नी की कमाई से बहुत धन पाता है। 6) शनि जब तुला, मकर या कुंभ राशि में होता है, तब अकाउंटेंट बनकर धन अर्जित करता है। 7 ) बुध, शुक्र और गुरु किसी भी ग्रह में एक साथ हो तब व्यक्ति धार्मिक कार्यों द्वारा धनवान होता है। जिनमें पुरोहित, पंडित, ज्योतिष, कथाकार और धर्म संस्था का प्रमुख बनकर धनवान हो जाता है। 8 ) कुंडली के त्रिकोण घरों या केन्द्र में यदि गुरु, शुक्र, चंद्र और बुध बैठे हो या फिर 3, 6 और ग्यारहवें भाव में सूर्य, राहु, शनि, मंगल आदि ग्रह बैठे हो तब व्यक्ति राहु या शनि या शुक्र या बुध की दशा में असीम धन प्राप्त करता है। 9) यदि सातवें भाव में मंगल या शनि बैठे हो और ग्यारहवें भाव में केतु को छोड़कर अन्य कोई ग्रह बैठा हो, तब व्यक्ति व्यापार-व्यवसाय के द्वारा अतुलनीय धन प्राप्त करता है। यदि केतु ग्यारहवें भाव में बैठा हो तब व्यक्ति विदेशी व्यापार से धन प्राप्त करता है। 10) यदि सातवें भाव में मंगल या शनि बैठे हों और ग्यारहवें भाव में शनि या मंगल या राहु बैठा हो तो व्यक्ति खेल, जुआ, दलाली या वकालात आदि के द्वारा धन पाता है। यदि ग्रह कमजोर हो गए जन्मकुंडली में या लग्नेश कमजोर है तो पूर्ण फल प्राप्त नही हो पाएगा |

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जन्मकुंडली में स्थित किन ग्रहों के कारण होती है जेल यात्रा

आज बात करते है क्या जेल जाने या जेल के योग कुंडली मे बने हुये है क्या अगर जेल के योग है तब किसी न किसी कारण से जेल होगी ही होगी चाहे कोई अपराध कानूनी रूप से किया गया हो या न किया गया हो, अपराध नही भी किया गया होगा यो जूठे इल्जाम के कारण जेल जाने के योग बन जाएंगे अगर जेल योग है तो ,अगर जेल योग नही है तब कभी भी जेल नही हो सकती। बाकी सब छठा भाव और छठे भाव स्वामी मुक़ादमे का भी है| अगर छठा भाव और छठे भाव स्वामी दोनो बहुत पीड़ित है राहु केतु शनि से या शनि राहु केतु कोई अशुभ योग छठे भाव में या छठे भाव स्वामी के साथ बनाकर बैठे है तब ऐसी स्थिति में छठे भाव/छठे भाव स्वामी की दशा में मुक़ादमे किसी न किसी कारण के हमारे ऊपर हो जाते है जो आगे चलते रहते है अब छठा भाव स्वामी बलवान है और शुभ ग्रहों की दृष्टि भी है तब मुकादमा छठे भाव सम्बन्धी दशा में खत्म हो जाएगा बाकी छठा भाव कमजोर होकर पीड़ित है तब मुकदमेबाजी लंबी चलेगी।। अब जेल के लिए बात करते है कुंडली का लग्न/लग्नेश हम स्वयं होते है तो कुंडली के छठे भाव और बारहवें भाव जेल के है तो शनि राहु केतु पाप ग्रह जेल के कारक है तो राहु झूठे इल्जाम में जेल कराने वाला ग्रह तो शनि और कहीं कही मंगल अपराध के कारण जेल कराएंगे।। अब समझते है कुछ उदाहरणो से अगर जेल योग बना हुआ है तो क्या जेल होगी और किन ग्रहों की दशा में किस कारण से व क्या कोई मुकादमा चल रहा है तो कब तक उस मुक़ादमे से छुटकारा मिलकर शुभ फल मुक़ादमे में मिलेंगे और मुकादमा आपके पक्ष में रहेगा आदि?? मीन_लग्न1:- मीन लग्न में लग्न स्वामी गुरु 8वे भाव मे जाकर छठे भाव स्वामी सूर्य या 12वे भाव स्वामी शनि के साथ संबंध बनाकर बैठे है या लग्नेश गुरु छठे बारहवें भाव मे सूर्य राहु/केतु शनि सहित बैठे है तब जेल जाना पड़ेगा, बाकी अब आगे छठे भाव/छठे भाब स्वामी दोनो(मुक़ादमे भाव)सूर्य राहु केतु शनि से पीड़ित या सम्बन्ध में है तब मुकादमेबाजी में रहना पड़ेगा छठे भाव स्वामी सूर्य बलवान है अनुकूल स्थिति में है तब मुकादमा अंत लाभकारी रहेगा जल्दी खत्म हो जाएगा।। कर्क_लग्न2:- कर्क लग्न में लग्नेश चन्द्रमा 8वे भाव मे छठे भाव स्वामी गुरु के साथ सम्बन्ध में हो या है और ऐसे चन्द्र गुरु पर या लग्न पर शनि या राहु केतु पर पाप ग्रहों की दृष्टि है तब जेल जाने या जेल तक पंहुचने की स्थिति जीवन मे बनेगी।बाकी कुंडली का छठा भाव और छठे भाव स्वामी गुरु दोनो राहु केतु के प्रभाव और सम्बन्ध में है तब मुकादमेबाजी रहेगी जीवन मे ,अब छठे भाव स्वामी गुरु व छठा भाव बलवान है तब मुक़ादमे में सफलता मिलकर शुभ मिलेंगे मुकादमा अनुकूल रहेगा।। तुला_लग्न3:- तुला लग्न में लग्नेश शुक्र शनि या राहू, केतु से पीड़ित होकर छठे भाव मे हो या छठे भाव स्वामी गुरु सहित 8वे या 12वे भाव मे हो तब जेल जाने की स्थिति जीवन मे बनेगी अगर शुक्र बहुत बलवान है और लग्न पर कुंडली के योगकारक ग्रह शनि सहित बुध चन्द्र की दृष्टि है तब जेल ज्यादा लंबे समय के लिए नही होगी बाकी अब छठे भाव स्वामी गुरु और छठा भाव दोनो कमजोर होकर अशुभ राहु केतु प्रभाव और सम्बन्ध में हैं तब मुक़ादमे चलेंगे।अब गुरु पर छठे भाव पर शुभ ग्रहों शुक्र चन्द्र बुध का प्रभाव या संबध है गुरु नवमांश कुंडली में बलवान है तब मुकदमा जल्दी खत्म होगा और पक्ष में रहेगा मुकादमा चाहे किसी भी सम्बन्ध में हो।। इस तरह जीवन मे जेल और मुक़ादमेबाजी होना तय है या नही यह आपकी कुंडली के छठे भाव सहित लग्न लग्नेश की स्थिति बता देगी अगर जेल और मुक़ादमे के योग है तब जेल जाने से बचने और मुकादमों में सफलत या मुकादमों से बचने के उपाय समय रहते उपाय करना जीवन मे इन संकटो से बचा लेगा।

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गर्भ पर ग्रहों का प्रभाव Garbh par Graho ka Prabhav

गर्भ पर ग्रहों का प्रभाव एक स्वस्थ गर्भ मे बच्चा लगभग 9 महीने और 9 दिन रहता है और अलग-अलग महीने में अलग-अलग ग्रह अपनी किरणों से गर्भ को प्रभावित करती हैं। हर ग्रह अपने स्वभाव के अनुरूप बच्चे के शरीर के भागो को विकसित करता है। अगर कोई ग्रह गर्भ मे पल रहे बच्चे के समय कमजोर है तो उपाय से उसको ठीक किया जा सकता है। 1. गर्भ से 1 महीने तक शुक्र का प्रभाव रहता है, अगर गर्भावस्था के समय शुक्र कमजोर है तो शुक्र को मजबूत करने के उपाय करने चाहिए। अगर शुक्र मजबूत होगा तो बच्चा स्वस्थ व सुंदर होगा । और उस समय स्त्री को स्वास्थ्यवर्धक व चटपटी चीजे खानी चाहिए। देवी मां की पूजा उपासना करनी चाहिए। और इस समय के दौरान शास्त्रों में कुछ विशेष मंत्र बताए गए हैं जिनका जप करना चाहिए। 2. दूसरे महीने मंगल का प्रभाव रहता है। मंगल ग्रह का प्रभाव बच्चों के शरीर और शक्ति को प्रभावित करता है। इस माह में मीठे फल एवं मिठाइयां खाकर मंगल को मजबूत करें तथा लाल वस्त्र ज्यादा धारण करे। इस समय मंगल ग्रह के कुछ विशेष उपाय भी करने चाहिए। 3. तीसरे महीने गुरु का प्रभाव रहता है। जो बच्चे के ज्ञान व बुद्धि को प्रभावित करता है। इस माह में दूध और केसर से बनी मिठाई या पकवान का सेवन करे तथा पीले वस्त्र ज्यादा धारण करे। शास्त्रोक्त गुरु ग्रह के कुछ विशेष उपाय हैं उन्हें भी करना चाहिए। 4. चौथे महीने सूर्य का प्रभाव रहता है जो बच्चे के स्वास्थ्य को प्रभावित करता है। इस माह में फलों के रसों का सेवन करें तथा महरून वस्त्र ज्यादा धारण करे। इस समय के दौरान सूर्य ग्रह के शास्त्रोंक्त उपाय जरूर करें। 5. पांचवे महीने चंद्र का प्रभाव रहता है जो बच्चे को मन को और माता की साथ संबंध हो को प्रभावित करता है। इस माह में दूध, दही, छाछ तथा चावल तथा सफ़ेद चीजों का सेवन करे तथा सफ़ेद वस्त्र ज्यादा धारण करे। और चंद्रमा के शास्त्रोक्त उपाय करें। 6. छटे महीने शनि का प्रभाव रहता है जो बच्चे के कुछ विशेष अंगों को प्रभावित करता है। इस माह में कसैली चीजों केल्शियम और रसों के सेवन करे तथा आसमानी वस्त्र ज्यादा धारण करे। इस महीने में शनि ग्रह के कुछ विशेष उपाय जरूर करना चाहिए। 7. सातवे महीने बुध का प्रभाव रहता हैं जो बच्चे की बुद्धि को प्रभावित करता है। इस माह में हरी सब्जियां, जूस और फलों का खूब सेवन करे तथा हरे रंग के वस्त्र ज्यादा धारण करे। और कुछ शास्त्र सम्मत बुध ग्रह के उपाय भी इस महीने में करने चाहिए। इस समय के दौरान प्रतिदिन श्री गणेश भगवान को ‘दूर्वा’ अर्पित करें 8. आठवे महीने गर्भ पर चंद्र का प्रभाव ज्यादा रहता है जो बच्चे के मन को प्रभावित करता है। इस समय सफेद वस्तुओं का प्रयोग ज्यादा करें। और ” नमः शिवाय” मंत्र का जाप करें/ जल को हमेशा मंत्रों से अभिमंत्रित करके पिएं। 9. नौवें महीने सूर्य का प्रभाव रहता है जो बच्चों के स्वास्थ्य को प्रभावित करता है। इस माह में गायत्री मंत्र का जप करें/इस दौरान घर में एक छोटा सा गायत्री यज्ञ-हवन करें। और सूर्य से संबंधित उपाय करें और दान- पुण्य इत्यादि जरूर करें। यदि किसी महीने में गोचर के समय संबंधित ग्रह अस्त, वक्री इत्यादि है तो उस समय के दौरान उस ग्रह के उपचार जरूर करें, जिससे कि ग्रह का शुभ प्रभाव गर्भस्थ शिशु को प्राप्त हो सके | ध्यान रहे जितना गर्भ ग्रहों की किरणों से तपेगा /और जितना शास्त्रोक्त नियमों का पालन होगा उतना ही बच्चा स्वस्थ और मेधावी होगा और बच्चे का भविष्य अच्छा होगा।।

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जन्मकुंडली के ग्रह बताऐंगे बीमारी के लक्षण

आपकी बीमारी बताएगी कोनसा ग्रह खराब है यदि 40 की उम्र से पहले ही आपको चश्मा लग गया है तो यह सूर्य ग्रह की खराबी का लक्ष्ण है | सूर्य ग्रह की खराबी से व्यक्ति को रोज़गार और आमदनी संबंधी समस्या आती है | उपाय के तौर पर सूर्य की शुभता के लिए रविवार के दिन 700 ग्राम आटा मंदिर या गुरुद्वारे में देना चाहिए, यह उपाय 7 रविवार तक करें | यदि आपको घबराहट और मानसिक तनाव के अनुभव होते हैं तो यह चन्द्र ग्रह की खराबी का लक्ष्ण है | चंद्रमा की खराबी से व्यक्ति के प्रेम संबंध और शादीशुदा जीवन के सुख प्रभावित होते हैं | उपाय के तौर पर चंद्रमा की शुभता के लिए सोमवार के दिन 800 ग्राम दूध मंदिर या गुरुद्वारे में देना चाहिए, यह उपाय 8 सोमवार तक करें | यदि आपकी बुद्धि भ्रमित रहती है किसी कार्य को करने का आत्म विश्वास नहीं होता तो यह मंगल ग्रह की खराबी का लक्ष्ण है | मंगल की खराबी से व्यक्ति के सगे संबंधियों के साथ रिश्ते प्रभावित होते हैं | उपाय के तौर पर मंगल की शुभता के लिए मंगलवार के दिन 400 ग्राम लड्डू, हलवा या कोई भी मीठी वस्तु मंदिर या गुरुद्वारे में देना चाहिए, यह उपाय 4 मंगलवार तक करें | यदि आपको चमड़ी के रोग परेशान करते हैं, बालो संबंधी समस्या रहती है तो यह बुध ग्रह की खराबी का लक्ष्ण है | बुध ग्रह की खराबी से व्यक्ति का चलता हुआ कारोबार बंद हो जाता है | उपाय के तौर पर बुध की शुभता के लिए बुधवार के दिन 1200 ग्राम साबुत हरी मुंग मंदिर या गुरुद्वारे में देना चाहिए, यह उपाय 12 बुधवार तक करें | यदि आपका पेट हमेश खराब रहता है, लीवर की खराबी से पैरों में सुजन भी आती है तो यह गुरु ग्रह की खराबी का लक्ष्ण है | गुरु ग्रह की खराबी से व्यक्ति को समाज में सम्मान नहीं मिलता | उपाय के तौर पर गुरु की शुभता के लिए गुरूवार के दिन 1 किलो चने की दाल मंदिर या गुरुद्वारे में देना चाहिए, यह उपाय 10 गुरूवार तक करें | यदि आपको कोई हार्मोन्स संबंधी समस्या है, गुप्त रोग है तो यह शुक्र ग्रह की खराबी का लक्ष्ण है | शुक्र ग्रह की खराबी से व्यक्ति के संतान संबंधी सुख प्रभावित होते हैं | उपाय के तौर पर शुक्र ग्रह की शुभता के लिए 600 ग्राम दही का दान मंदिर या गुरुद्वारे में देना चाहिए, यह उपाय 6 शुक्रवार तक करें | यदि आपको हमेशा आलस रहता है, कमर और जोड़ों के दर्द परेशान करते हैं तो यह शनि ग्रह की खराबी का लक्ष्ण है | शनि ग्रह की खराबी से व्यक्ति के पास आमदनी का कोई साधन नहीं रहता वह बेरोजगार हो जाता है | उपाय के तौर पर शनि ग्रह की शुभता के लिए 1 किलो साबुत उड़द की दाल का दान मंदिर या गुरुद्वारे में देना चाहिए, यह उपाय 7 शनिवार तक करें |

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शुक्रवार के उपाय Shukravar ke Upay

Friday Remedies शुक्रवार के दिन शुभ हैं यह कार्य शुक्रवार का दिन सुंदरता और आकर्षण से संबंधित है। शुक्र ग्रह की इष्ट देवी माता लक्ष्मी हैं। इस नाते साज सजावट के कार्य, मित्रों से मिलना, वो सभी कार्य या रिश्ते जो हमारे जीवन में सुख लेकर आते हैं, उनकी शुरुआत शुक्रवार के दिन करनी चाहिए। निम्न लिखे कार्य शुक्रवार के दिन करें वस्त्र, आभूषण, श्रृंगार का समान, रत्न आदि की खरीदारी शुक्रवार के दिन करें। किसी भी तरह के शुभ कार्य जैसे कि शिक्षा प्राप्ति की शुरुआत, नए कामकाज, सांझीदारी में किसी कार्य की शुरुआत या फिर शादी विवाह भी शुक्रवार के दिन हो सकते हैं। अपने करीबी मित्रों के साथ समय बिताना, महिलाओं की मदद करना, अपने किसी खास को उपहार देने के लिए शुक्रवार का दिन शुभ होता है। आप कुछ सीखना चाहते हैं लेकिन वो विषय समझ ना आ रहा हो, किसी भी तरह की गहराई और रिसर्च के विषयों को शुक्रवार के दिन सीखने समझने से आप जल्दी सीख पाओगे। किसी भी तरह की घरेलू सामान की खरीदारी जैसे कि कपड़े धोने की मशीन, बेड, अलमारी, फ्रिज, वाहन की खरीदारी शुक्रवार के दिन करें। किसी भी तरह का श्रृंगार का सामान, या फिर घर में सजावट के लिए रखने वाली चीजों या फिर झाड़ू की खरीदारी शुक्रवार के दिन करें। पेड़ पौधे लगाना, भोजन संबंधी दान पुण्य, किसी की मदद के कार्य शुक्रवार के दिन करें। किसी भी तरह की यात्रा या मनोरंजन के कार्यो के लिए, नए रिश्ते जोड़ने के लिए, gym, yoga, meditation की शुरुआत के लिए शुक्रवार का दिन शुभकारी होता है। निम्न लिखे कार्य शुक्रवार के दिन ना करें क़र्ज़ लेना या फिर क़र्ज़ देना दोनों तरह के कार्य इस दिन ना करें। प्रापर्टी या घर की खरीदारी या प्रापर्टी या घर बेचने का कार्य इस दिन ना करें। किसी से दूर जाना, रिश्ता तोड़ना या फिर झगड़े , कोर्ट केस जैसे कार्य इस दिन ना करें। चीज़ों को तोड़ने के कार्य या फिर इन में काम आने वाली चीज़े जैसे कि हथियार, छुरी, कटर, कैंची की खरीदारी इस दिन ना करें।

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गुरु गोचर:मीन राशि Jupiter Transit Pisces

गुरु गोचर – मीन Pisces Jupiter Transit गुरु गोचर 2025 – Jupiter Transit 2025 मीन राशि फलादेशवैदिक ज्योतिषशास्त्र में बृहस्पति को सबसे शुभ ग्रह माना गया है। देवगुरु बृहस्पति साल 2025 में राशि परिवर्तन किए हैं। गुरु शनि के बाद सबसे मंद गति से चलने वाले ग्रह होते हैं। किसी एक राशि में गुरु लगभग 13 महीने रहते हैं फिर इसके बाद अगली राशि में प्रवेश करते हैं। गुरु को धनु और मीन राशियों का स्वामित्व प्राप्त है। गुरु को तीन द्दष्टियां पंचम, सप्तम और नवम प्राप्त हैं। देवगुरु इन द्दष्टियों से जिस किसी भी भाव को देखते हैं उससे शुभ फलों में वृद्धि करते हैं। साल 2025 में 14 मई को बुध के स्वामित्व वाली राशि मिथुन राशि में प्रवेश कर चुके है। गुरु कर्क राशि में उच्च के और मकर राशि में नीच के होते हैं। कुंडली में गुरु की शुभ स्थिति से व्यक्ति के जीवन में धन, सुख, समृद्धि, संतान, शिक्षा और वैवाहिक जीवन का सुख प्रदान करते हैं। कुंडली में गुरु की स्थिति मजबूत होने पर जातक को समाज में अच्छा मान-सम्मान और यश की प्राप्ति होती है। गुरु करीब 13 महीनों के बाद 14 मई 2025 को मिथुन राशि में गोचर किए हैं। साल 2025 में गुरु अतिचारी होकर राशि परिवर्तन करेंगे। साल 2025 में पहले गुरु 14 मई को वृषभ राशि की अपनी यात्रा को विराम देते हुए मिथुन राशि में प्रवेश करेंगे। फिर 19 अक्टूबर 2025 को दोपहर करीब 01 बजे मिथुन राशि से निकलकर चंद्रमा के स्वामित्व वाली राशि कर्क में प्रवेश करेंगे। गुरु कर्क राशि में प्रवेश करने पर यह अपनी उच्च अवस्था में रहेंगे। गुरु कर्क राशि में रहने के बाद 4 दिसंबर 2025 को मिथुन राशि में फिर से वापस आ जाएंगे। 09 जून 2025 को देवगुरु बृहस्पति अस्त हो जाएंगे। साल 2025 में गुरु का गोचर मीन राशि वालों के लिए काफी अहम रहने वाला होगा। देवगुरु बृहस्पति आपकी राशि के स्वामी होने के साथ-साथ दशम भाव के स्वामी होते हैं और इनका गोचर साल 2025 में आपकी राशि से चौथे भाव में होने जा रहा है। यह गोचर आपके जीवन में उतार-चढ़ाव को देखने को मिलेगा। कार्यक्षेत्र में आपको अपने वरिष्ठ अधिकारियों संग सामंजस्य बनाना होगा। कार्य में अच्छा परिणाम प्राप्त करने के लिए आपको ज्यादा मेहनत करने की जररूत होगी। देवगुरु बृहस्पति आपके चौथे भाव में विराजमान होकर आपके अष्टम भाव, दशम और द्वादश भाव पर अपनी द्दष्टि डालेंगे। यहां से गुरु आपके खर्चों में वृद्धि, आयु में वृद्धि और दांपत्य जीवन में अच्छा परिणाम देंगे। कामकाज को लेकर आप इस दौरान कई तरह की यात्राएं करेंगे। वहीं दूसरी ओर जब अक्टूबर माह में गुरु पंचम भाव में गोचर करेंगे। तो आर्थिक सुख और समृद्धि के लिहाज से अच्छा रहेगा। उपाय :- गुरुवार को भगवान विष्णु की आराधना करें और जरूरतमंदों को भोजन कराएं।

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